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स्कूल में आकाशीय बिजली गिरी, एक छात्र की मौत, चार छात्र समेत पांच घायल

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छत्तीसगढ़ में सूरजपुर जिले के एक प्राथमिक स्कूल में मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई तथा चार छात्र एव एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के बिहारपुर गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में आज आकाशीय बिजली गिरने से चौथी कक्षा के छात्र लक्ष्मण सिंह (10) की मृत्यु हो गई तथा छात्र अमरजीत सिंह, सहदेव सिंह, शिवराम सिंह और भवन सिंह घायल हो गए। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के लिए स्कूल पहुंची एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी इस घटना में घायल हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि बिहारपुर गांव के रेडियापारा स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र जब स्कूल परिसर में खेल रहे थे तब अचानक वहां तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरी। उनके अनुसार इस घटना में पांच छात्र और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहारपुर ले जाया गया जहां इलाज के दौरान एक छात्र की मौत हो गई है। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आर एस सिंह ने बताया कि घायल छात्रों को बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है। उनके मुताबिक घायल महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहरसोप में भर्ती कराया गया है एवं घायलों की हालत सामान्य है।

छत्तीसगढ़ में हादसा: चट्टान ढहने से मलबे में दबे चार मजदूर, चारों की मौत

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दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के लौह अयस्क खदान क्षेत्र में चट्टान के ढहने से उसके नीचे दबकर मरने वाले मजदूरों की संख्या चार हो गई है। बचाव दल ने सभी शव बरामद कर लिए हैं। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एनएमडीसी के स्क्रीनिंग प्लांट-तीन विस्तार परियोजना के एक हिस्से में रिटेनिंग दीवार के निर्माण में लगे मजदूरों के ऊपर चट्टान गिरने से चार मजदूर उसके नीचे दब गए थे। उन्होंने बताया कि बचाव दल ने दो श्रमिकों का शव बरामद कर लिया था तथा अन्य मजदूरों की खोज की जा रही थी। छह घंटे चले अभियान के बाद दो अन्य मजदूरों का शव भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में पश्चिम बंगाल निवासी बिट्टू बाला (26), तुषार (49) और निर्मल बाला (56) तथा बिहार निवासी संतोष कुमार दास (29) की मृत्यु हुई है।

उन्होंने बताया कि आज दोपहर किरंदुल पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएमडीसी के स्क्रीनिंग प्लांट-तीन विस्तार परियोजना के एक हिस्से में 14 श्रमिक एक रिटेनिंग दीवार के निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इस दौरान एक बड़ी चट्टान का हिस्सा ढह गया और चार मजदूर उसके नीचे दब गए। अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस दल को रवाना किया गया तथा बचाव कार्य शुरू किया गया। बचाव दल ने दो श्रमिकों का शव बरामद कर लिया था तथा अन्य दो लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही थी। छह घंटे के बाद दो अन्य मजदूरों का शव बरामद कर लिया गया। इस घटना में दो अन्य मजदूर घायल हुए हैं। घायलों का इलाज किया जा रहा है। जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर के बर्मन ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है। वहीं, जिलाधीश मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि घटना की तफ्तीश के लिए जांच दल का गठन किया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मंगलवार को विधानसभा में भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए दावा किया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो गई है और लोग कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर इस पर चर्चा की मांग की। हंगामे के बीच, कार्यवाही को एक बार स्थगित करना पड़ा और कांग्रेस विधायकों को भी निलंबित कर दिया गया। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व मंत्री उमेश पटेल, कवासी लखमा और अनिला भेड़िया समेत कांग्रेस विधायकों ने कहा कि राज्य में अपहरण, हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में ‘धान का कटोरा’ कहा जाने वाला छत्तीसगढ़ अब ‘अपराध गढ़’ (अपराधों का गढ़) बन गया है।

विपक्षी सदस्यों ने कहा कि राज्य में ‘डबल इंजन’ सरकार आने के बाद से नक्सली घटनाएं भी बढ़ रही हैं तथा गृहविभाग का कामकाज संभाल रहे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के गृह जिले कबीरधाम में एक के बाद एक तीन हत्याएं हुईं। कांग्रेस सदस्यों ने काम रोक कर इस पर चर्चा की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने उनकी मांग को अस्वीकार कर दिया जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया और विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने कार्यवाही को लगातार दो बार पांच-पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया। जैसे ही कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष महंत और विपक्ष के सदस्य अपनी मांग उठाते रहे। जब विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे और आसान के समीप आ गए तब विधानसभा नियमों के अनुसार उन्हें स्वत: निलंबित कर दिया गया। बाद में उनका निलंबन रद्द कर दिया गया।

परिजन बोले-फर्जी मुठभेड़ में मार गए तीन लोग नक्सली नहीं थे, छत्तीसगढ़ पुलिस ने किया इनकार

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दो दिन पहले पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए तीन लोगों के परिवारों ने दावा किया है कि वे नक्सली नहीं थे और मुठभेड़ फर्जी थी, पुलिस ने इस आरोप से इनकार किया है। कांकेर के पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने कहा कि कोई गलत काम नहीं हुआ है और स्थानीय लोग और मृतकों के परिवार के सदस्य हर मुठभेड़ के बाद नक्सलियों के दबाव में ऐसे दावे करते हैं। पुलिस ने पहले दावा किया था कि रविवार सुबह नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में कोयलीबेड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत भोमरा-हुरतराई गांवों के बीच एक जंगली पहाड़ी पर तीन “नक्सली” मारे गए।

पुलिस ने तब यह भी कहा कि तीन मृतकों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। कुछ स्थानीय लोग और मृतक के परिजन सोमवार को कोयलीबेड़ा थाने पहुंचे और पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने मृतकों की पहचान मरदा गांव के मूल निवासी रामेश्वर नेगी, सुरेश तेता और क्षेत्र के पैरवी गांव के अनिल कुमार हिडको के रूप में की। पत्रकारों से बात करते हुए, बदरगी ग्राम पंचायत, जिसके अंतर्गत मरदा आता है, के सरपंच मनोहर गावड़े ने कहा कि आदिवासी लकड़ी, पत्तियों और अन्य उपज के लिए जंगल पर निर्भर हैं। तेंदू पत्ता संग्रहण का मौसम शुरू होने वाला है और इसी उद्देश्य से तीनों पेड़ों की छाल और तने और अन्य चीजों से तैयार रस्सियों को इकट्ठा करने के लिए जंगल में गए थे। वे दो दिनों के लिए गए थे और इसलिए वे चावल और बर्तन ले जा रहे थे।

गाडवे ने दावा किया कि वे नक्सली नहीं थे और ”फर्जी” मुठभेड़ में मारे गए थे। हिडको की पत्नी सुरजा ने भी दावा किया कि उसका पति रस्सी लेने के लिए जंगल गया था और अपने साथ एक मशाल और एक कुल्हाड़ी भी ले गया था। उन्होंने कहा, हम किसान हैं और केवल अपने खेत और घर पर काम करते हैं। तेता की पत्नी ने भी दावा किया कि पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ की थी और उसका पति नक्सली नहीं था। संपर्क करने पर, कांकेर एसपी एलेसेला ने किसी भी गलत काम से इनकार किया और कहा कि अगर परिवार के सदस्यों को कुछ गड़बड़ का संदेह है, तो वे मजिस्ट्रेट जांच (मुठभेड़ के बाद आयोजित) के दौरान अपने दावे प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने बताया, पुलिस ने कुछ भी गलत नहीं किया है। मुठभेड़ हुई थी और नक्सली नेता राजू सलाम और उसकी सैन्य कंपनी इसमें शामिल थी। हर मुठभेड़ के बाद, नक्सलियों के दबाव में स्थानीय ग्रामीणों और मृतक के परिवार के सदस्यों द्वारा ऐसे दावे किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि पुलिस मारे गए तीनों “नक्सलियों” के रिकॉर्ड और पिछली घटनाओं में उनकी संलिप्तता का पता लगा रही है।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में आठ लाख रुपये के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर

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सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में आठ लाख रुपये के इनामी नक्सली ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सुकमा जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों की बटालियन नंबर एक की कंपनी नंबर दो के कमांडर नागेश उर्फ पेड़कम एर्रा (38) ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सली नागेश ने जिले में जारी ‘पूना नर्कोम अभियान’ (नयी सुबह, नयी शुरुआत) से प्रभावित होकर तथा माओवादी नेताओं के भेदभावपूर्ण व्यवहार से तंग आकर हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि नागेश पर 2010 में ताड़मेटला नक्सली हमले की घटना में शामिल होने समेत अन्य घटनाओं में संलिप्त होने का आरोप है। ताड़मेटला की घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल समेत सुरक्षाबल के 76 जवान शहीद हुए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सहायता प्रदान की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए

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कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में रविवार सुबह तीन नक्सली मारे गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। कांकेर के पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलिसेला ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर थी, तभी कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के तहत भोमरा-हुरतराई गांवों के बीच एक पहाड़ी पर सुबह करीब आठ बजे मुठभेड़ हुई। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों को भोमरा, हुरतराई और मिच्छेबेड़ा गांवों में माओवादियों की कंपनी नंबर 5 के कैडर की मौजूदगी की जानकारी मिली थी।

अधिकारी ने बताया कि जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और सीमा सुरक्षा बल की 30वीं बटालियन का संयुक्त दल शनिवार रात को इलाके में भेजा गया था। उन्होंने कहा कि इस दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई और कुछ देर गोलीबारी के बाद नक्सली मौके से भाग गए। उन्होंने बताया कि मौके से तीन नक्सलियों के शव और कुछ हथियार बरामद किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि माओवादियों से संबंधित कुछ सामग्री भी जब्त की गई। उन्होंने कहा कि मारे गए नक्सलियों की अभी तक पहचान नहीं हुई है।

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले में 13 लोगों के परिसर पर एसीबी/ईओडब्ल्यू की छापेमारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने राज्य में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान कथित शराब घोटाले के संबंध में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के दो पूर्व अधिकारियों और कुछ कारोबारियों समेत 13 लोगों के परिसर पर रविवार को छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक कारोबारी के परिसर पर भी छापेमारी की गई। भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी)/आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों के अनुसार, कांग्रेस के कई नेताओं समेत 70 लोगों और कंपनियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक शिकायत पर कथित शराब घोटाले में पिछले महीने राज्य की एजेंसी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में नामजद किया गया है। ईडी इस मामले की जांच कर रहा है।

उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी भ्रष्टाचार रोकथाम कानून 1988/संशोधित कानून 2018 और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दर्ज की गयी है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन संदिग्धों से जुड़े परिसर पर छापे मारने के लिए रायपुर में एक विशेष अदालत द्वारा तलाशी वारंट मिलने के बाद एसीबी/ईओडब्ल्यू ने आज सुबह छापे मारे। इसमें कहा गया है कि रायपुर में पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड (सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी), वाणिज्य और उद्योग विभाग के पूर्व सचिव अनिल टुटेजा (सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी), आबकारी विभाग के तत्कालीन आयुक्त निरंजन दास, आबकारी अधिकारी अशोक कुमार सिंह, कारोबारी अनवर ढेबर (कांग्रेस नेता और रायपुर के महापौर एजाज ढेबर के भाई), अरविंद सिंह और सिद्धार्थ सिंघानिया के परिसर की तलाशी ली गयी।

दुर्ग में आबकारी विभाग के विशेष सचिव और दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अरुणपति त्रिपाठी (भारतीय दूरसंचार सेवा अधिकारी), कोरबा जिले में कोरबा के आबकारी विभाग के तत्कालीन सहायक आयुक्त सौरभ बख्शी के परिसर पर भी छापेमारी की गई। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुछ कंपनियों के परिसर पर भी तलाशी ली गयी जिसमें उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में विधु गुप्ता की एम/एस प्रिज्म होलोग्राम एंड सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है। अभी तलाशी जारी है। ईडी ने एसीबी/ईओडब्ल्यू में दी अपनी शिकायत में दावा किया था कि शराब कारोबार में राज्य सरकार को नुकसान पहुंचाने और अपने लिए अवैध मुनाफा कमाने के लिए निजी और प्रभावशाली लोगों के साथ मिलकर कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने आपराधिक कृत्यों को अंजाम दिया।

आठ साल की नाबालिग से रेप मामले में कोर्ट का फैसला, 72 वर्षीय आरोपी को आजीवन कारावास

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की एक अदालत ने आठ वर्षीय बालिका से बलात्कार करने के जुर्म में 72 वर्षीय एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक अरुण कुमार ध्रुव ने शनिवार को बताया कि विशेष न्यायाधीश (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) विक्रम प्रताप चंद्रा की अदालत ने आठ वर्षीय एक बालिका से बलात्कार के जुर्म में जगन्नाथ प्रसाद कर्ष (72) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

ध्रुव ने बताया कि कर्ष ने 13 जून 2023 को बालिका को स्नानघर में ले गया था और उसके हाथ-पैर को रस्सी से बांधकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने बताया कि बाद में जब बालिका ने अपने परिजनों को इस घटना की जानकारी दी तब उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज कराया। ध्रुव ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया तथा प्रकरण को अदालत में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद अदालत ने इस महीने की 19 तारीख को आरोपी कर्ष को मामले का दोषी पाया तथा उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि आरोपी पर कुल 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

कांग्रेस ने सिर्फ सरकार बनाने पर ध्यान दिया, देश को आगे बढ़ाना उनके एजेंडे में नहीं था: पीएम मोदी

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को विपक्षी दल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कि कांग्रेस परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण से आगे सोच ही नहीं पाती और आजादी के बाद उसने सिर्फ सरकार बनाने पर ध्यान दिया लेकिन देश को आगे बढ़ाना उसके एजेंडे में नहीं था। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को ‘विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ संकल्प यात्रा’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ में 34,427 करोड़ रूपए की 10 विकास परियोजनाओं का डिजिटल माध्यम से लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आजादी के बाद जिन्होंने देश पर लंबे समय तक शासन किया, उनकी सोच बड़ी नहीं थी। वे सिर्फ पांच साल के राजनीतिक स्वार्थ को ध्यान में रखकर फैसले लेते रहे। कांग्रेस ने बार-बार सरकार बनायी लेकिन भविष्य का भारत बनाना भूल गई, क्योंकि उनके मन में केवल था कि सरकार बनानी है। देश को आगे बढ़ाना उनके एजेंडे में नहीं था। उन्होंने कहा, आज भी कांग्रेस की राजनीति की दशा और दिशा यही है।

कांग्रेस परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण से आगे सोच ही नहीं पाती। जो सिर्फ अपने परिवारों के लिए काम करते हैं, वे आपके परिवार के बारे में कभी नहीं सोच सकते। जो सिर्फ अपने बेटे-बेटियों का भविष्य बनाने में जुटे हैं, आपके बेटे बेटियों की चिंता कभी नहीं कर सकते। लेकिन मोदी के लिए तो आप सब ही मोदी का परिवार हैं, आपके सपने ही मोदी का संकल्प हैं, इसलिए मैं आज ‘विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़’ की बात कर रहा हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों को अपने परिश्रम एवं निष्ठा की गारंटी दी है। उन्होंने कहा, 2014 में मोदी ने गारंटी दी थी कि सरकार ऐसी होगी जिसके कारण पूरी दुनिया में हर भारतीय का माथा गर्व से ऊंचा होगा। इस गारंटी को पूरी करने के लिए मैंने अपने आप को खपा दिया।” मोदी ने कहा कि उन्होंने 2014 में गारंटी दी थी कि गरीबों को लूटने वालों को उनका पैसा लौटाना पड़ेगा और आज गरीबों का पैसा लूटने वालों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा, 10 वर्ष पहले मोदी ने एक और गारंटी दी थी। मैंने कहा था कि ऐसा भारत बनाएंगे जिसका सपना हमारी पूर्व पीढ़ियों ने बहुत आशा के साथ देखा और संजोया था। आज, चारों तरफ देखिए, हमारे पूर्वजों ने जो सपने देखे थे वैसा ही नया भारत बन रहा है।

क्या 10 वर्ष पहले किसी ने सोचा था कि गांव-गांव में भी डिजिटल भुगतान हो सकता है।क्या यह कभी किसी ने सोचा था कि बाहर मजदूरी करने गया बेटा पलक झपकते ही अपने परिवार को गांव में पैसे भेज पाएगा। क्या कभी किसी ने सोचा था कि केंद्र की भाजपा सरकार पैसे भेजेगी और गरीब के मोबाइल पर तुरंत संदेश आ जाएगा कि पैसा जमा हो चुका है। आज यह संभव हुआ है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, आपको याद होगा कि कांग्रेस के एक पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी ही सरकार के लिए कहा था कि दिल्ली से यदि वह एक रुपया भेजते हैं, लेकिन गांव में 15 पैसे ही पहुंच पाता हैं और 85 पैसे रास्ते में गायब हो जाते हैं। उन्होंने कहा, अगर यही स्थिति रहती तो आप कल्पना कर सकते हैं कि क्या हालत होती। बीते 10 साल में भाजपा सरकार ने 34 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए यानी दिल्ली से सीधा आपके मोबाइल तक पहुंचाया। आप सोचिए, कांग्रेस सरकार होती और 15 पैसे वाली परंपरा होती तो क्या होता। इन 34 लाख करोड़ रुपए में से 29 लाख करोड रुपए बिचौलिया खा गए होते। उन्होंने कहा कि आज भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) की सरकार है जिसने गरीबों को उनका हक दिलाया। उन्होंने कहा कि जब भ्रष्टाचार रुकता है तो विकास की योजनाएं शुरू होती है और रोजगार के अनेक अवसर मिलते हैं। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों को विकास योजनाओं के लिए बधाई दी और कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित होगा तो भारत को विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता।

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में 34,427 करोड़ रूपए की 10 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ संकल्प यात्रा’ कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ में 34,427 करोड़ रूपए की 10 विकास परियोजनाओं का शनिवार को डिजिटल माध्यम से लोकार्पण और शिलान्यास किया। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 34, 427 करोड़ रूपए की 10 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिनमें 18,897 करोड़ रूपए की लागत वाली नौ परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 15,530 करोड़ रूपए लागत की एक परियोजना का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने कोयला मंत्रालय के अंतर्गत रायगढ़ क्षेत्र में 173.46 करोड़ रूपए की ‘ओपन कास्ट परियोजना’ (ओसीपी) छाल कोल हैंडलिंग संयंत्र, दीपका क्षेत्र में 211.22 करोड़ रूपए की लागत के दीपका ओसीपी कोल हैंडलिंग संयंत्र, रायगढ़ क्षेत्र में 216.53 करोड़ रूपए की लागत के ओसीपी बरौद कोल हैंडलिंग संयंत्र लोकार्पण किया।

तीनों परियोजनाओं से ‘रैपिड लोडिंग सिस्टम’ (त्वरित लदान प्रणाली) के माध्यम से लदान के समय में कमी आएगी और ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन कम होगा। अधिकारियों ने बताया कि मोदी ने इसके साथ ही नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत 907 करोड़ रूपए की लागत से राजनांदगांव जिले के नौ गांवों के 451 एकड़ क्षेत्र में निर्मित 100 मेगावाट एसी/155 मेगावाट डीसी सौर ऊर्जा परियोजना का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि मोदी ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत 1,007 करोड़ रूपए की दो परियोजनाओं-अंबिकापुर से शिवनगर तक 52.40 किलोमीटर लंबाई की सड़क और बनारी से मसनियाकला तक 55.65 किलोमीटर लंबी सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग-49) का लोकार्पण किया। उन्होंने ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत 15,799 करोड़ रूपए की परियोजना- ‘लारा सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर संयंत्र-चरण एक’ का लोकार्पण भी किया। यह परियोजना छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ जिले में स्थित है और ‘सुपरक्रिटिकल’ (सुपरक्रिटिकल बिजली संयंत्र पानी के महत्वपूर्ण बिंदु से ऊपर के तापमान और दबाव पर काम करते हैं) प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं।

अधिकारियों ने बताया कि साथ ही मोदी ने रेल मंत्रालय के अंतर्गत 583 करोड़ रूपए की दो परियोजनाओं का लोकार्पण किया जिसमें 280 करोड़ रूपए की लागत से भिलाई में 50 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र और 303 करोड़ रूपए की लागत से बिलासपुर-उसलापुर फ्लाईओवर का लोकार्पण शामिल है। सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना से रेलगाड़ियां चलाने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जा सकेगा और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत रायगढ़ में ‘लारा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर संयंत्र चरण-दो’ का शिलान्यास किया। यह परियोजना क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह परियोजना आस-पास के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास और सामाजिक अधोसंरचना की उपलब्धता में और सुधार करेगी।