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छत्तीसगढ़ में संदिग्ध नक्सलियों ने खनन कार्य में लगे वाहनों में आग लगाई

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कांकेर। छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में संदिग्ध नक्सलियों ने खदान कार्य में लगे दो वाहनों समेत चार वाहनों में आग लगा दी। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जिले के सिकसोड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत चारगांव में संदिग्ध नक्सलियों ने दो ट्रक और दो एसयूवी में आग लगा दी। ये ट्रक और वाहन खनन कार्य में इस्तेमाल हो रहे थे।

उन्होंने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि सोमवार तड़के करीब चार बजे नक्सली चारगांव गांव के करीब एक निजी कंपनी के लौह अयस्क खदान क्षेत्र पहुंचे और वहां खड़े दो ट्रकों में आग लगा दी और फिर वे गांव के करीब खड़े निजी वाहनों में आग लगाने के बाद वहां से फरार हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच गोलीबारी की भी सूचना है। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में पुलिस टीम को रवाना किया गया। मामले की जांच की जा रही है और क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है।

छत्तीसगढ़ को 10 राजस्व अनुविभागों और 25 तहसीलों का मिलेगा तोहफा, सीएम बघेल आज करेंगे उद्घाटन

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज यानि 17 अक्टूबर को वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश में नवगठित 10 राजस्व अनुविभागों एवं 25 नवीन तहसीलों का उद्घाटन करेंगे। सीएम बघेल अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अनुविभाग तिल्दा नेवरा, बागबाहरा, मालखरौदा, धमधा, बलरामपुर, राजपुर, भरतपुर, खड़गवां, भोपालपट्नम और भैरमगढ़ का उद्घाटन करेंगे। इन अनुविभागों के उद्घाटन के बाद प्रदेश में 108 अनुविभाग होंगे।

बघेल इस कार्यक्रम में 25 नवीन तहसीलों मंदिरहसौद, धरसींवा, बेलरगांव, कोमाखान, सोनाखान, टुण्डरा, अमलीपदर, बेलतरा, जरहागांव, दीपका, मुकड़ेगा, कोटाडोल, पोड़ी (बचरा), औंधी, खड़गांव, साल्हेवारा, लालबहादुर नगर, मर्री बंगला (देवरी), देवकर, भिंभौरी, नानगुर, भानपुरी, तोंगपाल, मर्दापाल, धनोरा का उद्घाटन भी करेंगे। इन तहसीलों के उद्घाटन के बाद प्रदेश में तहसीलों की संख्या बढ़कर 227 हो जाएगी।

छत्तीसगढ़ में पुलिस कांस्टेबल ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या

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Shadow of man with pistol gun turned on his head wants to commit suicide. light and shadow

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले में पुलिस के एक कांस्टेबल ने अपने सर्विस हथियार से खुद को गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और अभी यह पता नहीं चल पाया है कि पुलिसकर्मी ने यह कदम जिस कारण से उठाया है। अधिकारी ने बताया कि यह घटना नवगठित जिले के औंधी क्षेत्र के डोमिकाला गांव में स्थित एक पुलिस शिविर में सुबह करीब सात बजे हुई। उन्होंने बताया कि यह इलाका नक्सल प्रभावित है।

बिलासपुर जिले के रहने वाले कांस्टेबल वेदराम राज ने शिविर में अपने बैरक में इंसास राइफल से कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। उन्होंने कहा कि गोली की आवाज सुनकर उनके साथी वहां पहुंचे और उन्हें खून से लथपथ मृत पाया। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले में रहने वाले उनके परिवार के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने की दो लोगों की हत्या

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक प्रतिबंधित संगठन के सदस्य के भाई समेत दो लोगों की कथित तौर पर हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को इसकी जानकारी दी। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पेडाकोरमा और पुस्नार गांवों में नक्सलियों द्वारा कथित तौर पर दो लोगों की हत्या किये जाने की सूचना मिली। अधिकारी ने कहा कि मृतकों में से एक माना जा रहा है कि प्रतिबंधित संगठन की गंगालूर क्षेत्र समिति के सचिव दिनेश मोदियाम का भाई राजू पोडियामी है, जबकि दूसरे व्यक्ति की पहचान दुला कोडमे के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल दिनेश मुदियाम ने संगठन में आंतरिक लड़ाई में सहयोगी विज्जा मोदियाम की हत्या कर दी थी।

विधानसभा उपाध्यक्ष के निधन पर रायपुर और कांकेर में एक दिन का राजकीय शोक, सीएम बघेल ने भी जताया शोक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी के निधन पर राजधानी रायपुर और कांकेर जिले में एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। मंडावी के निधन पर राज्यपाल अनसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य नेताओं ने शोक जताया है। जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन ने निर्णय लिया गया है कि मनोज सिंह मंडावी के निधन पर रायपुर और कांकेर में एक दिवसीय (16 अक्टूबर) राजकीय शोक रहेगा तथा उनका अंतिम संस्कार आज शाम चार बजे राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव नथिया नवागांव में किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राजकीय शोक के दौरान रायपुर और कांकेर स्थित सभी शासकीय भवनों और जहां पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाते हैं, वहां पर राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे तथा शासकीय स्तर पर कोई मनोरंजन/सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा। अधिकारियों ने बताया कि मंडावी के निधन पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा विधानसभा अध्यक्ष समेत अन्य नेताओं ने शोक जताया है। उन्होंने बताया कि राज्यपाल उइके ने अपने शोक संदेश में कहा है, मंडावी ने अनेक महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए प्रदेश व अपने क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका निभाई। उनका निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है।

अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल ने शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने और दिवंगत आत्मा के शांति की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने मंडावी के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है, मंडावी वरिष्ठ आदिवासी नेता थे। उन्होंने नवगठित छत्तीसगढ़ के गृह राज्यमंत्री और विधानसभा के उपाध्यक्ष सहित अनेक महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया और प्रदेश की सेवा की। वे 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के तथा वर्ष 2013 और 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। मंडावी छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष भी रहे। बघेल ने कहा, मनोज सिंह मंडावी आदिवासी समाज के बड़े नेता थे। वे आदिवासियों की समस्याओं को विधानसभा में प्रभावशाली ढंग से रखते थे। मंडावी आदिवासी समाज की उन्नति और अपने क्षेत्र के विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहे। प्रदेश के विकास में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उनका निधन हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंडावी के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने विधानसभा उपाध्यक्षके आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में महंत ने कहा, ”मंडावी अत्यंत सरल, सहज एवं मृदुभाषी थे। उनके निधन से प्रदेश ने एक अनुभवी राजनेता को खो दिया है। विधानसभा उपाध्यक्ष के रूप में सदन के संचालन में उनकी भूमिका सदैव यादगार रहेगी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ट्वीट कर कहा, छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री मनोज मंडावी जी के आकस्मिक निधन के समाचार से निशब्द हूं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस कठिन घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करें। छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष और सत्ताधारी दल कांग्रेस से भानुप्रतापपुर क्षेत्र के विधायक मनोज सिंह मंडावी का दिल का दौरा पड़ने से रविवार को निधन हो गया। वह 58 वर्ष के थे।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल में एक सप्ताह के अंदर दूसरे खिलाड़ी की मौत, सीएम बघेल ने जताया शोक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल के दौरान महिला खिलाड़ी की मौत हो गई। एक सप्ताह में यह दूसरी मौत है। खिलाड़ी की मौत पर सीएम भूपेश बघेल ने दुख जताया है। दरअसल कोण्डागांव जिले में कल छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक के तहत आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान घायल महिला खिलाड़ी की रायपुर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। सीएम बघेल ने शांति मंडावी के परिवारजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक के परिवारजनों को 04 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की है। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवारजनों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज सिंह का दिल का दौरा पड़ने से निधन

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कांकेर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष और सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक मनोज सिंह मंडावी का दिल का दौरा पड़ने के कारण रविवार को निधन हो गया। पार्टी के नेताओं ने यह जानकारी दी। कांग्रेस की संचार इकाई के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि मंडावी (58) को दिल का दौरा पड़ने के बाद पड़ोसी धमतरी शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सुबह उनका निधन हो गया। कांकेर जिले में भानुप्रतापपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मंडावी शनिवार रात को जिले के चरामा इलाके में अपने पैतृक गांव नथिया नवागांव में थे।

शुक्ला ने बताया कि उन्होंने बेचैनी होने की शिकायत की थी जिसके बाद उन्हें चरामा में एक अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की। उन्होंने बताया कि इसके बाद मंडावी को धमतरी शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका निधन हो गया। तीन बार विधायक रहे और बस्तर क्षेत्र में पार्टी का अहम आदिवासी चेहरा रहे मंडावी 2000 से 2003 के बीच राज्य में अजीत जोगी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के दौरान गृह एवं कारागार मंत्री थे।

आदिवासियों का आरक्षण बढ़ाने की मांग को लेकर भाजपा ने राजभवन तक किया मार्च

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कांग्रेस सरकार पर राज्य में अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि इनकी लापरवाही के कारण आदिवासियों का आरक्षण कोटा 32 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। भाजपा नेताओं ने इस संबंध में राज्यपाल अनुसुइया उइके को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य सरकार को आदिवासियों के लिए आरक्षण लाभ बहाल करने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। भाजपा सांसद, विधायक और पार्टी के नेताओं ने आज जिला कार्यालय एकात्म परिसर से राजभवन तक पैदल मार्च किया और राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

राजभवन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान भाजपा विधायक दल के नेता नारायण चंदेल ने कहा कि 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने आदिवासियों का आरक्षण कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 32 प्रतिशत कर दिया था और 2012 से इसका लाभ उठाया जा रहा था। चंदेल ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण पिछले महीने से 32 प्रतिशत आरक्षण का लाभ बंद कर दिया गया और अब इसका खामियाजा आदिवासी युवा भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा,मामला (आरक्षण वृद्धि का) अदालत में लंबित था और कांग्रेस सरकार को अपनी पूरी तैयारी के साथ बहस करनी चाहिए थी। बघेल सरकार ने मामले को हल्के में लिया और मामले का बचाव करने के लिए वरिष्ठ वकील को नहीं रखा। कांग्रेस सरकार की लापरवाही का नतीजा है कि अब आदिवासियों को 12 फीसदी आरक्षण के लाभ का नुकसान हो रहा है। विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया रोके जाने से सरगुजा और बस्तर संभाग में आदिवासियों में भारी रोष है।

भाजपा नेता ने बताया कि ज्ञापन में पार्टी ने राज्यपाल से राज्य सरकार को आरक्षण का लाभ बहाल करने के लिए उचित कदम उठाने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पिछले महीने राज्य सरकार की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए आरक्षण को 58 प्रतिशत तक बढ़ाने के आदेश को खारिज कर दिया था और कहा था कि 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक आरक्षण असंवैधानिक है। इस फैसले के बाद राज्य में आदिवासियों के लिए आरक्षण 32 प्रतिशत से घटकर 20 प्रतिशत हो गया है। राज्य में लगभग 32 प्रतिशत जनसंख्या आदिवासियों की है। भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि विपक्ष आदिवासी आरक्षण को लेकर घड़ियाली आंसू बहा रहा है।

मरकाम ने कहा, जब आरक्षण की सीमा को 50 से बढ़ाकर 58 करने के खिलाफ अदालत में याचिका लगी, तो तत्कालीन रमन सरकार ने आरक्षण बढ़ाने के तर्कसंगत कारणों को अदालत के समक्ष क्यों नहीं रखा? आरक्षण बढ़ाने के लिए तत्कालीन गृहमंत्री ननकी राम कंवर की अध्यक्षता में बनाई गयी कमेटी की सिफारिशों को अदालत के समक्ष क्यों नहीं रखा गया? तथा तत्कालीन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी की सिफारिशों को अदालत में क्यों छुपाया गया? कांग्रेस नेता ने कहा, ”जब रमन सरकार आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर रही थी तो अनुसूचित जाति के आरक्षण में चार प्रतिशत की कटौती करने के बजाय आरक्षण सीमा को 58 प्रतिशत से 62 क्यों नहीं किया? इससे लोग अदालत नहीं जाते, बढ़ाया गया आरक्षण यथावत रहता। आज भी देश के अनेक राज्यों में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण है, रमन सरकार ने जानबूझकर यह चूक की है। मरकाम ने कहा है कि भाजपा में साहस है तो इन सवालों का जवाब दे।

छत्तीसगढ़ में दो नर हाथियों के शव बरामद, वन विभाग में हड़कंप

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रायगढ़/कोरबा। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ और बलरामपुर ​जिले में वन विभाग ने दो नर हाथियों का शव बरामद किया है। वन विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग ने रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत खेनताबहारी गांव के जंगल में शुक्रवार को एक नर हाथी का शव बरामद किया है। वहीं, शनिवार को बलरामपुर जिले के रामानुजगंज के वन वाटिका परिसर में भी एक हाथी का शव बरामद किया गया। धरमजयगढ़ के वन मंडल अधिकारी अभिषेक जोगावत ने बताया कि ग्रामीणों ने खेनताबहारी गांव के जंगल में एक हाथी के शव होने की जानकारी दी तब घटनास्थल के लिए वन विभाग के दल को रवाना किया गया। बाद में घटनास्थल से एक नर हाथी का शव बरामद किया गया।

जोगावत ने बताया कि हाथी का शव देखकर अनुमान लगाया गया है कि हाथी की मृत्यु कुछ दिनों पहले हुई है। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। वहीं, बलरामपुर जिले के वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रामानुजगंज स्थित वन वाटिका परिसर में एक हाथी के शव होने की सूचना मिलने बाद विभाग को दल को रवाना किया गया था। बाद में शव को बरामद कर उसका पोस्टमार्टम कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि हाथी की उम्र लगभग 35 वर्ष है। विभाग को आशंका है कि हाथी की मौत पहाड़ से उतरने के दौरान गिरने के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि हाथी का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने उसके फेफड़े और गुर्दे में परेशानी की भी जानकारी दी है। अधिकारी ने बताया कि वन विभाग ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ में नेताओं और अफसरों के घर क्यों डाली गई रेड? ईडी ने दिया जवाब

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प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में कोयला ढुलाई में बड़े पैमाने पर घोटाला हो रहा है, जिसके तहत नेताओं, अधिकारियों और अन्य लोगों का एक समूह कथित तौर पर अवैध कर वसूली की समानांतर प्रणाली” चला कर प्रतिदिन लगभग 2-3 करोड़ रुपये अर्जित कर रहा है। संघीय जांच एजेंसी ने इस सप्ताह की शुरुआत में छत्तीसगढ़ में कई जगह छापे मारने के बाद बृहस्पतिवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी समीर विश्नोई और दो अन्य को गिरफ्तार किया था। राज्य की राजधानी रायपुर की एक अदालत ने उन्हें 21 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।

ईडी ने कहा कि 2009 बैच के आईएएस अधिकारी विश्नोई और उनकी पत्नी के पास से 47 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी और 4 किलोग्राम सोने के आभूषण मिले। ईडी ने एक बयान में कहा कि यह मामला “एक बड़े घोटाले से संबंधित है जिसमें छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों से जुड़ा एक समूह ढुलाई किये जाने वाले प्रति टन कोयले पर अवैध रूप से 25 रुपये का कर वसूल रहा है। ईडी ने कहा, अनुमान है कि इससे प्रतिदिन लगभग 2-3 करोड़ रुपये अर्जित किए जाते हैं।