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छत्तीसगढ़ में हादसा: झंडा लगाने के दौरान करंट की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत, एक घायल

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छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में राष्ट्रीय ध्वज लगाने के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई है तथा एक घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार का यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के मनेंद्रगढ़ शहर के बस स्टैंड में तिरंगा झंडा लगाने के दौरान नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ के दो ठेका मजदूर करंट की चपेट में आ गए। इस घटना में एक मजदूर सुमन तिग्गा (36) की मौत हो गई है। वहीं रामकृपाल सिंह (35) घायल हो गया है।

उन्होंने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के तहत ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के दौरान नगर पालिका परिषद ने नगर में झंडा लगाने के लिए मजदूरों को कार्य पर लगाया है। दोनों ठेका मजदूर शनिवार सुबह बस स्टैंड में झंडा लगा रहे थे तभी दोनों करेंट की चपेट में आ गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद दोनों मजदूरों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सुमन को मृत घोषित कर दिया। घायल रामकृपाल का उपचार जारी है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका परिषद ने मृत मजदूर के परिजनों को तत्काल सहायता के रूप में एक लाख रुपए प्रदान किए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।

जानें वर्ल्ड इकोनामिक फोरम ने छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल की क्यों की तारीफ

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वर्ल्ड इकोनामिक फोरम की तरफ से वन ट्रिलियन ट्री की प्रमुख निकोल सेवाड ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण, ट्री कवर और फारेस्ट कवर को बढ़ाने के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तारीफ की हैं। वर्ल्ड इकोनामिक फोरम द्वारा विश्व स्तर पर वन ट्रिलियन ट्री योजना पर काम किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत वर्ल्ड इकोनामिक फोरम पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहा है। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को और कैसे बेहतर बनाया जा रहा है इस संबंध में वन ट्रिलियन ट्री कार्यक्रम की प्रमुख निकोल सेवाड के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से परिचर्चा में शामिल हुए।

इस परिचर्चा में भारत में वन ट्रिलियन ट्री कार्यक्रम की संचालक रत्विकिा भट्टाचार्य और सुश्री भैरवी जानी ने कार्यक्रम के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी। परिचर्चा में सुश्री निकोल सेवाड ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल को अर्थव्यवस्था से जोड़ना एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। परिचर्चा में बघेल ने वर्ल्ड इकोनामिक फोरम के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में साइंटिफिक तरीके से वनों के संरक्षण और भूजल स्रोत को रीचार्ज करने का काम किया जा रहा है जिससे छत्तीसगढ़ के नाले 10 से लेकर 30 सेंटीमीटर तक रीचार्ज हुए हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लघु वनोपजों के क्षेत्र में बेहतर काम किया जा रहा है, यदि इनके लिए लघु उद्योगों की स्थापना की जाए तो ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बहुत फायदा होगा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी लोग जागरूक होंगे। सीएम बघेल ने कहा कि जंगलों को वन वासियों ने ही बचाया है और वे वनों के रक्षक हैं। उन्होने बताया कि छत्तीसगढ़ में 42 फीसदी क्षेत्र जंगलों से घिरा हुआ है और राज्य में 31 फीसदी आबादी आदिवासियों की है जो प्रमुख रूप से वनों पर निर्भर हैं। इन्हें और समृद्ध बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पट्टों का वितरण कर रही है। मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड इकोनामिक फोरम को सुझाव देते हुए कहा कि मौसम के अनुसार ही यदि हम पौधों का रोपण करें तो वनों के विकसित होने की संभावनाएं ज्यादा रहेंगी और ये तभी हो सकेगा जब इनको पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता रहे।

सीएम भूपेश ने हमर तिरंगा अभियान पर आधारित फिल्म का किया लोकार्पण

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘हमर तिरंगा अभियान’ पर आधारित फिल्म का लोकार्पण किया। जनसम्पर्क विभाग द्वारा इस अभियान पर हिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषा में दो अलग-अलग फिल्म तैयार कराई गई हैं। इस फिल्म के गीत को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गीतकार मीर अली द्वारा लिखी गई है। सीएम बघेल ने इस अवसर पर कहा कि 11 अगस्त से 17 अगस्त के मध्य मनाए जा रहे स्वतंत्रता सप्ताह के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में हमर तिरंगा अभियान की शुरूआत की गई है। इस अभियान के दौरान राज्य के गांव-गांव, शहर-शहर, घरों, शासकीय कार्यालयों, संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा हमर तिरंगा अभियान के माध्यम से हम छत्तीसगढ़ के लोग उन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं, जिनके बलिदानों और संघर्षों से हमारा देश आजाद हुआ और हमें स्वतंत्रता मिली। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ के लोग इस अभियान के माध्यम से राष्ट्रीय एकजुटता पर भी अपने गर्व को व्यक्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों से आव्हान किया कि इस अभियान के दौरान शासकीय, अशासकीय संस्थानों, दुकानों, इमारतों और घरों में राष्ट्रीय ध्वज अवश्य फहराएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में जंगली हाथियों का उपद्रव, हमले में तीन ग्रामीणों की मौत

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छ‌त्तीसगढ़ के राजनांदगांव और बालोद जिलों में जंगली हाथियों के हमले में बृहस्पतिवार को एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राजनांदगांव जिले के मोहला क्षेत्र में जंगली हाथियों के हमले में दो ग्रामीणों की मौत हो गई है वहीं बालोद जिले में जंगली हाथी ने एक महिला को कुचलकर मार डाला है। उन्होंने बताया कि वन​ विभाग को जानकारी मिली है कि 23 हाथियों का दल मोहला क्षेत्र के पानाबरस, भैसबोड़ और आसपास के गांवों में मौजूद है। हाथियों ने गांवों में मकानों में तोड़फोड़ भी की है।

अधिकारियों ने बताया कि जब हा​थियों का दल भैसबोड़ गांव में था तभी 37 वर्षीय संतलाल मंडावी उनकी चपेट में आ गया और कुचल कर उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घटना के बाद ग्रामीणों को जंगल की ओर से जाने से मना किया गया लेकिन इसके बावजूद देर शाम 45 वर्षीय रामभरोसे जंगल की ओर चला गया जहां हाथियों के कुचलने से उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में बालोद जिले में हाथियों के हमले में मोतिन बाई नागवंशी (65) की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों जंगल की ओर से जाने से मना किया गया है। मृत ग्रामीणों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।

छत्तीसगढ़ में अपहरण के बाद ग्रामीण की गला रेतकर हत्या

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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सलियों ने कथित तौर पर एक ग्रामीण का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को जिले के बंगापाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत कहूरगांव के करीब सुरक्षा बलों ने ग्रामीण गोपीराम मडकम का शव बरामद किया। उन्होंने बताया कि पुलिस को पता चला है कि आठ अगस्त को नक्सलियों ने मडकम को उसके गांव से अगवा कर लिया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण के अपहरण के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीणों ने उसकी हत्या की सूचना पुलिस को दी, तब मामला सामने आया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा और जंगल से उसका शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने ग्रामीण की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने हमलावर नक्सलियों की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि, हत्या के कारणों के बारे में अभी तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है।

छत्तीसगढ़ कोरोना: 24 घंटे में 298 नए मामले मिले, 15 मरीजों को मिली छुट्टी

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छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस से 298 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही राज्य में बुधवार तक कोविड-19 की चपेट में आने वालों की कुल संख्या 11,70,085 हो गई। राज्य में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को 15 लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई है, वहीं 501 लोगों ने घर में पृथकवास की अवधि पूरी की। राज्य में बुधवार को कोरोना वायरस से संक्रमित दो मरीजों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को संक्रमण के 298 नए मामले आए हैं।

इनमें रायपुर से 23, दुर्ग से 30, राजनांदगांव से 17, बालोद से 18, बेमेतरा से 10, कबीरधाम से छह, धमतरी से 35, बलौदाबाजार से चार, महासमुंद से 20, गरियाबंद से दो, बिलासपुर से आठ, रायगढ़ से नौ, कोरबा से आठ, जांजगीर-चांपा से तीन, मुंगेली से दो, गौरला-पेंड्रा-मरवाही से सात, सरगुजा से 30, कोरिया से 10, सूरजपुर से पांच, बलरामपुर से चार, जशपुर से दो, बस्तर से तीन, कोंडागांव से 10, दंतेवाड़ा से पांच, सुकमा से एक, कांकेर से 19, नारायणपुर से छह और बीजापुर से एक मामला है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 11,70,085 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 11,53,294 मरीज इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हो गए हैं। राज्य में 2,706 मरीज उपचाराधीन हैं। राज्य में वायरस से संक्रमित 14,085 लोगों की मौत हुई है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह 2022: छत्तीसगढ़ के सीएम बघेल रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण

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छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता दिवस पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। अन्य जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण और संसदीय सचिव राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।

इसी तरह स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सरगुजा, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे दुर्ग, गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू बेमेतरा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर कबीरधाम, खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत राजनांदगांव, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल कोरबा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया बालोद, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल रायगढ़, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सूरजपुर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा सुकमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार मुंगेली तथा नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया जांजगीर-चांपा में ध्वजारोहण करेंगे।

इसी तरह संसदीय सचिव रेखचंद जैन बीजापुर, संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चन्द्राकर महासमुंद, संसदीय सचिव डॉ. रश्मि आशीष सिंह बिलासपुर, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी कांकेर, संसदीय सचिव यूडी मिंज जशपुर, संसदीय सचिव चन्द्रदेव प्रसाद राय बलौदाबाजार, संसदीय सचिव चिंतामणी महाराज बलरामपुर, संसदीय सचिव सुश्री शकुन्तला साहू धमतरी, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय गरियाबंद, संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद कोण्डागांव, संसदीय सचिव पारसनाथ राजवाड़े कोरिया, संसदीय सचिव इन्द्रशाह मण्डावी नारायणपुर, संसदीय सचिव द्वारिकाधीश यादव बस्तर, संसदीय सचिव गुरूदयाल सिंह बंजारे दंतेवाड़ा में ध्वजारोहण करेंगे।

झारखंड में सीएम बघेल का स्वागत, हेमंत सोरेन बोले-आदिवासी हैं तभी जल जंगल और जमीन बची है

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में रांची के मोरहाबादी मैदान में चल रहे दो दिवसीय झारखंड जनजातीय महोत्सव-2022 का आज रंगारंग समापन हो गया। दो दिनों तक चले इस समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से आए जनजातीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा और परफॉर्मेंस से आदिवासी कला- संस्कृति, परंपरा, लोक गीत-नृत्य और संगीत को देश- दुनिया के सामने पहचान दिलाने का काम किया। वही, देश और विदेश से आए मानव शास्त्री, जनजातीय विषय के विशेषज्ञ और शोधकर्ताओं ने आदिवासी दर्शन जीवन शैली और आज उनके सामने पैदा हो रही तरह-तरह की चुनौतियों पर विस्तार से मंथन किया। यह जनजातीय महोत्सव महोत्सव निश्चित तौर पर आदिवासियों की अस्मिता और पहचान को दुनिया के कोने कोने तक पहुंचाने में कामयाब होगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि आज आदिवासी हैं, तभी जल जंगल और जमीन बचा है। लेकिन, इसे भी छीनने का प्रयास लगातार हो रहा है। किसी को यह चिंता नहीं है कि आदिवासी कैसे बचे। बस विकास की दौड़ में जल, जंगल और जमीन से छेड़छाड़ हो रहा है। यही वजह है कि आज ग्लोबल वार्मिंग की विकराल समस्या से हम घिरते जा रहे हैं। अगर सृष्टि बचाना है तो आदिवासी को बचाना होगा, तभी जल, जंगल और जमीन भी बचेगा।

मुख्यमंत्री के कहा कि आज का दिन हम यह संकल्प ले की जनजातीय समाज की पहचान और उनकी आवाज को दूर-दूर तक पहुंचाएं। हालांकि, इसमें कई चुनौतियां भी आएंगी। संघर्षों का भी सामना करना पड़ेगा। पर आदिवासी समुदाय कभी विचलित नहीं होता है। हम इस चुनौती से निपटने और संघर्षों से विजय होने में नश्चिति तौर पर कामयाब होंगे। हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड नदी, जंगलों और पहाड़ -पहाड़ियों से घिरा राज्य है। यहां की आदिवासी आबादी इन जंगलों, पहाड़ों और दुर्गम स्थलों पर रह रही हैं। इनके पास आज तक न तो कोई सरकारी अधिकारी पहुंचा और ना ही योजनाएं यहां लागू हो सकीं। लेकिन, हमारी सरकार ने “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के माध्यम से इन दुर्गम और सुदूर इलाकों में रहने वालों के घर पर पहुंचकर उन्हें हक और अधिकार दिया। योजनाओं से जोड़ा और मान- सम्मान भी प्रदान करने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन पर्व की दी शुभकामनाएं

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को भाई-बहन के स्नेह और विश्वास के पर्व रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। रक्षाबंधन पर्व की पूर्वसंध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में सीएम बघेल ने कहा है कि रक्षाबंधन हमारी संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण त्यौहार है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और मजबूत बनाता है। इस दिन बहनें मंगल कामना करते हुए अपने भाईयों को रक्षा सूत्र बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन स्नेह और विश्वास के अटूट रिश्तों का त्यौहार है। यह त्यौहार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, अस्मिता के प्रति हम सभी को जागरूक और प्रतिबद्ध करता है।

कोविड-19 टीकाकरण: छत्तीसगढ़ में 15 सितंबर तक बूस्टर डोज को लेकर चलाएं विशेष अभियान

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बीते कुछ दिनों से कोरोना एक बार फिर देश के ज्यादातर प्रदेशों में रफ्तार पकड़ी है। इसका असर छत्तीसगढ़ में भी दिखा है। कोरोना को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने लोगों को एहतियात बरतने को कहा है। साथ ही अफसरों को भी जरूरी आदेश जारी किए है। मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में कोविड-19 टीकाकरण के मानिटरिंग के लिए गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक ली गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि 15 अगस्त से 15 सितम्बर की अवधि में विशेष अभियान चलाकर कोविड टीकाकरण व बूस्टर डोज लगाये जायें। उन्होनें सभी शासकीय कर्मियों और उनसे जुड़े परिजनों, विभागीय योजनाओं के लाभार्थीयों सहित अन्य नागरिकों का इस अभियान के माध्यम से टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। श्री जैन ने संभागीय मुख्यलायों में स्थित पांच बड़े कार्यालयों में 11 अगस्त से 14 अगस्त की अवधि में टीकाकरण कैम्प लगाकर टीकाकरण करने के भी निर्देश दिए है। इसी तरह 15 अगस्त के बाद 19 से 21 अगस्त को ब्लॉक स्तर के पांच बड़े कार्यालय केम्पस में टीकाकरण शिविर लगाने कहा गया है।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव मनिन्दर कौर द्विवेदी ने बताया कि आजादी के 75 वें वर्षगाठ के अवसर पर अमृत महोत्सव के तहत 15 अगस्त से 15 सितम्बर तक की अवधि में कोविड-19 के बूस्टर डोज निःशुल्क लगाये जायेगें। प्रदेश में अब तक करीब दो करोड़ 22 लाख 76 हजार 912 लोगों को प्रथम डोज, एक करोड़ 96 लाख 79 हजार 341 को दूसरा डोज और 38 लाख एक हजार 813 लोगों को बूस्टर डोज लगाया जा चुका है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, आदिवासी विकास, गृह विभाग, श्रम विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारियों ने कोविड टीकाकरण के लिए अपने विभाग की रणनीति-कार्ययोजना के विषय में विस्तर से जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में संबंधित विभागों के सचिव एवं संचालक स्तर के अधिकारी शामिल हुए।