छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: घर से मतदान कर सकेंगे 80 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांगजन

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को कहा कि 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग (40 प्रतिशत से अधिक) मतदाता छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी चुनाव में घर से ही डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य में 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या दो लाख से ज्यादा है। कुमार ने राज्य में आसन्न विधानसभा चुनाव की तैयारियों की दो दिनों की समीक्षा के बाद शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, विधानसभा चुनाव में 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं को घर से मतदान करने की सुविधा होगी। साथ ही यही सुविधा दिव्यांग मतदाताओं (40 प्रतिशत से अधिक) के लिए भी उपलब्ध होगी। इसके लिए उन्हें चुनाव की अधिसूचना के पांच दिनों के भीतर फॉर्म 12डी भरना होगा।

उन्होंने कहा कि अगर मतदाता बूथ पर जाकर वोट डालना चाहते हैं तो उन्हें परिवहन सुविधा भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि दूसरे विशेष सारांश संशोधन (एसएसआर) के दौरान आदिवासी बहुल राज्य में पांच विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी) से संबंधित मतदाताओं को नामांकित करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 11 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। अंतिम मतदाता सूची चार अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। कुमार ने कहा कि उन्होंने प्रशासनिक और कानून व्यवस्था से जुड़े विभागों को चुनाव के दौरान शराब, नकदी, मुफ्त में बांटी जाने वाली वस्तुओं और नशीले पदार्थों की अवैध आवाजाही को रोकने के लिए राज्य में 105 चेक नाकों को चालू रखने तथा वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में निजी हवाई पट्टियों और हेलीपैडों की निगरानी संबंधित एजेंसियों द्वारा की जाएगी और शराब के बड़े आपूर्तिकर्ताओं (यदि वे नियमों का उल्लंघन करते पाए गए तो) के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य में 1.97 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 98.5 लाख महिलाएं और 98.2 लाख पुरुष तथा 762 तृतीय लिंग के हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि राज्य में 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले 2.02 लाख मतदाता हैं तथा सौ वर्ष से अधिक उम्र वाले 2,948 मतदाता हैं। राज्य में 18 से 19 वर्ष उम्र के 4.43 लाख ऐसे मतदाता हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। राज्य में 19,854 सर्विस मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि पांच पीवीटीजी- अबुझमाड़िया, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर और बैगा मतदाता जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं हैं… उनके पंजीकरण के लिए एक गहन अभियान चलाया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि राज्य में इनकी संख्या 1.86 लाख है तथा 1.15 लाख लोग 18 वर्ष से अधिक उम्र के हैं जिनमें 1.13 लाख मतदाता हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 24,109 है। उनमें से 900 संगवारी मतदान केंद्रों का प्रबंधन महिला कर्मियों द्वारा किया जाएगा, जिनमें महिला सुरक्षा कर्मचारी भी शामिल हैं। वहीं दिव्यांग जनों द्वारा प्रबंधित मतदान केंद्रों की संख्या 90 है। कुमार ने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर शौचालय, व्हीलचेयर और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि नव वधु सम्मान समारोह के तहत फॉर्म-8 भरकर 61,683 नई दुल्हनों को मतदाता के रूप में नामांकित किया गया है। अधिकारी ने बताया कि राजनीतिक दलों के लिए प्रचार सामग्री के परिवहन के लिए वाहन अनुमति एक से बढ़ाकर चार वाहनों की कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि फेक न्यूज (फर्जी समाचार) को रोकने के लिए जिला स्तर पर सोशल मीडिया सेल स्थापित किए जाएंगे। कुमार ने बताया कि नो योर कैंडिडेट ऐप के माध्यम से नागरिक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड सहित उनका पूर्ण विवरण प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब उम्मीदवारों के लिए अपने आपराधिक रिकॉर्ड को तीन बार मीडिया में प्रकाशित करना अनिवार्य है। संवाददाता सम्मेलन में चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे और अरुण गोयल, चुनाव आयोग के अन्य सदस्य तथा राज्य की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले भी मौजूद थे। राजीव कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयोग के एक दल ने पिछले दो दिनों में राजनीतिक दलों, कानून व्यवस्था से जुड़े विभागों, जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों (एसपी), राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक तथा अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।

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