केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से नक्सलियों के युद्धविराम संबंधी पत्र को भ्रामक करार देने के बाद अब छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जिनके पास गृह विभाग का भी प्रभार है, ने भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार का स्टैंड बल्किुल साफ है – सीजफायर की कोई संभावना नहीं है, हाँ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का स्वागत ज़रूर होगा। श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में खून-खराबा बंद होना चाहिए, ऐसा भाव रखने वालों के लिए सरकार ‘लाल कार्पेट’ बिछाकर तैयार है। लेकिन युद्धविराम का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने खुलासा किया कि रायपुर, कोरबा समेत कई शहरी क्षेत्रों में नक्सलियों ने पिछले दो सालों में नेटवर्क बनाने की कोशिश की थी।
स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी लगातार इनकी प्रोफाइलिंग कर रही है और शहरी नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है। श्री शर्मा ने जनता से अपील करते हुए कहा कि किराएदारों की जानकारी पुलिस को अवश्य दें। इसके लिए विशेष ऐप बनाया गया है, जिससे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि नक्सलियों की फंडिंग में लगभग 80 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे उनकी गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा है। इधर, केंद्रीय मंत्री शाह आगामी चार अक्टूबर को बस्तर दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे वश्विप्रसद्धि बस्तर दशहरा के साथ मुरिया दरबार और स्वदेशी मेले में भी शामिल होंगे।
कानपुर देहात। कंचौसी बाजार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि आज का समय केवल वैचारिक नहीं बल्कि संख्यात्मक संघर्ष का भी है। शांतनु जी महाराज जी ने हिंसा और मांसाहार पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष प्राणी की हत्या केवल जीभ के स्वाद के लिए करना पाप है। शाकाहार ही स्वास्थ्य और साधना दोनों का आधार है। मांसाहार से मनुष्य का हृदय कठोर और आत्मा अपवित्र हो जाती है। आचार्य महाराज ने आगे कहा कि आधुनिकता और भौतिक सुख-सुविधाओं की अंधी दौड़ में लोग अपने मूल धर्म और संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया — “बच्चे ही भविष्य की नींव हैं। यदि भविष्य मजबूत चाहिए तो अधिक बच्चों को जन्म देना ही होगा। यदि हिंदू समाज को अपनी संस्कृति और अस्तित्व को सुरक्षित रखना है तो हर परिवार को कम से कम तीन बच्चे उत्पन्न करने चाहिए। यह केवल पारिवारिक विस्तार का विषय नहीं है, बल्कि धर्म रक्षा का संकल्प है। संख्या की महत्ता को समझना समय की मांग है।
कृष्ण जन्मोत्सव का अद्भुत दृश्य
कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य की कथा सुनाई गई। जैसे ही आचार्य जी ने “मध्यरात्रि के समय देवकी के गर्भ से कृष्ण अवतरित हुए” का प्रसंग सुनाया, पूरा पंडाल “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के नारों से गूंज उठा। भक्तों पर मानो भक्ति का सागर उमड़ पड़ा। महिलाएँ मंगलगीत गाने लगीं और युवक ढोलक-झांझ की ताल पर नृत्य करने लगे। उसी बीच मंच से पुष्पों की वर्षा हुई और आचार्य शांतनु जी महाराज ने बालकृष्ण के रूप में सजे शिशु को अपनी गोद में उठाकर नंदबाबा की भूमिका निभाई। यह दृश्य देख श्रद्धालुओं की आँखें श्रद्धा से नम हो गईं।
श्रीराम के आदर्श और श्रीकृष्ण की लीलाएँ
कथा के दौरान आचार्य जी ने भगवान श्रीराम की जीवनगाथा को भी श्रद्धालुओं के सामने रखा। उन्होंने कहा कि श्रीराम केवल राजा ही नहीं, बल्कि आदर्श पुत्र, आदर्श पति और आदर्श शासक का प्रतीक हैं। इसके साथ ही उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया — माखन चोरी, बांसुरी की मोहक तान और गोपियों के साथ उनके हृदयस्पर्शी प्रसंगों ने श्रोताओं को गोकुल और वृंदावन की गलियों की सैर करा दी।
सनातन संस्कृति की महिमा
आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि सनातन धर्म विश्व का सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक धर्म है। उन्होंने समझाया कि जैन, बौद्ध और अनेक अन्य पंथ इसी मूलधारा से निकले हैं। “भारत केवल भू-भाग का नाम नहीं, यह ऋषियों और महापुरुषों की तपोभूमि है। हमारे पूर्वजों की आस्था और त्याग ही इसकी पहचान है. यह कथा सप्ताह स्वर्गीय माता कनकरानी और स्वर्गीय पिता दर्शन सिंह की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। आयोजन की अगुवाई कर रहे अकबरपुर के सांसद श्री देवेन्द्र सिंह भोले,स्वामी विवेकानंद युवा समिति के अध्यक्ष विकास सिंह भोले और डॉक्टर अमित सिंह ने परिवार के साथ विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारंभ कराया। प्रतिदिन भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण के साथ श्रद्धालुओं की सेवा की जा रही है।
विशेष अतिथियों की उपस्थिति
कमलावती सिंह, पूर्व मेयर जगतवीर सिंह द्रोंड, कालपी के पूर्व विधायक नरेंद्र जादौन, बिल्हौर विधायक राहुल (काला बच्चा) सोनकर, पप्पू पांडे (पार्षद), उमेश निगम, विभाग प्रचारक कानपुर प्रांत बैरिस्टर जी भाईसाहब सहित सैकड़ों श्रद्धालु कथा में सम्मिलित हुए।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की हथियार और विस्फोटक बनाने वाली इकाई को ध्वस्त कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में जारी नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान मेट्टागुड़ा क्षेत्र में नक्सली गतिविधि की सूचना पर शुक्रवार को जिला बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की कोबरा बटालियन की टीम को ईरापल्ली और कोईमेंटा गांव की ओर रवाना किया गया था।
उन्होंने बताया कि जब सुरक्षाबल के जवान क्षेत्र में थे, तब उन्हें जंगल-पहाड़ियों में नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए संचालित हथियार और विस्फोटक सामग्री बनाने वाली इकाई की जानकारी हुई जिसे सुरक्षाबलों ने ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने के लिए प्रयुक्त भारी मात्रा में उपकरण तथा विस्फोटक सामग्री बरामद की है। अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को बड़ी क्षति पहुंचाने के लिए हथियार और विस्फोटक सामग्री निर्माण इकाई संचालित की जा रही थी। सुरक्षाबलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियानों से नक्सलियों को गहरा नुकसान हुआ है तथा भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां और तेज होंगी।
रायपुर। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 2023 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रतन दुबे की हत्या के मामले में दो माओवादियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दायर किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दायर किए गए दूसरे पूरक आरोपपत्र में शिवानंद नाग और उसके पिता नारायण प्रसाद नाग पर भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। दोनों को दुबे की हत्या से संबंधित आपराधिक साजिश में सक्रिय रूप से शामिल पाया गया।
एनआईए की जांच के अनुसार, शिवानंद नाग प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का सक्रिय सदस्य था और रतन दुबे के साथ उसकी पहले से राजनीतिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता थी। बस्तर क्षेत्र में भाजपा की नारायणपुर जिला इकाई के उपाध्यक्ष रतन दुबे की नवंबर 2023 में नारायणपुर के झारा घाटी क्षेत्र के कौशलनार गांव के एक साप्ताहिक बाजार में चुनाव प्रचार के दौरान कुल्हाड़ी से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। एनआईए ने कहा कि यह लक्षित हत्या चुनाव में बाधा डालने और स्थानीय लोगों को आतंकित करने के उद्देश्य से की गई थी। एजेंसी ने अपनी जांच के दौरान माओवादियों के पूर्वी बस्तर डिविजन के बयानार एरिया कमेटी और बारसूर एरिया कमेटी के सदस्यों तथा उनके मददगारों की भूमिका और संलिप्तता को भी साबित किया है। फरवरी 2024 में इस घटना की जांच का जिम्मा संभालने के बाद, एनआईए अब तक इस मामले में एक मुख्य आरोपपत्र और दो पूरक आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
कंचौसी (कानपुर देहात)। दर्शन सिंह स्मृति महाविद्यालय, कंचौसी बाजार में आरंभ हुए श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पहले दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। कथा स्थल भक्ति गीतों, शंखध्वनि और पुष्पों की सुगंध से आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। आचार्य शांतनु जी महाराज ने प्रवचन में कहा, श्रीमद्भागवत कथा केवल धर्मग्रंथ नहीं, यह जीवन का शाश्वत विज्ञान है। कथा श्रवण से विवेक का उदय होता है, सही-गलत की पहचान होती है और आत्मा शुद्ध होकर मोक्ष की ओर अग्रसर होती है। उन्होंने बताया कि कथा का पहला दिन जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश करता है और मनुष्य को आनंद व शांति की राह पर ले जाता है।
युवाओं को प्रेरणा
आचार्य जी ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे सोशल मीडिया और आभासी जीवन से बाहर आकर भागवत जैसे शास्त्रों का अध्ययन करें, तभी जीवन सार्थक बन सकेगा।
पूर्वजों को श्रद्धांजलि
यह आयोजन माता कनकरानी व पिता दर्शन सिंह की स्मृति तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को समर्पित है। आयोजक एवं सांसद श्री देवेंद्र सिंह भोले ने कहा कि कथा का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को हमारी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना है। इस अवसर पर मंच पर सांसद श्री अशोक रावत, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री प्रकाश पाल, विधायक व एमएलसी श्री अरुण पाठक, श्री अवध विहारी, श्री सुधीन्द्र जैन, डॉ. विवेक द्विवेदी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख डेरापुर उपस्थित रहे। सभी ने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज को संयम, नैतिकता और एकता का संदेश देते हैं।
बिलासपुर। राज्य स्त्रोत नि:शक्त जन संस्थान अस्पताल के नाम पर हुए एक हजार करोड़ के घोटाले के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अब सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। जस्टिस पीपी साहू और जस्टिस सजंय कुमार जायसवाल की डिविजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में राज्य के छह आईएएस अधिकारी आलोक शुक्ला, विवेक ढांड, एमके राउत, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल और पीपी सोती समेत सतीश पांडेय, राजेश तिवारी, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एमएल पांडेय और पंकज वर्मा पर लगाए गए आरोप प्रारंभिक तौर पर सही पाए गए हैं। उच्च न्यायालय ने कहा कि इस गंभीर मामले की स्थानीय एजेंसियों और पुलिस से जांच कराना उचित नहीं होगा।
न्यायालय ने सीबीआई को 15 दिन के भीतर सभी दस्तावेज जब्त करते हुए जांच शुरू करने का नर्दिेश दिया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले सीबीआई जबलपुर ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस बीच, आरोपित आईएएस और राज्य सेवा के अधिकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दाखिल कर सीबीआई जांच पर रोक की मांग की थी। शीर्ष अदालत ने जांच पर रोक लगाते हुए प्रकरण को सुनवाई के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को वापस भेज दिया था। यह मामला वर्ष 2017 की जनहित याचिका से शुरू हुआ, जिसमें रायपुर के कुशालपुर निवासी कुंदन सिंह ठाकुर ने कुछ वर्तमान और रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों पर एनजीओ के नाम पर करोड़ों का घोटाला करने का आरोप लगाया था। जांच में पता चला कि राज्य स्त्रोत नि:शक्त जन संस्थान नाम की संस्था केवल कागजों में ही अस्तत्वि में थी।
2004 से 2018 के बीच राज्य को इस संस्था के माध्यम से 1000 करोड़ रुपये का वत्तिीय नुकसान हुआ। याचिका में यह भी बताया गया कि बैंक ऑफ इंडिया और एसबीआई मोतीबाग के तीन खातों में संस्थान में कार्यरत अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्जी आधार कार्ड से खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये निकाले गए। सुनवाई के दौरान तत्कालीन मुख्य सचिव अजय सिंह ने शपथ-पत्र में 150-200 करोड़ रुपये की अनियमितताओं की जानकारी दी थी। उच्च न्यायालय ने इसे संगठित और सुनियोजित अपराध बताते हुए सीबीआई जांच का आदेश दिया। इसके बाद घोटाले में फंसे आधा दर्जन से अधिक आईएएस अधिकारियों ने भी अपने जवाब अदालत में प्रस्तुत किए।
इंडियन नेशनल कांग्रेस छत्तीसगढ़ के आधिकारिक अकाउंट से बिजली की बड़ी कीमतों को लेकर एक वीडियो डॉक्यूमेंट्री पोस्ट की गई है। पोस्ट में दो महिलाओं की बाइट के साथ कांग्रेस ने यह स्थापित करने की कोशिश की है कि आम उपभोक्ता बिजली की बढ़ी कीमतों से परेशान है। कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि कोयला हमारा, पानी हमारा और जमीन भी हमारी फिर आम उपभोक्ताओं को बिजली महंगी क्यों दी जा रही है। कांग्रेस ने अपने वीडियो पोस्ट के जरिए यह दावा किया है कि बिजली बिल हॉफ योजना से राज्य के हर उपभोक्ता को चालीस-पचास हजार रुपयों की सालाना बचत होती थी।
वीडियो पोस्ट में एक आम महिला ने बताया कि 1000 बीड़ी बनाने पर उसे 100 रुपए मिलते हैं। महिला के ही मुताबिक, बिजली का बिल 1000-2000 रुपए तथा 800-900 रुपए आने लगा है। बुजुर्ग महिला बता रही है कि उसकी रोजी से कम से कम सब्जी का खर्च निकल जाता है। कांग्रेस के मुताबिक, कोयले पर ग्रीन टैक्स लगाया गया है,डीजल पर एक्साइज टैक्स लगाया गया है तथा रेल माल भाड़ा बढ़ाया गया है। कांग्रेस ने पोस्ट के जरिए सवाल किए और आरोपों की झड़ी भी लगाई है। कांग्रेस ने पूछा है क्या यही भाजपा का सुशासन?
कानपुर देहात: कानपुर देहात के कंचौसी बाजार की हर गली आरैर चौराहे पर आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। पांच किलोमीटर लंबे रास्ते पर कई जगह फूलों की वर्षा हुई और महिलाएं मंगलगीत गाती हुई। मौका था अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद देवेंद्र सिंह भोले की माता जी का पुण्यतिथि का। सांसद ने अपनी माता जी की पुण्य तिथि पर श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया था। कथा महोत्सव से पहले क्षेत्र में कलश यात्रा का आयोजन किया गया था। पांच किलोमीटर लंबी भव्य कलश यात्रा में 1008 महिलाओं ने कलश धारण कर भाग लिया। इस अद्भुत शोभायात्रा में शामिल महिलाओं की संख्या तीन हजार से अधिक रही। पारंपरिक वेशभूषा और सिर पर सुशोभित कलश लिए महिलाएं जब भक्ति गीतों और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों के साथ आगे बढ़ीं तो हर किसी का मन भावविभोर हो गया। वहीं, कलश यात्रा और दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या 15 हजार से ज्यादा बताई जा रही है।
कलश यात्रा ने बनाया अलौकिक वातावरण
कंचौसी बाजार से लेकर दर्शन सिंह स्मृति महाविद्यालय तक हर गली और चौराहे पर आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलगीत गाती महिलाएं धीमे-धीमे कदम बढ़ाती रहीं। कलश यात्रा के स्वागत में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की और भजन-कीर्तन से माहौल गूंज उठा। छोटे-बड़े, बुजुर्ग और युवा-हर किसी के चेहरे पर आस्था की झलक साफ दिख रही थी। महिलाएं कतारबद्ध होकर आगे बढ़ीं और उनके पीछे हजारों श्रद्धालु भक्ति में डूबे कदम से कदम मिलाते रहे। कंचौसी का पूरा इलाका मानो एक दिव्य धाम में बदल गया हो।
सांसारिक जीवन से ईश्वर की ओर बढ़ने का मार्ग
आयोजनकर्ता और सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने माता कनक रानी जी की पुण्यतिथि पर इस महोत्सव को “सांसारिक जीवन से ईश्वर की ओर बढ़ने का मार्ग” बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है। आज हम सब मिलकर इस पुण्य अवसर पर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति और संस्कारों की ज्योति प्रज्वलित कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आस्था, एकता और संस्कृति के संरक्षण का माध्यम बनते हैं।
सात दिवसीय कथा महोत्सव
श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव दर्शन सिंह स्मृति महाविद्यालय, कंचौसी बाजार, कानपुर देहात में 25 सितंबर से 01 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन होगा। इस दौरान आचार्य शान्तनु जी महाराज प्रतिदिन कथा प्रवचन देंगे। प्रत्येक दिन श्रद्धालुओं के लिए भजन-संध्या, सत्संग का आयोजन रहेगा। आयोजकों ने बताया कि इस दौरान प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गांव-गांव से लोग पैदल, बैलगाड़ी, बाइक और चारपहिया वाहनों से पहुंचे। चारों तरफ भक्ति का माहौल था। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने इस भव्य आयोजन में भाग लिया। कई श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचे और कलश यात्रा के बाद संतोष और शांति की अनुभूति जताई। महिलाओं ने कहा कि “ऐसा माहौल रोज नहीं देखने को मिलता, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है।
प्रमुख गणमान्य रहे उपस्थित
आयोजन में कई गणमान्य भी शामिल हुए। विकास सिंह भोले (स्वामी विवेकानंद युवा समिति के अध्यक्ष), डॉ. अमित सिंह, विवेक द्विवेदी, जीतेंद्र सिंह गुड्डन, रमेश यादव, मुन्नू शुक्ला समेत क्षेत्र के कई समाजसेवी और सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर आयोजन की सफलता और समाज में भक्ति की गंगा बहाने के लिए सांसद भोले जी और उनके परिवार का आभार जताया।
आस्था का पर्व बना आयोजन
पूरे आयोजन ने कंचौसी और आसपास के क्षेत्रों में एक भक्ति पर्व का रूप ले लिया। जगह-जगह लोग श्रद्धालुओं का स्वागत करते दिखे। हर कोई इस सात दिवसीय कथा के लिए उत्सुक दिखाई दिया। लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से समाज को सही दिशा और प्रेरणा मिलती है। बच्चों और युवाओं के लिए यह आयोजन एक जीवंत उदाहरण है कि हमारी संस्कृति और परंपराएं कितनी महान और जीवंत हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को आयोजित केयर कनेक्ट कार्यक्रम में राज्य को 3,119 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में राज्य में स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन के क्षेत्र में 3,119 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए जिसमें सात हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा, ”छत्तीसगढ़ अब केवल बुनियादी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा।
उन्होंने कहा, ” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। अब हम कारोबार सुगमता से आगे बढ़कर तेज व्यापार सुगमता के युग में प्रवेश कर चुके हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग साढ़े सात लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बिस्तर), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बिस्तर), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बिस्ता) और मां पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बिस्तर) जैसे बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग छह हजार नए रोजगार सृजित होंगे। साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल केंद्र बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में औषधि क्षेत्र में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार औषधि केंद्र तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक औषधिक उद्योग अपना संचालन करेंगी।
इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम में घोषित कुल निवेश प्रस्ताव 3,119.07 करोड़ रुपये के हैं।
इनमें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से 2,466.77 करोड़ और होटल-पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं से मिलकर सात हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश को अस्पतालों में 2,800 से अधिक बिस्तरों की सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य देखभाल, वेलनेस और पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा और प्रधानमंत्री मोदी के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 71 माओवादियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है जिनमें से 30 नक्सलियों पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बस्तर संभाग में चलाये जा रहे आत्मसमर्पण तथा पुनर्वास अभियान ‘पूना मारगेम’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) और दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे ‘लोन वर्राटू’ (घर वापस आईये) अभियान से प्रभावित होकर कुल 64 लाख रुपये के 30 इनामी माओवादियों सहित 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 21 महिला माओवादी भी शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में प्लाटून नंबर दो में डिप्टी कमांडर बामन मड़काम (30) और कंपनी नंबर एक की सदस्य मनकी उर्फ समीला मंडावी (20) के सिर पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम है। उन्होंने बताया कि वहीं जनमिलिशिया कमांडर शमिला उर्फ सोमली कवासी (25), एरिया कमेटी सदस्य गंगी उर्फ रोहनी बारसे (25), संतोष मंडावी (30) और देवे उर्फ कविता माड़वी (25) के सिर पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम है। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले एक माओवादी के सिर पर तीन लाख रुपये, छह माओवादियों के सिर पर दो-दो लाख रुपये, नौ माओवादियों के सिर पर एक-एक लाख रुपये तथा आठ माओवादियों के सिर पर 50-50 हजार रुपये का इनाम है।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के खिलाफ पुलिस दल पर हमला, आगजनी और कई अन्य नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में चल रहे ‘लोन वर्राटू’ अभियान के माध्यम से माओवाद प्रभावित ग्रामीणों और कैडरों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘पूना मारगेम’ उसी सोच को विस्तार देने वाला कदम है, जिसमें आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मान, पुनर्वास और भविष्य निर्माण के ठोस अवसर दिए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर, पिछले 19 महीनों में दंतेवाड़ा जिले में 129 इनामी माओवादी सहित कुल 461 से अधिक नक्सली हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं।
उनके मुताबिक, माओवादियों के वरिष्ठ नेतृत्व से लेकर जमीन पर सक्रिय कैडर तक बड़ी संख्या में नक्सली संगठन से अलग हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि ‘लोन वर्राटू’ अभियान के तहत अब तक 297 इनामी माओवादियों सहित कुल 1,113 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण किया है जिसमें दंतेवाड़ा जिले के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों बस्तर, बीजापुर और नारायणपुर के 887 पुरुष माओवादी तथा 226 महिला माओवादी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि माओवादियों से अपील की गई है कि वे हिंसा का मार्ग त्यागें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें।