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छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों का लगाया हुआ प्रेशर बम फटने से एक व्यक्ति घायल

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में मंगलवार को नक्सलियों द्वारा लगाया गया प्रेशर बम फटने से 24 वर्षीय एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिले में पिछले 48 घंटों में यह इस तरह की दूसरी घटना है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना आज सुबह करीब आठ बजे हुई जब प्रमोद काकेम नामक व्यक्ति उसूर थाना क्षेत्र के गुंजेपरती गांव के पास एक जलाशय में नहाने गया था। उन्होंने बताया कि इल्मिडी थाना क्षेत्र का निवासी काकेम गुंजेपरती में अपने रिश्तेदार के यहां आया हुआ था।

अधिकारियों ने बताया कि वह अनजाने में प्रेशर बम के संपर्क में आ गया, जिससे बम में विस्फोट हो गया। अधिकारियों ने कहा कि उसकी हथेलियों में चोट आईं हैं। उन्होंने बताया कि घायल व्यक्ति का प्रारंभिक उपचार किया गया और बेहतर चिकित्सा के लिए उसे उसूर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को उसूर थाना क्षेत्र में ही पुजारीकांकेर गांव से सटे जंगल में मवेशी चराने गया 50 वर्षीय व्यक्ति इसी तरह की घटना में घायल हो गया था। माओवादी अक्सर जंगलों में नक्सल रोधी अभियानों के दौरान सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के लिए कच्चे रास्तों पर बारूदी सुरंग लगाते हैं।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में सांप के काटने से सगे भाई-बहन की मौत

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बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जहरीले सांप के काटने से सगे भाई बहन की मृत्यु हो गई। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के रामानुजगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत सेमराटोला गांव में जहरीले सांप के काटने से सोनिया (14) और उसके भाई रामसाय (आठ) की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि सेमराटोला गांव के निवासी सरवन आयाम का परिवार रविवार—सोमवार की रात रोज की तरह जमीन पर बिस्तर लगाकर सो रहा था।

देर रात लगभग तीन बजे अचानक सोनिया और रामसाय रोने लगे। अधिकारियों ने बताया कि जब सरवन ने दोनों को देखा तब सोनिया के गाल में और रामसाय के हाथ में सांप के काटने के निशान थे। उन्होंने बताया कि घटना के बाद परिजन दोनों बच्चों को वहां से लगभग सात किलोमीटर दूर रामानुजगंज के अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद रामानुजगंज थाने की पुलिस अस्पताल पहुंची तथा शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में सड़क हादसे में दो की मौत, तीन घायल

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गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई तथा तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र में एक कार के सड़क किनारे गहरे नाले में गिर जाने से उसमें सवार दो लोगों लोकेश साहू और पंकज दास की मौके पर ही मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि बिलाईगढ़ के भटगांव निवासी पांच लोग एक मारूती ब्रेजा कार में सवार होकर गरियाबंद जिले के भूतेश्वर नाथ मंदिर के दर्शन के लिए रवाना हुए थे।

अधिकारियों ने बताया कि जब वह फिंगेश्वर क्षेत्र में थे तब उनके वाहन का टायर फट गया और वह अनियंत्रित होकर लगभग 25 फुट गहरे एक नाले में गिर गया। इस घटना में दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल के लिए पुलिस दल रवाना किया गया तथा शवों और घायलों को अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि तीनों घायलों की स्थिति गंभीर है तथा उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के प्लाटून कमांडर ने खुद को मारी गोली, मौत

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Shadow of man with pistol gun turned on his head wants to commit suicide. light and shadow

कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के प्लाटून कमांडर ने खुद को गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के बयानार गांव में स्थित सीएएफ की दूसरी बटालियन में प्लाटून कमांडर दिनेश सिंह चंदेल ने रविवार देर रात लगभग 10 बजे अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली।

उन्होंने बताया कि जब चंदेल रविवार देर रात शिविर में था तब वहां मौजूद अन्य जवानों ने गोली चलने की आवाज सुनी। जब जवानों ने चंदेल के कमरे में देखा तब वह खून लथपथ पड़े थे। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद वहां मौजूद जवानों और अधिकारियों ने चंदेल को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि प्लाटून कमांडर चंदेल भिलाई के निवासी थे। उनके परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है। कोंडागांव जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेंद्र देव पटेल ने बताया कि प्लाटून कमांडर के पारिवारिक कारणों से परेशान होने की खबर है। हालांकि जांच के बाद ही इस संबंध में अधिक जानकारी मिल सकेगी।

उन्होंने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। इससे पहले 30 जुलाई को, राज्य के बीजापुर जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक आरक्षक ने कथित तौर पर अपनी सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। राज्य के गृह विभाग के अनुसार, 2019 से 15 जून, 2025 के बीच राज्य में 177 सुरक्षाकर्मियों ने आत्महत्या की है।

छत्तीसगढ़ में ननों की गिरफ्तारी का असर

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अभिषेक उपाध्याय। छत्तीसगढ़ में ननों की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति, समाज और प्रशासनिक तंत्र — तीनों स्तरों पर गहरी हलचल पैदा कर दी है। यह घटना केवल एक कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गई है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता, मानवाधिकार और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गई है।

घटना के अनुसार, कुछ ननों को धार्मिक रूपांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई, जबकि चर्च संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह गिरफ्तारी बिना ठोस सबूतों के और राजनीतिक दबाव में की गई है। इससे अल्पसंख्यक समुदायों में असुरक्षा की भावना गहराई है।

राजनीतिक रूप से भी यह मामला काफी संवेदनशील हो गया है। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है और राज्य में धर्म आधारित तनाव को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि वह केवल कानून के दायरे में काम कर रही है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है।

इस गिरफ्तारी का असर राज्य की छवि पर भी पड़ा है। छत्तीसगढ़, जो अब तक सामाजिक सौहार्द और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता था, वहां अब धार्मिक तनाव की खबरें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जा रही हैं। चर्च संगठन और मानवाधिकार समूह इस घटना को संविधान में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं।

कुल मिलाकर, ननों की गिरफ्तारी ने न केवल प्रशासनिक और राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, बल्कि यह सवाल भी उठाया है कि क्या देश में धार्मिक स्वतंत्रता वास्तव में सुरक्षित है। आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा राज्य की राजनीतिक तापमान और सामुदायिक रिश्तों को गहराई से प्रभावित कर सकती है।

छत्तीसगढ़ में हाथियों के हमले में चार लोगों की मौत, एक हाथी की करंट लगने से मौत

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अंबिकापुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पिछले दो दिनों में हाथियों के हमले की अलग-अलग घटनाओं में पिता-पुत्री समेत चार लोगों की मौत हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी कोरबा जिले में एक हाथी की भी करंट लगने से मौत हो गई, जब वह कथित तौर पर बोरवेल मशीन चलाने के लिए अवैध रूप से बिछाए गए तार के संपर्क में आ गया। उन्होंने बताया कि पहली घटना में, 30 जुलाई (बुधवार) की सुबह बकीला गांव में एक जंगली हाथी घर में घुस गया और सनमेत बाई नामक एक महिला को कुचलकर मार डाला।

अधिकारियों ने बताया कि उसका पति नेहरू कंवर मौके से भागने में सफल रहा। उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में, 30 जुलाई की शाम को लुंड्रा वन क्षेत्र के अंतर्गत बेवरा गांव में एक जंगली हाथी ने राम कोरवा (60) और उसकी बेटी प्यारी (35) को मार डाला, जब वे खेती के काम से घर लौट रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उनका पीछा किया,और उन्हें ज़मीन पर पटक दिया तथा कुचलकर मार डाला। उन्होंने बताया कि तीसरी घटना बृहस्पतिवार सुबह लुंड्रा वन क्षेत्र से लगभग 65 किलोमीटर दूर सीतापुर वन क्षेत्र के देवगढ़ गांव में हुई। अधिकारियों ने बताया कि मृतक, जिसकी पहचान मोहर साईं साईंराम (55) के रूप में हुई है, अपने धान के खेत में गया था, तभी उसका सामना दो हाथियों से हो गया। इनमें से एक हाथी ने उस पर हमला कर दिया तथा उसे कुचलकर मार डाला। उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में कोरबा में, कुदमुरा वन क्षेत्र के अंतर्गत बैगमार जंगल में बिजली का झटका लगने से एक हाथी की मौत हो गई। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

कोरबा वन मंडल के अधिकारी (डीएफओ) कुमार निशांत ने बताया कि 37 हाथियों का एक झुंड इलाके में घूम रहा था और बृहस्पतिवार की रात में उनमें से एक नर हाथी की करंट लगने से मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि इसकी सूचना मिलने पर वन अधिकारियों की एक टीम आज सुबह मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान, बैगामार निवासी तीन संदिग्धों (कृष्ण राम राठिया, बाबूराम राठिया और टीकाराम राठिया) ने पूछताछ के दौरान वन अधिकारियों को बताया कि उन्होंने एक बोरवेल चलाने के लिए अवैध रूप से बिजली का तार बिछाया था। उन्होंने बताया कि तीनों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। राज्य के उत्तरी भाग में मानव-हाथी संघर्ष पिछले एक दशक से चिंता का एक प्रमुख कारण रहा है, जबकि पिछले कुछ वर्षों में यह खतरा मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में भी फैल गया है। इस खतरे का सामना करने वाले जिले मुख्य रूप से सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर और बलरामपुर हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्य में हाथियों के हमलों में 320 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं।

सीएम साय ने मोदी से मुलाकात में भविष्य की प्राथमिकताओं से कराया अवगत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट कर राज्य के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और भवष्यि की प्राथमिकताओं से अवगत कराया। श्री साय ने खुद एक्स पर ट्वीट कर बताया,ह्लआज संसद भवन में श्री मोदी जी से भेंट के दौरान कर राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक नवंबर को रायपुर में आयोजित ‘अमृत रजत महोत्सव’ में छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की तरफ से आमंत्रित किया है।

मुझे विश्वास है कि उनकी सम्मानित उपस्थिति इस ऐतिहासिक आयोजन को सर्वोच्च गरिमा प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी कहा, मैंने प्रधानमंत्री जी को ‘अंजोर विज़न एट2047’, जन विश्वास विधेयक 2025, नवा रायपुर के एससीआरडीए, मेडिसिटी और एडु-सिटी जैसी योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी दी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री जी से आदिवासी अंचलों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव के प्रयासों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री के यशस्वी नेतृत्व में डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ को नई ऊर्जा और नई गति देने में प्राण-पण से जुटी है।

नन गिरफ्तारी मामला: कांग्रेस सांसदों ने एनआईए अदालत में मामला भेजने को साजिश बताया

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के केंद्रीय कारागार में बंद दो ननों से मिलने के लिए केरल से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को छत्तीसगढ़ पहुंचा। दो कैथोलिक ननों को मानव तस्करी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आरोप लगाया कि दुर्ग सत्र अदालत द्वारा मामले को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अदालत में भेजना एक साजिश है जिससे गिरफ्तार ननों को तुरंत जमानत न मिल सके। बजरंग दल के स्थानीय पदाधिकारी की शिकायत पर 25 जुलाई को राजकीय रेल पुलिस ने नन प्रीति मैरी और वंदना फ्रांसिस के साथ सुकमन मंडावी नामक एक व्यक्ति को दुर्ग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था।

पदाधिकारी ने ननों और मंडावी पर नारायणपुर की तीन लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन और उनकी तस्करी करने का आरोप लगाया था। केरल से छत्तीसगढ़ पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में हिबी ईडन और कोडिकुन्निल सुरेश सहित चार सांसद शामिल हैं। रायपुर हवाई अड्डे पर ‘पीटीआई वीडियो’ से बात करते हुए, सुरेश ने बताया कि चार सांसदों वाली एआईसीसी की टीम दुर्ग जेल जाएगी और दोनों ननों से मुलाकात करेगी। सुरेश ने कहा, ”केरल में, ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। वे छत्तीसगढ़ में विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में गरीब लोगों की सेवा कर रही हैं। जहां भी भाजपा सत्ता में है, ननों, पादरियों और अन्य मिशनरियों पर हमले हो रहे हैं जो ठीक नहीं है।” उन्होंने कहा कि हमारा देश लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष है और हमारा संविधान धर्म की स्वतंत्रता देता है।

सुरेश ने कहा, ”सत्र न्यायालय ने मामले को एनआईए (अदालत) को भेज दिया। एनआईए (अदालत) में मुकदमे का कोई कारण नहीं है। साजिश है, इसलिए मामला एनआईए को भेजा गया है। एनआईए का मतलब है कि एक लंबी प्रक्रिया और तुरंत जमानत नहीं मिलेगी। इसलिए उन्होंने (मामला) एनआईए अदालत को भेज दिया है।” एक अन्य सांसद, ईडन ने कहा कि अगर यह स्थानीय पुलिस या स्थानीय अदालत का अधिकार क्षेत्र नहीं है, और एनआईए इस मामले की जांच कर रही है, तो वे पिछले पांच दिनों से जेल में क्यों हैं? उन्होंने कहा, ”हम सभी यहां उन ननों के साथ एकजुटता में हैं जो पिछले छह दिनों से कष्ट झेल रही हैं। उनके खिलाफ गलत मामला और गलत आरोप लगाए गए हैं। यह गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण है। उन्हें जेल में रखना एक खास राजनीतिक दल की नीति है, और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।” ईडन ने कहा, ”उत्तरी भारत में अगर आपको कोई धार्मिक आयोजन करना है, तो आपको स्थानीय संघ परिवार से अनुमति लेनी होगी…यह बिल्कुल अस्वीकार्य है।

केरल के धर्मनिरपेक्ष लोग इसका जवाब ज़रूर देंगे।” उन्होंने कहा, ”हमने सरकार से उचित कदम उठाने का अनुरोध किया है। यह एक गलत गिरफ्तारी है… हमने गृह मंत्री से भी मुलाकात की है और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने इसे बहुत गंभीरता से लिया है। मुझे उम्मीद है कि वे इसे समझेंगे।” इससे पहले 29 जुलाई को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन एक दल छत्तीसगढ़ पहुंचा था। भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में केरल की दो ननों की गिरफ्तारी से राजनीतिक विवाद छिड़ गया है, कांग्रेस और माकपा ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हालांकि विपक्ष पर “मामले का राजनीतिकरण” करने का आरोप लगाया। दुर्ग जिले की एक सत्र अदालत ने बुधवार को कहा कि उसे तीनों आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करने का अधिकार नहीं है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनीश दुबे ने जमानत याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि उन्हें राहत के लिए विशेष एनआईए अदालत का रुख करना होगा। कथित मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण की एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसे झूठा बयान देने के लिए मजबूर किया और उसके साथ मारपीट की, इस आरोप का दक्षिणपंथी संगठन ने खंडन किया है। कमलेश्वरी प्रधान (21) ने दावा किया कि पुलिस ने उसका बयान भी ठीक से दर्ज नहीं किया। उन्होंने आगे कहा कि उनका परिवार पिछले चार-पांच सालों से ईसाई धर्म का पालन कर रहा है।

मुकेश हत्याकांड: पीडब्ल्यूडी के पांच अधिकारियों को मिली जमानत

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर की एक अदालत ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड मामले की जांच कर रही पुलिस ने लोक निर्माण विभाग के (पीडब्ल्यूडी) विभाग के पांच अधिकारियों की जमानत मंजूर कर लिया है। पुलिस ने तीनों को 30 जुलाई को गिरफ्तार करके उसी दिन जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर दो दिनों के लिए जेल अभिरक्षा में भेजा। गिरफ्तारी के दूसरे दिन यानि 31 जुलाई को न्यायिक अभिरक्षा के पूरी होने से पहले सभी पांच आरोपियों की जमानत मंजूर हुई है।

बीजापुर जिले की पुलिस ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। उनमें से दो कार्यपालन अभियंता सेवा से रिटायर हो चुके हैं। नीचे लिखे नामों में, शुरू के दो नाम उनके हैं जो सेवा से रिटायर हो चुके हैं। ड्ट डीआर साहू (सेवानिवृत्त ईई) ड्ट वीके चौहान (सेवानिवृत्त अभियंता) ड्ट एचएन पात्र (कार्यपालन अभियंता) ड्ट प्रमोद सिंह कंवर (एसडीओ, बीजापुर) ड्ट संतोष दास (उप अभियंता) दंतेवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिलने का यही मतलब है कि पत्रकार की हत्या से लोक निर्माण विभाग के शासकीय सेवकों का कोई सीधा जुड़ाव नहीं था।

पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने बीजापुर जिले में बनी गंगालूर-मिरतुर सड़क को लेकर अपने टीवी समाचार चैनल के लिए न्यूज कवर किया था। इस समाचार के प्रसारित होने के बाद, सड़क में निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ की बात कही जा रही थी। मुकेश की हत्या के बाद शुरुआती दिनों में यह माना गया कि इस सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करने की वजह से उनकी हत्या हुई। हत्या का यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

छत्तीसगढ़ में दो नन की गिरफ्तारी का मुद्दा लोकसभा में उठा, कांग्रेस सांसद ने की रिहाई की मांग

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दो कैथलिक नन की गिरफ्तारी का मुद्दा बुधवार को लोकसभा में उठाते हुए कांग्रेस के एक सांसद ने आरोप लगाया कि दोनों नन के साथ एक दक्षिणपंथी संगठन के लोगों ने मारपीट की और दोनों को राज्य पुलिस ने बिना किसी कारण के गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए दोनों नन की रिहाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को एक दक्षिणपंथी संगठन के लोगों ने उनके गृह राज्य केरल से ताल्लुक रखने वाली कैथलिक नन वंदना और प्रीति पर दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हमला किया। उन्होंने कहा कि दोनों नन क्षेत्र में कैंसर रोगियों की मदद कर रही थीं और सेवा कार्यों में लगी थीं।

वेणुगोपाल ने कहा कि जब नन के साथ स्टेशन पर मारपीट की गई तो पुलिस आई और उसने बिना किसी कारण के दोनों नन को गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस सांसद ने कहा, ”पिछले पांच दिन से दोनों नन बिना किसी कारण के जेल में हैं। क्या यह ‘बनाना रिपब्लिक’ है। हमने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, देश के गृह मंत्री को पत्र लिखा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।” उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो केरल में स्थिति बेकाबू हो सकती है जहां उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। केरल के मावेलिक्करा से कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निल सुरेश ने भी शून्यकाल में यह विषय उठाया। वहीं, छत्तीसगढ़ के बस्तर से भाजपा सांसद महेश कश्यप ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के बहाने विभिन्न गतिविधियां संचालित होती हैं और आदिवासी महिलाओं को जाल में फंसाकर उनके साथ अन्याय किया जाता है तथा जबरन धर्मांतरण कराया जाता है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि जनजातियों की महिलाओं के संरक्षण के लिए कानून बनना चाहिए। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर कथित मानव तस्करी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में दोनों ननों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीनों पर नारायणपुर की तीन लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराने और उनकी तस्करी करने का आरोप लगाया गया था। अधिकारी ने बताया कि लड़कियों के बयान और तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद छत्तीसगढ़ धर्म परिवर्तन अधिनियम और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।