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छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को उनके गांवों में ही ये सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बैंकिंग सुविधाएं न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देती हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन का आधार भी बनती हैं। एक सरकारी बयान में कहा गया कि वह रविवार को जशपुर जिले के बगिया गांव स्थित अपने कैंप कार्यालय से छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की तीन नई शाखाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। बयान के मुताबिक नई शाखाएं जशपुर के आरा, कुडेकेला और छिछली गांवों में स्थित हैं। नई शाखाएं 23 ग्राम पंचायतों और 48 आश्रित गांवों के लगभग 44,000 लोगों को सेवाएं देंगी।

छत्तीसगढ़ में ‘गौधाम योजना’ होगी शुरू; पशुधन सुरक्षा, नस्ल सुधार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल : सीएम साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने एवं पशुधन संरक्षण को नई दिशा प्रदान करने के लिए गौधाम योजना की शुरुआत करने जा रही है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल पशुधन की सुरक्षा एवं नस्ल सुधार को बढ़ावा देगी बल्कि जैविक खेती, चारा विकास और गौ-आधारित उद्योगों के माध्यम से गांव-गांव में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी। योजना का स्वरूप इस तरह तैयार किया गया है कि निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं की देखभाल के साथ-साथ चरवाहों और गौसेवकों को नियमित आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध हो, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक स्थिरता एवं आत्मनर्भिरता प्राप्त हो सके।

गौधाम योजना के ड्राफ्ट को वत्ति एवं पशुधन विकास विभाग से भी मंजूरी प्राप्त हो चुकी है। गौधाम योजना का उद्देश्य गौवंशीय पशुओं का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन करना, गौ-उत्पादों को बढ़ावा देना, चारा विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना, गौधाम को प्रशक्षिण केंद्र के रूप में विकसित करना, ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना तथा फसलों के नुकसान और दुर्घटनाओं में पशु एवं जनहानि से बचाव सुनिश्चित करना है। पशुधन विकास विभाग ने यह योजना विशेष रूप से तस्करी या अवैध परिवहन में पकड़े गए पशुओं और घुमंतु पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की है। राज्य में अवैध पशु तस्करी एवं परिवहन पर पहले से रोक है।

अंतरराज्यीय सीमाओं पर पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में गौवंशीय पशु जब्त होते हैं। इन पशुओं और घुमंतु पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए ही यह योजना शुरू की जा रही है। प्रत्येक गौधाम में क्षमता के अनुसार अधिकतम 200 गौवंशीय पशु रखे जा सकेंगे। गौधाम योजना के अंतर्गत चरवाहों को 10,916 रुपए प्रतिमाह और गौसेवकों को 13,126 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही मवेशियों के चारे के लिए प्रतिदिन निर्धारित राशि प्रदान की जाएगी। उत्कृष्ट गौधाम को वहां रहने वाले प्रत्येक पशु के लिए पहले वर्ष 10 रुपए प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपए प्रतिदिन, तीसरे वर्ष 30 रुपए प्रतिदिन और चौथे वर्ष 35 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से राशि दी जाएगी। योजना के लिए बजट, नियम और शर्तें तय कर दी गई हैं ताकि संचालन में किसी तरह की परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गौधाम योजना से प्रदेश में पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और बड़ी संख्या में चरवाहों एवं गौसेवकों को नियमित आय का साधन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुओं की नस्ल सुधार कर उन्हें अधिक दूध देने और खेती-किसानी में पूरी क्षमता से उपयोग करने योग्य बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में जैविक खेती और चारा विकास कार्यक्रमों को भी गति मिलेगी, जिससे ग्राम स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। ऐसी शासकीय भूमि, जहां सुरक्षित बाड़ा, पशुओं के शेड, पर्याप्त पानी और बिजली की सुविधा उपलब्ध हो वहीं गौधाम की स्थापना की जाएगी। जिन गौठानों में पहले से अधोसंरचना विकसित है वहां उपलब्धता के आधार पर गौठान से सटे चारागाह की भूमि को हरा चारा उत्पादन के लिए दिया जाएगा।

इसके अलावा अगर आसपास की पंजीकृत गौशाला की समिति संचालन के लिए असहमति व्यक्त करती है तो अन्य स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी या सहकारी समिति संचालन के लिए आवेदन कर सकेगी। जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर गौधाम स्थापित किए जाएंगे जो पंजीकृत गौशालाओं से भन्नि होंगे। पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गौधाम स्थापित किए जाएंगे। जिला स्तरीय समिति प्राप्त आवेदनों का तुलनात्मक अध्ययन कर चयनित संस्था का नाम छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजेगी। मंजूरी के बाद चयनित संस्था और आयोग के बीच करार होगा जिसके पश्चात गौधाम का संचालन उस संस्था को सौंपा जाएगा।

गौधाम में गोबर बक्रिी नहीं होगी, पशुओं के गोबर का उपयोग चरवाहा स्वयं करेगा। यहां निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं को ही रखा जाएगा और उनका वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन होगा। संचालन में गौशालाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य गौ सेवा आयोग में पंजीकृत गौशाला की समिति, स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, किसान उत्पादक कंपनी और सहकारी समिति संचालन के लिए पात्र होंगी। गौधाम को वहां रहने वाले पशुओं की संख्या के आधार पर राशि दी जाएगी। गौधाम से सटी भूमि पर चारा विकास के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी—एक एकड़ में चारा विकास कार्यक्रम पर 47,000 रुपए और पांच एकड़ के लिए 2,85,000 रुपए का प्रावधान है। प्रत्येक गौधाम को प्रशक्षिण केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। संचालनकर्ता समिति या संस्था ग्रामीणों को गौ-उत्पाद विषय पर प्रशक्षिण देगी और उन्हें गौ-आधारित खेती के लिए प्रेरित करेगी। इसके साथ ही गोबर और गौमूत्र से केंचुआ खाद, कीट नियंत्रक, गौ काष्ठ, गोनोइल, दीया, दंतमंजन, अगरबत्ती आदि बनाने का प्रशक्षिण, उत्पादन और बक्रिी के लिए भी गौधाम एक माध्यम बनेंगे।

छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

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मानपुर। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में जिला पुलिस बल के आरक्षक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरक्षक का नाम नरेश सलामे है, जो अंबागढ़ पुलिस थाने में पदस्थ था। अंबागढ़ चौकी एसडीओपी राजेश्वर दीवान ने इसकी पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार, आरक्षक सलामे ने थाना परिसर के बाहर स्थित अपने शासकीय क्वाटर में शुक्रवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक अपने तीन बच्चे और पत्नी के साथ सरकारी क्वाटर में रहता था। शनिवार सुबह सलामे की लाश फांसी पर लटकी मिली। घटना की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई: दो लाख के इनामी सहित पांच नक्सलियों को जवानों ने किया गिरफ्तार

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सुकमा। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ख़िलाफ़ चलाये जा रहे अभियान में पुलिस जवानों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो लाख के इनामी सहित पांच नक्सलियों को जवानों ने गिरफ्तार किया है। जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई में तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। इन नक्सलियों में एक पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। नक्सलियों की गिरफ्तारी सुकमा पुलिस के नक्सल उन्मूलन अभियान का हिस्सा है, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चलाया जा रहा है। चिंतलनार पुलिस और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने मिलकर जिले में दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया है।

ये दोनों नक्सली जगरगुंडा एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्य हैं। गौरतलब है कि इन नक्सलियों पर इस साल 19 जून को तीमापुरम गांव के एक ग्रामीण मुचाकी हितेश को पुलिस का मुखबिर होने के शक में अगवा कर मारने की कोशिश करने का आरोप है. उन्होंने हितेश को लाठी-डंडों से पीटा और गला दबाकर मरा हुआ समझकर छोड़ दिया था इस मामले में अब तक कुल चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और कैंप टेकलगुडेम के सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम ने अलीगुड़ा और जोनागुड़ा गांवों के आसपास तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान जिन तीन नक्सलियों को पकड़ है उनमें सोड़ी नंदू उर्फ भीमा (30) निवासी- इत्तापारा, जोनागुड़ा है। वह मिलिशिया कमांडर था और इस पर दो लाख का इनाम रखा गया था।

पुनेम कोसा (30) निवासी- बुरकापारा, जोनागुड़ा, मड़कम पोदिया (30) निवासी- इत्तापारा, अलीगुड़ा दोनों भी मिलिशया सदस्य हैं। गिरफ्तार किए गए इन तीनों नक्सलियों ने 23 जून, 2024 को तिम्मापुरम गांव के पास 201वीं कोबरा बटालियन के ट्रक को आईईडी विस्फोट से उड़ाने की घटना में शामिल होने की बात कबूल की है। इस हमले में दो जवान शहीद हो गए थे।पुलिस ने इन नक्सलियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई एक बैटरी भी बरामद की है। इन सभी पर पहले से ही जगरगुंडा थाने में हत्या और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। इन्हें माननीय विशेष न्यायालय दंतेवाड़ा के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से न्यायिक रिमांड मिलने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। सुकमा डीएसपी परमेश्वर तिलकवार ने बताया कि नक्सल ऑपरेशन पर निकले जवानों ने दो लाख के इनामी सहित पांच नक्सलियों को जवानों ने गिरफ्तार किया है और न्यायालय में पेश कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में तीन युवकों पर गिरी बिजली, एक की मौत, दो झुलसे

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोलाईबहाल में बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। हादसा उस समय हुआ जब तीनों युवक गांव के चौराहे पर नीम पेड़ के नीचे खाना खाकर बातचीत कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक कोलाईबहाल निवासी साहिल मर्धिा, विजय तुरी और उड़ीसा के ग्राम बिजना निवासी करन मराठा (21) गांव में किराए के मकान में रहकर मजदूरी करते थे।

अपराह्न करीब दो बजे अचानक तेज गड़गड़ाहट के साथ बिजली नीम पेड़ पर गिरी और तीनों उसकी चपेट में आ गए। करन मराठा और साहिल मर्धिा मौके पर ही अचेत हो गए जबकि विजय तुरी झुलस गया। ग्रामीणों की मदद से घायलों को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने करन मराठा को मृत घोषित कर दिया। मृतक उड़ीसा से मजदूरी करने आया था और यहां रहकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी असमय मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों और परिजनों ने शासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।

नशे की तस्करी में पकड़े जाने पर संपत्ति होगी जब्त : डिप्टी सीएम शर्मा

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने एक बैठक में कहा कि यदि कोई व्यक्ति दो से अधिक बार शराब या अन्य नशे की तस्करी में संलिप्त पाया जाता है तो उसकी संपत्ति जब्त करने की कानूनी कार्रवाई तत्काल आरंभ की जाएगी। डिप्टी सीएम शर्मा ने शुक्रवार को यहां बैठक में जिले में किए जा रहे नवाचारों और योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। उन्होंने नशा उन्मूलन के लिए पुलिस विभाग, जनप्रतिनिधियों और दवा व्यापारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जगदलपुर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शीघ्र ओपीडी सेवा प्रारंभ करने को कहा, ताकि आम जनता को विशेषज्ञ चिकत्सिा सुविधाएं सुलभ हो सकें।

उपमुख्यमंत्री ने राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों में कॉम्प्लेक्स निर्माण कर पंचायतों को स्वावलंबी बनाने का सुझाव दिया, जिससे पंचायतों को स्थायी राजस्व प्राप्त हो सके। उन्होंने पंचायत सचिवों को अविवादित बंटवारे के मामलों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने हेतु ब्लॉक स्तर पर प्रशक्षिण देने और जनजागरूकता के लिए मुनादी एवं होर्डिंग लगाने के निर्देश भी दिए। बैठक में पंचायत विभाग द्वारा किए गए नवाचारों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, महतारी सदन, दीनदयाल अंत्योदय योजना, बिहान, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सल पीड़ित हितग्राहियों को प्रथम किश्त के उपरांत आवास की प्रगति, ग्राम पंचायतों में पंजी संधारण की स्थिति, डीपीआरसी ट्रेनिंग सेंटर, स्वच्छ भारत मिशन तथा आगामी तीन माह की कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने गृह विभाग के अंतर्गत अवैध शराब, सट्टा, जुआ, गोधन तस्करी, यातायात नियंत्रण, हिट एंड रन, मोटरयान अधिनियम की धाराओं पर की गई कार्रवाई, ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन, गुम इंसानों के प्रकरण और एनडीपीएस एक्ट के मामलों की स्थिति की जानकारी ली गई।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए नवाचारों, आयुष्मान कार्ड वितरण, मोबाइल हेल्थ वैन संचालन, जनऔषधि केंद्रों की उपलब्धता, सिकलसेल डायग्नोसिस, डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की स्थिति तथा आगामी तीन माह के लिए नर्धिारित कार्ययोजना की समीक्षा की गई। बैठक में वन विभाग द्वारा किए गए लाख उत्पादन, तेंदूपत्ता बोनस वितरण, चरण पादुका वितरण और निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ कैंपा मद में दो वर्षों के आवंटन और व्यय की जानकारी भी ली गई. महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, मातृ वंदन योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, स्वस्थ लइका अभियान और नीति आयोग के सहयोग से चल रहे प्रशक्षिण कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी बैठक में दी गई।

कांग्रेस के दीपक बैज के बयान पर विजय शर्मा ने किया पलटवार

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छत्तीसगढ़ के प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर पलटवार करते हुए छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा जिस राज्य के मुख्यमंत्री आदिवासी हैं उस राज्य में आदिवासियों की उपेक्षा का आरोप लगाना गलत है। उन्होंने कहा ह्ल हमारे मुख्यमंत्री आदिवासी हैं। उनके मार्गदर्शन में हम काम कर रहे हैं। दीपक बैज के पास बोलने के लिए कुछ विषय नहीं है इसलिए कुछ भी बोलते रहते हैं। कांग्रेस ने एक को आदिवासी कहकर मुख्यमंत्री बनाया था, आज तक कोई उनको आदिवासी नहीं मान पाया।ह्व दीपक बैज ने कल कहा है कि प्रदेश में आदिवासियों की उपेक्षा हो रही है। आदिवासी त्योहार नहीं मनाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ बुनकर समाज के प्रतिनिधियों ने की विष्णुदेव साय से मुलाकात

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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव देव साय से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उन्हें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने बुनकर समाज की सराहना करते हुए कहा कि हथकरघा कला हमारी समृद्ध विरासत है, जो प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाती है और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता को सशक्त बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बुनकर समाज अपने श्रम, कौशल और रचनात्मकता के माध्यम से राज्य का गौरव बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों की समृद्धि, सशक्तिकरण और आत्मनर्भिरता के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। कच्चा माल सुलभ कराने से लेकर लागत कम करने और विपणन की बेहतर सुविधाएं प्रदान करने तक, हर मोर्चे पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुनकरों की आत्मनिर्भरता ही उनकी रचनात्मक उड़ान को नई ऊँचाई दे सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय हमारे पारंपरिक उत्पादों और हुनर को प्रोत्साहन देने का है। हथकरघा उद्योग केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है, जिसे बुनकर समाज आज भी सहेजे हुए है।

इस अवसर पर समाज के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बुनकरों द्वारा नर्मिति करघा (कपड़ा बुनने की पारंपरिक मशीन) की प्रतिकृति भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी यह भेंट न केवल आपके सम्मान और भावनाओं का प्रतीक है, बल्कि सृजन, परंपरा और हमारे प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक है। सीएम साय ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बुनकर समाज के हर संभव सहयोग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उनके सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बुनकरों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण का होगा।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में छह इनामी नक्सलियों समेत नौ नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में 24 लाख रुपये के छह इनामी नक्सलियों समेत कुल नौ नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में बक्सू ओयाम (27), बुधराम पोटाम (36), हिड़मा ऊर्फ हिरिया (26), मंगू उईका ऊर्फ टोग्‍गी (38), रोशन कारम ऊर्फ सोनू (24), मंगलों पोड़ियाम (23), कमलू हेमला ऊर्फ कुम्मा (28), बुधराम हेमला (47) और पण्डरू पूनेम (38) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नक्सली बक्सू ओयाम माड़ डिवीजन के अंतर्गत कंपनी नंबर एक में पार्टी सदस्य है और उस पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित है। एरिया कमेटी सदस्य बुधराम पोटाम और हिड़मा ऊर्फ हिरिया पर पांच—पांच लाख रुपये का इनाम है।

अधिकारियों ने बताया कि मंगू उईका, चिन्नापल्ली एरिया कमेटी पार्टी सदस्य रोशन कारम और भैरमगढ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य मंगलों पोड़ियाम पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों का ग्रामीणों के साथ हो रहा सकारात्मक संवाद, सामुदायिक पुलिसिंग के तहत दी जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार प्रसार से नक्सलियों का माओवादी संगठन से मोहभंग हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर पारिवारिक जीवन जीने की चाह के कारण नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की संबंधित नीति के तहत 50-50 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिले में इस साल एक जनवरी से अब तक 310 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा 277 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। जिले में अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 131 माओवादी मारे गए हैं।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित एनटीपीसी में हादसा, एक मजदूर की मौत, चार अन्य घायल

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) लिमिटेड के संयंत्र में हुए हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई तथा चार अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के सीपत स्थित एनटीपीसी के संयंत्र में एयर प्री फिल्टर के प्लेटफार्म के गिरने से मजदूर श्याम साहू (27) की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में घायल चार अन्य मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीपत थाने के प्रभारी गोपाल सतपथी ने बताया कि आज जब मजदूर काम कर रहे थे तब प्लांट के यूनिट पांच में एयर प्री फिल्टर का प्लेटफार्म गिर गया। इससे पांच मजदूर घायल हो गए।

उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद संयंत्र के कर्मचारियों और अधिकारियों ने घायल मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान साहू की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल भी मौके पर पहुंच गया था। सतपथी ने बताया कि गंभीर रूप से घायल एक मजदूर को बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में तथा तीन अन्य मजदूरों को शहर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में भर्ती कराया गया है। एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी पीआर भारती ने बताया कि घायलों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जाएगी।