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छत्तीसगढ़ में एनएचएम हड़ताल और तेज, सरकारी कार्रवाई के बाद 14 हजार से अधिक कर्मियों ने दिया इस्तीफा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के एक पदाधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि छत्तीसगढ़ में एनएचएम के 14 हजार से अधिक संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कर्मचारी 18 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। पदाधिकारियों के मुताबिक संघ ने यह फैसला तब लिया है जब राज्य सरकार ने आंदोलन में सबसे आगे रहे एनएचएम के 25 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का फैसला किया। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगें- जैसे सेवाओं के नियमितीकरण और काम करने की स्थिति में सुधार – को पूरा करने के बजाय सरकार ने दंडात्मक कदम उठाने का विकल्प चुना है। हालांकि, राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति ने 13 अगस्त को अपनी बैठक में एनएचएम कर्मचारियों द्वारा उठाई गई 10 में से चार मांगों को स्वीकार कर लिया।

उन्होंने बताया कि तीन और मांगों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जबकि सेवाओं के नियमितीकरण सहित शेष तीन मांगों पर सरकार के उच्चतम स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि बार-बार नोटिस देने के बावजूद, जब प्रदर्शनकारी कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं लौटे, तो उनमें से 25 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। सेवा समाप्ति आदेश तीन सितंबर को जारी किया गया। बर्खास्त किए गए लोगों में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉक्टर अमित कुमार मिरी, महासचिव कौशलेश तिवारी और प्रांतीय संरक्षक हेमंत कुमार सिन्हा शामिल हैं। सिन्हा ने शुक्रवार को पीटीआई-भाषा को बताया, “प्रशासन की यह दमनकारी कार्रवाई (कार्यमुक्ति आदेश) पूरी तरह से अनुचित और संवाद में बाधा है।

इस कदम से नाराज होकर, राज्य भर के 14,678 एनएचएम अधिकारियों और कर्मचारियों ने अब तक अपने इस्तीफे दे दिए हैं।” उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा, “करीब 16 हजार संविदा एनएचएम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और शेष भी जल्द ही अपने इस्तीफे दे देंगे।” कर्मचारियों की मांगों में नियमितीकरण, लोक स्वास्थ्य संवर्ग का गठन, ग्रेड पे और अनुकंपा नियुक्ति शामिल हैं। डॉक्टर मिरी ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर 18 अगस्त से संवैधानिक अधिकारों के दायरे में आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “160 बार ज्ञापन देने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने के बाद यह आंदोलन मजबूरी बन गया है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान, व्हाट्सएप पर चेतावनी पत्र और बर्खास्तगी के आदेश तेजी से भेजे जा रहे हैं। अगर हमारी मांगें हल करने में भी यही तेजी दिखाई जाती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती।” राज्य की एनएचएम प्रबंध निदेशक डॉक्टर प्रियंका शुक्ला ने शुक्रवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि 13 अगस्त की कार्यकारिणी समिति की बैठक में कई मांगों पर पहले ही विचार किया जा चुका है। शुक्ला ने कहा, ”गोपनीय रिपोर्ट (सीआर) मूल्यांकन में पारदर्शिता और आपात स्थिति या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के मामलों में 30 दिनों का सवेतन अवकाश संबंधी दो मांगें पूरी कर दी गई हैं। दो और मांगें, 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि और न्यूनतम 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, भी स्वीकार कर ली गई हैं और कार्यान्वयन की प्रक्रिया में हैं।” अधिकारी ने कहा, ”शेष तीन मांगें – नियमितीकरण, एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संवर्ग का गठन और नियमित पदों पर भर्ती में आरक्षण – सरकार के उच्चतम स्तर पर उठाई जाएंगी।” उन्होंने आगे कहा कि कई मांगों पर विचार किए जाने के बावजूद, एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल जारी रखी है।

संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी: मुख्यमंत्री साय

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रायपुर। छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जेएसडब्ल्यू इस्पात संयंत्र में ‘दुर्घटना’ में उप प्रबंधक की मौत

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड के संयंत्र में बृहस्पतिवार को “दुर्घटना” में एक उप प्रबंधक की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। खरसिया शहर के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) प्रभात पटेल ने बताया कि यह घटना भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के नहरपाली गांव स्थित संयंत्र के सिंटर प्लांट सेक्शन के यार्ड में सुबह हुई। एसडीओपी ने घटना का ब्यौरा दिए बिना बताया कि दुर्घटना के बाद रायगढ़ जिले के तारापुर निवासी उप प्रबंधक रवींद्र डनसेना (43) को जिंदल फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पटेल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों ने की दो ग्रामीणों की हत्या

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सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की हत्या कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में केरलापाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिरसेटी गांव में नक्सलियों द्वारा दो ग्रामीणों की हत्या किए जाने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा, ”पुलिस सूचनाओं की पुष्टि कर रही है तथा इस संबंध में आगे की जरूरी कार्रवाई कर रही है। घटना का विवरण बाद में साझा किया जाएगा। सुकमा सहित सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में इस साल अब तक माओवादी हिंसा में लगभग 35 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य के बीजापुर में नक्सलियों ने 29 अगस्त को एक ‘शिक्षादूत’ (सरकारी स्कूलों में अस्थायी अतिथि शिक्षक) का अपहरण कर हत्या कर दी थी। इससे पहले 27 अगस्त को सुकमा जिले में इसी तरह की घटना में एक और ‘शिक्षादूत’ की हत्या कर दी गई थी।

बीजापुर कन्या आवासीय विद्यालय में नौवीं की छात्रा ने फंदा लगाकर की आत्महत्या

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ में बीजापुर के नैमेड स्थित कन्या पोटाकेबिन में नौवीं कक्षा की छात्रा ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आज यह जानकारी दी। छात्रा की पहचान पिंकी कुरसम के रूप में की गई है। वह चिननाकवाली की निवासी थी। घटना कल शाम के समय की है जब भोजन के समय साथी छात्राओं के साथ जाने से मना कर दिया। जब साथी छात्राये वापस लौटी तो बगल के कमरे का दरवाज़ा बंद मिला खिड़की से झांक कर देखने पर पिंकी फर्श में गिरी थी।

प्रारंभिक जांच में पिंकी ने पंखे में चुन्नी बांधकर आत्महत्या का प्रयास किया लेकिन चुन्नी टूटने से वह नीचे गिर गई। स्टाफ ने दरवाजा तोड़कर उसे जिला अस्पताल पहुँचाया जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सिविल सर्जन रत्न ठाकुर के अनुसार शव को आज शवगृह में रखा गया है थोड़े देर में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जाएगी। डीईओ लखनलाल धनेलिया ने बताया आत्महत्या का कारण अज्ञात है।मामले की जानकारी बीजापुर कोतवाली पुलिस को दी गई है। मामले की जाँच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में बदला मौसम, कई जिलों में हल्की बारिश की चेतावनी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई ज़िलों में सोमवार को हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञान विभाग, रायपुर केंद्र के आज जारी ताज़ा नाउकास्ट चेतावनी के अनुसार राज्य में यह सुबह 07:20 बजे से लेकर 10:20 बजे तक प्रभावी रहेगी। मौसम विभाग में जिन क्षेत्रों के लिए यह चेतावनी जारी करी है उनमें सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर सहित लगभग सभी जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने किसानों को सुझाव दिया है कि वह अपनी फसलें खुले में ना रखे हैं। बारिश की वजह से उनकी फसलों को नुकसान हो सकता है। विभाग ने कहा फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता की वजह से यातायात में 10:15 मिनट की देरी हो सकती है। मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें और सावधानी बरतें।

गृहमंत्री शाह के खिलाफ ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणी मामले में ऐक्शन, छत्तीसगढ़ में तृणमूल सांसद मोइत्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

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रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित “आपत्तिजनक” टिप्पणी को लेकर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ छत्तीसगढ़ के रायपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय निवासी की शिकायत के आधार पर मोइत्रा के खिलाफ शनिवार को माना थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और धारा 197 (राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले आरोप, दावे) के तहत मामला दर्ज किया गया।

मोइत्रा ने कथित तौर पर यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया है कि अगर अमित शाह बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने में विफल रहते हैं, तो “पहली चीज जो आपको करनी चाहिए वह यह है कि अमित शाह का सिर काटकर अपनी मेज पर रख दें।” उन्होंने यह कथित बयान बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए दिया। हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ स्वतंत्र रूप से वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका।

तृणमूल सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा पर अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता गोपाल सामंतो ने आरोप लगाया कि मोइत्रा की टिप्पणी आपत्तिजनक और असंवैधानिक थी। अधिकारी ने बताया कि शिकायत में यह भी कहा गया है कि 1971 में रायपुर के माना कैंप क्षेत्र में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी शरणार्थी बसे थे और मोइत्रा के बयान से उनमें भय पैदा हो गया है, क्योंकि इस तरह की टिप्पणी से अन्य समुदायों में उनके प्रति गुस्सा भड़क सकता है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शिक्षादूत की हत्या, हत्यारे की तलाश में जुटी पुलिस

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में अज्ञात लोगों ने सरकारी स्कूलों में अस्थायी अतिथि शिक्षक एक शिक्षादूत की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के गांव तोड़का की है जहां अज्ञात लोगों ने शिक्षादूत कल्लू ताती (25) की धारदार हथियार से हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि ताती जिले के गांव लेंड्रा के स्कूल में शिक्षादूत के रूप में कार्यरत थे। पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस घटना को नक्सलियों ने अंजाम दिया है, हालांकि घटनास्थल से कोई भी माओवादी पर्चा बरामद नहीं हुआ है।

अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार सुबह सुरक्षाबलों की एक टीम को घटनास्थल भेजा गया। पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नक्सली बस्तर क्षेत्र में पुलिस मुखबिर होने के संदेह में शिक्षादूतों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में बस्तर क्षेत्र के चार जिलों में नक्सलियों ने कम से कम सात शिक्षादूतों की हत्या की है, जिनमें से पांच हत्याएं इसी वर्ष हुईं। इससे पहले 27 अगस्त को सुकमा जिले में नक्सलियों ने एक शिक्षादूत की हत्या कर दी थी। बस्तर क्षेत्र के नारायणपुर जिले में 15 अगस्त को भी एक शिक्षादूत की हत्या की गई थी। वहीं, पिछले महीने बीजापुर जिले के फरसेगढ़ इलाके में नक्सलियों ने पुलिस मुखबिर होने के शक में दो शिक्षादूतों की हत्या कर दी थी। पड़ोसी जिले दंतेवाड़ा में 19 फरवरी को भी इसी तरह के आरोप में एक शिक्षादूत समेत दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में इस वर्ष अब तक माओवादी हिंसा में 30 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

जापान-कोरिया यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को विभिन्न क्षेत्रों में छह निवेश प्रस्ताव मिले: सीएम विष्णुदेव साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को कहा कि उनकी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा के दौरान राज्य को खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों सहित प्रमुख क्षेत्रों में छह बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं। जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से लौटने के बाद रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बात करते हुए साय ने कहा कि ये निवेश प्रस्ताव सरताज फूड्स, एसएएस सान्वा, बायोसीड्स, बियानी ग्रुप और माडर्नटेक जैसी कंपनियों से आए हैं। साय ने कहा, ”इन निवेश प्रस्तावों के चलते छत्तीसगढ़ में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और कृषकों को भी उनके उत्पादन का उचित मूल्य मिलेगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि एनटीटी, जेट्रो (जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन), केआईटीए, मोराबु, हंशिन, एटीसीए और यूनिकोरेल जैसी बड़ी संस्थाओं से आईटी, सेमीकंडक्टर, क्लाउड, फार्मा, इलेक्ट्रानिक्स, लाजिस्टिक और कौशल प्रशिक्षण पर महत्वपूर्ण चर्चा भी हुई है।

साय ने कहा, ”कोरिया में आईसीसीके (इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया) के साथ हमारा एमओयू हुआ। वे हमारे ज्ञान साझेदार बनेंगे। उनकी मदद से हमें अपनी नई औद्योगिक नीति के तहत आने वाले उद्योगों में नई तकनीक और कौशल युक्त मानव श्रम तैयार करने में मदद मिलेगी।” उन्होंने कहा, ”हमने टोक्यो, ओसाका और सियोल में छत्तीसगढ़ ‘इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम किये। इससे एशिया के बड़े निवेशकों के बीच हमारी मजबूत पहचान बनी है।” साय ने कहा, ”मैं बताना चाहता हूं कि पहली बार कोरिया में छत्तीसगढ़ का कोई प्रतिनिधिमंडल गया है।” मुख्यमंत्री ने 22 से 29 अगस्त तक की आठ दिवसीय यात्रा को राज्य में विदेशी निवेश लाने, नये नेटवर्क स्थापित करने तथा बेहतर औद्योगिक भविष्य के दरवाजे खोलने की दिशा में बेहद सफल यात्रा कहा। साय ने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि और नेतृत्व हमें निरंतर मार्गदर्शन और प्रेरणा दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, ”ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में हमने अपनी दीर्घा में राज्य की नई औद्योगिक नीति के बारे में बताया। साथ ही सिरपुर के माध्यम से बौद्ध धर्म से प्रदेश के जुड़ाव को भी रखा। ढोकरा, कोसा जैसे हस्तशिल्प भी हमने प्रस्तुत किये।” साय ने कहा, ”हम पर जनता ने जो भरोसा जताया उस पर खरा उतरने के लिए हमने दिन रात मेहनत किया। इससे जनता का भरोसा और मजबूत होना स्वाभाविक है। हमने मोदी जी की सभी प्रमुख गारंटियों को तो पूरा कर ही दिया है। हमने अपनी कार्यशैली से सुशासन को एक नई ऊंचाई दी है।” राज्य के मंत्री केदार कश्यप, ओपी चौधरी, गजेंद्र यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने हवाई अड्डे पर साय का स्वागत किया।

मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाला व्यक्ति कांग्रेस का नहीं भाजपा का नेता: पूर्व सीएम बघेल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि बिहार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अभद्र टिप्प्णी करने वाले व्यक्ति कांग्रेस को नहीं भारतीय जनता पार्टी का सदस्य है और उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ उसकी तस्वीर होने का दावा किया है। बघेल ने कांग्रेस की छवि खराब करने के लिए भाजपा द्वारा षड्यंत्र रचने की आशंका भी जतायी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, गाली गलौच कोई भी करे वह गलत है। जिस मंच की बात कर रहे हैं वहां गठबंधन के कोई नेता नहीं थे, न राहुल गांधी न तेजस्वी यादव। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें सामने आ रही है कि वो भाजपा का नेता है, जिसने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग किया है। उस व्यक्ति की तस्वीर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ट्विटर में देखी गई है।