छत्तीसगढ़ को औद्योगिक क्षेत्र में 6,321 करोड़ रुपये और पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए 505 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे आने वाले वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार के अवसर तैयार होने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने एक बयान में बताया कि ये निवेश प्रस्ताव मंगलवार को यहां आयोजित ‘इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में मिले। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित थे। बयान के अनुसार, ‘इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में इस्पात, ऊर्जा और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियों ने राज्य में नई इकाइयां लगाने, क्षमता विस्तार करने, होटल बनाने और कचरे से बिजली बनाने की परियोजनाएं विकसित करने में रुचि दिखाई।
सम्मेलन में शामिल होने वाली कंपनियों ने औद्योगिक क्षेत्र में 6,321.25 करोड़ रुपये और पर्यटन क्षेत्र में 505 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा, जिनसे आने वाले वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार के अवसर तैयार होने की संभावना है। मुख्यमंत्री साय ने बड़े निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात की तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को दर्शाने वाले निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे। उन्होंने उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में निवेश का न्योता देते हुए राज्य को भारत का सबसे विश्वसनीय, स्थिर और तेजी से बढ़ता औद्योगिक गंतव्य बताया। साय ने राज्य में ऊर्जा की भरपूर उपलब्धता, खनिज संपदा, कुशल मानव संसाधन और निवेशक-अनुकूल नीतियों के मजबूत संयोजन पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अब एकल खिड़की प्रणाली के तहत मंजूरियां पहले से कहीं अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी की जा रही हैं। पर्यटन क्षेत्र के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल हिंसा में कमी आने से बस्तर तेजी से बदल रहा है। सड़कें, इंटरनेट संपर्क और सुरक्षा ढांचे में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब बस्तर निवेश और पर्यटन दोनों के लिए नया केंद्र बनकर उभर रहा है। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, अमित अग्रवाल (सचिव, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार) और संदीप पौंड्रिक (सचिव, इस्पात मंत्रालय) भी मौजूद रहे।





