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प्रधानमंत्री मोदी ने देश में स्वच्छता मानकों को ऊंचा उठाया: सीएम साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की। विश्वकर्मा जयंती और मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए साय ने कहा, “स्वच्छता अब केवल एक अभियान नहीं रह गया है; यह दैनिक आदत का हिस्सा बन गया है। अपने घरों और आस-पास को साफ रखना केवल महिलाओं की ही नहीं, बल्कि पुरुषों की भी समान रूप से जिम्मेदारी है।” उन्होंने देश के स्वच्छता मानकों को ऊंचा उठाने के लिए मोदी का धन्यवाद किया। साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से आयोजित स्वच्छता, आवास और लोक कल्याण उत्सव में भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान, ‘अंगीकार-2025’ पहल, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 और कल्याण मेले की शुरुआत की। उन्होंने विभिन्न नगर पालिकाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 11,000 से अधिक लाभार्थियों के गृह प्रवेश समारोहों की भी अध्यक्षता की। कार्यक्रम के दौरान साय और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने राज्य स्तरीय स्वच्छता सुपर लीग के लिए टूलकिट का अनावरण किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थियों को उनके स्वीकृत आवासों के निर्माण की अनुमति प्रदान की गई, जबकि प्रधानमंत्री स्वनिधि के लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए। रायपुर नगर निगम के दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी जारी किए गए।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुई मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ जिले के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में हुई? उन्होंने बताया कि माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान की शुरूआत की थी। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के दौरान बुधवार अपराह्न तीन बजे से सुरक्षाबलों के संयुक्त दल और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है।

उन्होंने बताया कि अब तक खोजी अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से दो माओवादियों के शव तथा एक .303 रायफल, एक बैरल ग्रेनेड लांचर (बीजीएल), विस्फोटक और अन्य नक्सली सामान बरामद किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में अभियान अभी जारी है, इसलिए मुठभेड़ के स्थान, अभियान में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या तथा अन्य संवेदनशील जानकारी इस समय साझा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इसका मकसद अभियान में शामिल जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया अभियान पूरा होने के बाद इस संबंध में अधिक जानकारी दी जाएगी। इस मुठभेड़ के साथ छत्तीसगढ़ में 2025 में अब तक अलग-अलग मुठभेड़ों में 246 नक्सली मारे गए हैं। इनमें से 217 बस्तर संभाग (जिसमें सात जिले शामिल हैं) में मारे गए, जबकि 27 अन्य रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में मारे गए। दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो अन्य नक्सली मारे गए। पुलिस ने बताया कि 11 सितंबर को राज्य के गरियाबंद जिले में एक मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) मॉडम बालकृष्ण समेत दस नक्सली मारे गए।

नए विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे मोदी, राज्योत्सव का भी होगा शुभारंभ

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी आगामी एक नवंबर को छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा भवन का उद्घाटन करेंगे। वह इस मौके पर वह विधानसभा परिसर में वृक्षारोपण करेंगे और राज्योत्सव का शुभारंभ भी करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन सुबह 11 से 12 बजे के बीच होगा।

साथ ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत बड़े स्तर पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इसमें हृदय रोग सहित गंभीर बीमारियों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी 31 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे। उनके जन्मदिन पर प्रदेशभर में विभिन्न सेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य शिविर और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई कार्यक्रम शामिल होंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे ने शराब घोटाले से अर्जित 1000 करोड़ रुपये का प्रबंधन किया: ईडी

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रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी अभियोजन शिकायत में दावा किया है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल राज्य में ‘शराब घोटाले’ के पीछे के गिरोह के मुखिया रहे और उन्होंने इस घोटाले से अर्जित लगभग 1000 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत रूप से प्रबंधन किया। ईडी ने सोमवार को जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (षष्टम) डमरुधर चौहान की अदालत में दायर अपनी चौथी पूरक अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) में दावा किया कि चैतन्य ने जानबूझकर अपराध से अर्जित आय को छिपाने, कब्जे में लेने, अधिग्रहण करने और इसका उपयोग करने में सहायता की और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ साजिश रची।

कथित तौर पर 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का शराब घोटाला 2019 और 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था। ईडी ने अब तक इस मामले में एक अभियोजन शिकायत और चार पूरक अभियोजन शिकायतें दर्ज की हैं और दावा किया है कि कथित घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को ‘भारी नुकसान’ हुआ और एक शराब गिरोह के लाभार्थियों की जेबें भरी गईं। सोमवार को दायर अभियोजन शिकायत में ईडी ने कहा कि 2019 में छत्तीसगढ़ में नई (कांग्रेस) सरकार के गठन के बाद, एक संगठित शराब गिरोह बनाया गया था। इस गिरोह के दिन-प्रतिदिन के संचालन को संभालने के लिए, तत्कालीन आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और व्यवसायी अनवर ढेबर (दोनों को मामले में ईडी द्वारा दायर पिछली अभियोजन शिकायतों में आरोपी के रूप में नामित किया गया है) का चयन किया गया था।

अभियोजन शिकायत में कहा गया है, ”इस ‘सिंडिकेट’ (गिरोह) में शीर्ष स्तर पर चैतन्य का नियंत्रण था, और उसकी भूमिका केवल प्रतीकात्मक ही नहीं, बल्कि प्रभावशाली और निर्णायक भी थी। वह सिंडिकेट द्वारा एकत्रित सभी अवैध धन का ‘हिसाब’ रखने के लिए जिम्मेदार था। धन के संग्रह और वितरण से संबंधित सभी बड़े फैसले उसके (चैतन्य के) निर्देशों के तहत लिए जाते थे। मुख्यमंत्री के बेटे के रूप में उनकी स्थिति ने उन्हें सिंडिकेट का नियंत्रक बना दिया।” इसमें कहा गया है, ”जांच से यह भी पता चला है कि चैतन्य बघेल अपराध की आय के प्राप्तकर्ता हैं, जिसे उन्होंने अपनी रियल एस्टेट परियोजना में लगाया है और वे इस प्रकार विकसित की गई इन संपत्तियों को बेदाग संपत्ति के रूप में पेश कर रहे हैं और उन पर दावा कर रहे हैं।” अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि जांच से पहले ही पता चला है कि अपराध की आय का एक बड़ा हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू नामक व्यक्ति द्वारा एकत्र किया जा रहा था, जिसने ईडी के समक्ष अपने बयान में खुलासा किया है कि उसने चैतन्य के साथ मिलकर शराब घोटाले से अर्जित एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की आय को संभाला था। इसमें कहा गया है कि उन्होंने (बंसल ने) स्पष्ट रूप से कहा है कि चैतन्य के निर्देश पर, 2019 से 2022 के बीच की अवधि में कांग्रेस के राज्य इकाई के तत्कालीन कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल और अन्य को बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाई गई थी।

अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि बंसल कथित तौर पर दीपेन चावड़ा के माध्यम से अनवर ढेबर से अपराध की यह आय एकत्र करते थे और उसके बाद चैतन्य के समन्वय से ये धनराशि राम गोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई जाती थी। इसमें कहा गया है कि बंसल ने अपने बयान में खुलासा किया कि वह भूपेश बघेल को पिछले 25 सालों से जानते हैं और दोनों के पारिवारिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास जाते थे। रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास की ऐसी ही एक यात्रा के दौरान, भूपेश बघेल ने उन्हें (बंसल को) स्पष्ट रूप से बताया था कि अनवर ढेबर उन्हें कुछ ‘सामान’ भेजेंगे, और उसे आगे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाना होगा। इसके बाद, चैतन्य बघेल अनवर ढेबर से नकदी की कथित आपूर्ति से एक दिन पहले उन्हें सूचित करते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘सामान’ शब्द नकदी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक सांकेतिक शब्द है।” अग्रवाल फिलहाल फरार हैं।

अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि चैतन्य शराब गिरोह का केंद्रीय व्यक्ति और नियंत्रक था, जो इससे जुड़ी कमाई पर सीधा नियंत्रण रखता था, अवैध धन के प्रवाह की निगरानी करता था, और अपराध की आय का उपयोग व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपक्रमों के लिए करता था। इसमें कहा गया है कि चैतन्य बघेल ने अपनी रियल एस्टेट परियोजना, विट्ठल ग्रीन में 18.90 करोड़ रुपये और अपनी रियल एस्टेट फर्म मेसर्स बघेल डेवलपर्स एंड एसोसिएट्स में 3.10 करोड़ रुपये की आपराधिक आय का उपयोग किया था। अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट के रूप में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। बरामद चैट से यह भी पता चलता है कि चैतन्य बघेल खातों के निपटान, बैठकों के समय निर्धारण और धन के सुचारु हस्तांतरण के लिए अनवर ढेबर और मुख्यमंत्री कार्यालय में तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहे थे। राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू)/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पिछले साल 17 जनवरी को ‘शराब घोटाले’ में एक प्राथमिकी दर्ज की थी, जो 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा द्वारा मौजूदा कांग्रेस सरकार को हराने के लगभग एक महीने बाद दर्ज की गई थी। इस प्राथमिकी में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड सहित 70 व्यक्तियों और कंपनियों को नामजद किया गया है।

ईओडब्ल्यू/एसीबी ने अब तक इस मामले में कई आरोपियों के खिलाफ एक आरोप पत्र और चार पूरक आरोप पत्र दायर किए हैं। 30 जून को दायर अंतिम पूरक आरोप पत्र में ईओडब्ल्यू/एसीबी ने दावा किया कि गिरोह द्वारा 2563 करोड़ रुपये से अधिक की आपराधिक आय अर्जित की गई है। ईडी ने जांच के आधार पर दावा किया है कि अपराध की पूरी आय तत्कालीन अधिकारियों और राज्य के तत्कालीन सत्तारूढ़ दल यानी छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारियों द्वारा एकत्रित और हड़पी जा रही थी। ईडी ने मामले में अपनी जांच के तहत जनवरी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा के अलावा अनवर ढेबर, भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और कुछ अन्य को गिरफ्तार किया था।

दूरदर्शन ने संस्कारों को संवारने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका : साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री वष्णिु देव साय यहां स्थित दूरदर्शन केंद्र में आयोजित दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए और दूरदर्शन परिवार, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं दर्शकों को शुभकामनाएँ दीं। सीएम साय ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ी अपनी स्मृतियाँ साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदर्शन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत तथा शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। उनके समक्ष कलाकारों ने गौर नृत्य, बांस गीत, जवारा नृत्य, सुआ नृत्य और गौरी-गौरा जैसे लोकनृत्य प्रस्तुत किए।

सीएम साय ने कहा कि दूरदर्शन ने मनोरंजन के साथ-साथ हमें वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारित करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने 1982 में एशियाई खेलों के रंगीन प्रसारण, रामायण और महाभारत जैसे धारावाहिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में दूरदर्शन का जादू ऐसा था कि प्रसारण के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था। उन्होंने कहा कि ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ जैसे गीतों के माध्यम से दूरदर्शन ने देश की एकता और सांस्कृतिक एकरूपता का संदेश दिया। समाचारों की गरिमा और भाषा की शुचिता बनाए रखने में दूरदर्शन की परंपरा सदैव सराहनीय रही है। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन के प्रादेशिक केंद्रों ने स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है।

रायपुर दूरदर्शन ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रमों और विशेषकर ‘हमर चन्हिारी’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुँचाया है। श्री साय ने कहा कि कृषि दर्शन, महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों और युवाओं के लिए प्रस्तुत विशेष सामग्री के माध्यम से दूरदर्शन ने समाज के हर वर्ग को जोड़ा है। उन्होंने अपनी मुख्यमंत्री पद की जम्मिेदारी सँभालने के बाद ‘अपनी बात’ कार्यक्रम में दिए गए साक्षात्कार को याद करते हुए कहा कि दूरदर्शन हमेशा स्पष्टता से और वस्तिारपूर्वक अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाखों हितग्राहियों को मिल रहा है और दूरदर्शन के द्वारा समाज में आने वाले सकारात्मक बदलावों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी एक व्यक्ति की सफलता की कहानी दूरदर्शन पर प्रसारित होती है, तो वह लाखों लोगों के जीवन को बदलने का सशक्त आधार बनती है।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दूरदर्शन ने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने वश्विास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी दूरदर्शन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक सशक्त रूप से दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर रायपुर दूरदर्शन केंद्र के उप महानिदेशक संजय कुमार मश्रि सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में मारे गए दो नक्सलियों पर 16 लाख रुपये का था इनाम

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए दो नक्सलियों की पहचान माओवादियों की सैन्य प्लाटून के सदस्यों के रूप में हुई है और उन पर कुल 16 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को जिले के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के जंगल में जिला रिजर्व गार्ड के एक दल के साथ हुई मुठभेड़ में दोनों नक्सलियों को मार गिराया गया था।

बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मारे गए नक्सलियों की पहचान हिडमा पोडियाम (34) और मुन्ना मड़कम (25) के रूप में हुई है, जो प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)- माओवादी की सैन्य प्लाटून नंबर एक के सदस्य थे। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से एक .303 राइफल, उसके चार कारतूस, 12 बोर की एक बंदूक, उसके चार कारतूस, बैटरियां, कॉर्डेक्स वायर, स्कैनर सेट, माओवादी साहित्य और अन्य संबंधित सामग्री भी बरामद की गई है। इससे पहले नक्सलियों के साथ एक भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 11 सितंबर को गरियाबंद जिले में माओवादियों की केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) मोडेम बालकृष्ण उर्फ मनोज और नौ अन्य नक्सलियों को मार गिराया था। गरियाबंद जिले में मारे गये इन 10 नकस्लियों पर कुल 5.25 करोड़ रुपये का इनाम था।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर, हथियार बरामद

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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने शुक्रवार सुबह मुठभेड़ के दौरान दो नक्सलियों को मार गिराया है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, बीजापुर जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आज सुबह से सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक मुठभेड़ स्थल से दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। साथ ही मौके से .303 राइफल सहित अन्य हथियार, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद की गई हैं।

उन्होंने बताया कि अभियान अभी जारी है, इसलिए मुठभेड़ के स्थान, अभियान में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या तथा अन्य संवेदनशील जानकारी फिलहाल साझा नहीं की जा सकती। अधिकारियों ने बताया कि अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में माओवादियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी हैं। इससे पहले बृहस्पतिवार को रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। मारे गए नक्सलियों में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के एक वरिष्ठ नेता और केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) मोड़ेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर भी शामिल है, जिनके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

इस मुठभेड़ के साथ, 2025 में अब तक छत्तीसगढ़ में विभिन्न मुठभेड़ों में कुल 243 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 214 नक्सली सात जिलों वाले बस्तर संभाग में, 27 रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में तथा दो दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में मारे गए हैं। जनवरी 2025 में गरियाबंद के मैनपुर इलाके में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 16 नक्सली ढेर किए गए थे। पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में विभिन्न मुठभेड़ों के दौरान सुरक्षाबलों ने 219 नक्सलियों को मार गिराया था।

छत्तीसगढ़ में सीएएफ जवान ने की साली व चचेरे ससुर की हत्या

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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पारिवारिक विवाद में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के एक जवान ने अपने चचेरे ससुर और साली की सरकारी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के हरदीबाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत छिंदपुर गांव के पास भिलाइबाजार-उमेंदीभाठा मार्ग पर जवान शेषराम बिंझवार ने अपनी सरकारी इंसास राइफल से चचेरे ससुर राजेश बिंझवार (35) और साली मंदासा बिंझवार (17) की गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि जिले के रलिया गांव का निवासी शेषराम छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में पदस्थ है।

पूर्वाह्न लगभग 11.30 बजे शेषराम छिंदपुर गांव के पास भिलाइबाजार-उमेंदीभाठा मार्ग पर पहुंचा और विवाद के बाद राजेश और मंदासा पर गोलियां चला दी। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। जिले के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया तथा शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। तिवारी ने बताया कि आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा उससे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के कारण जवान ने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी को फांसी देने की मांग करते हुए सड़क को जाम कर दिया। पुलिस अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

सुकमा के इंजरम कैंप में सीआरपीएफ जवान ने आत्महत्या की, छह पृष्ठ का सुसाइड नोट मिला

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Shadow of man with pistol gun turned on his head wants to commit suicide. light and shadow

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान ने आत्महत्या कर ली। यह घटना सोमवार रात करीब 10:30 बजे इंजरम कैंप स्थित 219 बटालियन के कैंप में घटित हुयी। जवान ने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली। जवान के पास से छह पृष्ठ का सुसाइड नोट मिला है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) किरण चाव्हाण ने बताया कि जवान ने आत्महत्या क्यों की, इसकी जांच की जाएगी।

उन्होंने सुसाइट नोट मिलने की पुष्टि की, लेकिन पत्र लिखे तथ्यों को बताने से इनकार कर दिया। मृतक जवान की पहचान मध्य प्रदेश निवासी निलेश कुमार गर्ग के रूप में हुयी है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। जवान के शव को पोस्टमार्टम के लिए कोंटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। जांच में जवान के पास से छह पृष्ठ का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि पत्र की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। इस घटना से कैंप में तनाव का माहौल है, हालांकि अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है।

नक्सलवाद को खत्म करने के साथ स्थानीय लोगों का जीतना होगा विश्वास: सीएम साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को राज्य के वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति और विकास कार्यों की समीक्षा के लिए एकीकृत कमान की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बैठक के दौरान राज्य में जारी नक्सल रोधी अभियानों और प्रभावित क्षेत्रों में विकास को सुगम बनाने के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं राज्य का गृह विभाग संभालने वाले विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारतीय वायुसेना और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी नवा रायपुर अटल नगर स्थित सर्किट हाउस में हुई बैठक में मौजूद रहे।

बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए साय ने बताया, “एकीकृत कमान की नियमित बैठक हुई। हमने दो बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। हमारे सुरक्षा बल नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ रहे हैं और पिछले 20 महीनों में शीर्ष नक्सलियों को ढेर करते हुए अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। हम जवानों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “एक और बात जिस पर चर्चा हुई, वह यह थी कि नक्सलवाद को खत्म करने के साथ-साथ हमें स्थानीय लोगों का विश्वास भी जीतना होगा, जिसके लिए हमें वहां विकास को बढ़ावा देना होगा। हमने नियद नेल्लनार (आपका अच्छा गांव) योजना शुरू की है, जिसके माध्यम से दूरदराज के गांवों में सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसलिए इन दो बिंदुओं पर चर्चा हुई।

उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 31 मार्च, 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प पूरा होगा।” पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2023 से अब तक सुरक्षा बलों की आक्रामक रणनीति के परिणामस्वरूप 454 माओवादियों को मार गिराया गया है, 1600 से अधिक को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 1700 ने आत्मसमर्पण किया है। इसके अलावा, इस अवधि के दौरान 65 नए सुरक्षा शिविर स्थापित किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एकीकृत कमान बैठक के दौरान अंतर-राज्यीय समन्वय, नयी तकनीक के उपयोग, आत्मसमर्पण प्रक्रिया और अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, रेलवे लाइन और सड़कों के विस्तार और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नए स्कूल स्थापित करने सहित विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई।

शर्मा ने कहा, “मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि हमने कहा है कि अगले साल मार्च तक हम सशस्त्र नक्सलवाद को खत्म कर देंगे। नक्सलवाद की अलग-अलग इकाइयाँ हैं। मार्च तक इसके सशस्त्र कैडर का सफाया कर दिया जाएगा। इसके बाद, विकास और कट्टरपंथी बन चुके लोगों को मुख्यधारा में वापस लाना, ये सभी प्रक्रियाएँ जारी रहेंगी।” एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “हम कमियों को दूर करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सुरक्षा में कोई कमी न रहे।” उन्होंने कहा, “वे (नक्सली) सिर्फ अपना अस्तित्व दिखाने के लिए नागरिकों की हत्या करते रहे हैं। लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि जिन्होंने यह (नागरिक की हत्या) किया है, उनके पुनर्वास का रास्ता बंद कर दिया जाएगा और उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।