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छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सल रोधी अभियान में एक महिला नक्सली का शव बरामद

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पिछले दो सप्ताह से जारी नक्सल रोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने सोमवार को हुई एक मुठभेड़ में एक महिला नक्सली को मार गिराया। इस अभियान के दौरान अब तक चार महिला नक्सलियों के शव बरामद किये गए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा स्थित पहाड़ियों में 21 अप्रैल को ‘मिशन संकल्प’ नामक अभियान शुरू किया गया था, जिसमें लगभग 24 हजार जवान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सोमवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक महिला नक्सली को मार गिराया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से महिला नक्सली का शव और 303 राइफल बरामद की है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से मिले निशान से अन्य नक्सलियों के भी मारे जाने और घायल होने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि अब तक इस अभियान के दौरान पिछले 12 दिनों में चार महिला नक्सलियों के शव और अनेक हथियार बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर जिले के दक्षिण पश्चिम सीमावर्ती क्षेत्र अंतर्गत जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सुरक्षा बल के जवानों को नक्सल रोधी अभियान पर रवाना किया गया था। उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में शुरू किए गए सबसे बड़े नक्सल रोधी अभियानों में से एक इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और छत्तीसगढ़ पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा) के जवान समेत विभिन्न इकाइयों के जवान शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान अंतरराज्यीय सीमा पर बीजापुर (छत्तीसगढ़) और मुलुगु तथा भद्राद्री-कोठागुडेम (तेलंगाना) के दोनों ओर लगभग आठ सौ वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले दुर्गम इलाके और घने जंगल में जारी है। उन्होंने बताया कि यह स्थान राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर स्थित है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी इस महत्वपूर्ण अभियान में अब तक सैकड़ों नक्सली ठिकाने और बंकर नष्ट किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान विभिन्न नक्सली ठिकानों और बंकरों से हजारों किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, राशन सामग्री, दवाएं, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और डेटोनेटर भी बरामद किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया, ”वर्तमान में जारी इस नक्सल रोधी अभियान से प्राप्त सभी तथ्यों और जानकारियों पर विचार करने के बाद अनुमान है कि अभियान के दौरान कई कुख्यात नक्सली या तो मारे गए हैं अथवा गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सुरक्षाबल मारे गए नक्सलियों के शव बरामद नहीं कर पाए हैं।” उन्होंने बताया, ”अब तक इस अभियान के दौरान कुल चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें से तीन शव 24 अप्रैल को तथा एक शव पांच मई को बरामद किया गया।” अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों के अभियान के दौरान बारूदी सुरंग में विस्फोट की घटनाओं में कोबरा, एसटीएफ और डीआरजी के कुछ जवान घायल हुए हैं। सभी घायल जवान अब खतरे से बाहर हैं और विभिन्न अस्पतालों में उनका उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अनेक चुनौतियों के बावजूद, सुरक्षा बल वाम उग्रवाद के खिलाफ इस निर्णायक अभियान को पूरी प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों ने बताया कि जिस इलाके में अभियान चल रहा है वह पहाड़ियों के अलावा घने जंगलों से घिरा हुआ है तथा इसे माओवादियों की पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन नंबर एक का सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। उन्होंने बताया कि जानकारी मिली है कि माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर एक, तेलंगाना राज्य समिति और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) के पांच सौ से अधिक नक्सली अपने नेताओं के साथ इलाके में बैठक के लिए एकत्र हुए थे तथा छिपे हुए थे। उन्होंने बताया कि इनमें नक्सलियों की केंद्रीय समिति के सदस्य चंद्रना, रामचंद्र रेड्डी, सुजाता, हिडमा और पीएलजीए बटालियन कमांडर बरसे देवा शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों ने नक्सल रोधी अभियान के दौरान पिछले चार माह में 129 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया है। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग में बीजापुर समेत सात जिले शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों ने उप सरपंच की हत्या की

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सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने एक गांव के उप सरपंच की हत्या कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेनपल्ली गांव में सोमवार को नक्सलियों ने तारलागुड़ा गांव के उप सरपंच मुचाकी रामा की हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि रामा बेनपल्ली गांव के निवासी थे तथा वह तारलागुड़ा गांव में उप सरपंच थे।

पुलिस के मुताबिक सोमवार को दोपहर बाद लगभग तीन बजे हथियारबंद नक्सली बेनपल्ली गांव पहुंचे और उन्होंने रामा को बुलाया और उनकी हत्या कर दी। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को जब घटना की सूचना मिली तब पुलिस दल को बेनपल्ली गांव रवाना किया गया तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उन्होंने बताया कि पुलिस दल ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने हमलावरों की खोज शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ईडी बेबुनियाद आरोप लगा रहा

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उच्चतम न्यायालय ने शराब घोटाला मामले में एक आरोपी के खिलाफ ”बिना किसी सबूत” के आरोप लगाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सोमवार को फटकार लगाई और कहा कि यह एक चलन बन गया है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ छत्तीसगढ़ में कथित 2,000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में अरविंद सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा, ”ईडी ने कई मामलों में यही तरीका अपनाया है। आप बिना किसी सबूत के सिर्फ आरोप लगाते हैं। अभियोजन इस तरीके से अदालत के सामने टिक नहीं पाएगा।” सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने आरोप लगाया कि सिंह ने विकास अग्रवाल नामक एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलीभगत करके 40 करोड़ रुपये कमाए। जब अदालत ने पूछा कि क्या अग्रवाल को आरोपी बनाया गया है, तो राजू ने जवाब दिया कि वह फरार है। पीठ ने कहा, ”आपने एक विशिष्ट आरोप लगाया है कि उन्होंने (सिंह ने) 40 करोड़ रुपये कमाए। अब आप इस व्यक्ति का इस या किसी अन्य कंपनी से संबंध नहीं दिखा पा रहे हैं।” अदालत ने कहा, ”आपको यह बताना चाहिए कि क्या वह उन कंपनियों के निदेशक हैं, क्या वह बहुलांश शेयरधारक हैं, क्या वह प्रबंध निदेशक हैं।

कुछ तो होना ही चाहिए।” राजू ने कहा कि कोई व्यक्ति किसी कंपनी को नियंत्रित कर सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि वह कंपनी के संचालन के लिए जिम्मेदार हो। शीर्ष अदालत ने कहा कि एजेंसी बेबुनियाद आरोप लगा रही है। मामले की अगली सुनवाई नौ मई को होगी। शीर्ष अदालत ने 28 अप्रैल को छत्तीसगढ़ सरकार की खिंचाई करते हुए पूछा था कि वह राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा दर्ज शराब घोटाला मामले में आरोपी को कब तक जेल में रखेगी। अदालत ने उल्लेख किया था कि मामले में तीन आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं और जांच अब भी जारी है। पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा था, ”जांच अपनी गति से चलती रहेगी। यह अनंत काल तक चलती रहेगी। तीन आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। आप व्यक्ति को हिरासत में रखकर एक तरह से उसे दंडित कर रहे हैं। आपने प्रक्रिया को ही सजा बना दिया है। यह कोई आतंकवादी या तिहरे हत्याकांड का मामला नहीं है।” राज्य सरकार ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा था कि आरोपी का मामले में अन्य आरोपियों के साथ आमना-सामना कराया जाएगा। आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने दलील दी थी कि मामले में तीन आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं और आरोप अभी तय नहीं किए गए हैं।

शीर्ष अदालत ने अरविंद सिंह और अमित सिंह का पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से आमना-सामना कराने की अनुमति दे दी और मामले की अगली सुनवाई नौ मई के लिए तय की। प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि यह घोटाला राज्य सरकार के उच्च-स्तरीय अधिकारियों, निजी व्यक्तियों और नेताओं के एक सिंडिकेट द्वारा अंजाम दिया गया, जिसने 2019-22 में भ्रष्ट तरीके से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि अर्जित की। धनशोधन का यह मामला 2022 में दिल्ली की एक अदालत में दाखिल आयकर विभाग के आरोपपत्र पर आधारित है। ईडी ने आरोप लगाया कि राज्य में शराब बनाने वाली कंपनियों से सीएसएमसीएल (शराब की खरीद और बिक्री के लिए राज्य निकाय) के जरिये खरीदी गई शराब के आधार पर रिश्वत ली गई और देशी शराब की बिक्री की गई, जिसका बही खाते में कोई जिक्र नहीं था। ईडी के अनुसार, शराब कंपनियों से रिश्वत ली गई, ताकि उन्हें गिरोह बनाने और एक निश्चित बाजार हिस्सेदारी रखने की अनुमति मिल सके।

छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर प्रेशर बम विस्फोट में एसटीएफ के दो जवान घायल

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पिछले दो सप्ताह से जारी अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर बम की चपेट में आने से रविवार को विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के दो जवान घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि जिले के कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित पहाड़ियों में नक्सलियों के खिलाफ 21 अप्रैल को ‘मिशन संकल्प’ नामक अभियान शुरू किया गया, जिसमें लगभग 24 हजार जवान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान रविवार को प्रेशर बम में विस्फोट होने से एसटीएफ के दो जवान मामूली रूप से घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया, ”घायल जवानों का स्थानीय अस्पताल में इलाज किया गया तथा बेहतर चिकित्सा के लिए रायपुर के अस्पताल में भेजा गया है।” उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान बारूदी सुरंग में विस्फोट होने से अब तक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान समेत कुल छह जवान घायल हुए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में शुरू किए गए सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियानों में से एक इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और छत्तीसगढ़ पुलिस के एसटीएफ, सीआरपीएफ और कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा) के जवान समेत विभिन्न इकाइयों के जवान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान अंतरराज्यीय सीमा पर बीजापुर (छत्तीसगढ़) और मुलुगु तथा भद्राद्री-कोठागुडेम (तेलंगाना) के दोनों ओर लगभग आठ सौ वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले दुर्गम इलाके और घने जंगल में जारी है। यह स्थान राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ”अभियान अपने चरम पर पहुंच गया है और अब तक लगभग 75 प्रतिशत क्षेत्र की घेराबंदी और बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं। अभियान का अंतिम चरण इस सप्ताह के अंत तक समाप्त होने की संभावना है।” उन्होंने कहा, ”नक्सल विरोधी अभियान का नतीजा केवल मारे गए नक्सलियों की संख्या या बरामद हथियारों की संख्या से ही तय नहीं होता। प्रतिबंधित माओवादी संगठन के कब्जे से इलाके को मुक्त कराना और स्थानीय आबादी के लिए फिर से जमीन को सुरक्षित बनाना भी अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

अधिकारियों ने बताया कि 24 अप्रैल को कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर तीन महिला नक्सलियों को मार गिराया गया और अभियान के दौरान हथियार, विस्फोटक और अन्य सामान का जखीरा बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि जिस इलाके में अभियान जारी है वह पहाड़ियों के अलावा घने जंगलों से घिरा हुआ है तथा इसे माओवादियों की पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन नंबर एक का सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। बटालियन नंबर एक माओवादियों का सबसे मजबूत हथियारबंद गठन है। अधिकारियों ने बताया कि जानकारी मिली है कि माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर एक, तेलंगाना राज्य समिति और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) के पांच सौ से अधिक नक्सली अपने नेताओं के साथ इलाके में बैठक के लिए एकत्र हुए थे तथा छिपे हुए थे। इनमें केंद्रीय समिति के सदस्य चंद्रना, रामचंद्र रेड्डी, सुजाता, हिडमा और पीएलजीए बटालियन कमांडर बरसे देवा शामिल है।

संशोधित वक्फ अधिनियम आदिवासियों की जमीनों को अवैध कब्जे से बचाएगा : छत्तीसगढ़ सीएम साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम से न केवल मुस्लिम समुदाय के वंचित लोगों को फायदा होगा, बल्कि यह राज्य में आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे रोककर उनके हितों की रक्षा भी करेगा। उन्होंने कांग्रेस पर 60 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद जातीय जनगणना शुरू करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया। एक साक्षात्कार में साय ने कहा, “वक्फ बोर्ड की स्थापना मुस्लिम समुदाय के आर्थिक रूप से पिछड़ों और दलित महिलाओं तथा पसमांदा मुसलमानों के उत्थान के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुस्लिम समुदाय के प्रभावशाली लोगों ने वक्फ संपत्तियों को पट्टे पर ले लिया और बड़े मॉल तथा होटल बना लिए। अमीर और अमीर होते गए लेकिन गरीबों को कोई फायदा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि वक्फ कानून में संशोधन करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक निर्णयों में से एक है। उन्होंने कहा, “हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद देना चाहते हैं, जो कई साहसिक फैसले ले रहे हैं। यह भी उनमें से एक है। इस कानून के आने से निश्चित रूप से उनकी मनमानी रुकेगी और वक्फ बोर्ड पसमांदा मुसलमानों, गरीबों और महिलाओं के उत्थान के लिए काम करेगा।” उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है और इस संशोधित अधिनियम से यहां आदिवासियों की जमीन भी सुरक्षित रहेगी। वक्फ बोर्ड उनकी (आदिवासियों की) जमीन पर भी नजर नहीं डाल पाएगा।” कांग्रेस के इस दावे के बारे में पूछे जाने पर कि केंद्र सरकार जनगणना में जाति गणना को शामिल करने के अपने कदम से राजनीतिक लाभ की उम्मीद कर रही है, साय ने विपक्ष को “डूबता जहाज” बताया और कहा कि उनके पास बोलने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस की कथनी और करनी में बहुत अंतर है।

नेहरू युग से ही जाति आधारित जनगणना की मांग की जा रही है, लेकिन 55-60 साल तक शासन करने के बावजूद कुछ नहीं किया।” इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “देश भाग्यशाली है कि उसे ऐसे दूरदर्शी प्रधानमंत्री मिले है, जो सभी 140 करोड़ भारतीयों को परिवार मानते हैं और उनके सुख-दुख के लिए दिन-रात काम करते हैं।” साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के आदर्श वाक्य के साथ सबका विकास कर रहे हैं और सबका विश्वास जीत रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना से देश को फायदा होगा। केंद्र ने 30 अप्रैल को घोषणा की कि आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल किया जाएगा।

छतीसगढ़ को छह माह में मिले 4.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि पिछले साल नवंबर में नई औद्योगिक नीति की शुरुआत के बाद राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में 4.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं और इनका लाभ दो साल में दिखाई देगा। साय ने रविवार को पीटीआई वीडियो के साथ साक्षात्कार में यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार पर लगाम लगा दी है जिससे राज्य का राजस्व संग्रह बढ़ा है। साय ने कहा, ”हमारी नई औद्योगिक नीति को पेश हुए छह महीने से ज्यादा नहीं हुए हैं और इतने कम समय में हमें 4.50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।” उन्होंने कहा कि इस अवधि में राज्य सरकार ने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और रायपुर में ‘इन्वेस्टर-कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें सैकड़ों उद्यमियों ने भाग लिया और उनमें से कई ने राज्य में निवेश करने का प्रस्ताव किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर काम भी शुरू हो गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य की पहली सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई और देश का पहला कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित डेटा सेंटर पार्क यहां नवा रायपुर अटल नगर में बनेगा और इनका शिलान्यास हो चुका है। उन्होंने कहा कि निवेश को आकार लेने में समय लगेगा। साय ने कहा, ”हमें लगता है कि राज्य को इन निवेश से डेढ़ से दो साल बाद फायदा होगा।” छत्तीसगढ़ की आगामी राजधानी नवा रायपुर के विकास की गति के बारे में पूछे जाने पर साय ने कहा, ”हां, यह थोड़ा धीमी रफ्तार से विकसित हो रही है, लेकिन हमें लगता है कि आने वाले समय में यह एक आईटी हब के रूप में विकसित होगी और वहां कई अन्य चीजें आ रही हैं।” कई कल्याणकारी योजनाओं के कारण राज्य के वित्त पर पड़ने वाले बोझ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”थोड़ी समस्या है, लेकिन हमने ‘लीकेज’ रोक दिया है और पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है।” उन्होंने कहा, ”हमने खनन क्षेत्र में गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है जिससे राज्य का राजस्व संग्रह 13,000-14,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कांग्रेस शासन के दौरान, आबकारी राजस्व संग्रह 5,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 10,000-11,000 करोड़ रुपये हो गया है।

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में छत्तीसगढ़ शीर्ष स्थान पर है।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने पारदर्शी तरीके से लोक कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए सुशासन और अभिसरण विभाग की स्थापना की है। साय ने कहा कि विभाग का उद्देश्य सरकारी विभागों में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना है। अपनी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ (2023 के चुनावी वादे) के तहत ज्यादातर वादे सिर्फ 16 महीने में पूरे कर लिए गए हैं, जिसमें किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर धान की खरीद, दो साल से लंबित धान बोनस का भुगतान, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना (वित्तीय सहायता योजना), बुजुर्गों के लिए रामलला दर्शन योजना और 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये की वार्षिक सहायता शामिल है। उन्होंने कहा, ”सरकार गठन के अगले ही दिन राज्य में 18 लाख परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत किए गए। नक्सल हिंसा के पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को भी आवास योजना के तहत शामिल किया गया है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर में किया एआई डेटा सेंटर पार्क का शिलान्यास

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को राज्य के नवा रायपुर अटल नगर में एआई डेटा सेंटर पार्क का शिलान्यास किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि साय ने नवा रायपुर के सेक्टर-22 में देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव रखी। उन्होंने बताया कि यह डेटा सेंटर पार्क 13.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 2.7 हेक्टेयर हिस्सा विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के रूप में विकसित होगा। अधिकारियों ने बताया कि रैक बैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह परियोजना पूरी तरह एआई सेवाओं को समर्पित होगी और पहले चरण में इसकी क्षमता पांच मेगावाट होगी जो बढ़ाकर 150 मेगावाट तक ले जाई जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में इस परियोजना में लगभग दो हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश होने की संभावना है और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस डेटा सेंटर को हरित व ऊर्जा दक्ष तकनीक के अनुरूप डिजाइन किया गया है। उन्होंने बताया कि यहां से न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक सेवाएं भी दी जाएंगी। अधिकारियों ने कहा कि पार्क में जीपीयू आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रिकॉर्डिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग और एआई प्रोसेसिंग जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी।

अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से रोजगार के लगभग पांच सौ प्रत्यक्ष और 1500 अप्रत्यक्ष अवसर तैयार होंगे और इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में नयी उद्योग नीति के कारण कम समय में ही देश विदेश से उद्योग यहां आ रहे हैं, यही गति रही तो बहुत जल्द विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का निर्माण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष है, हमारी कोशिश रहेगी कि इसी साल स्थापना दिवस पर डेटा सेंटर का लोकार्पण हो जाये। साय ने एआई डेटा सेंटर की स्थापना करने जा रहे मेसर्स रैक बैंक प्रबंधन के प्रति बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एआई डेटा सेंटर छत्तीसगढ़ के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लेकर आया है।

उन्होंने कहा कि यह हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जय विज्ञान, जय अनुसंधान के मंत्र को साकार करेगा और विकसित छत्तीसगढ़ की बुनियाद बनेगा। साय ने कहा कि देश का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ अपने कोयला, स्टील, आयरन ओर, ऊर्जा के लिए पहचाना ही जाता है और अब एआई, सेमीकंडक्टर और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से हमें वैश्विक पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा छत्तीसगढ़ बना रहे हैं, जहां के युवा सेमीकंडक्टर भी तैयार करेंगे और एआई सेवाएं भी देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई डेटा सेंटर से प्रदेश में एआई आधारित सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और उद्योग और व्यापार जगत के साथ इसका सीधा लाभ लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मिलेगा साय ने कहा, ”कुछ महीने पहले ही हम नयी औद्योगिक नीति लेकर आए।

इस नई नीति का कमाल देखिए पांच महीने में प्रदेश को साढ़े चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मिल चुका है। नवा रायपुर की इस धरती पर आज हम जिस एआई डेटा सेंटर की नींव रख रहे हैं वह नयी औद्यगिक नीति के कारण संभव हुआ है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “अब प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को अलग-अलग विभाग में चक्कर नहीं काटने पड़ते। राज्य में कोई बड़ा उद्योग लगाना हो या स्टार्टअप शुरू करना होगा, सिर्फ एक क्लिक करने पर ही कई सरकारी विभागों की मंजूरियां मिल जाती हैं। नयी औद्योगिक नीति के जरिए हमने अगले पांच साल में लगभग चार लाख नये रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा है।” उन्होंने कहा कि एआई डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए बिजली की उपलब्धता काफी अहम होती है। सौभाग्य से हमारा प्रदेश पावर प्लस स्टेट है। मेसर्स रैक बैंक द्वारा अपनी इस परियोजना में सौर ऊर्जा का भी काफी इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में प्रदेश का यह पहला एआई डेटा सेंटर देश में मॉडल बनेगा। अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर

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गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जुगाड़ थाना क्षेत्र में नक्सली गतिविधि की सूचना के बाद शुक्रवार को सुरक्षाबल के जवानों को गश्त में रवाना किया गया था। उन्होंने बताया कि दल जब क्षेत्र में था तब शुक्रवार रात नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी, इसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने जब घटनास्थल की तलाशी ली तो वहां से एक नक्सली का शव, हथियार, विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों के वापस लौटने के बाद इस संबंध में अधिक जानकारी मिल सकेगी और क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है।

छत्तीसगढ़ के कोरबा में जंगली हाथी के हमले में 22 वर्षीय युवक की मौत

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जंगली हाथी के हमले में 22 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के पसान वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कुम्हारीसानी गांव के जंगल में जंगली हाथी ने रामदयाल गोड़ की जान ले ली। उन्होंने बताया कि गोड़ आज सुबह लगभग छह बजे जब गांव के बाहरी हिस्से में जंगल की ओर गया था तब एक जंगली हाथी ने उस पर हमला कर दिया। इस हमले में गोड़ की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग को जब घटना की सूचना मिली तब घटनास्थल के लिए वन विभाग के दल को रवाना किया गया। बाद में दल ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

कटघोरा वन मंडल के अधिकारी कुमार निशांत ने बताया कि वन विभाग द्वारा मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। वन्य प्राणी के हमले में जनहानि पर शासन द्वारा छह लाख रुपये क्षतिपूर्ति दिए जाने का प्रावधान है। शेष पांच लाख 75 हजार रुपये कार्यवाही पूरी होने के बाद दिये जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि युवक पर हमला करने वाला हाथी वर्तमान में पसान और मरवाही परिक्षेत्र के बीच घूम रहा है। वन विभाग हाथी की निगरानी कर रहा है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने तथा सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में हादसा: कार और बाइक की टक्कर में पति-पत्नी समेत तीन की मौत

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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक कार और मोटरसाइकिल के बीच हुई टक्कर में मोटरसाइकिल सवार पति—पत्नी और उनके दो माह के बेटे की मौत हो गई तथा कार चालक घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिशुनपुर गांव के करीब, तेज गति से जा रही एक कार से टकराकर मोटरसाइकिल सवार सुनील लकड़ा (35), उनकी पत्नी असमति बाई (30) और उनके दो माह के बेटे बाबू की मृत्यु हो गई। अधिकारियों ने बताया कि सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पेटला गांव के निवासी सुनील मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने परिवार के साथ इलाज के लिए अंबिकापुर जा रहे थे।

उन्होंने बताया कि जब सुनील सीतापुर-अंबिकापुर मुख्य मार्ग पर बिशुनपुर गांव के करीब पहुंचे तभी तेज गति से जा रही एक कार से उनकी मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में असमति और बाबू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई तथा सुनील गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्होंने बताया कि टक्कर के बाद कार डिवाइडर से टकरा गई। घटना में कार चालक संतोष पैकरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल को घटनास्थल रवाना किया गया। बाद में पुलिस ने शवों और घायलों को अस्पताल भेजा, जहां इलाज के दौरान सुनील ने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि कार चालक का इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।