छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को अंबिकापुर में ‘वीबी जीराम जी अधिनियम’ की व्यापक समीक्षा करते हुए इसे राज्य के श्रमिकों और किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण और लाभकारी कदम बताया और कहा कि यह अधिनियम कई मामलों में बहुत अच्छा है और इससे ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम के दिनों में वृद्धि जैसे ठोस लाभ मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि इस अधिनियम के तहत अब मजदूरों को पहले के 100 दिनों के स्थान पर 125 दिन का रोजगार उपलब्ध होगा। इससे उन्हें अतिरक्ति 25 दिनों की मजदूरी का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, उन्होंने मजदूरी भुगतान की समयसीमा को स्पष्ट करते हुए कहा कि अब कार्य पूरा होने के सात दिनों के भीतर ही मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया गया है। यदि इस निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया जाता है, तो इसके लिए दंड (पेनाल्टी) का प्रावधान भी अधिनियम में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस अधिनियम के एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा कि इससे राज्य के किसान वर्ग को भी बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि अक्सर फसल की बुआई और कटाई के महत्वपूर्ण मौसम में किसानों को पर्याप्त मजदूर नहीं मिल पाते थे, क्योंकि वे ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में कार्यरत होते थे। इस समस्या के समाधान के लिए नए अधिनियम में एक विशेष प्रावधान किया गया है। अब खेती-किसानी के इन दो महत्वपूर्ण मौसमों में, कुल दो महीने की अवधि के लिए, ग्रामीण रोजगार गारंटी के कामों में छुट्टी का प्रावधान रखा गया है। इससे किसानों को इन अवधियों में खेतिहर मजदूर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह अधिनियम मजदूरों की आय में वृद्धि, उनके भुगतान की सुरक्षा और किसानों की खेती-संबंधी जरूरतों के बीच एक संतुलन स्थापित करने वाला एक बेहतर कानूनी ढांचा प्रदान करता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इससे राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।





