कोरबा के करतला ब्लॉक में 15 हाथियों का झुंड दिखने से ड्रोन निगरानी तेज, ग्रामीणों में दहशत

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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला ब्लॉक के साजापानी, काशीपानी, लबेद और छातापाठ वन क्षेत्र में इन दिनों लगभग 15 हाथियों का झुंड सक्रिय है, जो गांव से लगे जंगलों में लगातार विचरण कर रहा है। हाथियों की आमद की जानकारी लगते ही आसपास के गांवों में दहशत फैल गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने गुरुवार रात तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ड्रोन कैमरे की मदद से झुंड की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि हाथियों को गांव की ओर आने से रोकने तथा उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है।

लगातार बढ़ रही गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड पर है और कोटवारों और टीमों के माध्यम से गांव-गांव मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। विभाग ने अपील की है कि ग्रामीण अनावश्यक जंगल की ओर न जाएं, अकेले खेत या जंगल में रात के समय न पहुंचे, हाथियों को न तो छेड़ें और न ही उनके पास जाने की कोशिश करें, किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को दें। ग्रामीणों का कहना है कि झुंड में छोटे हाथी (बेबी एलिफेंट) भी शामिल हैं, जिसके कारण समूह और अधिक संवेदनशील तथा आक्रामक हो सकता है। कई किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की भी पुष्टि हुई है। हाथियों द्वारा चौपट की गई फसलों का आंकलन वन विभाग की टीम कर रही है। इधर, इसी क्षेत्र में कुछ दिनों पहले कनकी गांव के पास झुंड से बिछड़ा हुआ एक दंतैल हाथी पहुंच गया था, जिसने एक किसान पर हमला कर उसे घायल कर दिया था।

बताया जा रहा है कि यह दंतैल हाथी शक्ति जिले के झुंड से अलग होकर कोरबा पहुंचा था, जिसे बाद में घेर कर जंगल की ओर खदेड़ा गया था। पंकज उप्रेती वार्ता वर्तमान स्थिति को देखते हुए वन विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है। इस विषय में ज्यादा जानकारी के लिए कोरबा एसडीओ से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल है, वहीं खेतों में धान कटाई और मंडी आने-जाने का काम भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण फिलहाल पूरी सावधानी बरतते हुए जंगल से लगे खेतों में जाने से बच रहे हैं।