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ईडी के ट्रैक रिकॉर्ड से पता चलता है कि उसने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया काम : सीएम बघेल

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पिछले आठ साल के ट्रैक रिकॉर्ड से पता चलता है कि उसने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए काम किया और केवल विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाया है। शिवसेना सांसद संजय राउत की गिरफ्तारी पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में बघेल ने यहां संवाददाताओं से कहा, सीधी सी बात है कि जो केंद्र सरकार के खिलाफ बोलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। आप ईडी के पिछले आठ साल का ट्रैक​ रिकॉर्ड ​निकालेंगे तब पाएंगे कि केवल विपक्षियों को निशाना बनाया गया है।

ईडी राजनीतिक उद्देश्य के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, एजेंसी भाजपा शासित राज्य में या भाजपा नेता या उनसे जुड़े संगठन के विरूद्ध कार्रवाई नहीं करती है। केवल विपक्षियों को निशाना बनाया गया है। जो गलत हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए, हम उनका बचाव नहीं कर रहे हैं। लेकिन हम केवल विपक्ष के खिलाफ हो रही कार्रवाई का विरोध करते हैं। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश की कमी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में बघेल ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से उन जिलों में सर्वेक्षण करने को कहा है जहां कम बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से फसलों की खेती की स्थिति का आकलन करने के लिए कहा गया है। ईडी ने शिवसेना नेता संजय राउत को धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया था।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों की पुलिस से मुठभेड़, एक नक्सली ढेर

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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के भेजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत भंडारपदर गांव के जंगल में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया। उन्होंने बताया कि भेजी थाना क्षेत्र में डीआरजी के दल को गश्त पर भेजा गया था।

दल जब भंडारपदर गांव के जंगल में था तभी नक्सलियों ने सुरक्षा बल पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षा बल के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। बाद में जब सुरक्षा बल के जवानों ने घटनास्थल की तलाशी ली तब वहां एक नक्सली का शव बरामद हुआ। उन्होंने बताया कि मारे गए नक्सली की पहचान डिवीजनल कमेटी सदस्य माड़वी हडमा के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है।

बिहार में हत्या कर युवक फरार, छत्तीसगढ़ में हुआ गिरफ्तार

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बिहार में हत्या के एक मामले में वांछित 40 वर्षीय एक शख्स को छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले से रविवार को गिरफ्तार किया गया। दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संजय ध्रुव ने बताया कि तीन महीने से फरार आरोपी आफताब आलम को दुर्ग के जमुल थाना क्षेत्र के धौड़ गांव से बिहार पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि आरोपी के सिर पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था।

एएसपी ने बताया कि आलम गांव में अपने रिश्तेदार के घर में छुपा हुआ था और उसके ठिकाने की खबर मिलने पर बिहार की पुलिस ने दुर्ग के अधिकारियों से संपर्क किया। ध्रुव ने बताया कि सूचना के मुताबिक, इस साल अप्रैल में सीवान जिले में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि उसे ट्रांज़िट रिमांड पर बिहार ले जाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने केन्द्र से मांगा कोयला, सीएम बघेल ने केन्द्रीय मंत्री को लेखा लेटर

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री को पत्र लिखकर राज्य के स्टील उत्पादकों को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) से प्रति माह 1.50 करोड़ टन कोयला प्रदान करने का अनुरोध किया है। राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के स्टील उत्पादकों को एसईसीएल द्वारा निरंतर कोयला आपूर्ति करने के लिए एसईसीएल अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य के स्टील निर्माताओं को वर्तमान में 60 लाख टन कोयला प्रतिमाह एसईसीएल द्वारा दिया जा रहा है, जबकि उनकी मासिक आवश्यकता लगभग 1.50 करोड़ टन है। एसईसीएल द्वारा छत्तीसगढ़ के स्टील उत्पादक उद्योगों को अगस्त माह से कोयले की आपूर्ति को रोकने के निर्णय से राज्य की अर्थव्यवस्था पर गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है, छत्तीसगढ़ राज्य में प्रतिवर्ष 15 करोड़ टन से अधिक कोयले का उत्पादन होता है। कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में दूसरा स्थान है। राज्य में उत्पादित कोयले का अधिकांश भाग अन्य राज्यों को भेजा जाता है।

पत्र में कहा गया, छत्तीसगढ़ स्टील उत्पादन के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में से है। राज्य में अनेक बड़ी स्टील उत्पादक इकाईयों के अलावा सैकड़ों छोटी इकाईयां भी हैं, जो लाखों लोगों की जीविका का आधार है। बघेल ने कहा है, विगत लगभग छह महीनों में देश में कोयले का संकट उत्पन्न होने के कारण देश के अन्य भागों में छत्तीसगढ़ राज्य में उत्पादित कोयले को प्राथमिकता के आधार पर रेल मार्ग से भेजने के कारण अनेक महीनों से राज्य के यात्री ट्रेनों का परिचालन बन्द है, जिससे लाखों लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रह है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है, कोयला संकट के कारण राज्य के स्टील उत्पादकों और अन्य इकाईयों (बिजली संयंत्र को छोड़कर) को एसईसीएल द्वारा अगस्त माह से कोयले की आपूर्ति रोकने का निर्णय लिया गया है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। बिजली संयंत्रों को छोड़कर अन्य सभी इकाईयों में तालेबंदी की स्थिति बन जाएगी। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है, राज्य के स्टील निर्माताओं को वर्तमान में 60 लाख टन कोयला प्रतिमाह एसईसीएल द्वारा दिया जा रहा है, जबकि उनकी मासिक आवश्यकता लगभग 1.50 करोड़ टन है। आप सहमत होंगे कि देश के अग्रणी कोयला उत्पादक राज्य को उसके लघु उद्योगों को कोयले की आपूर्ति न किया जाना अत्यन्त दुर्भाग्यजनक निर्णय होगा।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री से राज्य के स्टील उत्पादकों की आवश्यकता अनुसार कोयले की आपूर्ति निर्बाध जारी रखने के संबंध में एसईसीएल के अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया है जिससे राज्य में गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न होने से रोका जा सके।

छत्तीसगढ़ में फिर बढ़े कोरोना केस, 24 घंटे में नए मरीजों का आंकड़ा 600 के पार

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छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस से 658 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही राज्य में शनिवार तक संक्रमितों की कुल संख्या 11,65,683 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 30 और लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई, वहीं 462 लोगों ने घर में पृथक-वास की अवधि पूरी की। राज्य में शनिवार को कोरोना वायरस से संक्रमित दो मरीजों की मृत्यु हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण के 658 नए मामले आए हैं। इनमें रायपुर से 162, दुर्ग से 93, राजनांदगांव से 66 मामले आए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 11,65,683 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 11,48,177 मरीज इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हो गए हैं। राज्य में 3440 मरीज उपचाराधीन हैं। राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक 14,066 लोगों की मौत हुई है।

एक-एक कर देश की संपत्ति बेच रही भाजपा, लगातार बढ़ रही बेरोजगारी और गरीबी : सीएम बघेल

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार पर जमकर हमला बोला। सीएम बघेल ने कहा देश की संपत्ति एक-एक कर बेची जा रही है, जिससे बेरोजगारी और गरीबी बढ़ी है। बघेल ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2014 में आम चुनाव के दौरान विकास के ‘गुजरात मॉडल’ की चर्चा थी, अब वह गायब हो गया है। कांग्रेस की एक शाखा, अखिल भारतीय प्रोफेशनल कांग्रेस (एआईपीसी) के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के लोगों की न्यूनतम जरूरत के साथ-साथ न्यूनतम आय सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

बघेल ने कहा, 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात मॉडल के बारे में बहुत बात हुई थी, लेकिन इसके बारे में अब कोई भी बात नहीं करता है। गुजरात मॉडल को क्या हो गया है, पूरा देश देख रहा है। हम (देश के लोग) इस मॉडल का खामियाजा भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की सारी संपत्ति एक-एक करके बेची जा रही है जिसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी, गरीबी और कुपोषण में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने लोगों की न्यूनतम आय और न्यूनतम जरूरतों को कैसे पूरा किया जाए, इस पर ध्यान केंद्रित किया है। बघेल ने कहा कि वर्ष 2018 में राहुल गांधी जी ने न्याय योजना के बारे में बात की थी जिसके तहत कहा गया था कि लोगों को न्यूनतम आय मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल जी ने वर्ष 2019 के आम चुनाव के दौरान प्रति परिवार 72 हजार देने की बात कही थी। बघेल के मुताबिक चुनाव के दौरान लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया और भावनात्मक मुद्दों की ओर रुख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी छत्तीसगढ़ सरकार ने न्यूनतम आय के साथ-साथ न्यूनतम जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया है। अगर लोगों की जेब में पैसा डाला जाता है तो वह इसे उपभोक्ता के रूप में खर्च करता है। यह बाजार को मजबूत तो कर सकता है लेकिन लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त नहीं कर सकता। हमारे राज्य में हमने लोगों तक भोजन, आवास, शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता जैसी न्यूनतम जरूरतों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि ऋण माफ किया गया और किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत नौ हजार रुपये प्रति एकड़ प्रदान किया जा रहा है।

बघेल ने इस दौरान अपनी सरकार की महत्वाकांक्षी नरवा-गरवा-घुरवा-बारी (नहर, गाय, खाद के लिए बनाया गया गड्ढा और सब्जी उद्यान) के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा ने गोबर खरीद के लिए हमारा मजाक उड़ाया। लेकिन इस योजना ने न केवल पशुपालन को व्यावसायिक रूप से लाभदायक बना दिया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है। हम गांवों में उत्पादक और उपभोक्ता दोनों पैदा कर रहे हैं। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान बघेल ने कहा कि देश की संपत्ति बेचना शायद गुजरात मॉडल है, लेकिन सभी को रोजगार देना छत्तीसगढ़ मॉडल है। इस अवसर पर एआईपीसी के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा सभी को एक साथ लाने और समाज के हर वर्ग की प्रगति में विश्वास करती है।

थरूर ने कहा, कांग्रेस के पास ऐसे मूल्य हैं जिसमें समावेशी भारत के मूल्य शामिल हैं। एक ऐसा भारत जो जाति, पंथ, धर्म और भाषा के विभाजन से परे दिखता है और हम सभी को एक रूप में देखता है। यह एक ऐसा भारत है जहां आप दलित-ब्राह्मण तथा अमीर-गरीब के भेद से परे देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी को एक साथ लाने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी को एक साथ आगे बढ़ना है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि 1990 के दशक में हुई अर्थव्यवस्था के बड़े उदारीकरण के दौरान हमारी नीति बहुत स्पष्ट थी। थरूर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों, मजदूरों और सभी वर्गों के लिए जिस तरह से कल्याणकारी योजनाएं बनाई हैं, वह एक मिसाल है। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में शनिवार को शुरू हुए दो दिवसीय सम्मेलन को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी संबोधित करेंगे।

छत्तीसगढ़ कोरोना अपडेट : फिर पैर पसारने लगा कोरोना, 24 घंटे में मिले 479 नए मरीज

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छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस से 479 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही राज्य में शुक्रवार तक कोविड-19 की चपेट में आने वालों की कुल संख्या 11,65,025 हो गई है। राज्य में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि आज 13 लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई है, वहीं 615 लोगों ने घर में पृथकवास की अवधि पूरी की। राज्य में शुक्रवार को कोरोना वायरस से संक्रमित दो मरीजों की मृत्यु हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि आज संक्रमण के 479 नए मामले आए हैं। इनमें रायपुर से 77, दुर्ग से 67, राजनांदगांव से 33, बालोद से 29, बेमेतरा से 13, कबीरधाम से 10, धमतरी से 32, बलौदाबाजार से 13, महासमुंद से 27, गरियाबंद से चार, बिलासपुर से 25, रायगढ़ से 13, कोरबा से 18, जांजगीर—चांपा से 11, मुंगेली से सात, गौरेला—पेंड्रा—मरवाही से छह, सरगुजा से 13, कोरिया से छह, सूरजपुर से सात, बलरामपुर से सात, जशपुर से छह, बस्तर से 30, कोंडागांव से छह, दंतेवाड़ा से सात, सुकमा से दो, कांकेर से सात और बीजापुर से तीन मामले हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 11,65,025 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 11,47,685 मरीज इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हो गए हैं। राज्य में 3276 मरीज उपचाराधीन हैं। राज्य में वायरस से संक्रमित 14,064 लोगों की मौत हुई है।

छत्तीसगढ़ हादसा: तालाब में नहाने गए चार छात्रों की डूबने से मौत

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छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में जलाशय में नहाने के दौरान डूबने से सरकारी स्कूल के चार छात्रों की मृत्यु हो गई। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कोंडागांव जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के कोंडागांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाफना गांव में शुक्रवार शाम करीब चार बजे जलाशय में डूबने से 12 वीं कक्षा के चार छात्रों की मृत्यु हो गई। जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले नौ छात्र बाफना गांव के करीब जलाशय में नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान चार बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
अधिकारियों ने बताया कि जब घटना की जानकारी वहां मौजूद अन्य ग्रामीणों को मिली तब उन्होंने पांच छात्रों को बाहर निकाला तथा चार छात्रों की खोजबीन शुरू की। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गयी। पुलिस अधिकारियों ने बताया पुलिस टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से चार छात्रों का शव बरामद कर लिया है तथा शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना के संबंध में एक मामला दर्ज कर लिया गया है।

छत्तीसगढ़ कोरोना: 24 घंटे में मिले 284 नए मामले, रायपुर में सबसे ज्यादा

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छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस से 284 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही राज्य में बृहस्पतिवार तक कोविड-19 की चपेट में आने वालों की कुल संख्या 11,64,546 हो गई। राज्य में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आज संक्रमण के 284 नए मामले सामने आए।

इनमें रायपुर से 78, दुर्ग से 69, राजनांदगांव से 20, बालोद से चार, बेमेतरा से दो, कबीरधाम से तीन, धमतरी से 15, बलौदाबाजार से 10, महासमुंद से चार, गरियाबंद से दो, बिलासपुर से 17, रायगढ़ से 18, कोरबा से पांच, जांजगीर-चांपा से सात, सरगुजा से नौ, कोरिया से छह, सूरजपुर से एक, बलरामपुर से दो, जशपुर से चार, बस्तर से छह, कांकेर से एक और बीजापुर से एक मामला सामने आया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 11,64,546 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 11,47,057 मरीज इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हो गए हैं। राज्य में 3427 मरीज उपचाराधीन हैं। राज्य में वायरस से संक्रमित 14,062 लोगों की मौत हुई है।

भाजपा ने छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफविधानसभा में पेश किया अविश्वास प्रस्ताव, 13 घंटे बाद नामंजूर

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस-नीत भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव लगभग 13 घंटे की चर्चा के बाद ध्वनिमत से नामंजूर हो गया। विधानसभा में बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने कांग्रेस सरकार पर उसकी अंदरूनी लड़ाई कथित भ्रष्टाचार और चुनावी वादों को पूरा न करने को लेकर निशाना साधा। वहीं सत्ताधारी दल ने आरोपों को नकारते हुए दावा किया कि विपक्ष किसी ठोस मुद्दे के साथ अविश्वास प्रस्ताव को पेश करने में विफल रहा है। अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में लगभग 13 घंटे की चर्चा हुई और देर रात प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत हो गया।

अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी सरकर के कामकाज का लेखाजोखा सदन के समक्ष रखा और कहा कि उनकी सरकार ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ का उद्देश्य लेकर चल रही है। बघेल ने कहा कि सरकार ने किसानों और राज्य के लोगों का भला करने के लिए क़र्ज़ लिया है। उन्होंने कहाद कि उनकी सरकार व्यक्ति को केंद्र में रखकर योजना बना रही है तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, रोज़गार, सुपोषण को ध्यान में रखकर काम कर रही है। राज्य विधानसभा के छह-दिवसीय मानसून सत्र के अंतिम दिन बुधवार दोपहर करीब 12 बजकर 15 मिनट पर अविश्वास प्रस्ताव पर बहस शुरू हुई थी। इस दौरान भाजपा ने 84 बिंदुओं में आरोप पत्र पेश किया था।

विधानसभा में बुधवार दोपहर विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने सदन में आरोप पत्र पेश किया था। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार के एक मंत्री ने भी मुख्यमंत्री पर अविश्वास व्यक्त किया है और प्रशासन को भी सरकार पर भरोसा नहीं है। अग्रवाल ने कहा, मुख्यमंत्री ने उस मंत्री को निष्कासित क्यों नहीं किया? मुख्यमंत्री की हिम्मत नहीं है। यहां तक कि मंत्री में भी हिम्मत नहीं है और वह कैबिनेट में बने रहना चाहते हैं। वह मंत्री टीएस सिंहदेव का परोक्ष उल्लेख कर रहे थे।

सिंहदेव ने इस 16 जुलाई को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उनके पास चार अन्य विभाग अब भी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भेजे त्यागपत्र में सिंहदेव ने कहा था, जन-घोषणा पत्र की विचारधारा के अनुरूप महत्वपूर्ण विषयों को दृष्टिगत रखते हुए, मेरा यह मत है कि विभाग के सभी लक्ष्यों को समर्पण भाव से पूर्ण करने में वर्तमान परिस्थितियों में खुद को असमर्थ पा रहा हूं। अतएव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भार से मैं अपने आप को अलग कर रहा हूं। सिंहदेव मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में अनुपस्थित रहे हैं। अग्रवाल ने कहा कि खराब वित्तीय प्रबंधन के कारण राज्य 1.75 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा हुआ है।

अग्रवाल ने सिंहदेव द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के संबंध में कहा कि राज्य सरकार ने गरीबों के 18 लाख घर छीन लिए, जिनके वे हकदार थे, क्योंकि बघेल सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए राज्य के हिस्से का धन उपलब्ध नहीं कराया था। पूर्व मंत्री ने कहा कि नियम के खिलाफ पंचायत विभाग के काम को मंजूरी देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। अग्रवाल ने सवाल किया कि एक मंत्री द्वारा अनुमोदित कार्यों को अधिकारी कैसे मंजूरी दे सकते हैं।

अग्रवाल ने इस दौरान सरकार पर कई मोर्चों पर विफल होने का आरोप लगाया। जब अग्रवाल के भाषण के दौरान सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने टोकना शुरू किया, तब उन्होंने कहा कि वह पिछले 33 वर्षों से विधानसभा के सदस्य हैं और उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर कम से कम दस बहसों में भाग लिया है। लेकिन इससे पहले उन्होंने इस तरह के व्यवधान का सामना कभी नहीं किया है। विपक्षों के आरोपों का खंडन करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और विधायक मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पिछले साढ़े तीन साल में 36 में से 30 चुनावी वादे पूरे किए हैं। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों का कर्ज माफ कर दिया है, समर्थन मूल्य पर धान की खरीद के बदले किसानों से 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की गयी है।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में बेरोजगारी दर में काफी गिरावट आई है। मरकाम ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) लोगों और समाज को बांटने का कार्य कर रहे हैं। वहीं राज्य के कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने कहा कि कांग्रेस सरकार में लोगों का विश्वास बढ़ा है, क्योंकि सरकार ने जो वादा किया है उसे पूरा किया है। चर्चा के दौरान भाजपा के विधायक अजय चंद्राकर ने विश्व आदिवासी दिवस पर घोषित अवकाश को लेकर टिप्पणी कर दी, जिसके बाद सत्ता पक्ष ने इसका विरोध किया। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि चंद्राकर की टिप्पणी आदिवासियों का अपमान है और वह इसके लिए माफी मांगें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदस्य (चंद्राकर) ने आदिवासी समुदाय का अपमान किया है और मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ कई टिप्पणियां की है। बाद में अध्यक्ष के निर्देश पर चंद्राकर ने कहा कि सदन के अंदर या बाहर दिए गए उनके बयान से अगर किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं।