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छतीसगढ़ सच 17/08/2021 :00:07
CG में सूखे की आशंका!:कृषि मंत्री चौबे ने बांधों से पानी छोड़ने कहा
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प्रदेश के कृषि मंत्री ने दुर्ग और बालोद जिले में कम बारिश की वजह से चिंता जाहिर की है। उन्होंने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा है कि प्रदेश में कई जिलों में छिटपुट बारिश हो रही है। इसकी वजह से सूखे की आशंका है।

रायपुर, प्रदेश के कृषि मंत्री ने दुर्ग और बालोद जिले में कम बारिश की वजह से चिंता जाहिर की है। उन्होंने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा है कि प्रदेश में कई जिलों में छिटपुट बारिश हो रही है। इसकी वजह से सूखे की आशंका है। यह देखते हुए सिंचाई के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। 15 अगस्त के कार्यक्रम के बाद जन प्रतिनिधियों ने सीएम से मुलाकात की थी। सभी ने मुख्यमंत्री के सामने ये मांग रखी कि पानी की कमी की वजह से अब जलाशयों से पानी छोड़ा जाना बेहद जरूरी हो गया है। रविंद्र चौबे ने कहा कि दुर्ग और बालोद में बारिश कम हुई है।

गंगरेल बांध में 39 प्रतिशत पानी ही है। हम काफी ज्यादा पानी छोड़ने की स्थिति में नहीं हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि मानसून का पूरा समय अभी बचा है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि बारिश होगी। अब सरकार ने तत्काल किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने का फैसला लिया है। सोमवार को ही इस मसले पर रविंद्र चौबे ने सिंचाई विभाग के अफसरों के साथ बैठक ली। ये तय हुआ है कि पानी आज ही छोड़ा जाएगा। सोमवार शाम से ही नहरों को पानी बांधों से दिया जाएगा, ताकि फसलों को बचाया जा सके।

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17 अगस्त को बारिश की संभावना

मौसम विभाग के एक्सपर्ट्स ने बताया कि एक निम्न दाब का क्षेत्र पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी, तटीय उड़ीसा और तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर मंडरा रहा है। हवा का चक्रवाती घेरा 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला है। 17 अगस्त मंगलवार को इसका असर प्रदेश में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है। बारिश मध्य छत्तीसगढ़ के हिस्सों यानी दुर्ग, भिलाई, रायपुर, बेमेतरा, बालोद के इलाके में होगी।

84 प्रतिशत बुआई पूरी हुई

राज्य में खरीफ फसलों की बुआई अंतिम चरण की ओर है। कृषि विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार धान, अन्य अनाज के फसलों सहित तिलहन और साग-सब्जी की बुआई 40 लाख 71 हजार 560 हेक्टेयर में हो चुकी है, जो कि चालू खरीफ सीजन के लिए निर्धारित बोआई के लक्ष्य का 84 प्रतिशत है। अब तक राज्य में 33 लाख 68 हजार हेक्टेयर में धान, 2 लाख 54 हजार 820 हेक्टेयर में अन्य अनाज की फसलों सहित 2 लाख 27 हजार 990 हेक्टेयर में दलहन, एक लाख 21 हजार 480 हेक्टेयर में तिलहनी तथा 99 हजार 270 हेक्टेयर रकबे में साग-सब्जी एवं अन्य फसलों की बुआई पूरी कर ली गई है।

प्रदेश में बारिश

1 जून से अब तक राज्य में 655.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। सुकमा जिले में सर्वाधिक 1027.2 मिमी और बालोद जिले में सबसे कम 431.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। प्रमुख जिलों के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक सरगुजा में 566.6 मिमी, जशपुर में 690.3 मिमी, रायपुर में 553.9 मिमी, महासमुंद में 529.8 मिमी, धमतरी में 537.7 मिमी, बिलासपुर में 706.7 मिमी, रायगढ़ में 572.9 मिमी, जांजगीर चांपा में 659.4 मिमी, कोरबा में 962.8 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 730.2 मिमी, दुर्ग में 569.4 मिमी, कबीरधाम में 510.8 मिमी, राजनांदगांव में 468.8 मिमी, बेमेतरा में 751.2 मिमी, बस्तर में 607.4 मिमी, कोण्डागांव में 625 मिमी, कांकेर में 538.2 मिमी, नारायणपुर में 761.3 मिमी, दंतेवाड़ा में 651 मिमी और बीजापुर में 734.8 मिमी औसत बारिश रिकार्ड की गई।





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