पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

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छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी और किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिले के ग्राम ठग्गांव निवासी किसान बाबूलाल इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं, जिन्होंने सिंगहत उपार्जन केंद्र में 60 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर किसान ने संतोष और भरोसा जताया है। किसान बाबूलाल ने बताया कि इस वर्ष धान विक्रय की व्यवस्था पहले की तुलना में काफी बेहतर और सुव्यवस्थित रही। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पहले ऑफलाइन टोकन प्राप्त किया, जिसके बाद धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचे। केंद्र में डिजिटल तौल कांटे से सटीक तौल की गई, जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी या संदेह की स्थिति नहीं बनी।

उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल सुविधा और कर्मचारियों का सहयोगात्मक व्यवहार भी सराहनीय रहा। राज्य सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किए जाने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। बाबूलाल ने बताया कि धान विक्रय के बाद भुगतान की राशि सीधे बैंक खाते में जमा होने की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद है। इससे किसानों को बिचौलियों और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं से राहत मिली है।

उन्होंने कहा कि पहले धान बेचने के दौरान तौल, कटौती और भुगतान को लेकर परेशानियां होती थीं, लेकिन इस बार की व्यवस्था ने उनका अनुभव पूरी तरह बदल दिया है। समय पर भुगतान मिलने से वे बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और रबी फसल की तैयारी बिना किसी आर्थिक चिंता के कर पा रहे हैं। किसान बाबूलाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियों से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ता है और खेती को एक सुरक्षित व सम्मानजनक आजीविका के रूप में मजबूती मिलती है।