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बैस जैसे कई बड़े लीडर हैं जिन्हें उपराष्ट्रपति बनाया जा सकता है : बैज

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रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर उपराष्ट्रपति पद के लिए छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं को वरीयता दिए जाने की मांग की है। बैज ने शुक्रवार को लिखे पत्र में कहा कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफ़े के बाद उपराष्ट्रपति का पद रक्ति है । अब इस रिक्त पद को लेकर रोज़ नए-नए नामों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में हो रही है।

बैज ने पत्र में सर्वप्रथम देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशलक्षेम की कामना की। इसके बाद पत्र में निवेदन किया गया, छत्तीसगढ़ ने 11 लोकसभा सीटों में से 10 लोकसभा सीटों पर भाजपा को जीत दिलाई और 10 सांसदों को दिल्ली भेजा है लेकिन इस बात की पीड़ा सभी को है कि तीनों कार्यकाल में इतनी सीटें जीतने के बावजूद भी हमारे प्रदेश को सिर्फ केंद्रीय राज्य मंत्री के पद से संतुष्ट करना पड़ा। इसके आगे उन्होंने यह भी लिखा है, छत्तीसगढ़ में रमेश बैस जैसे अन्य कई बड़े लीडर भाजपा में हैं जिन्हें स्थान दिया जा सकता है।ह्व पत्र की प्रति आज यहां प्रेस को भी जारी की गयी।

छत्तीसगढ़ में 13 नक्सलियों ने किए आत्मसमर्पण

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और सुकमा जिले में जगरगुंडा एवं चिंतलनार इलाके में सक्रिय रहे 13 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण किया है। वही नारायणपुर जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान अबूझमाड़ में सक्रिय नक्सलियों के टेक्निकल टीम के कमांडर सहित आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सल मुक्त बस्तर के एलान को धरातल में कामयाब करने फोर्स मॉनसून ऑपरेशन चला रही हैं।

घने जंगलों में फोर्स की आमद होने से नदी नालों को सुरक्षा कवच मानकर रहने वाले नक्सलियों में भय का वातावरण बन गया हैं। इसी के चलते नक्सल संगठन को छोड़कर नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी ने बताया कि पूरे बस्तर संभाग में प्रतिबंधित व अवैध माओवादी संगठन के विरुद्ध एक सशक्त अभियान जारी है। वर्ष 2025 के शुरुआती छह महीनों में ही 204 माओवादी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं। वही 140 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर पुलिस इस अभियान की गति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मानसून जैसी विषम परिस्थिति में भी यह सफलता सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है कि बस्तर में स्थायी शांति, प्रगति और समृद्धि सुनश्चिति की जाएगी।

हाथी ने तीन साल की बच्ची को सूंड से पटका, बच्ची समेत तीन की मौत

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा के मोहनपुर गांव में हाथियों ने तीन लोगों पर हमला कर दिया। जिसके कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वही घटना की सूचना मिलते ही मौके पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंच गई। जहां वन विभाग की टीम हाथियों को खदेड़ने का प्रयास कर रही थी। रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ वनमण्डल में आयदिन हाथियों का उत्पात देखने को मिलते रहता है। हाथी कभी किसानों का खेत उजाड़ते है तो कभी ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार देते है। इसे रोकने में आज पर्यंत वन विभाग को कभी सफलता नहीं मिल पाई है।

एक बार फिर धर्मजयगढ़ वन मंडल के लैलूंगा स्थित मोहनपुर गांव में हाथियों द्वारा मंगलवार देर रात तीन लोगों पर आक्रामक हमला कर दिया जिसकी वजह से तीनों ग्रामीणों को अपनी जान गंवानी पड़ गई। मृतकों में दो ग्रामीणों के साथ ही एक तीन वर्षीय बच्चे के होने की बात भी सामने आई है। वहीं मृतकों को शासन की तरफ से दी जाने वाली 25 हजार की तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई है। ऐसा नहीं है कि यह पहली मर्तबे हुआ है जब हाथियों के हमले से ग्रामीणों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। बावजूद इसके वन विभाग हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने कोई दोष इंतजाम करने कामयाब नहीं हो सका है।वन विभाग हाथियों से बचाव को लेकर चाहे लाख मुनादी कराने के दावे कर रहा है लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।

नौनिहालों को सुरक्षित भवष्यि देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : सीएम साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नौनिहालों के पोषण तथा उनको सुरक्षित और उज्ज्वल भवष्यि प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बच्चों के समुचित विकास के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ मिलकर कार्य करना होगा। सीएम साय ने मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित योजनाओं की जिलेवार नियमित मॉनिटरिंग सचिव स्तर से की जाए तथा आगामी कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में इसकी गहन समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत संरचना, बजट और संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विभाग बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के पोषण एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों की देखभाल और पोषण जितनी संवेदनशीलता और कुशलता से की जाएगी, उनका शारीरिक तथा मानसिक विकास उतना ही प्रभावी और सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे देश के भविष्य की नींव हैं और इस नींव को मजबूत करने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अमले को जमीनी स्तर पर सक्रियता और स्वप्रेरणा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनश्चिति करने पर बल दिया कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को पूरक पोषण आहार और विभागीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो।

उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहार, गर्म भोजन, उसकी मात्रा, गुणवत्ता और कैलोरी मानकों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और वितरण की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई। सीएम साय ने पीएम जनमन योजना अंतर्गत संचालित 197 आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की जानकारी ली तथा विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। सीएम साय ने बच्चों के पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण सूचकांकों की समीक्षा करते हुए अपेक्षित सुधार लाने के लिए ठोस प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सूचकांकों के माध्यम से वास्तविक स्थिति का आंकलन संभव होता है, और जहां भी कमी दिखाई दे, वहां त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि यह प्रगति इसी प्रकार सतत बनी रहे।

उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास पर छोटी-छोटी बातों और व्यवहार का गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संवेदनशीलता के साथ बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव बनाएं। उन्होंने विभागीय अमले के नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि वे तकनीकी रूप से दक्ष और अनुसंधानपरक दृष्टिकोण के साथ परिणामोन्मुखी कार्य कर सकें। बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला कोष, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मिशन वात्सल्य तथा अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक पी. एस. एल्मा सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

प्रदेश में नौ नए साइबर थाने खोलेगी छत्तीसगढ़ सरकार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार साइबर अपराध बढ़ते जा रहे हैं। आमजनों की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये डूबने के बाद इसे लेकर अब प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार सतर्क व सजग नजर आ रही है । सरकार ने इस वर्ष छत्तीसगढ़ में नौ नये साईबर थाने खोलने का फैसला लिया है। जिसके बाद इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए आगामी पांच वर्षों में प्रदेश के सभी जिलों में पृथक साइबर थाने खोले जाने का लक्ष्य भी रखा है। गौरतलब है कि गत एक साल में समूचे प्रदेश में साइबर फ्रॉड के जरिए लोगों से कुल 107 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी हुई है।

इस वर्ष सरकार महासमुंद, बलौदाबाजार, धमतरी, जांजगीर-चांपा और जशपुर में साइबर थाने खोलने जा रही है। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि इन जिलों में लोगों से ठगी अधिक हुई है। हर जिलों के साइबर थाने में कुल 10 लोगों का सेट-अप होगा और इन थानों में हर तरह के आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इसके लिए सरकार 100 एस.आई को राज्य के अलग-अलग साइबर थानों में पोस्टिंग भी देगी। जो लोग थाने में पोस्टेड होंगे उन्हें साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

बिजली के नाम पर लोगों को लूट रही छत्तीसगढ़ सरकार: दीपक बैज

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रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर लूटने का काम किया है। घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है जबकि गैर घरेलू बिजली की दर 25 पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी गई है। बैज ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में शनिवार को यहां कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर लूटने का काम भाजपा सरकार ने किया है। घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, गैर घरेलू बिजली की दर 25 पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वाधिक बढ़ोतरी कृषि पंप के बिजली के दाम में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि करके की गई है। छत्तीसगढ़ के किसान इस सरकार की दुर्भावना और उपेक्षा के चलते पहले ही खाद, बीज और बिजली कटौती से परेशान हैं, अब कृषि पंप में बिजली की दर बढाकर किसानों की कमर तोड़ रही है भाजपा सरकार। श्री बैज ने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारों में जनता को लूटने के तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। वर्ष 2003 से 2018 तक भाजपा की पूर्ववर्ती रमन सरकार ने हर साल बिजली के दामों में वृद्धि की। 2003 में छत्तीसगढ़ में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 3 रुपए 30 पैसे के दर पर बिजली मिला करती थी, जिसे 15 साल के कुशासन के बाद रमनसिंह के समय ही 6 रुपए 40 पैसे तक बढ़ाया गया, जिसे चुनाव चुनावी वर्ष 2018 में मात्र 20 पैसे घटकर 6 रुपया 20 पैसे किया गया।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार में पूरे पांच साल का नेट वृद्धि यदि देखें तो मात्र दो पैसे का था जो ऐतिहासिक तौर पर सबसे न्यूनतम था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच साल में कुल वृद्धि मात्र .02 रुपए या 2 पैसे अर्थात केवल 0.32 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई। उन्होंने कहा कि वहीं भाजपा की वर्तमान साय सरकार के डेढ़ साल में कुल वृद्धि 80 पैसे अर्थात 13 प्रतिशत बढ़ोत्तरी। श्री बैज ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने बिजली के घाटे को पाटते हुए बिजली बिल ऑफ योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 65 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 3240 करोड रुपए के सब्सिडी देकर बहुत बड़ी राहत दी थी। किसानों को 5 एचपी तक निशुल्क बिजली दिया तथा बीपीएल उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक मुक्त बिजली दी गई। अस्पतालों, उद्योगों को सब्सिडाइज्ड दर पर बिजली देकर राहत पहुंचाया।

भाजपा की सरकार आने के बाद प्रदेश भर में बिजली की कटौती शुरू हो गई और कीमत लगातार बधाई जाने लगी है। श्री बैज ने कहा,ह्लभाजपा के नेता, मंत्री, विधायक और अधिकारी एसी का मजा लूट रहे, कई सरकारी विभाग बिजली का बकाया बिल जमा नहीं कर रहें, सरकारी उपक्रमों और सरकार के चहेतों का करोड़ों का बिजली बिल का भुगतान लंबित है, उसकी वसूली भी जनता से कर रही है सरकार।ह्व केंद्र की मोदी सरकार के गलत नीतियों के चलते हैं बिजली का उत्पादन लागत बढा है, कोयले पर ग्रीन टैक्स चार गुना अधिक बढ़ा दिए, रेलवे का माल भाड़ा अधिक वसूल रहे हैं, थर्मल पॉवरप्लांट को अडानी की कंपनी से महंगे दर पर कोयला खरीदने बाध्य किया जा रहा है, डीजल पर सेंट्रल एक्साइज बढ़ाए जाने से परिवहन में और फायर के लिए उपयोग होने वाले डीजल की लागत बढ़ी है जिसकी भरपाई भी उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाकर किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में हादसा: बोर खनन वाहन के खाई में गिरने से पांच लोगों की मौत, चार अन्य लोग घायल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में बोर खनन वाहन के खाई में गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कबीरधाम जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि यह दुर्घटना कुकदुर थानाक्षेत्र के चाटा गांव में तड़के उस समय हुई, जब वाहन पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा था। बघेल ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि वाहन में नौ लोग सवार थे, जिसमें से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और छह अन्य लोग घायल हो गए।

उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया, जिसके बाद शवों को बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल भेजा गया। अधिकारी ने बताया कि दो अन्य लोगों की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई जबकि चार अन्य घायलों का इलाज जारी है। बघेल ने बताया कि मृतकों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।

छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में 1.89 प्रतिशत वृद्धि: कांग्रेस ने की भाजपा की आलोचना

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने शुक्रवार को सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में औसतन 1.89 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी। नई दरें एक जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि वाम चरमपंथ प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मोबाईल टावरों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। बयान में कहा गया है कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर और दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम और जांच केंद्रों के लिए प्रचलित विद्युत दरों के ऊर्जा प्रभार में दी जा रही पांच प्रतिशत की छूट को जारी रखा गया है।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 0.10 रुपये से 0.20 रुपये प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। इसका असर राज्य के लगभग 60 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। राज्य में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण के लिए तीन सरकारी कंपनियों द्वारा बिजली सेवाओं का प्रबंधन किया जाता है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने एक बयान में कहा कि बिजली दरों में मौजूदा दरों की तुलना में औसतन केवल 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो नाममात्र है। सिंह ने कहा कि कृषि उपभोक्ताओं के लिए कुछ मदों में दर में वृद्धि की गई है जिसका भार प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाता है। …इसलिए इससे कृषि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह का अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, अस्थायी कनेक्शनों, आदिवासी अंचलों, मुरमुरा-पोहा उद्योगों, प्रिंटिंग प्रेस आदि के लिए रियायत बढ़ाई गई है या यथावत रखी गई है।

बयान में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी को विद्युत की लागत 7.02 रुपये प्रति यूनिट पड़ती है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 4.10 रुपये की दर से विद्युत आपूर्ति की जाती है। सिंह ने कहा कि निम्न मध्यम वर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए विद्युत दरों में 10 पैसे प्रति यूनिट और अन्य घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। बयान में कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा अधिसूचित वाम चरमपंथ प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने मोबाइल टावर की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए इन क्षेत्रों में आने वाले सभी मोबाइल टावरों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। कृषि पंपों के लिए दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। कृषि पंपों के विद्युत देयकों का भुगतान राज्य शासन द्वारा किया जाता है, इसलिए यह भार राज्य शासन स्वयं वहन करेगा।

वहीं गैर घरेलू उपभोक्ताओं की विद्युत दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। इसमें कहा गया है कि महिला सशक्तिकरण के लिए पंजीकृत महिला स्व सहायता समूहों द्वारा संचालित उद्योग संबंधी गतिविधियों और व्यावसायिक गतिविधियों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट जारी रखी गई है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम एवं जांच केंद्रों के लिए प्रचलित विद्युत दरों के ऊर्जा प्रभार में दी जा रही पांच प्रतिशत की छूट को जारी रखा गया है। पोहा और मुरमुरा मिल को ऊर्जा प्रभार में पांच प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। अग्रिम भुगतान करने वाले सभी उपभोक्ताओं को दी जाने वाली 0.50 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत किया गया है। ऑफसेट प्रिन्टर्स और प्रिंटिंग प्रेस उपभोक्ताओं को गैर घरेलू से हटाकर औद्योगिक श्रेणी में सम्मिलित किया गया है जो कि पहले की अपेक्षा कम है। राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की है तथा आरोप लगाया है कि राज्य सरकार बिजली की आपूर्ति को पूरा करने में विफल रही है और इसके बावजूद बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार पूरे समय बिजली नहीं दे पा रही है। ऊपर से बिजली के दामों में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी कर दी गई।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कुएं में उतरे दो सगे भाइयों की मौत

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक के बाद एक कुएं में उतरे दो सगे भाइयों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के बेलगहना क्षेत्र के अंतर्गत करही कछार गांव में कुएं में उतरे दो भाइयों दिलीप पटेल (35) और दिनेश पटेल (30) की मौत हो गई। बेलगहना पुलिस चौकी के प्रभारी राज सिंह ने बताया कि क्षेत्र के करही कछार गांव निवासी दिलीप पटेल शुक्रवार शाम लगभग चार बजे अपने घर के पीछे बाड़ी में कृषि-कार्य कर रहा था। पटेल परिवार ने अपने घर में कुछ मुर्गियां भी पाल रखी हैं, जब दिलीप बाड़ी में था तब एक मुर्गी बाड़ी में स्थित पुराने कुएं में गिर गई।

सिंह ने बताया कि मुर्गी के कुएं में गिरने के बाद दिलीप ने अपने भाई दिनेश को आवाज लगाई और खुद मुर्गी को निकालने के लिए कुएं में उतर गया। जब दिलीप मुर्गी को लेकर कुएं से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था तब वह अचानक बेहोश होकर पानी में गिर पड़ा। अधिकारी ने बताया कि दिलीप के पानी में गिरने के बाद उस बचाने के लिए उसका भाई दिनेश भी कुएं में कूद गया। लेकिन वह भी कुछ समय बाद बेहोश होकर पानी में गिर गया। उन्होंने बताया कि जब परिजनों और पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिली तब उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस दल को मौके पर रवाना किया गया।

सिंह ने बताया कि कुएं में जहरीली गैस के रिसाव की आशंका को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को बुलाया गया। एसडीआरएफ ने रस्सी की मदद से एक जलते दिये को कुएं में उतारा था। जब कुएं के भीतर दीया बुझ गया तब कुएं में जहरीली गैस होने की पुष्टि की गई। इसके बाद आवश्यक सुरक्षा उपकरणों और अन्य साधनों की मदद से रात लगभग 10 बजे तक दोनों शवों को बाहर निकाला गया तथा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अधिकारी ने कहा कि आशंका है कि कुएं में जहरीली गैस फैली होने की वजह से पहले दोनों भाई बेहोश होकर पानी में गिर गए तथा कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है। बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र के एक गांव में बीते सोमवार को इसी तरह की एक अन्य घटना में कुएं में उतरे कैलाश दास गोस्वामी (40) और उसके पुत्र अंशु (15) की मौत हो गई थी।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में 23 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 23 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन नक्सलियों पर कुल 1.18 करोड़ रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 23 नक्सलियों में नौ महिला नक्सली शामिल थीं। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में डिवीजनल कमेटी सदस्य लोकेश उर्फ पोड़ियाम भीमा (35), पीएलजीए बटालियन नंबर के सदस्य रमेश उर्फ कलमू (23), कवासी मासा (35), प्रवीण उर्फ संजीव (23), नुप्पो गंगी (28), पुनेम देवे (30), पार्टी सदस्या परस्की पांडे (22), पार्टी सदस्य माड़वी जोगा (20), स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य सन्नु दादा का गार्ड नुप्पो लच्छु (25), पार्टी सदस्य पोड़ियाम सुखराम (24) और प्लाटून नंबर चार का डिप्टी कमांडर दूधी भीमा (37) पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि इनके अलावा नक्सली एरिया कमेटी सदस्य मुचाकी रनौती (32), कलमू दूला (50), दूधी मंगला (30) और सिध्दार्थ उर्फ माड़वी (27) पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था।

अधिकारियों ने बताया कि नक्सली पार्टी सदस्य हेमला रामा पर तीन लाख रुपये और सात नक्सलियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर क्षेत्र में बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति, ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से प्रभावित होकर और अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार पुलिस के बढ़ते प्रभाव से आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। राज्य के बस्तर क्षेत्र में पिछले दो दिनों में 45 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और इनपर कुल 1.55 करोड़ रुपये का इनाम था। इससे पहले शुक्रवार को नारायणपुर जिले में 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था और उनपर कुल 37.50 लाख रुपये का इनाम था।