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जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस, नेकां की ‘कठपुतली’, सभी फैसले ‘अब्दुल्ला परिवार’ में होते हैं: भाजपा

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस, सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) की कठपुतली मात्र है और उसके सभी फैसले अब्दुल्लाओं के घर में लिए जाते हैं। यह बयान कांग्रेस द्वारा शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर की चार राज्यसभा सीटों के उपचुनाव से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन देने के ऐलान के बाद आया है। पत्रकारों से बात करते हुए यहां भाजपा विधायक और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) सुनील शर्मा ने कहा, कांग्रेस वही करती है जो वे (अब्दुल्ला) चाहते हैं। यहां उसके पदाधिकारी केवल वही करेंगे जो अब्दुल्लाओं के निवास में तय होता है, जिसकी मंजूरी दिल्ली से आती है। विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक स्वतंत्र राजनीतिक दल नहीं है और उसका नेकां को समर्थन पूर्ण रूप से अपेक्षित” था।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा कि जिस तरह से पीडीपी और नेकां ने इस चुनाव को मिलकर लड़ने की घोषणा की है, उससे यह स्पष्ट है कि “ये दोनों परिवार किसी भी आम नागरिक को राजनीति और सत्ता में जगह नहीं देंगे। उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर में विशेषकर कश्मीर में केवल दो परिवार ही अपनी राजनीति जारी रखना चाहते हैं। वे नहीं चाहेंगे कि उनके परिवारों से बाहर किसी को सत्ता मिले। विपक्ष के नेता ने कहा कि ये परिवार तब एकजुट होते हैं जब उन्हें महसूस होता है कि वे किसी खतरे का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वे बहुत चतुर हैं और उन्होंने कल अपनी वह होशियारी दिखा दी। यह पूछे जाने पर कि क्या राज्यसभा चुनाव में किसी के मतदान से दूर रहने से भाजपा को इसका लाभ होगा?

शर्मा ने कहा, “यह आप तय करें, आप विश्लेषण करें कि किसे फायदा होगा। उन्होंने कहा, हम अपना लक्ष्य हर हाल में हासिल करेंगे। कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा था कि पार्टी ने नेकां का समर्थन करने का फैसला किया है और “चुनौतियों के इस अत्यंत महत्वपूर्ण समय में पार्टी सभी मतभेदों को दरकिनार रखेगी।” कांग्रेस के एक बयान में कहा गया है कि पार्टी ने नेकां के साथ रहने का फैसला “मुख्य रूप से और अनिवार्य रूप से भाजपा के अत्याचार और दमन के एजेंडा के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने” के लिए किया है।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में ‘दूषित’ भोजन के सेवन से एक सप्ताह में पांच लोगों की मौत

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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में मृत्यु भोज के कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर दूषित भोजन का सेवन करने से एक सप्ताह में पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टी.आर. कुंवर ने बताया कि 21 अक्टूबर को जिले के ओरछा विकासखंड के डूंगा गांव के घोट पारा में कथित तौर पर दूषित भोजन के सेवन से मृत्यु की सूचना मिली थी जिसके बाद जिलाधिकारी प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश पर नारायणपुर और बीजापुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा ओरछा के खंड चिकित्सा अधिकारी के दल ने गांव का दौरा कर लोगों का इलाज किया।

कुंवर ने बताया कि ग्रामीणों से चर्चा करने पर जानकारी मिली कि 14 से 20 अक्टूबर तक गांव में कुल पांच लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों से जानकारी मिली कि गांव में 14 अक्टूबर को मृत्यु भोज का कार्यक्रम था, जिसमें सभी ग्रामीण शामिल हुए थे। मृत्यु भोज में भोजन करने के बाद लगातार उल्टी-दस्त के कारण एक सप्ताह के भीतर पांच लोगों की मृत्यु हो गई। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान बेबी (दो माह), बुधरी (25), बुधराम (24), लख्खे (45) और उर्मिला (25) के रूप में हुई है।

अधिकारी ने बताया कि 21 अक्टूबर को स्वास्थ्य दल ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया था, जिसमें कुल 25 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच एवं परीक्षण किया गया। इनमें से दो मलेरिया, 20 उल्टी-दस्त तथा तीन अन्य बीमारियों से ग्रसित ग्रामीणों का तत्काल उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि 60 वर्षीय एक महिला कुमली बाई को भैरमगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। कुंवर ने बताया कि स्वास्थ्य दल गांव में रुककर ग्रामीणों का उपचार कर रहा है तथा उन्हें गर्म भोजन करने तथा पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।

रायगढ़ में स्टील संयंत्र में ब्लास्ट फर्नेस फटने से कई मजदूर झुलसे

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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में तराईमाल स्थित एनआरवीएस स्टील संयंत्र में शुक्रवार को स्टील मेल्टिंग शॉप (एसएमएस) क्षेत्र में ब्लास्ट फर्नेस के अचानक फट जाने से कई मजदूर झुलस गए। इन मजदूरों को तत्काल आसपास के विभन्नि अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। फिलहाल घायलों की सटीक संख्या का पता नही चला है। धमाके के बाद संयंत्र परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई मजदूर घबराहट में बाहर की ओर भागने लगे। सूचना मिलते ही पूंजीपथरा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे में एक मजदूर गंभीर रूप से झुलसा है जबकि एक अन्य का पैर टूट गया है। फिलहाल संयंत्र प्रबंधन और पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटे हुए है।

बस में आग लगने जैसी घटनाओं के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी : खरगे

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल में एक बस में आग लगने के कारण कई लोगों की मौत पर शुक्रवार को दुख जताया और कहा कि बार-बार होने वाली इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। हैदराबाद जा रही एक निजी बस में शुक्रवार तड़के कुरनूल जिले के चिन्नातेकुर के पास एक दोपहिया वाहन के टकराने के बाद आग लग गई, जिससे इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बाइक सवार भी शामिल है।

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, आंध्र प्रदेश के कुरनूल में हैदराबाद-बेंगलुरु राजमार्ग पर एक बस में आग लगने की दुखद घटना हुई, जिसके कारण कई लोगों की मौत हो गई। यह अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा, मैं इस त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले सभी यात्रियों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। खरगे ने इस बात पर जोर दिया कि बार-बार होने वाली इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

आंध्र प्रदेश के कुरनूल में निजी बस में आग लगी, 12 लोगों की मौत

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हैदराबाद से बेंगलुरू जा रही एक निजी बस में शुक्रवार को एक दोपहिया वाहन से टक्कर के बाद आग लग गई, जिससे 12 लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। आधिकारिक सूत्रों ने संकेत दिया है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। मृतकों में बाइक सवार भी शामिल है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोटरसाइकिल कुरनूल में चिन्नातेकुर के पास बस से टकरा गई और उसके नीचे आ गई जबकि उसका ईंधन टंकी का ढक्कन खुल गया। कुरनूल रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कोया प्रवीण ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “दुर्घटना में 11 यात्रियों और एक बाइक सवार की मौत हो गई है।

पुलिस स्थिति का आकलन करने के लिए बस में प्रवेश कर रही है और नौ अन्य यात्रियों की स्थिति के बारे में अभी पता लगाया जाना बाकी है।” उन्होंने कहा कि हताहतों और जीवित बचे लोगों की पूरी स्थिति, पूरी जांच और दुर्घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान के बाद ही सामने आएगी। पुलिस ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण बस का दरवाजा जाम हो गया और बस कुछ ही मिनट में पूरी तरह जल गई। पुलिस ने बताया कि अधिकतर जीवित बचे लोगों की उम्र 25 से 35 साल के बीच है। जिला कलेक्टर ए. सिरी ने बताया कि बस में 41 लोग सवार थे, जिनमें चालक भी शामिल था। बस में सवार 41 लोगों में से 21 का पता लगा लिया गया है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में बच गए लोगों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।

उन्होंने बताया कि कई यात्री इस हादसे के बाद बस से बाहर नहीं निकल पाये क्योंकि यह रात में हुआ जब वे सो रहे थे। उन्होंने बताया कि बस का दरवाजा तुरंत नहीं खुला क्योंकि कुछ तार कट गए थे जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई। सिरी ने बताया कि अधिकतर यात्री हैदराबाद के थे। अधिकारियों ने शुरू में कहा था कि बस पड़ोसी राज्य तेलंगाना के हैदराबाद जा रही थी। प्रवीण ने बताया कि पुलिस सुरक्षा एहतियात बरत रही है और बस का डीजल टैंक खाली कर रही है। प्रवीण ने बताया कि इस बीच, जले हुए शवों के डीएनए नमूने लेने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम मौके पर पहुंच गई है। डीआईजी ने कहा कि जिस बस में आग लगी, उसमें अग्नि नियंत्रण के कोई उपाय मौजूद नहीं थे, जिससे यात्रा के दौरान सुरक्षा अनुपालन और आपातकालीन तैयारियों में खामियों का पता चलता है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। नायडू ने कहा कि उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से बात की है और घायलों का इलाज किया जा रहा है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “कुरनूल जिले के चिन्नातेकुर गांव के पास हुई भीषण बस आग दुर्घटना के बारे में जानकर स्तब्ध हूं। मेरी गहरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। सरकारी अधिकारी घायलों और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।” तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त की। रेड्डी ने कुरनूल के पड़ोसी तेलंगाना के गडवाल जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को राहत कार्यों के तहत दुर्घटना स्थल का दौरा करने का निर्देश दिया। रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्य सचिव से बात की और दुर्घटना पीड़ितों के परिवार के सदस्यों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन स्थापित करने का निर्देश दिया।

लंदन की शिक्षाविद् को वापस भेजना स्वतंत्र सोच के प्रति मोदी सरकार की शत्रुता का उदाहरण: कांग्रेस

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कांग्रेस ने लंदन में कार्यरत शिक्षाविद् फ्रांसेस्का ओरसिनी को वीज़ा शर्तों के कथित उल्लंघन के कारण दिल्ली हवाई अड्डे से वापस भेजे जाने के कुछ दिनों बाद बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि उन्हें देश में प्रवेश से रोकना कोई आव्रजन संबंधी औपचारिकता नहीं है, बल्कि “स्वतंत्र और गंभीर सोच रखने वालों के प्रति मोदी सरकार की शत्रुता की मिसाल” है। गृह मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि हिंदी की विद्वान और ‘स्कूल ऑफ ओरियंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज’ (एसओएएस) में एमेरिट प्रोफेसर फ्रांसेस्का ओरसिनी को बीते सोमवार को हांगकांग से यहां पहुंचते ही निर्वासित कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि वीजा शर्तों के उल्लंघन के कारण ओरसिनी मार्च 2025 से ‘काली सूची’ में हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि दक्षिण एशियाई साहित्य की इस विद्वान को पांच साल का वैध वीज़ा होने के बावजूद भारत में प्रवेश से वंचित कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘ओरसिनी को देश में आने से रोकने का फैसला आव्रजन औपचारिकता का मामला नहीं है, बल्कि स्वतंत्र, गंभीर सोच वाले विद्वानों के प्रति मोदी सरकार की शत्रुता का प्रतीक है।’

मलेशिया में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लेंगे प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अगले सप्ताह मलेशिया में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लेंगे। मोदी ने बृहस्पतिवार को फोन पर मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को यह सूचना दी। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘मेरे प्रिय मित्र, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ गर्मजोशी से बातचीत हुई। उन्हें मलेशिया की आसियान की अध्यक्षता के लिए बधाई दी और आगामी शिखर सम्मेलनों की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।’ उन्होंने कहा, ‘आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल रूप से शामिल होने और आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए उत्सुक हूं।’

दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) की बैठकें 26 से 28 अक्टूबर को होनी है। मलेशिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ आसियान समूह के वार्ता साझेदार कई देशों के नेताओं को भी आमंत्रित किया है। ट्रंप 26 अक्टूबर को दो दिवसीय यात्रा पर कुआलालंपुर जाएंगे। आसियान-भारत वार्ता संबंध 1992 में क्षेत्रीय साझेदारी की स्थापना के साथ शुरू हुए। यह दिसंबर 1995 में पूर्ण वार्ता साझेदारी और 2002 में शिखर सम्मेलन स्तरीय साझेदारी में परिवर्तित हो गया। दोनों देशों के बीच संबंध 2012 में रणनीतिक साझेदारी स्तर तक बढ़ गए। आसियान के 10 सदस्य देशों में इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमा और कंबोडिया शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें व्यापार और निवेश के साथ-साथ सुरक्षा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

न्यायपालिका में दृष्टिबाधित लोगों पर आदेश लागू करने के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट ने दिया चार महीने का समय

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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने दृष्टिबाधित लोगों को न्यायिक सेवाओं में रोजगार के अवसर प्रदान करने के अपने फैसले को लागू करने के लिए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को चार महीने का समय दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि दृष्टिबाधित लोगों को न्यायिक सेवाओं में रोजगार के अवसर से वंचित नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा नियमों के उन प्रावधानों को भी रद्द कर दिया, जो दृष्टिबाधित लोगों को न्यायापालिका से जुड़ने से वंचित रखते थे। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने उच्च न्यायालय की ओर से पेश हुए वकील की दलील को भी स्वीकार किया कि राज्य सरकार के परामर्श से नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।

पीठ ने कहा, फैसले को लागू करने के लिए समय बढ़ाने की अर्जी दायर की गयी थी, अर्जी स्वीकार की जाती है। अनुपालन और प्रगति रिपोर्ट देने के लिए मामले को चार महीने बाद सूचीबद्ध किया जाता है। शीर्ष अदालत ने तीन मार्च को कुछ राज्यों में न्यायिक सेवाओं में दृष्टिबाधित और अल्पदृष्टि वाले उम्मीदवारों को आरक्षण देने से इनकार करने से संबंधित याचिकाओं पर फैसला सुनाया, जिनमें एक स्वतः संज्ञान मामला भी शामिल था। न्यायालय ने कहा था, अब समय आ गया है कि हम दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत दिव्यांगता-आधारित भेदभाव के विरुद्ध अधिकार को मौलिक अधिकार के समान दर्जा दें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी भी उम्मीदवार को केवल उसकी दिव्यांगता के कारण वंचित न रहना पड़े।

शीर्ष अदालत ने 122 पृष्ठों के फैसले में कहा, दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को न्यायिक सेवा के लिए ‘अनुपयुक्त’ नहीं करार दिया जा सकता और वे न्यायिक सेवा में पदों के लिए चयन प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र हैं। न्यायालय ने फैसले में कहा कि मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा (भर्ती और सेवा की शर्तें) नियम, 1994 के नियम 6ए में किया गया संशोधन संविधान के विरुद्ध है और इसलिए इसे रद्द किया जाता है। नियम में दृष्टिबाधित व्यक्ति शामिल नहीं थे, जो पद के लिए आवेदन करने हेतु शैक्षणिक रूप से योग्य हैं।

प्रधानमंत्री बातों को छुपा जाते हैं, ट्रंप उजागर कर देते हैं, कांग्रेस का कटाक्ष

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नई दिल्ली। कांग्रेस ने दिवाली के अवसर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत को लेकर बुधवार को कटाक्ष किया कि प्रधानमंत्री बातों को छुपा जाते हैं, वहीं ट्रंप उन्हें उजागर कर देते हैं। ट्रंप ने दिवाली के अवसर पर प्रधानमंत्री को फोन किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”प्रधानमंत्री ने आखिरकार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें फोन किया था और दोनों के बीच बातचीत हुई थी। लेकिन प्रधानमंत्री ने सिर्फ इतना बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन्हें दीवाली की शुभकामनाएं दीं।”

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां प्रधानमंत्री मोदी बातों को छुपा जाते हैं, वहीं राष्ट्रपति ट्रंप उन्हें उजागर कर देते हैं। रमेश ने कहा, ”अपनी ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि दिवाली की शुभकामनाओं के अलावा उन्होंने रूस से भारत के तेल आयात के बारे में भी बात की और उन्हें यह आश्वासन दिया गया कि ये आयात बंद कर दिए जाएंगे।” रमेश के मुताबिक, पिछले छह दिनों में यह चौथी बार है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत की नीति की घोषणा की है। उन्होंने कहा, ”इससे पहले भी राष्ट्रपति ट्रंप ने 10 मई की शाम को ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी से पहले ही कर दी थी।” ट्रंप ने दिवाली के मौके पर व्हाइट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की है और भारत अब रूस से ज्यादा तेल नहीं खरीदेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”’राष्ट्रपति ट्रंप आपके फोन करने और दिवाली की शुभकामनाएं देने के लिए धन्यवाद।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”रोशनी के इस पर्व पर दोनों महान लोकतंत्र दुनिया को आशा की किरण दिखाते रहें और आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ एकजुट रहें।” दोनों नेताओं के बीच फोन पर यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब व्यापार शुल्क और अन्य मुद्दों को लेकर अमेरिका-भारत संबंधों में तल्खी है।

पुणे के शनिवारवाड़ा परिसर में तीन महिलाओं ने पढ़ी नमाज, वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट

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पुणे के ऐतिहासिक शनिवारवाड़ा परिसर में नमाज अदा करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तीन अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी और अन्य संगठनों के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया है। पुणे सिटी पुलिस के अनुसार, संरक्षित स्मारकों पर लागू प्रतिबंधों का कथित रूप से उल्लंघन करने के आरोप में प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष (एएमएएसआर) नियम, 1959 के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।यह घटना शनिवार दोपहर करीब 1.45 बजे हुई, जिसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के एक अधिकारी ने पुणे सिटी पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

इस वीडियो के विरोध में रविवार को भाजपा सांसद (राज्यसभा) मेधा कुलकर्णी और शहर के दक्षिणपंथी संगठन के अन्य सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नमाज़ अदा करने वाली जगह पर शुद्धिकरण की रस्में भी निभाईं। पुलिस ने शनिवारवाड़ा के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमने एएमएएसआर नियमों की संबंधित धारा लागू की है, जो संरक्षित स्मारकों के भीतर निषिद्ध गतिविधियों से संबंधित दंड का प्रावधान करती है। इस बीच, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने शनिवारवाड़ा में कथित तौर पर महिलाओं द्वारा नमाज़ अदा करने और भाजपा द्वारा वहाँ शुद्धिकरण करने वाले एक वायरल वीडियो पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शनिवारवाड़ा हिंदू शौर्य का प्रतीक है और समुदाय के दिल के करीब है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या मुसलमान हाजी अली में हिंदुओं द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ करने को स्वीकार करेंगे, और इस बात पर ज़ोर दिया कि नमाज़ निर्धारित स्थानों पर ही अदा की जानी चाहिए। राणे ने इस मुद्दे पर आवाज़ उठाने वाले हिंदू कार्यकर्ताओं का समर्थन किया। उन्होंने एएनआई से कहा, शनिवारवाड़ा का एक इतिहास है। यह हमारी वीरता का प्रतीक है। यह हिंदू समुदाय के दिल के बहुत करीब है। अगर आप वहाँ नमाज़ पढ़ना चाहते हैं, तो क्या आपको हिंदुओं का हाजी अली जाकर हनुमान चालीसा पढ़ना ठीक लगेगा? क्या आपकी भावनाएँ आहत नहीं होंगी?… नमाज़ सिर्फ़ निर्धारित जगहों पर ही पढ़नी चाहिए। अगर हिंदू कार्यकर्ताओं ने आवाज़ उठाई है, तो यह सही है।