रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिलाधिकारियों से कहा है कि आम जनता तक शासन की योजना पहुंचाने में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ कांफ्रेंस कर शासन की योजनाओं और कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिये। साय ने कहा, ”राज्य शासन और भारत सरकार की योजनाएं प्रदेश में चल रही हैं। सभी योजनाओं को प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता है, जिलाधिकारी ध्यान रखें कि जिला प्रशासन की तरफ से योजना पहुंचाने में किसी भी तरह की कोताही न हो क्योंकि ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, हमारे प्रधानमंत्री अपने आपको प्रधानमंत्री नहीं, जनसेवक ही मानते हैं।
हम सब भी लोक सेवक हैं, हम सबका उद्देश्य जनसेवा है। जिलाधिकारी से लेकर पटवारी तक और एसपी से लेकर आरक्षक तक हम सबको जनता की सेवा में तत्पर रहना होगा। साय ने कहा, राजस्व विभाग में कई तरह की शिकायतें मिल रही हैं। ग्रामीण स्तर में पटवारी, आरआई द्वारा बंटवारा, नामांतरण का काम ठीक से और त्वरित रूप से नहीं होने की शिकायत मिल रही है। कामों को टालने की पुरानी व्यवस्था को तत्काल बदलें। सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि राजस्व विभाग से संबंधित शिकायत न आये। आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा, जिलाधिकारी-एसपी के कार्य से ही सरकार की छवि बनती है। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि किसानों को दफ्तरों का चक्कर न लगाना पड़े। ‘डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ)’ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, डीएमएफ फंड में भारी भ्रष्टाचार पिछली सरकार में हुआ। डीएमएफ फंड की राशि खनन प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए होती है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिए यह राशि खर्च की जाए।
डीएमएफ की राशि के उपयोग के लिए भारत सरकार से नियम तय है, नियमानुसार ही यह राशि खर्च हो। इस पर सख्ती से ध्यान दिया जाए, इस राशि का बिल्कुल भी दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के माओवाद आंतक को नियंत्रित करने के लिए स्थापित किए गए सुरक्षा शिविरों की छवि लोगों में सुविधा कैंप के रूप होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों से कहा, अपराधियों में कानून का भय होना चाहिए और आम नागरिक सभी तरह से भयमुक्त होने चाहिए। आम नागरिक भयमुक्त होकर सहजता से जीवन यापन कर सकें, हमें ऐसे वातावरण का निर्माण करना है। महिलाओं से संबंधित अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर-एसपी कांफ्रेस में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव राहुल भगत और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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