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छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी आज ग्रामीण आवासीय योजना की करेंगे शुरुआत

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास न्याय योजना’ (एमजीएएनवाई) की शुरुआत करेंगे। राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव निर्धारित हैं। इस योजना का मकसद बेघरों और ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को वित्तीय सहायता मुहैया कराना है। अधिकारियों ने बताया कि आवास न्याय सम्मेलन में राहुल और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मकानों के निर्माण के लिए प्रत्येक लाभार्थी को 25 हजार रुपये से एक लाख तीस हजार रुपये तक की पहली किस्त का वितरण करेंगे। जन संपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह सम्मेलन बिलासपुर जिले के तख्तापुर विकास ब्लॉक के अंतर्गत परसादा (सक्री) गांव में दोपहर को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1.30 लाख लाभार्थियों में से एक लाख लाभार्थी प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्थायी प्रतीक्षा सूची में सूचीबद्ध हैं लेकिन उन्हें अभी तक केंद्रीय योजना का लाभ नहीं मिला है।

अधिकारी के मुताबिक, इस मौके पर इस साल मई में शुरू हुई मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना (एमएनएसएएसवाई) के तहत 500 लाभार्थियों के खातों में कुल पांच करोड़ रुपये डाले जाएंगे। एमएनएसएएसवाई के अंतर्गत, छत्तीसगढ़ इमारत एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के साथ पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को मकानों के निर्माण के लिए एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राहुल और भूपेश बघेल बिलासपुर जिले में 524.33 करोड़ रुपये के विकास व निर्माण कार्यों की आधारशिला रखेंगे और कुछ परियोजनाओं का उद्धघाटन करेंगे।

अधिकारी के मुताबिक, सम्मेलन में 2,549 नए नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। एमजीएएनवाई के तहत दूर-दराज के इलाकों में मकानों के निर्माण के लिए प्रत्येक लाभार्थी को 1.30 लाख रुपये और मैदानी इलाकों में 1.20 लाख रुपये दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 6,99,439 योग्य लाभार्थियों को भी इस योजना से फायदा मिलेगा। ये लाभार्थी स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं लेकिन इन्हें इस योजना का फायदा अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाने की वजह से इन 6,99,439 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों की मंजूरी नहीं मिली।

कोयला लेवी घोटाला मामला : छत्तीसगढ़ की अदालत ने दो विधायकों समेत नौ के खिलाफ जारी किया नोटिस

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छत्तीसगढ़ में रायपुर की एक विशेष अदालत ने कथित कोयला लेवी घोटाले से संबंधित धनशोधन मामले में आरोपी कांग्रेस के दो विधायकों और सात अन्य आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। अदालत ने कथित आरोपियों को 25 अक्टूबर को उसके सामने पेश होने को कहा है। विशेष लोक अभियोजक सौरभ कुमार पांडे ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले महीने चतुर्थ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत में मामले में दूसरा पूरक आरोपपत्र दायर किया था, जिसमें कांग्रेस विधायक देवेंद्र सिंह यादव और चंद्रदेव प्रसाद राय और आईएएस अधिकारी रानू साहू सहित 11 लोगों को आरोपी के तौर पर नामजद किया गया था। उन्होंने बताया कि विशेष अदालत ने शनिवार को दूसरा पूरक आरोपपत्र दर्ज किया और 11 आरोपियों में से नौ को नोटिस जारी किया, क्योंकि साहू और निखिल चंद्राकर को मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

नौ आरोपियों में विधायक यादव और राय के अलावा कांग्रेस नेता आर पी सिंह और विनोद तिवारी भी शामिल हैं। पांडे ने कहा कि चूंकि इस मामले में लगाए गए धनशोधन रोधी अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 3 और 4 संज्ञेय और गैर-जमानती हैं, इसलिए सभी नौ आरोपियों को, जिन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, अग्रिम जमानत लेने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि यदि वे सुनवाई के दौरान पेश नहीं होते हैं तो अदालत उनके खिलाफ जमानती या गैर-जमानती वारंट जारी कर सकती है। ईडी की जांच कथित घोटाले से संबंधित है, जिसमें वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों के एक ‘कार्टेल’ द्वारा छत्तीसगढ़ में परिवहन किए गए प्रत्येक टन कोयले के लिए 25 रुपये प्रति टन की अवैध लेवी वसूली जा रही थी।

ईडी ने अपने दूसरे पूरक आरोपपत्र में आरोप लगाया कि घोटाले की अवधि के दौरान कोरबा जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यरत रहे साहू ने सूर्यकांत तिवारी और उनके सहयोगियों द्वारा कोयला ट्रांसपोर्टर और जिला खनिज निधि (डीएमएफ) अनुबंधों से अवैध लेवी राशि के संग्रह में सुविधा प्रदान की और उनसे भारी रिश्वत प्राप्त की। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि भिलाई नगर से विधायक यादव को खैरागढ़ उपचुनाव (अप्रैल 2022 में) और अन्य राजनीतिक एवं व्यक्तिगत खर्चों के लिए कोयला ‘कार्टेल’ द्वारा उत्पन्न अपराध की आय से कथित तौर पर लगभग तीन करोड़ रुपये मिले थे। ईडी के अनुसार, बिलाईगढ़ विधायक राय को चुनावी वित्तपोषण, राजनीतिक खर्च और व्यक्तिगत उपहारों के लिए कथित तौर पर 46 लाख रुपये मिले थे, जबकि कांग्रेस नेता तिवारी और सिंह को राजनीतिक और व्यक्तिगत खर्चों के लिए क्रमशः लगभग 1.87 करोड़ रुपये और 2.01 करोड़ रुपये मिले थे। मामले में पहला आरोपपत्र पिछले साल नौ दिसंबर को दायर किया गया था, जिसमें आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई, व्यवसायी सुनील अग्रवाल, सूर्यकांत तिवारी और उनके रिश्तेदार लक्ष्मीकांत तिवारी को आरोपी के तौर पर नामजद किया गया था, सभी को ईडी ने पहले गिरफ्तार कर लिया था।

ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पुरस्कार

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छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) को ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए स्टार परफॉर्मेंस अवार्ड से पुरस्कृत किया गया। सोसाईटी ऑफ एनर्जी इजीनियर्स एण्ड मैनेजर्स(सीम)सीम द्वारा नई दिल्ली में आयोजित 8वें नेशनल एनर्जी मैनेजमेंट अवार्ड समारोह में यह सम्मान दिया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) आलोक कटियार, द्वारा उक्त पुरस्कार को डॉ. अशोक कुमार, उप महानिदेशक, ऊर्जा दक्षता ब्यूरों, (बी.ई.ई.) भारत सरकार के उपस्थिति में प्राप्त किया गया। उल्लेखनीय है कि लगातार 03 वर्षों से क्रेडा को सीम द्वारा ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य नामित एजेंसी के रूप में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में ताम्रध्वज साहू को मुख्यमंत्री नियुक्त न कर साहू समाज को धोखा दिया : रामेश्वर तेली

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केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने दावा कि कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनाव में ताम्रध्वज साहू को मुख्यमंत्री बनाने के नाम पर साहू समाज का वोट लिया और चुनाव जीतने के बाद साहू की जगह भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बना दिया। राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू 2018 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष चरणदास महंत के साथ मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से एक थे। राज्य के रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की परिवर्तन यात्रा के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और श्रम राज्य मंत्री तेली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लोगों से किए वादों को पूरा नहीं किया। असम से सांसद तेली ने कहा कि वह साहू समुदाय से हैं और उनके परिवार की जड़ें इसी क्षेत्र (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) में हैं।

केंद्रीय मंत्री तेली ने रैली में कहा, कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू अपने परिवार के साथ असम से विमान में यात्रा कर रहे थे। उसी विमान में हमारे एक सांसद भुवनेश्वर कलिता भी यात्रा कर रहे थे जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं और पिछले चुनाव में कांग्रेस के चुनाव प्रभारी रहे थे। कलिता ने मुझसे पूछा कि क्या ताम्रध्वज को पहचाना हूं ? मैंने जवाब दिया कि हां, ये छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री हैं। उन्होंने दावा किया, ”कलिता ने उन्हें बताया कि पिछले चुनाव में जब वह प्रभारी था तब कांग्रेस ने ताम्रध्वज साहू के नाम पर साहू समाज से वोट लिया और झूठ बोला कि चुनाव जीतने पर ताम्रध्वज साहू को मुख्यमंत्री बनाएंगे। चुनाव जीतने के बाद भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बना दिया।

तेली ने कहा, कलिता जी ने ताम्रध्वज साहू के सामने यह बात कही कि कांग्रेस ने राज्य में साहूओं को धोखा दिया। कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो वादे तो करती है लेकिन उन्हें पूरा करने में विफल रहती है। उन्होंने लोगों से महेश साहू को चुनने का आग्रह किया, जिन्हें पार्टी ने आगामी चुनाव के लिए खरसिया सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। तेली ने आमसभा को कुछ समय स्थानीय भाषा में भी संबोधित किया और कहा कि जब भी उनके घर छत्तीसगढ़ से मेहमान आते हैं तो वे उनसे इसी भाषा में बात करते हैं। उन्होंने कहा, ऐसा कहा जाता है कि लगभग 200 साल पहले, हमारा परिवार आजीविका की तलाश में इस क्षेत्र से असम चला गया था। अब हम असमिया बन गए हैं। असम एक लघु भारत है। उन्होंने कहा, मैं छत्तीसगढ़ी सहित आठ-नौ भाषाएं बोल सकता हूं।

कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराकर उसे 15 वर्ष के शासन से हटाया था। माना जाता है कि साहू समाज ने भी कांग्रेस का समर्थन किया था। राज्य में साहू समाज की आबादी लगभग 14 फीसदी है। राज्य के मैदानी इलाकों में बसे साहू समाज के लोग मुख्य रूप से किसान हैं। समाज का कुछ वर्ग व्यापार भी करता है। भाजपा ने 2018 के चुनाव में साहू समाज से 14 उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था, जिनमें से 13 उम्मीदवार चुनाव हार गए थे। भाजपा ने पिछले वर्ष साहू समाज से आने वाले पार्टी के सांसद अरुण साव को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। भाजपा ने पिछले महीने राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर 21 सीटों (कुल 90 सीटों में से) पर उम्मीदवारों की घोषणा की, जिनमें से दस अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए और एक अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित है। गैर-आरक्षित सीटों पर मैदान में उतरे 10 उम्मीदवारों में से चार साहू समाज से हैं।

छत्तीसगढ़ में महिलाएं आर्थिक एवं सामाजिक रूप से हुई सशक्त : भूपेश

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य में महिलाओं के हित में हो रहे कार्यों के फलस्वरूप आज इनकी स्थिति में काफी बदलाव आए है। वे आर्थिक रूप से ही नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी सम्पन्न होकर तेजी से आगे बढ़ रही हैं। बघेल यहां अपने निवास परिसर में तीजा पोरा तिहार के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम एवं राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के इस पारम्परिक त्यौहार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाने मुख्यमंत्री निवास में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल के साथ उनकी धर्मपत्नी मुक्तेश्वरी बघेल सहित परिवार के लोग भी शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं का महत्वपूर्ण स्थान होता है। छत्तीसगढ़ में हम शुरूआत से ही महिलाओं के मान-सम्मान को बढ़ाने का कार्य निरंतर कर रहे हैं। इस कड़ी में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से संपन्न बनाने के लिए हर संभव पहल की जा रही है और इसके लिए कई नई-नई योजनाएं बनाकर कार्यक्रमों का संचालन बखूबी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत् निर्मित गौठानों में बड़े तादाद में महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा गया है। इसी तरह वनोपज संग्रहण, बिहान आदि योजनाओं के माध्यम से उन्हें आय और रोजगार के लिए साधन सुगमता से उपलब्ध हो गए हैं।

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल प्रभावित सात गांव 25 साल बाद हुए बिजली से रौशन

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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में नक्सली घटनाओं के कारण पिछले लगभग 25 वर्षों से अंधेरे में डूबे सात गांवों को पावर ग्रिड से बिजली मिली जिसके बाद इन गांवों के 342 परिवारों ने जमकर खुशियां मनाईं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन गांवों को वामपंथी उग्रवाद का खामियाजा भुगतना पड़ा था। 1990 के दशक के अंत में नक्सलियों ने इन गांवों में लगे बिजली के खंभों और बुनियादी ढांचे को क्षतिग्रस्त कर दिया था जिससे स्थानीय लोग बिजली आपूर्ति से वंचित हो गए थे। उन्होंने बताया कि कुछ घरों में एक बल्ब जलाने और पंखा चलाने के लिए सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जाती थी लेकिन उसके रखरखाव के कारण परेशानी भी होती थी।

सुकमा जिले के कलेक्टर हारिस एस ने बताया कि सरकार और प्रशासन जनता, विशेषकर अंतिम व्यक्ति तक राशन, बिजली आपूर्ति, पानी आपूर्ति आदि जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कलेक्टर ने बताया कि इस क्षेत्र के सात गांवों डब्बाकोंटा, पिड़मेल, एकलगुडा, दुरामांगु, तुमबांगु, सिंगनपाड और डोकपाड में इस सप्ताह बिजली की आपूर्ति की गई। उन्होंने बताया कि सात गांवों में विद्युतीकरण से लगभग 342 परिवारों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अन्य गांवों में भी जल्द बिजली पहुंचायी जायेगी। सुकमा बस्तर संभाग के सात जिलों में से एक है। यह राजधानी रायपुर से लगभग चार सौ किलोमीटर दूर है।

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि क्षेत्र में छह पुलिस शिविर स्थापित करने से यहां विकास में मदद मिली है तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों तक पहुंचा है। सुंदरराज ने बताया कि इन गांवों में 1990 के दशक के अंत तक बिजली थी। माओवादियों द्वारा बिजली के खंभों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने के कारण लगभग 25 वर्षों तक ग्रामीण नियमित बिजली आपूर्ति से वंचित रहे। ग्रामीण सौर ऊर्जा पर निर्भर थे लेकिन कई घरों में बिजली की निरंतर पहुंच नहीं थी। उन्होंने कहा, “पिडमेल, डब्बाकोंटा, टोंडामरका, डब्बामरका, एल्मागुंडा, कर्रिगुंडम गांव में तथा अन्य गांवों में पुलिस शिविरों की स्थापना के बाद अब ग्रामीणों को उनकी बुनियादी सुविधाएं वापस मिल रही हैं।

सुंदरराज ने बताया कि डब्बाकोंटा और पिडमेल भेजी-चिंतागुफा मार्ग पर स्थित हैं। डब्बाकोंटा और पिडमेल दोनों स्थानों पर शिविर हैं। उन्होंने बताया कि इन गांवों में सड़क आवश्यकता योजना (आरआरपी) के तहत ब्लैक टॉप सड़क का निर्माण कार्य जारी है और अगले कुछ महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि एकलगुडा गांव एरोबोर-भेजी मार्ग पर स्थित है तथा सिंगनपाड, डोकपाड, तुम्बांगु और दुरामंगु सभी किस्टाराम-चिंतलनार मार्ग पर हैं और इन गांवों में वर्तमान में कच्ची सड़क है। सुकमा जिले में बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता जोसेफ केरकेट्टा ने बताया कि भौगोलिक स्थिति और वामपंथी उग्रवाद को देखते हुए इन गांवों में बिजली की लाइन बिछाना और विद्युत सामग्री को चिन्हित स्थल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण कार्य था। उन्होंने बताया कि ये सभी गांव घने जंगलों में और कई गांव तो बेहद संवेदनशील इलाकों में हैं।

छत्तीसगढ़ में बहुमंजिला वाहन पार्किंग में 17 साल की लड़की से गैंगरेप, तीन गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बहुमंजिला वाहन पार्किंग के भीतर 17 वर्षीय एक लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म के दो आरोपियों समेत तीन लोगों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि घटना 18 और 19 सितंबर को हुई थी जब पीड़िता गोल बाजार पुलिस थाना के अंतर्गत जयस्तंभ चौक के करीब स्थित बहुमंजिला वाहन पार्किंग के गार्ड सिकंदर से मिलने गई थी। उन्होंने बताया कि लड़की के मुताबिक, सिकंदर ने उसके लिए नौकरी की व्यवस्था करने का वादा किया था।

सिकंदर ने कथित तौर पर 18 सितंबर को लड़की के साथ बलात्कार किया और उसे अगले दिन फिर से आने के लिए कहा। अगले दिन सिकंदर के साथ उसके दो दोस्त अविनाश बेहरा और गौरव राज भी थे। अधिकारी ने बताया कि सिकंदर के दो दोस्तों में से एक ने बहु मंजिला वाहन पार्किंग में खड़ी कार के भीतर लड़की से कथित तौर पर बलात्कार किया। उन्होंने बताया कि बुधवार रात लड़की अपने परिवार के सदस्यों के साथ थाने पहुंची और इस संबंध में शिकायत दर्ज करायी जिसके बाद पुलिस हरकत में आयी और तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, उन्होंने कहा कि जांच जारी है।

धान के समर्थन मूल्य को लेकर भूपेश सरकार ने किसानों को किया गुमराह-पूर्व सीएम रघुवर दास

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भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार पर धान के समर्थन मूल्य को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया है। दास ने वैशाली नगर में प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि एमएसपी में डेढ़ गुना बढ़ोतरी मोदी सरकार ने की है। किसानों को 2,183 रूपए भारत सरकार देती है और 200-300 रूपए बढ़ाकर राज्य की बघेल सरकार देती है, और कहती हैं हमनें धान का समर्थन मूल्य बढ़ाया है यह एक प्रकार से किसानों को गुमराह करने का कार्य बघेल सरकार कर रही है।

उन्होने कहा कि पांच सालों में सत्ता और शक्ति का दुरुपयोग कर बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ को लूटा है। बघेल सरकार ने 2018 में बड़े-बड़े वादे कर जनता को गुमराह कर जनादेश प्राप्त किया पर आज छत्तीसगढ़ की जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है। यह जनादेश का अपमान भी है 10 लाख बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा किया था पर क्या हुआ? उन्होने कहा कि कानून व्यवस्था छत्तीसगढ़ में ध्वस्त है प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है, अपने अधिकारियों से छत्तीसगढ़ के संसाधनों को लुटवा रहे हैं और बहुत तो जेल में भी हैं घोषणा पत्र में शराबबंदी का वादा किया था शराबबंदी तो नहीं किया उल्टा शराब में 2,100 करोड रुपए का घोटाला कर दिया।

छत्तीसगढ़ की प्राइवेट बैंक में डकैती, पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार, पांच करोड़ 62 लाख रुपये और जेवरात बरामद

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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक निजी बैंक में हुई डकैती के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 5 करोड़ 62 लाख रुपये और जेवरात बरामद कर ली है।
पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि शहर के मध्य में एक्सिस बैंक में हुई डकैती मामले में सरगना उपेंद्र सिंह राजपूत, राकेश कुमार गुप्ता, निशांत महतो, राहुल कुमार सिंह, अमरजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह सभी आरोपी बिहार निवासी है।

पकड़े गए आरोपियों से नगद 4.19 करोड़ नकद, सोने के जेवर 78 पैकेट कीमती लगभग 1.43 करोड़ रुपये कुल 5 करोड़ 62 लाख रुपये बरामद किया गया। आरोपियों के पास से डकैती में प्रयुक्त एक देशी मेड राइफल, एक कट्टा, 08 कारतूस, क्रेटा वाहन, ट्रक और कई चाबियां जप्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार की सुबह ढिमरापुर रोड़ स्थित एक्सिस बैंक में हथियारबंद आरोपियों द्वारा डकैती की घटना को अंजाम दिया गया था। इस गैंग के द्वारा कोरबा जिले में केनरा बैंक में डकैती के मामले में शामिल थे।

पीएससी परीक्षा के माध्यम से उम्मीदवारों के चयन में भ्रष्टाचार, पक्षपात के दावों की पुष्टि करें, हाईकोर्ट का छत्तीसगढ़ सरकार को आदेश

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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया कि वह एक याचिका में लगाए गए आरोप कि राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षा 2021 में चयनित 18 उम्मीदवार भर्ती निकाय के अधिकारियों, उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों, राजनेताओं और प्रमुख व्यवसायियों के रिश्तेदार हैं की पुष्टि करे। बिलासपुर में मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति एन. के. चंद्रवंशी की खंडपीठ ने भाजपा के वरिष्ठ विधायक और राज्य के पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मंगलवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी और नतीजे के आधार पर अदालत को जवाब सौंपा जाएगा। सरकार ने कहा कि वह जांच के दायरे में आए उम्मीदवारों के संबंध में आगे की प्रक्रिया नहीं करेगी और उन्हें नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए जाएंगे।

सरकार ने कहा, इनमें से जिन्हें नियुक्ति पत्र मिल गया है, उनकी नियुक्ति भी उच्च न्यायालय के आदेश पर आधारित होगी। याचिका पर मंगलवार और बुधवार को सुनवाई हुई जिसमें सीबीआई द्वारा उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई। याचिका में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2021 के परिणाम से पता चलता है कि सीजीपीएससी के अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी, इसके सचिव और प्रभावशाली राजनेताओं, नौकरशाहों और उद्योगपतियों के रिश्तेदारों को भ्रष्टाचार और पक्षपात के कारण सरकारी विभागों में विभिन्न पदों के लिए चुना गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई पांच अक्टूबर को करनी तय की है।