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पूर्व विस अध्यक्ष की मौत का मामला: छत्तीसगढ़ पुलिस ने फर्जी डॉक्टर को मप्र की जेल से किया गिरफ्तार

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की पुलिस ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की सर्जरी के बाद मृत्यु के मामले में फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ नरेंद्र यादव उर्फ नरेंद्र जॉन कैम को मध्यप्रदेश की जेल से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मामला 19 वर्ष पहले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शुक्ल की सर्जरी के बाद मौत होने से संबंधित है। मध्यप्रदेश के दमोह में एक अस्पताल में सर्जरी के बाद सात मरीजों की मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए और वहां की जेल में बंद यादव ने 2006 में यहां अपोलो अस्पताल में शुक्ल का ऑपरेशन किया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी।

बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने बताया कि यादव को बिलासपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को दमोह जिला जेल से गिरफ्तार किया था और आज सुबह उसे यहां लाया गया। सिंह ने बताया कि यादव की गिरफ्तारी के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत, दमोह से अनुमति ली गई थी और फिर उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत, बिलासपुर से प्राप्त पेशी वारंट के तहत बिलासपुर लाया गया। कोटा विधानसभा क्षेत्र से तत्कालीन कांग्रेस विधायक शुक्ल की अगस्त, 2006 में बिलासपुर के निजी अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। उन्होंने 2000 से 2003 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा के पहले अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के बेटे प्रदीप शुक्ला ने हाल ही में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि जब उनके पिता अस्पताल में भर्ती थे, तब यादव उस निजी अस्पताल से संबद्ध थे। प्रदीप शुक्ला ने शिकायत में कहा है, ”यादव ने मेरे पिता की हृदय शल्य चिकित्सा की थी। 20 अगस्त, 2006 को मृत घोषित करने से पहले उन्हें 18 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया था। अस्पताल प्रबंधन ने मेरे पिता के इलाज के लिए राज्य सरकार से 20 लाख रुपये लिए थे।” पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यादव और निजी अस्पताल पर 20 अप्रैल को भारतीय दंड संहिता के तहत गैर इरादतन हत्या (धारा 304), धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने पाया है कि यादव की डिग्री फर्जी है और वह भारतीय चिकित्सा परिषद/छत्तीसगढ़ चिकित्सा परिषद में पंजीकृत नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बिना उचित जांच के अस्पताल प्रबंधन ने यादव को हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त करके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शुक्ला के साथ-साथ कई अन्य हृदय रोगियों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिंह ने कहा, ”निजी अस्पताल में अपने कार्यकाल के दौरान यादव द्वारा इलाज किए गए सभी रोगियों को जांच में शामिल किया गया है। जांच के दौरान पाया गया कि यादव द्वारा इलाज किए जाने के बाद एक अन्य रोगी भगत राम डोडेजा की भी मृत्यु हो गई थी।

दोषियों को सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए जांच चल रही है।” राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को शिकायत मिलने के बाद यादव को गिरफ्तार किया गया था। शिकायत में दावा किया गया था कि मिशन अस्पताल, दमोह में सात लोगों की मौत हो गई थी, जहां उन्होंने हृदय रोगों के इलाज के नाम पर मरीजों का ऑपरेशन किया था। इंदौर स्थित एक रोजगार परामर्श फर्म के निदेशक ने कहा था कि यादव ने 2020 से 2024 के बीच नौकरी के लिए तीन बार अपना बायोडाटा भेजा था और दावा किया था कि उन्होंने हजारों मरीजों का ऑपरेशन किया है। 2024 में फर्म को भेजे गए नौ पन्नों के बायोडाटा में यादव ने खुद को वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ बताया था और अपना स्थायी पता ब्रिटेन के बर्मिंघम का बताया था। निदेशक ने कहा था कि बायोडाटा में उन्होंने यह भी उल्लेख किया था कि वे हजारों हृदय रोगियों के ऑपरेशन में शामिल रहे हैं, जिनमें 18,740 “कोरोनरी एंजियोग्राफी” और 14,236 “कोरोनरी एंजियोप्लास्टी” के ऑपरेशन शामिल हैं। यादव ने खुद को “बड़ी साजिश” का शिकार बताया है और दावा किया है कि उनकी डिग्रियां असली हैं।

कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर नक्सल विरोधी अभियान जारी रखे छत्तीसगढ़ सरकार, सीएम साय से पीड़ितों की अपील

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य के बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा से पीड़ित लोगों ने बृहस्पतिवार को उनसे मुलाकात की और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को जारी रखने का आग्रह किया। माओवादी हिंसा के पीड़ितों ने मुख्यमंत्री साय से ऐसे समय में मुलाकात की है जब पड़ोसी राज्य तेलंगाना के कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों ने इस अभियान को तत्काल रोकने तथा सरकार से नक्सलियों के साथ शांति वार्ता के लिए आगे आने की मांग की है। साय ने संवाददाताओं को बताया, ”सुकमा, बीजापुर और कांकेर जिले से नक्सली हिंसा के पीड़ित यहां पहुंचे हैं जिनमें नक्सली घटनाओं में अपनी दृष्टि और अंग खो चुके लोग भी शामिल हैं। एक आवेदन में उन्होंने मुझसे छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को जारी रखने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां से लेकर दिल्ली तक कई संस्थाएं और कुछ लोग इस अभियान को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो अभियान को रोकने और इसके पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वे नक्सलवाद का दंश झेल रहे लोगों का हालचाल जानने के लिए कभी भी उनके पास नहीं आए हैं। साय ने कहा, ”पीड़ितों ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी रखने का अनुरोध किया है। इसी अनुरोध के साथ उन्होंने राज्यपाल से भी मुलाकात की है।” छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टा और दुर्गमगुट्टा की पहाड़ियों पर छुपे नक्सलियों का पता लगाने के लिए ‘मिशन संकल्प’ नामक नक्सल विरोधी अभियान बृहस्पतिवार को 11वें दिन भी जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में से एक इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा) सहित विभिन्न इकाइयों के लगभग 24 हजार जवान शामिल हैं। यह अभियान 21 अप्रैल को राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर अंतरराज्यीय सीमा बीजापुर (छत्तीसगढ़) और मुलुगु तथा भद्रारी-कोठागुडेम (तेलंगाना) के दोनों ओर लगभग आठ सौ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले दुर्गम भूभाग और घने जंगल में शुरू किया गया। अभियान के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दावा किया गया है कि सुरक्षा बलों के जवान कर्रेगुट्टा पहाड़ियों की चोटी पर भारतीय तिरंगा लहरा रहे हैं। इस पर टिप्पणी की गई कि कर्रेगुट्टा को पुनः अपने कब्जे में ले लिया गया है। वीडियो के बारे में पूछे जाने पर अभियान की निगरानी कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ”अभी तक 50 प्रतिशत से भी कम काम हुआ है। यह एक बड़ा क्षेत्र है जिसकी पूरी तरह से जांच करना शेष है। प्रमुख कार्य अभी भी किया जाना बाकी है।

सर्वश्रेष्ठ परिणाम की उम्मीद है।” उन्होंने कहा, ”नक्सल विरोधी अभियान का परिणाम केवल मारे गए नक्सलियों की संख्या या बरामद हथियारों की संख्या से निर्धारित नहीं होता है। प्रतिबंधित माओवादी संगठन के कब्जे से क्षेत्र को मुक्त करना और स्थानीय आबादी के लिए भूमि को फिर से सुरक्षित बनाना भी अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।” अधिकारी ने बताया कि जिस क्षेत्र में अभियान चल रहा है, वह पहाड़ियों की एक श्रृंखला के अलावा घने जंगलों से घिरा हुआ है और इसे माओवादियों की पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन नंबर एक का सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। बटालियन नंबर एक माओवादियों का सबसे मजबूत सैन्य गठन है। उन्होंने बताया कि जानकारी मिली है कि माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर एक, तेलंगाना राज्य समिति और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) से जुड़े पांच सौ से अधिक नक्सली अपने खूंखार नेताओं के नेतृत्व में बैठक के लिए एकत्र हुए थे, जिनमें केंद्रीय समिति के सदस्य चंद्रना, रामचंद्र रेड्डी, सुजाता, हिड़मा, पीएलजीए बटालियन कमांडर बरसे देवा शामिल थे। अधिकारी ने कहा, ”24 हजार से अधिक राज्य और केंद्रीय बल के जवान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस अभियान में शामिल हैं। अभियान का उद्देश्य डीकेएसजेडसी, टीएससी, पीएलजीए बटालियन नंबर एक और केंद्रीय क्षेत्रीय समिति (सीआरसी) कंपनी के कब्जे से क्षेत्र को खाली कराना है, जिसे माओवादी निर्दोष स्थानीय आबादी और सुरक्षाबलों के खिलाफ अपनी योजना को अंजाम देने के लिए एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि अभियान में हेलीकॉप्टर और ड्रोन भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने 24 अप्रैल को कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर तीन महिला नक्सलियों को मार गिराया तथा घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद की। रविवार (27 अप्रैल) को तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने केंद्र से नक्सल विरोधी अभियान रोकने का आग्रह किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ में माओवादी विरोधी अभियानों में आदिवासी और युवा मारे जा रहे हैं। उसी दिन बुद्धिजीवियों और अन्य लोगों के एक समूह ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी से केंद्र को संघर्ष विराम की घोषणा करने और सीपीआई (माओवादियों) के साथ शांति वार्ता के लिए राजी करने का प्रयास करने का आग्रह किया था।

छत्तीसगढ़ के केंद्रीय विवि के एनएसएस शिविर में नमाज के मामले में प्रोफेसर गिरफ्तार

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के एनएसएस शिविर में नमाज पढ़वाने के मामले में पुलिस ने विश्वविद्यालय के प्राध्यापक दिलीप झा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साक्ष्यों को प्रभावित करने और जांच में सहयोग नहीं करने के कारण पुलिस ने झा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक जिले के कोटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत शिवतराई गांव में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना :एनएसएस: के शिविर में शामिल छात्रों को नमाज पढ़वाकर धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने शनिवार को प्रोफेसर दिलीप झा, डॉक्टर मधुलिका सिंह, डॉक्टर ज्योति वर्मा, डॉक्टर नीरज कुमारी, डॉक्टर प्रशांत वैष्णव, डॉक्टर सूर्यभान सिंह, डॉक्टर बसंत कुमार तथा टीम कोर लीडर छात्र आयुष्मान चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

उन्होंने बताया कि गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा 26 मार्च से एक अप्रैल 2025 तक कोटा के शिवतराई गांव में एनएसएस शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में प्रोफेसर दिलीप झा, डॉक्टर मधुलिका सिंह, डॉक्टर ज्योति वर्मा, डॉक्टर नीरज कुमारी, डॉक्टर प्रशांत वैष्णव, डॉक्टर सूर्यभान सिंह, डॉक्टर बसंत कुमार तथा टीम कोर लीडर छात्र आयुष्मान चौधरी के अलावा 159 छात्र-छात्राएं मौजूद थे। इसमें चार छात्र मुस्लिम थे। अधिकारियों ने बताया कि शिविर के दौरान 31 मार्च को सुबह कैंप प्रमुख शिक्षकों और टीम लीडर छात्र ने कथित तौर पर एक कार्यक्रम आयोजित कर सभी छात्र-छात्राओं को नमाज पढ़वाई थी। उन्होंने बताया कि शिविर समाप्त होने के दो सप्ताह बाद उसमें शामिल कुछ छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय क्षेत्र के कोनी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन पर दबाव डालकर नमाज पढ़वाई गई।

बाद में विश्वविद्यालय परिसर में हिंदूवादी संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) सहित अन्य छात्र संगठनों ने कई बार प्रदर्शन किया। सभी ने इस मामले में जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने मामले की जांच के लिए सीएसपी, कोतवाली अक्षय साबद्रा के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया था। एसएसपी रजनेश सिंह के समक्ष शनिवार को जांच रिपोर्ट पेश होने के बाद उसके आधार पर थाना कोनी में केंद्रीय विश्वविद्यालय के एनएसएस शिविर में नमाज पढवाकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में शिक्षकों और छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षकों और छात्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान अपराध के सबूत पाए जाने से झा ने विवेचना और साक्ष्य को प्रभावित करने की कोशिश की तथा जांच में सहयोग नहीं किया, जिसके कारण आरोपी प्रोफेसर दिलीप झा को आज गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ में शुरू होगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना, कैबिनेट मीटिंग में कई महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ राज्य के सुदूर अनुसूचित एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जहां यात्री परिवहन की सुविधा कम है, वहां आम जनता को सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना’ शुरू करने का अहम नर्णिय लिया है। इस योजना के तहत हल्के/मध्यम परिवहन मोटरयान 18 से 42 बैठक क्षमता (चालक को छोड़कर) के वाहन को अनुज्ञा पत्र और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। नवीन ग्रामीण मार्गों के विनर्धिारण के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा।

अनुज्ञा का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं तथा नक्सल प्रभावितों को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभार्थियों का चयन निविदा प्रक्रिया से किया जाएगा। इस योजना के तहत संबंधित वाहन स्वामी को ग्रामीण मार्गों पर वाहनों के संचालन के लिए प्रथम परमिट निर्गमन की तिथि से तीन साल अधिकतम अवधि के लिए मासिक कर में पूर्णतः छूट दी जाएगी। इस योजना के तहत संचालित विभिन्न श्रेणी के वाहनों को राज्य शासन द्वारा प्रथम वर्ष 26 रुपए प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष 24 रुपए प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष 22 रुपए प्रति किलोमीटर विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, एड्स से पीड़ित लोगों को एक परिचारक के साथ किराया में पूरी छूट रहेगी, वहीं नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को आधा किराया लगेगा।

मंत्रिमंडल ने प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिसके तहत नवा रायपुर अटल नगर में स्टेट ऑफ आर्ट नीलिट की स्थापना के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नीलिट को 10.023 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। राज्य में नीलिट केन्द्र की स्थापना से छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। यह केन्द्र न केवल युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के नये अवसर प्रदान करेगा। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा के मानचित्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा।

मंत्रिमंडल ने रेगहा, बटाई, लीज और डुबान क्षेत्र पर खेती करने वाले किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का लाभ अब उक्त श्रेणी के किसानों को भी मिलेगा। मंत्रिमंडल ने बैठक में ‘कृषक उन्नति योजना’ के दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए इसका लाभ प्रदेश के ऐसे उक्त समस्त कृषक जिनसे खरीफ मौसम में सहकारी समिति एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषक विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से धान/धान बीज का उपार्जन किया गया हो, उन्हें आदान सहायता राशि दिए जाने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किए गए 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उनको अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार हटाये गए बी.एड अर्हताधारी 2621 सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित किया जाएगा। समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में हादसा: पेड़ से टकराकर तीन बाइक सवार लोगों की मौत

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बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में देर रात एक तेज रफ़्तार बाइक के अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा जाने से तीन लोगों की मौत हो गयी। स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना पेंडारी गांव में तब हुआ जब बाइक पर सवार तीन लोग आर्केस्ट्रा प्रोग्राम से लौट रहे थे और बाइक चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया जिसके बाद बाइक पेड़ से जा टकराई और तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

छत्तीसगढ़ सीएम साय ने की पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। सीएम साय ने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाकर राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पंचायतें हमारी विकास यात्रा की पहली कड़ी हैं, और ग्रामीण विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रत्येक गरीब परिवार को पक्का आवास देने का जो संकल्प लिया गया है, उससे जुड़े सभी कार्य समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ‘मोर दुआर-साय सरकार’ अभियान के अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा करते हुए 20 लाख से अधिक परिवारों के सर्वेक्षण पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

सीएम साय ने पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए स्वीकृत आवासों के समय पर निर्माण और सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पीएम आवास से संबंधित कार्यों की रियल टाइम ट्रैकिंग पर विशेष जोर देते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। सीएम साय ने मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक रोजगार सृजन और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने पंचायती राज दिवस पर आरंभ ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और उसमें भू-जल पुनर्भरण एवं जलग्रहण विकास के लिए जीआईएस तकनीक के समावेश के निर्देश दिए। सीएम साय ने 15वें वित्त आयोग, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना, महतारी सदन, जिला एवं जनपद पंचायत विकास निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना तथा स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की।

उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को पंचायती राज दिवस पर सम्मानित करने की योजना पर भी चर्चा की। सीएम साय ने विभाग की आगामी कार्ययोजना में प्रौद्योगिकी निगरानी प्रणाली, संसाधन प्रबंधन, योजना समन्वय, तेज नर्मिाण और त्वरित लक्ष्य पूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक ने जानकारी दी कि ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत 6,324 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। बस्तर संभाग की चार ग्राम पंचायतों के आठ गांवों में पहली बार योजना के अंतर्गत कार्य प्रारंभ हुए हैं। साथ ही 913 जॉब कार्डधारी परिवारों के 3,134 सदस्यों को पहली बार मनरेगा में रोजगार मिला है। सीएम साय ने स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के माध्यम से ‘नियद नेल्लानार योजना’ में शामिल गांवों के युवाओं के लिए प्राथमिकता से भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करने पर अपनी खुशी जाहिर की और इसे निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की कार्रवाई: बीजापुर में 24 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 28.50 लाख रुपये के इनामी 14 नक्सलियों समेत कुल 24 नक्सलियों ने सोमवार को सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 11 महिला नक्सली शामिल हैं। नक्सलियों ने ऐसे समय में आत्मसमर्पण किया है, जब 21 अप्रैल से तेलंगाना की सीमा से लगी बीजापुर की पहाड़ियों पर लगभग 24,000 सुरक्षाकर्मियों की मदद से एक बड़ा नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से भैरमगढ़ एरिया कमेटी सदस्य सुदरू हेमला उर्फ राजेश (33) और परतापुर एरिया कमेटी सदस्य कमली मोड़ियम पर पांच-पांच लाख रुपये, जबकि जयमोती पूनेम (24) पर तीन लाख रुपये का इनाम था।

उन्होंने बताया कि इसी तरह, शामनाथ कुंजाम उर्फ मनेष (40), चैतु कुरसम ऊर्फ कल्लू (30), बुच्ची माड़वी ऊर्फ रोशनी (25), सुखमति उरसा (28) और सोमली हेमला (45) पर दो-दो लाख रुपये, जबकि बुज्जी पदम (20), सुक्को पुनेम उर्फ मंजूला (28), हिड़मे वेको उर्फ जुगनी (22), सोनी कोरसा उर्फ ललिता (30) और लच्छा ताती उर्फ पोटका (25) पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों के मुताबिक, नक्सली मंगू पुनेम (21) 50 हजार रुपये का इनामी था। उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने संगठन के विचारों से मोहभंग होने और उसके भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद के कारण समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सुरक्षित पारिवारिक जीवन जीने के लिए आत्मसमर्पण किया।

अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार की नयी पुनर्वास नीति ने कई नक्सलियों में उम्मीद की किरण जगाई है और उन्हें संगठन से नाता तोड़ने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराने में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और केंद्रीय रिर्जव पुलिस बल (सीआरपीएफ) का विशेष योगदान रहा और बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसर्पण से शीर्ष माओवादी कैडर को बड़ा झटका लगा है। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने वाले सभी नक्सलियों को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि बस्तर में इस साल विभिन्न नक्सली घटनाओं में शामिल 213 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, 203 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और 90 नक्सली अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए हैं।

छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट में डीआरजी जवान घायल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए एक परिष्कृत विस्फोटक उपकरण (आईईडी) धमाके में शनिवार को जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का एक जवान घायल हो गया। बीजापुर जिले में पिछले छह दिन से नक्सलियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टा, दुर्गमगुट्टा और पुजारीकांकेर के पहाड़ी इलाकों में सोमवार को लगभग 10 हजार जवानों के साथ अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आज सुबह आईईडी विस्फोट में डीआरजी का एक जवान मामूली रूप से घायल हो गया। उन्होंने बताया, ”घायल जवान का सुरक्षाबलों के शिविर में उपचार किया गया और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। वह जल्द ही ड्यूटी पर लौट आएगा।’

अधिकारियों ने बताया कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के एक अन्य जवान को अभियान के दौरान 24 अप्रैल सुबह आईईडी विस्फोट के कारण टखने में मामूली मोच आ गई थी। उन्होंने बताया कि उसकी हालत सामान्य है और वह ठीक हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज संवाददाताओं से कहा, ”जब से हम (भारतीय जनता पार्टी) सरकार में आए हैं तब से नक्सलवाद के खिलाफ हमारे जवान मजबूती के साथ लड़ रहे हैं और अभी भी तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा में पहाड़ी पर अभियान जारी है। 42 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में भी हमारे जवान वहां पर मोर्चा संभाले हुए हैं और बहुत बड़ा अभियान जारी है। इनके लिए 31 मार्च 2026 ‘डेडलाइन’ है। गृहमंत्री जी (अमित शाह) ने संकल्प लिया है उनका संकल्प जरूर पूरा होगा।’

बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में से एक इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स, छत्तीसगढ़ पुलिस के विशेष कार्य बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और इसकी विशिष्ट इकाई कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा) सहित विभिन्न इकाइयों के जवान शामिल हैं। ऐसा माना जा रहा है कि सीपीआई (माओवादी) के शीर्ष नेताओं सहित लगभग 500 कैडर इस क्षेत्र में छिपे हुए हैं। तेलंगाना पुलिस इस अभियान में सहायता कर रही है। नक्सल विरोधी कार्रवाई की निगरानी कर रहे अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान तीन महिला नक्सलियों के शव, विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। वहीं माना जा रहा है कि कई अन्य नक्सली भी मारे जा चुके हैं।

अधिकारी ने बताया कि यह अभियान सोमवार को राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर बीजापुर (छत्तीसगढ़) और तेलंगाना के दोनों ओर कर्रेगुट्टा और दुर्गमगुट्टा की पहाड़ियों के दुर्गम इलाके व घने जंगल में शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि जिस इलाके में अभियान जारी है, वह कई किलोमीटर तक पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा हुआ है तथा इसे माओवादियों की पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन नंबर एक का आधार क्षेत्र माना जाता है। अधिकारी ने बताया कि जानकारी मिली है कि यहां पीएलजीए बटालियन नंबर एक, तेलंगाना राज्य समिति और माओवादियों के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के 500 से अधिक नक्सली हिडमा और दामोदर जैसे खूंखार नेताओं के साथ छिपे हुए हैं। नाम नहीं बताने की शर्त पर अधिकारी ने बताया, “यह एक महत्वपूर्ण अभियान है क्योंकि इसमें पीएलजीए बटालियन नंबर एक, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) तथा तेलंगाना राज्य समिति के माओवादियों के थिंक टैंक को निशाना बनाने तथा माओवादियों की सैन्य ताकत को खत्म करने की लड़ाई शुरू की गई है।

अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के दौरान बृहस्पतिवार को तीन महिला नक्सलियों के शव बरामद किए गए और मुठभेड़ में कई अन्य नक्सलियों के मारे जाने और घायल होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी की जा रही है। अधिकारी ने बताया, “यह एक टेस्ट मैच जैसा परिदृश्य है। मैच लंबा चलेगा और हर सत्र में हमें बहुत उत्साहजनक समाचार नहीं मिलेगा। लेकिन मैच के अंत में हम बहुत अनुकूल परिणामों की उम्मीद कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार और पड़ोसी राज्य सरकारें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस अभियान में शामिल हैं। अधिकारी ने बताया, “हमारे सभी जवान सुरक्षित हैं। दुर्गम इलाके और भीषण गर्मी को छोड़कर कोई समस्या नहीं है। जवानों का मनोबल चुनौतियों से निपटने के लिए ऊंचा है।” उन्होंने बताया कि अभियान में हेलीकॉप्टर और ड्रोन भी शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अभियान में शामिल कुछ जवानों को पानी की कमी और लू लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्ष 2023 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तेज हो गए हैं। सुरक्षाबलों ने पिछले वर्ष जनवरी से अब तक बस्तर क्षेत्र में हुई मुठभेड़ों में 350 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया।

नक्सलियों की तलाश के लिए छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बड़े पैमाने पर अभियान पांचवें दिन भी जारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षाबलों का नक्सल विरोधी अभियान पांचवें दिन भी जारी है। राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन पहाड़ियों पर नक्सलियों का मजबूत और प्रमुख ठिकाना है। यह, अभी तक सुरक्षाबलों का सबसे बड़ा अभियान है। अभियान की निगरानी कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में शुरू किए गए इस सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, विशेष कार्य बल (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और इसकी विशिष्ट इकाई ‘कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन’ (कोबरा) सहित विभिन्न इकाइयों के लगभग 10 हजार जवान शामिल है।

अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाना है। तेलंगाना पुलिस इस अभियान में में सहायता कर रही है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान बृहस्पतिवार को कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर तीन महिला नक्सलियों को मार गिराया गया तथा भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किया गया। अधिकारी ने बताया कि यह अभियान सोमवार को राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर बीजापुर (छत्तीसगढ़) और तेलंगाना के दोनों ओर कर्रेगुट्टा और दुर्गमगुट्टा की पहाड़ियों के दुर्गम इलाके और घने जंगल में शुरू किया गया था।

उन्होंने बताया कि जिस इलाके में अभियान चल रहा है, वह कई किलोमीटर तक पहाड़ियों तथा घने जंगलों से घिरा हुआ है और इसे माओवादियों की पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन नंबर एक का आधार क्षेत्र माना जाता है। बटालियन नंबर एक को माओवादियों का सबसे मजबूत सैन्य संगठन माना जाता है। अधिकारी ने बताया कि जानकारी मिली है कि यहां पीएलजीए बटालियन नंबर एक, तेलंगाना राज्य समिति और माओवादियों के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के 500 से अधिक नक्सली हिडमा और दामोदर जैसे खूंखार नेताओं के साथ छिपे हुए हैं।

नाम नहीं बताने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, ”यह एक महत्वपूर्ण अभियान है, क्योंकि इसमें पीएलजीए बटालियन नंबर एक, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) तथा तेलंगाना राज्य समिति के माओवादियों के थिंक टैंक को निशाना बनाने तथा माओवादियों की सैन्य ताकत को खत्म करने की लड़ाई शुरू की गई है।” अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के दौरान बृहस्पतिवार को तीन महिला नक्सलियों के शव बरामद किए गए। मुठभेड़ में कई अन्य नक्सलियों के मारे जाने और घायल होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी की जा रही है। अधिकारी ने कहा, ”यह एक टेस्ट मैच जैसा परिदृश्य है। मैच लंबा चलेगा और हर सत्र में हमें बहुत उत्साहजनक समाचार नहीं मिलेगा।

लेकिन मैच के अंत में हम बहुत अनुकूल परिणामों की उम्मीद कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार और पड़ोसी राज्य सरकारें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस अभियान में शामिल हैं। अधिकारी ने कहा, ”हमारे सभी जवान सुरक्षित हैं। दुर्गम इलाके और भीषण गर्मी को छोड़कर कोई समस्या नहीं है। जवानों का मनोबल चुनौतियों से निपटने के लिए ऊंचा है।” उन्होंने बताया कि अभियान में हेलीकॉप्टर और ड्रोन भी शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अभियान में शामिल कुछ जवानों को पानी की कमी और लू लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वर्ष 2023 में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तेज हो गए हैं। सुरक्षाबलों ने पिछले वर्ष जनवरी से अब तक बस्तर क्षेत्र में हुई मुठभेड़ों में 350 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया है। हाल ही में 29 मार्च को बस्तर क्षेत्र में हुई दो मुठभेड़ में 11 महिलाओं समेत 18 नक्सली मारे गए थे। इस वर्ष अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 144 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 128 बस्तर संभाग में मारे गए। बस्तर क्षेत्र में बीजापुर समेत सात जिले शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ में हादसा: ‘रोपवे’ से अलग हुई ट्रॉली, भाजपा नेताओं समेत छह लोग घायल

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में शुक्रवार को डोंगरगढ़ की पहाड़ी पर स्थित प्रसिध्द बम्लेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन करने के बाद नीचे आते समय ट्रॉली के ‘रोपवे’ से अलग होकर गिरने से उसमें सवार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं समेत छह लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि घटना अपराह्न लगभग दो बजे पहाड़ी पर स्थित बम्लेश्वरी देवी मंदिर से उतरते समय ‘रोपवे’ का इस्तेमाल करने के बाद हुई।

उन्होंने बताया कि ट्रॉली ‘रोपवे’ से अलग होकर नीचे गिर गयी और इस घटना में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामसेवक पैंकरा, भाजपा प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा, मां बम्‍लेश्‍वरी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, भाजपा नेता दया सिंह और दो अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि घायलों में भरत वर्मा की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि पैंकरा, वर्मा, दया सिंह और दो अन्य लोग शुक्रवार सुबह बम्लेश्वरी माता का दर्शन करने के लिए डोंगरगढ़ पहुंचे थे। अधिकारी ने बताया कि सभी लोग पहाड़ी पर लगे ‘रोपवे’ से ऊपर गए और जब वह दर्शन के बाद वापस लौट रहे थे तब नीचे आते समय ट्रॉली ‘रोपवे स्टेशन’ पहुंचने से ठीक पहले अचानक नीचे गिर गई।

उन्होंने बताया कि घटना के बाद घायलों को स्थानीय लोगों ने ट्रॉली से बाहर निकाला और डोंगरगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अधिकारियों ने बताया कि भरत वर्मा की गंभीर हालात को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद राजनांदगांव स्थानांतरित कर दिया गया। डोंगरगढ़ कस्बे में लगभग 1,600 फुट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित मां बमलेश्वरी देवी के प्रसिद्ध मंदिर में देश भर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।