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छाल रेंज में हाथियों का आतंक जारी, पोल्ट्री फार्म में घुसा हाथी

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले के छाल रेंज के एडु गाँव में गुरुवार देर रात एक हाथी अचानक एक पोल्ट्री फार्म में घुस गया, जिससे गाँव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सायरन बजाया, जिसकी तेज आवाज सुनकर हाथी धीरे-धीरे जंगल की ओर लौट गया। गौरतलब है कि छाल रेंज और आसपास के गाँवों में हाथियों का झुंड लगातार आते रहता है।

कई बार हाथी फसलों और घरों को भी नुकसान पहुँचा चुके हैं। हालाँकि इस बार ग्रामीणों की सतर्कता से बड़ा हादसा होने से टल गया। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी एक हाथी राइस मिल में घुस गया था, जिसे ग्रामीणों ने सूझबूझ से भगाकर जंगल की ओर खदेड़ दिया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और अब सवाल ये है कि आखिर हाथियों का यह आतंक कब थमेगा।

छत्तीसगढ़ सरकार ने बनाए तीन नए मंत्री, हाईकोर्ट पहुंची कांग्रेस

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी सरकार में तीन नये मंत्री बनाये जाने का विरोध करते हुए कांग्रेस ने इसके खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख कर जनहित याचिका लगायी है। राज्य की भाजपा सरकार में कुछ दिनों पहले तीन नए मंत्री बनाए जाने से मंत्रियों की संख्या बढ़कर 11 से बढ़कर 14 हो गयी है। कांग्रेस इसका विरोध कर रही है और इसके खिलाफ अब उच्च न्यायालय में जनहित याचिका लगाई गई है। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग, मुख्यमंत्री समेत सभी 14 मंत्रियों को पक्षकार बनाया गया है। इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है। कांग्रेस का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 164 (1क) उल्लंघन है।

कांग्रेस के कार्यकर्ता बसदेव चक्रवर्ती ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका लगाई है। याचिका में याचिकाकर्ता का तर्क है कि विधानसभा में मंत्रिमंडल के सदस्य कुल सीटों की संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती है। छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें हैं। इस आधार पर मंत्रिमंडल का प्रतिशत 13.50 है। जो कि 15 प्रतिशत से ज्यादा है। विदित हो कि छत्तीसगढ़ में 20 अगस्त को तीन नए मंत्रियों के शपथ के बाद मंत्रिमंडल की कुल संख्या 14 हो गई है।

मुख्यमंत्री साय ने दक्षिण कोरिया के निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए किया आमंत्रित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में संभावनओं का जिक्र करते हुए दक्षिण कोरिया की कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। साय निवेश आकर्षित करने के लिए 22 जुलाई से जापान और दक्षिण कोरिया की 10 दिन की यात्रा पर हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने बृहस्पतिवार को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं की विस्तार से जानकारी दी।

साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी प्रो-एक्टिव और विकासोन्मुख औद्योगिक नीति 2024–30, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों तथा प्रशिक्षित जनशक्ति के बल पर वैश्विक निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि कोरियाई ब्रांड हर भारतीय घर का हिस्सा हैं। एलजी, सैमसंग, हुंदै जैसी कंपनियां गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में जल, ऊर्जा, लौह अयस्क व स्टील और बेहतरीन संपर्क सुविधा उपलब्ध है। ये संसाधन दक्षिण कोरियाई निवेशकों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलते हैं। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सभी प्रकार की मंजूरी की एक ही जगह व्यवस्था, व्यवसाय सुगमता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से प्रत्येक निवेशक को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज खनिज, ऊर्जा, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आईटी-स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेश का स्वागत कर रहा है। साय ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वावलंबन और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर केंद्रित है। औद्योगिक निवेश के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी हमारी प्राथमिकता है। अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत के राजदूत अमित कुमार से भारतीय दूतावास, सियोल में मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने स्टील और खनिज से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स व खाद्य प्रसंस्करण तक, मजबूत द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया है। उन्होंने दक्षिण कोरिया और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक एवं कारोबारी रिश्तों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन साझेदारियों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान तथा नवाचार और उच्च मूल्य रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ राज्य के उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का दिया निर्देश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग में बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। साय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। इससे पहले, एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि लगातार बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ के बाद दो हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

राज्य के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने यहां संवाददाताओं को बताया कि बाढ़ से आठ लोगों की मृत्यु हुई है तथा 96 मवेशी मारे गए हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में लगभग 495 घरों और 16 पुलियों और पुलों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण कई नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बस्तर में बाढ़ को लेकर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को राहत राशि अविलंब उपलब्ध कराई जाए। साय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का दौरा करें और राहत कार्यों का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि प्रभावित गांवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव जैन ने जिलाधिकारियों से कहा कि यदि उन्हें शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें, जिससे शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। वहीं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। राहत शिविरों और प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बैठक में राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्यमंत्री को बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आवंटन भी कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि साय ने चारों जिलों के जिलाधिकारियों से सीधे संवाद कर उनके क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारियों ने बताया कि अब अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है तथा स्थिति नियंत्रण में है। राजस्व मंत्री वर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि बस्तर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, लेकिन बुधवार रात बारिश थम गई जिसके बाद स्थिति सामान्य होने लगी है। उन्होंने बताया, ”बीजापुर और दंतेवाड़ा मार्ग खुल गया है। जगदलपुर और सुकमा के बीच छिंदगढ़ के पास बाढ़ के कारण पुलिया से वाहनों की आवाजाही बाधित हुई है, लेकिन आज रात तक इसके बहाल होने की संभावना है। सुकमा-कोंटा मार्ग भी पुलिया पर जलस्तर कम होने के बाद खोल दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ को 2024-25 के दौरान खनिज राजस्व के रूप में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये मिले

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रायपुर। छत्तीसगढ़ को वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान खनिज राजस्व के रूप में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है, जो 2023-24 की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की 25वीं बैठक आज रायपुर में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य में खनिज साधन विभाग के सचिव पी दयानंद ने की। उन्होंने बताया कि बैठक में केंद्र सरकार तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों, उपक्रमों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग, नई खनन परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करना और पिछले वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा करना था।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में वर्ष 2024-25 के दौरान पूरे हुए खनन कार्यों और उनसे प्राप्त उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पिछले वित्त वर्ष में प्रदेश को खनिज राजस्व के रूप में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। यह 2023-24 की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि इस वृद्धि ने न केवल प्रदेश के आर्थिक ढांचे को मजबूती दी है, बल्कि खनन क्षेत्र में नए निवेश और अवसरों के द्वार खोले हैं। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य में खनिज अन्वेषण और खनिज दोहन के क्षेत्र में कार्यरत भारत सरकार तथा राज्य सरकार के विभागों और संस्थानों के द्वारा वर्ष 2024-25 में किये गये भू-वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जहां वर्ष 2024-25 के कार्यों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई वहीं प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों की खोज के लिए 2025-26 में प्रस्तावित भू-वैज्ञानिक कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद ने कहा, ”खनिज किसी भी राज्य और देश के सर्वांगीण विकास की रीढ़ होती है।

राज्य में रणनीतिक एवं महत्वपूर्ण खनिज की खोज यहां विकास के एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज आधारित नए उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य में विद्यमान विभिन्न खनिजों का सतत एवं व्यवस्थित तरीके से अन्वेषण किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में उपस्थित अन्वेषण कार्यों से संबद्ध सभी विभागों और संस्थानों से यह आग्रह किया गया कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए वे अपनी कुशलता, संसाधन और उपलब्ध नवीनतम तकनीक का उपयोग कर प्रदेश में पाये जाने वाले महत्वपूर्ण खनिजों का अन्वेषण करें।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में आठ नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में आठ नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले में दो महिला नक्सलियों समेत आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में सुखलाल जुर्री (33), हुर्रा उर्फ हिमांशू मिड़ियाम (25), कमला गोटा (32), राजू पोडियाम उर्फ सुनील पोडियाम (33), दीपा पुनेम, मनीराम कोर्राम (20), सुक्कू फरसा उर्फ नागेश (18) और रामू राम पोयाम (23) शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली डिविजनल कमेटी सदस्य जुर्री और नक्सली हुर्रा पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था।

वहीं कमला गोटा और राजू पोडियाम पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले अन्य नक्सलियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया और उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत मिलने वाली सुविधाएं दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जिले में इस वर्ष अब तक कुल 148 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया है।

छत्तीसगढ़ सरकार: मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का किया गया बंटवारा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद सभी मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राजधानी रायपुर स्थित राजभवन में राज्यपाल रमेन डेका ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन विधायकों राजेश अग्रवाल, गुरु खुशवंत साहेब और गजेंद्र यादव को मंत्री पद की शपथ दिलाई। उन्होंने बताया कि तीन नए सदस्यों के शामिल होने के बाद मंत्रिमंडल की संख्या बढ़कर 14 हो गई। अधिकारियों ने बताया कि नए मंत्रियों की नियुक्ति के साथ ही आठ अन्य मौजूदा मंत्रियों के कुछ विभागों में फेरबदल भी किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर बताया, “मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। कार्य विभाजन एवं दायित्व के साथ मेरे सहयोगी गण नई ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करने तैयार हैं। सभी मंत्रीगण प्रदेश की आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने, हमारे संकल्पों की सिद्धि कर यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने, विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में अपना योगदान देने समूची प्रतिबद्धता के साथ तैयार हैं।

मंगलकामनाएं!” मंत्रियों को आवंटित किए गए विभागों की सूची के अनुसार, शपथ लेने वाले मंत्रियों में गजेंद्र यादव को स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग, गुरू खुशवंत साहेब को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग का प्रभार मिला है। वहीं अग्रवाल को पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग आवंटित किए गए हैं। स्कूल शिक्षा, कुटीर उद्योग, पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पास थे, जबकि विधि एवं विधायी कार्य विभाग उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पास थे। सूची के अनुसार, उपमुख्यमंत्री अरुण साव को लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग का दायित्व सौंपा गया है। इससे पहले खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मंत्री टंक राम वर्मा के पास था। सूची के अनुसार, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का दायित्व सौंपा गया है।

वहीं वरिष्ठ मंत्री रामविचार नेताम को आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन और पशुधन विकास विभाग का दायित्व सौंपा गया है। सूची के अनुसार, मंत्री केदार कश्यप को संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता और परिवहन विभाग का दायित्व सौंपा गया है। इससे पहले परिवहन विभाग मुख्यमंत्री साय के पास था। वहीं मंत्री लखन लाल देवांगन को वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम और वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग का दायित्व सौंपा गया है। इससे पहले वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग मुख्यमंत्री साय के पास था। सूची के अनुसार, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक विकास तथा बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग का दायित्व सौंपा गया है। इससे पहले पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग, मंत्री रामविचार नेताम के पास था। वहीं मंत्री टंकराम वर्मा को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा विभाग का दायित्व सौंपा गया है।

इससे पहले उच्च शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री साय के पास था। सूची के अनुसार, मंत्री दयाल दास बघेल, ओपी चौधरी और लक्ष्मी राजवाड़े के विभाग में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। बघेल के पास खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, चौधरी के पास वित्त, वाणिज्यिक कर (आबकारी को छोड़कर), आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और राजवाड़े के पास महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग है। मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद अब सरकार में ओबीसी वर्ग के सात सदस्य उपमुख्यमंत्री साव, देवांगन, जायसवाल, चौधरी, वर्मा, राजवाड़े और नवनियुक्त मंत्री यादव हैं। वहीं मुख्यमंत्री साय, नेताम और कश्यप अनुसूचित जनजाति से हैं जबकि मंत्री बघेल व नवनियुक्त मंत्री गुरु खुशवंत साहेब अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। राज्य में उपमुख्यमंत्री शर्मा और नवनियुक्त मंत्री अग्रवाल सामान्य वर्ग से हैं। लक्ष्मी राजवाड़े मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला सदस्य हैं।

छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के लिए 90 एकड़ भूमि को रियायती दर पर आवंटित करने का फैसला

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज ‘मंत्रालय’ (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का फैसला किया है।

अधिकारियों ने बताया कि इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसावट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक, आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट विस्तार: तीन नए मंत्रियों की शपथ लेने की संभावना

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में बुधवार को तीन नए मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है जिसके बाद मंत्रिमंडल सदस्यों की कुल संख्या 14 हो जायेगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कल तीन नए मंत्री राजभवन में शपथ ले सकते हैं। इनमें अनुसूचित जाति, सामान्य वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) वर्ग से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। कैबिनेट विस्तार के साथ ही पुराने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी तैयारी है। वहीं, कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाए जाने की चर्चा भी राजनीतिक गलियारों में तेज है।

कल रात विधायक गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब और मौजूदा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक विजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से सीएम हाउस में मुलाकात की। इसके बाद से अटकलें और तेज हो गयी हैं। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक के बाद संघ, सत्ता और संगठन की संयुक्त बैठक होगी। इसी बैठक में अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। कैबिनेट विस्तार से सत्ता संतुलन साधने और क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर मंत्रियों का चयन किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में बस्तर ने नया मापदंड स्थापित किया: साय सरकार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग आदिवासी बहुल क्षेत्र में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के साथ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को यह दावा किया। सरकार द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री विश्नुदेव साई बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए दृढ़ निश्चय के साथ निरंतर प्रयास कर रहे हैं, जहां आयुष्यमान भारत डिजिटल मिशन, आयुष्यमान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और अगली पीढ़ी की (नेक्सट जेन) ई-अस्पताल प्रणाली का प्रभावी कार्यान्वयन परिवर्तनकारी साबित हो रहा है।

इसमें कहा गया है कि यह ‘नेक्स्ट जेन’ ई-अस्पताल प्रणाली बस्तर संभाग के छह जिला अस्पतालों, दो सिविल अस्पतालों समेत बस्तर, कांकेर, कोंडगांव, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जैसे सात जिलों के 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लागू है। यह प्रणाली ओपीडी पंजीकरण, परामर्श, निदान, दवा वितरण और सभी मरीजों से संबंधित चिकित्सा जानकारी को एक डिजिटल मंच पर एकत्रित करती है, जिससे उन्हें बेहतर और समय पर सेवाएं मिलती हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि डिजिटल प्रौद्योगिकी के एकीकरण से इन अस्पतालों में पारदर्शिता, दक्षता और मरीजों की संतुष्टि में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आयुष्यमान भारत डिजिटल मिशन के तहत संभाग में अस्पतालों के लिए स्वास्थ्य सुविधा पंजीकरण (एचएफआर) और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ के लिए स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकरण (एचपीआर) पूरा किया जा चुका है।

अस्पताल परिसर में आयुष्यमान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा) बूथ स्थापित किए गए हैं जिससे मरीजों को अपना स्वास्थ्य खाता बनाने में आसानी हो रही है। ‘स्कैन और शेयर’ विशेषता और आभा आईडी-आधारित ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण के कारण मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा होने से राहत मिल रही है, जिससे उन्हें त्वरित सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में ये सुविधाएं केवल डिजिटलिकरण तक सीमित नहीं हैं बल्कि यह एक शक्तिशाली ब्रिज की तरह कार्य करती हैं और ग्रामीण-सुदूर क्षेत्रों को गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाओं से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाएगी बल्कि ‘स्वस्थ भारत’ के निर्माण में छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण योगदान भी सुनिश्चित करेगी।