कांग्रेस ने धान खरीद में अव्यवस्था और अनियमितताओं के आरोप लगाए

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छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण प्रदेशभर की सहकारी सोसायटियों में धान जाम हो गया है, जिससे खरीदी प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि धान उठाव के लिए समय पर डीओ जारी नहीं किए जाने के कारण 1600 से अधिक सोसायटियों में उठाव शुरू ही नहीं हो पाया है। दीपक बैज ने कहा कि सरकार को धान खरीदी शुरू होते ही परिवहन व्यवस्था सुनश्चिति करते हुए डीओ जारी कर देना चाहिए था, लेकिन जानबूझकर इसमें देरी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को पहले से पता था कि डीओ और परिवहन अनुबंध में देरी से खरीदी केंद्रों में जाम की स्थिति बनेगी और इसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। यह पूरी स्थिति सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, ताकि कम धान की खरीदी की जा सके।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 2739 धान खरीदी केंद्रों में लगभग 51 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, जबकि उठाव मात्र 10 लाख मीट्रिक टन का ही हुआ है। शेष लगभग 41 लाख मीट्रिक टन धान सोसायटियों में जमा पड़ा हुआ है, जिससे भंडारण की भारी समस्या उत्पन्न हो गई है और कई केंद्रों में खरीदी रोकनी पड़ रही है,उन्होंने कहा कि लंबे समय तक धान पड़े रहने से सूखत का नुकसान भी सोसायटियों को उठाना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पिछले वर्षों का सूखत भुगतान अब तक नहीं किया गया है, जिससे सहकारी संस्थाओं पर अतिरक्ति आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके अलावा कई सोसायटियों में खरीदी सीमा नहीं बढ़ाई गई है, जिससे किसानों का पूरा धान नहीं खरीदा जा रहा है। बैज ने यह भी आरोप लगाया कि फटा हुआ पुराना बरदाना दिया जा रहा है, जिससे किसानों को प्रति बोरा दो से तीन किलो तक का नुकसान हो रहा है। साथ ही तौलाई में भी अनियमितता की जा रही है, जिसे उन्होंने किसानों से सीधी लूट करार दिया।