राज्यसभा चुनाव: मल्लिकार्जुन खड़गे और भूपेष बघेल को कांग्रेस ने बनाया पर्यवेक्षक

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आगामी 10 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मल्लिकार्जुन खड़गे और भूपेश बघेल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। खड़गे को महाराष्ट्र का पर्यवेक्षक, बघेल और राजीव शुक्ला को हरियाणा का तथा पवन कुमार बंसल और टी एससिंह देव को राजस्थान का पर्यवेक्षक बनाया गया है। कांग्रेस यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि उसके उम्मीदवार हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव जीतें, जबकि भाजपा हरियाणा और राजस्थान में निर्दलीय उम्मीदवारों का भी समर्थन कर रही है।

कांग्रेस महासचिव अजय माकन हरियाणा से पार्टी के उम्मीदवार हैं, जहां दो सीट खाली हुई हैं। कांग्रेस और भाजपा को एक-एक सीट मिलने की संभावना है, लेकिन भाजपा ने निर्दलीय के रूप में मीडिया कारोबारी कार्तिकेय शर्मा का समर्थन किया है। शर्मा, विनोद शर्मा के बेटे और हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा के दामाद हैं। दोनों को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का करीबी माना जाता है।

कांग्रेस को सीट जीतने के लिए 31 मतों की जरूरत है और उसके पास इतने ही विधायक हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) क्रॉस वोटिंग होने की स्थिति में फायदा उठा सकती है।
राजस्थान की चार राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने तीन उम्मीदवार- रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस को जहां दो सीट मिलनी तय है, वहीं तिवारी की तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 15 और मतों की जरूरत होगी। भाजपा ने पूर्व मंत्री घनश्याम तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है और दूसरी सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा को समर्थन दिया है। महाराष्ट्र में, शिवसेना और भाजपा के बीच राज्यसभा की छठी सीट के लिए मुकाबला होगा क्योंकि सात उम्मीदवारों – सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के चार और भाजपा के तीन उम्मीदवार- में से, किसी ने भी शुक्रवार को अपना नामांकन वापस नहीं लिया।
कांग्रेस ने कर्नाटक में एक और उम्मीदवार मंसूर अली खान को भी मैदान में उतारा है, जहां चार सीट के लिए 10 जून को चुनाव होना है। जयराम रमेश कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार हैं।

कांग्रेस राजस्थान में तीन सीट और भाजपा अपनी एक सीट की उम्मीद कर रही है तथा चौथी सीट के लिए निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा का समर्थन कर रही है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि इस बीच, राजस्थान के लगभग 70 कांग्रेस विधायक राज्यसभा चुनाव से पहले उदयपुर के एक होटल में डेरा डाले हुए हैं क्योंकि पार्टी को विपक्षी भाजपा की ओर से खरीद-फरोख्त का डर है। राज्य विधानसभा में अपने 108 विधायकों के साथ कांग्रेस दो सीट आसानी से जीत सकती है। दो सीट जीतने के बाद, पार्टी के पास 26 अतिरिक्त मत होंगे यानी कि तीसरी सीट जीतने के लिए आवश्यक 41 से 15 कम। दूसरी ओर, भाजपा के पास राज्य विधानसभा में 71 विधायक हैं और वह एक सीट आसानी से जीत सकती है जिसके बाद उसके पास 30 अतिरिक्त मत बचेंगे। कांग्रेस ने हरियाणा के अपने विधायकों को भी पार्टी शासित छत्तीसगढ़ के रायपुर के एक रिसॉर्ट में स्थानांतरित कर दिया है। राज्यसभा की 57 रिक्तियों में से अब तक 11 राज्यों में 41 उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। चार राज्यों-महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और कर्नाटक की 16 सीट के लिए चुनाव होगा।

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