नारायणपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर और कांकेर जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में तीन महिलाओं समेत 10 नक्सलियों को मार गिराया है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मारे गए दो नक्सलियों की पहचान जोगन्ना और विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई है जो माओवादियों की डिविजनल कमेटी के सदस्य के रूप में सक्रिय थे। राज्य में 15 दिन के भीतर नक्सलियों पर यह दूसरा बड़ा प्रहार है। इससे पहले 16 अप्रैल को कांकेर जिले के कल्पर गांव के निकट सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 29 नक्सलियों को मार गिराया था। आज जिस स्थान पर मुठभेड़ हुई है वह स्थान कल्पर गांव से 30 किलोमीटर दूर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनकी सरकार नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ रही है। राज्य के गृह विभाग का कामकाज संभाल रहे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों से आग्रह किया है कि वे आत्मसमर्पण करें तथा सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार है।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि जिलों के टेकमेटा और काकूर गांवों के मध्य जंगल में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में तीन महिलाओं समेत 10 नक्सलियों को मार गिराया है। सुंदरराज ने बताया कि नारायणपुर और कांकेर के सीमावर्ती इलाके के अबुझमाड़ क्षेत्र के अंतर्गत काकूर-टेकमेटा-परोदी गांव के करीब प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू, डीवीसी सदस्य जोगन्ना, विनय उर्फ अशोक और उत्तर बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन और गढ़चिरौली डिवीजन के माओवादियों की उपस्थिति की सूचना पर सोमवार को नारायणपुर डीआरजी और एसटीएफ के संयुक्त दल को अभियान पर रवाना किया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान आज सुबह छह बजे सोनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत टेकमेटा-काकुर के जंगलों में नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। लगातार 10 बजे तक रूक-रूककर दोनों ओर से गोलीबारी होती रही। उन्होंने बताया कि आज शाम तक इलाके में खोज अभियान के दौरान तीन महिला नक्सली समेत 10 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं।
सुंदरराज ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से बरामद किए गए नक्सलियों के शवों की पहचान कराई जा रही है। प्राथमिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गये नक्सलियों में से दो की गढ़चिरौली डिविजनल कमेटी के सदस्य जोगन्ना और विनय उर्फ अशोक के रूप में पहचान हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से एक ‘एके 47’ राइफल, एक इंसास राइफल, बड़ी संख्या में बंदूक की गोलियां और विस्फोटक बरामद किए हैं। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि इस घटना के साथ राज्य के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में इस साल अब तक 91 नक्सली मारे जा चुके हैं। बस्तर क्षेत्र में नारायणपुर और कांकेर सहित सात जिले शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान कई अत्याधुनिक हथियार और बड़ी संख्या में गोला बारूद बरामद किए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिलने की सूचना है। अब तक दस नक्सलियों के मारे जाने की खबर है।
निश्चित ही सुरक्षाबलों को यह बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। उनके हौसले और बहादुरी को सलाम करता हूं।” उन्होंने कहा, ”नक्सलवाद के खिलाफ हमारी सरकार मजबूती से लड़ाई लड़ रही है, जिसके सुखद परिणाम भी सामने आ रहे हैं।” उपमुख्यमंत्री शर्मा ने एक वीडियो संदेश में इस सफलता के लिए सुरक्षाबलों को बधाई दी है। उन्होंने नक्सलियों से भी कहा कि वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटें, सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार है। शर्मा ने कहा है, ”मैं नक्सलियों से और भटक चुके लोगों से एक बार फिर आग्रह करता हूं कि विष्णु देव जी की सरकार बातचीत के माध्यम से इस मसले का हल चाहती है। कोई एक नक्सली, कोई दो नक्सली, कोई छोटा समूह या बड़ा समूह, जो भी बात करना चाहे, कर सकता है।
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