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सिंहदेव के इस्तीफे को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा, कार्यवाही स्थगित

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को मंत्री टी.एस. सिंहदेव के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा देने और उनके त्यागपत्र में उठाए गए बिंदुओं को लेकर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री से जवाब मांगा और सदन में हंगामा किया। हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। भाजपा विधायकों ने इस मुद्दे पर सदन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान की मांग करते हुए कहा कि राज्य में संवैधानिक संकट की स्थिति है क्योंकि एक मंत्री ने ही सरकार के कामकाज पर अविश्वास व्यक्त किया है।

राज्य विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को शुरू हुआ और आज सिंहदेव सदन में मौजूद नहीं रहे। वह गुजरात दौरे पर हैं। उन्हें इस वर्ष गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। सदन में भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल और अजय चंद्राकर समेत अन्य भाजपा सदस्यों ने इस मामले को उठाया और कहा कि एक मंत्री ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया है, जो एक गंभीर मुद्दा है। भाजपा सदस्यों ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, मंत्रिमंडल और कार्यपालिका, विधायिका के प्रति जवाबदेह है। लेकिन, यह सरकार इस मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर संबंधित मंत्री (सिंहदेव) या मुख्यमंत्री को सदन में बयान देना चाहिए। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि सिंहदेव की गैरमौजूदगी में मुख्यमंत्री को इस पर बोलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में सिंहदेव ने दावा किया है कि उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति नहीं दी जा रही है और उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति ”अविश्वास” व्यक्त किया है। भाजपा सदस्यों ने कहा कि मंत्री ने कहा है कि पंचायत विभाग के कामकाज को मंजूरी देने के लिए ‘रूल ऑफ बिजनेस’ के खिलाफ मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। सदस्यों ने कहा कि मंत्री ने कहा है कि मनरेगा योजना के तहत काम करने वाले कर्मचारियों द्वारा हड़ताल करने की साजिश रची गई थी।
उन्होंने कहा कि यह संविधान और नियम के खिलाफ है कि एक मुख्य सचिव किसी मंत्री को अंतिम मंजूरी दे। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत ने पूछा कि विपक्षी सदस्य किस नियम के तहत यह मुद्दा उठा रहे हैं? एक मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र कैसे संवैधानिक संकट का विषय बन गया है? महंत ने कहा कि विधानसभा को अब तक किसी मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करने के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। इस पर, विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक और अन्य विपक्षी सदस्यों ने कहा कि जब तक इस मुद्दे का समाधान नहीं हो जाता और मुख्यमंत्री सदन में बयान नहीं देते हैं, तब तक विधानसभा की आगे की कार्यवाही नहीं होनी चाहिए। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन मे हंगामा शुरू कर दिया।

हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही फिर से शुरू होने के बाद, विपक्षी सदस्यों ने फिर से मुख्यमंत्री से बयान की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सिंहदेव ने विधानसभा कार्यालय को सूचित किया है कि वह 20 और 21 जुलाई को सदन में नहीं होंगे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर को सदन में अपने विभागों से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के लिए नियुक्त किया है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे को बयान देने के लिए कहा, जिस पर विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताई और मुख्यमंत्री से बयान की मांग करते हुए फिर हंगामा शुरू हो गया। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के साथ कथित मनमुटाव के बाद सिंहदेव ने शनिवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, वह लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन और वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग के मंत्री बने रहेंगे। सिंहदेव ने मुख्यमंत्री को भेजे त्यागपत्र में राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति, विभाग और शासन के कामकाज, पेसा कानून को लेकर बनाए गए नियमों में बदलाव और मनरेगा का कार्य करने वाले रोजगार सहायकों की हड़ताल से उपजी स्थिति के संबंध में चिंता जाहिर की है।

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, 28 जुलाई से होगी गौ-मूत्र की खरीदी

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छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में हरेली तिहार (हरियाली अमावस्या) से गौ-मूत्र की खरीदी करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर राज्य के गौठानों में 28 जुलाई, हरेली तिहार से गौ-मूत्र की खरीदी की शुरुआत होगी। प्रथम चरण में प्रत्येक जिले के दो चयनित स्वावलंबी गौठानों में गौ-मूत्र की खरीदी की जाएगी। उन्होंने बताया कि गौठान प्रबंध समिति पशुपालक से गौ-मूत्र क्रय करने के लिए स्थानीय स्तर पर दर निर्धारित कर सकेगी। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य में गौ-मूत्र क्रय के लिए न्यूनतम राशि चार रूपए प्रति लीटर प्रस्तावित की है। अधिकारियों ने बताया कि खरीदे गए गौ-मूत्र से महिला स्व-सहायता समूह की मदद से जीवामृत एवं कीट नियंत्रक उत्पाद तैयार किए जाएंगे। चयनित समूहों को पशु चिकित्सा विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के सहयोग से विधिवत प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि गोधन न्याय मिशन के प्रबंध संचालक डॉक्टर अय्याज तम्बोली ने सभी कलेक्टरों को गौठानों में गौ-मूत्र की खरीदी को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि गौ-मूत्र का क्रय गौठान प्रबंधन समिति स्वयं के बैंक खातों में उपलब्ध गोधन न्याय योजना अंतर्गत प्राप्तियां, चक्रीय निधि ब्याज की राशि से करेगी। अधिकारियों ने बताया कि दो साल पहले 20 जुलाई 2020 को राज्य में हरेली पर्व के दिन से ही गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में गोबर की खरीदी की शुरुआत हुई थी। गोबर से गौठानों में अब तक 20 लाख क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट और सुपर प्लस कम्पोस्ट महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित किए जा चुके हैं, जिसके चलते राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिला है। गौ-मूत्र की खरीदी राज्य में जैविक खेती के प्रयासों को और आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगी।

उन्होंने बताया कि गोधन न्याय योजना राज्य के ग्रामीण अंचल में बेहद लोकप्रिय योजना साबित हुई है। इस योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों से लगभग दो सालों में 150 करोड़ रुपये से अधिक की गोबर खरीदी की गई है, जिसका सीधा फायदा ग्रामीण पशुपालकों को मिला है। क्रय गोबर से वर्मी खाद का निर्माण एवं विक्रय से महिला स्व-सहायता समूहों और गौठान समितियों को 143 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ में नाबालिग से दरिंदगी, रेप करने वाले चार युवक गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 15 वर्षीय लड़की से बलात्कार के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र से एक लड़की का अपहरण और उसके साथ बलात्कार के मामले में पुलिस ने आशीष कुमार (26), रवि सिंह (19), साहिल सागर (22) और दीपेश प्रजापति (19) को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस महीने की 12 तारीख को लड़की और उसके परिजनों ने पुलिस में शिकायत की थी कि लड़की चार जुलाई को अपने एक​ रिश्तेदार के साथ घूमने जा रही थी तभी राताखार बाईपास पर चार युवकों ने उसे अपने वाहन में जबरन बैठा लिया औैर बरमपुर के जंगल में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। घटना के बाद युवक वहां से फरार हो गए।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तब सीसीटीवी कैमरे में एक आरोपी की तस्वीर दिखाई दी। इसके आधार पर अन्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी मिली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जानकारी मिली कि आरोपी बिलासपुर में छुपे हुए हैं, इसके बाद पुलिस दल ने सोमवार को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसूत्र सत्र आज से शुरू, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के इस्तीफे पर हो सकती है चर्चा

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र कल से शुरू हो रहा हैं।इसके इस बार काफी हंगामेदार रहने के आसार है। आठ दिवसीय यह सत्र कल से शुरू होकर 27 जुलाई तक चलेगा। आठ दिवसीय इस सत्र में कुल छह बैठके होंगी। इसमें चालू वित्त वर्ष का प्रथम अनुपूरक बजट जहां पेश किया जाएगा। वहीं अन्य शासकीय एवं विधाई कार्य निष्पादित किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री टीएस, सिंहदेव के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भेजे इस्तीफे एवं उसके साथ चार पेज के पत्र में इस्तीफे के बताए गए कारणों को लेकर विपक्ष को सरकार को घेरने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने सत्र के पहले दिन से ही आक्रामक रूख अख्तियार करने के संकेत दिए है। सिंहदेव के पत्र में उल्लेख किए कुछ मामले में सरकार को बचाव का रूख अपनाना पड़ सकता है।

सत्ता पक्ष के विधायक दल की बैठक दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री आवास पर हो चुकी है, और उसने भी विपक्ष के हमलों को कमजोर करने की पूरी रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री बघेल स्वयं भेंट मुलाकात कार्यक्रम को बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्र में मिले भारी समर्थन से उत्साहित है। उनके द्वारा इस सत्र में कुछ अहम घोषणाएं भी की जा सकती है। सत्ता पक्ष के लिए एक और राहत की बात है कि सिंहदेव सत्र में उपस्थित नहीं रहेंगे। वह इस दौरान गुजरात में रहेंगे जहां का उन्हे चुनाव पर्यवेक्षक बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में भाजपा लाएगी अविश्वास प्रस्ताव: कौशिक

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छत्तीसगढ़ में बुधवार से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कौशिक ने कहा कि भाजपा इस मानसून सत्र में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, राज्य में कांग्रेस की सरकार को तीन वर्ष हो चुके हैं और सरकार ने जनता से केवल वादाखिलाफी किया है। कांग्रेस ने चुनाव के दौरान राज्य में पूर्ण शराबबंदी, किसानों को बोनस, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता और रोजगार का वादा किया था। लेकिन इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया। सरकार अब जनता का विश्वास खो चुकी है।

कौशिक ने कहा, विधानसभा सत्र कल से प्रारंभ हो रहा है। इस ​सत्र में कुल छह कार्य दिवस है। इस छह कार्य दिवस में सरकार का कार्य भी है। उसके साथ अनुपूरक बजट भी आएगा। जितना भी समय है उसमें हम लोगों का पूरा प्रयास होगा कि प्रत्येक दिन छत्तीसगढ़ के जनहित के जो मुद्दे हैं, लोगों की जो भावनाएं है, लोगों की जो अपेक्षाएं है और राज्य की जो समस्याएं है उसे हम प्रश्न के माध्यम से, ध्यानाकर्षण के माध्यम से, स्थगन के माध्यम से तथा अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, आज मुख्य रूप से किसानों को खाद, बीज की समस्या है।राज्य में कानून व्यवस्था की बदहाल स्थिति है। जिस प्रकार से सरकार चल रही है और संवैधानिक संकट की स्थिति है तथा भ्रष्टाचार है, हम पूरा प्रयास करेंगे कि हम विधानसभा के एक-एक दिन, एक-एक घंटे और एक-एक मिनट का उपयोग करें।

उन्होंने कहा कि राज्य में जनहित में जो भी हो सकता है वह सारे मुद्दे उठाए जाएंगे, उसका जवाब चाहेंगे। उनका कहना था कि जिस प्रकार से लगातार अनाचार की घटनाएं हो रही है, नशे के कारोबार और युवा वर्ग नशे का शिकार हो गया है, प्रदेश की जनता कराह रही है, हम पूरा प्रयास करेंगे कि सारे मुद्दे आए। इधर सत्ताधारी दल कांग्रेस ने भी विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारी कर ली है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता कहा कि विपक्ष के सभी आरोपों को जवाब दिया जाएगा।

कांग्रेस विधायक कुलदीप जुनेजा ने कहा कि भाजपा​ विपक्षी धर्म का पालन कर रही है, इसलिए वह अविश्वास प्रस्ताव ला रही है, लेकिन वह विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष की संख्या से परिचित है। जुनेजा ने कहा, उम्मीद है कि विपक्ष मुद्दे के आधार पर अपनी बात रखेगा तथा सरकार उसका जवाब देगी लेकिन यदि केवल हंगामा करना ही उनका मकसद है तब कुछ नहीं कहा जा सकता है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार 20 जुलाई से प्रारंभ होकर इस महीने की 27 तारीख तक तय किया गया है। राज्य में वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव के एक विभाग से इस्तीफा देने और उससे उपजे राजनीतिक हालात के बाद इस सत्र के हंगामेदार होने के आसार है।

छत्तीसगढ़ में प्रेशर बम से विस्फोट, आदिवासी महिला घायल

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में मंगलवार को नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर बम विस्फोट में एक आदिवासी महिला घायल हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक अंजनेय वार्ष्णेय ने बताया कि जिले के मिरतुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत केतुलनार गांव के करीब प्रेशर बम की चपेट में आकर ग्रामीण महिला सोमली हेमला घायल हो गई। महिला किसी काम से पास के जंगल में गई थी। उन्होंने बताया कि महिला ने अनजाने में प्रेशर बम के ऊपर पैर रख दिया। इससे बम में विस्फोट हो गया। इस घटना में महिला के पैर में चोटें आई हैं।

अधिकारी ने बताया कि महिला को निकट के नेलसनार गांव के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। बीजापुर राज्य की राजधानी रायपुर से 400 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि माओवादी अक्सर नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान जंगल के भीतरी मार्गों का उपयोग करने वाले सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाने के लिए प्रेशर बम लगाते हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में पहले भी माओवादियों द्वारा लगाए गए बम में विस्फोट होने से कई आम नागरिक हताहत हुए हैं।

लोगों को आर्थिक समृद्धि देने का मॉडल है नया छत्तीसगढ़ का मॉडल: सीएम बघेल

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हमने छत्तीसगढ़ में जो मॉडल लाया वो लोगों की जेब में पैसा डालने वाला मॉडल है। हमने किसानों, मज़दूरों, ग़रीबों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया। हमने लोगों को अधिकार सम्पन्न बनाने का काम किया है। नया छत्तीसगढ़ का मॉडल लोगों को आर्थिक समृद्धि देने का मॉडल है।’ यह विचार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम “राइजिंग छत्तीसगढ़” में कहीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बघेल से परिचर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल से लेकर उनके व्यक्तिगत जीवन तक के अनेक सवाल पूछे गए, जिनका मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बेबाकी से जवाब दिया। परिचर्चा की शुरुआत में बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई।

कार्यक्रम राइजिंग छत्तीसगढ़ के दौरान गढ़त हे नवा छत्तीसगढ़ सत्र के दौरान मुख्यमंत्री बघेल से परिचर्चा में सवालों की शुरुआत नया छत्तीसगढ़ मॉडल को लेकर हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को उनकी उपज की सही कीमत देना, मजदूरों के लिए कोरोना काल में भी मनरेगा जैसा कार्य जारी रखना, गरीबों और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए भूमिहीन ग्रामीण कृषि मजदूर योजना की शुरुआत कर इन सभी तबकों के जेब में पैसे डालने का काम वर्तमान राज्य सरकार ने किया है। इसके अलावा भी अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए छत्तीसगढ़वासियों को अधिकार सम्पन्न बनाने का काम राज्य सरकार ने किया है। वहीं आर्थिक रूप से समृद्ध भी कर रही है। यही छत्तीसगढ़ का नया विकास मॉडल है। हमारे इस छत्तीसगढ़ मॉडल को देखने-समझने केन्द्रीय टीमें भी आती हैं।

वहीं गोधन न्याय योजना को लेकर हुए सवाल पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि, आवारा मवेशी पूरे देश में बड़ी समस्या रहे हैं, लेकिन किसी भी राज्य ने इस समस्या का समाधान करने पर ध्यान नहीं दिया। छत्तीसगढ़ में वर्तमान सरकार ने इस समस्या को समझा और अनेक आयामों पर सोचते हुए इस पर काम किया। अब मवेशी घरों में बांधकर रखे जा रहे हैं। जो मवेशी कभी भूखे भटकते थे, अब उनके चारे की व्यवस्था हो रही है क्योंकि इन मवेशियों के गोबर से भी लोगों को पैसा मिल रहा है। आज छत्तीसगढ़ में एक बड़ा तबका गोबर बेचकर आर्थिक रूप से सम्पन्न हो रहा है। वे अपनी जरूरतें तो पूरी कर रहे हैं साथ ही भौतिक संसाधन भी गोबर बेचकर जुटाने में सक्षम हो रहे हैं। अब तो दूसरे राज्य भी गोबर खरीदी की योजना को लागू करने में रुचि दिखा रहे हैं। लोकसभा की समिति भी छत्तीसगढ़ की गोबर खरीदी योजना को देशभर में लागू करने की सिफारिश कर चुकी है।

पुरानी पेंशन स्कीम को फिर बहाल करने के विचार को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना था कि, बीते वर्षों में लोगों से जहां रोजगार छीन लिए गए, और कई सरकारें अब भी युवाओं के वर्तमान को भविष्य को अधर में रखने का काम कर रही हैं, ऐसे में हम 60 साल के बाद के लोगों की भी चिंता कर रहे हैं। पुरानी पेंशन स्कीम को भी इसी को ध्यान में रखकर पुनः बहाल किया गया। पेंशन भविष्य में सम्मान का एक आधार बनता है। हमारी सरकार सबके साथ न्याय और सबको सम्मान के ध्येय पर काम कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि, हम भारत वर्ष की परम्पराओं का निर्वहन करने वाले लोग हैं। अहिंसा की बात महात्मा गाँधी जी से पहले बुद्ध ने कही थी। अनेकांतवाद का सिद्धांत महावीर ने दिया था। गाँधी जी उन परम्पराओं को आगे बढ़ाया और हम गाँधी जी के दिखाए रास्ते पर चलने वाले लोग हैं।

भगवान राम और राष्ट्रवाद को अलग-अलग नजरिए से देखने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, सबके लिए राम अलग हैं। यह भूमि माता कौशल्या की जन्मभूमि है, यहां उनका मायका है। इस लिहाज से राम हमारे छत्तीसगढ़ के भांजे हैं तो हमारे लिए भांजा राम हैं। उन्होंने कहा, हमारा राष्ट्रवाद परम्परागत राष्ट्रवाद है। इस राष्ट्रवाद के केन्द्र में बुद्ध, महावीर स्वामी, शंकराचार्य और गाँधी के दर्शन समाहित हैं। स्वामी आत्मानंद स्कूल की अवधारणा पर हुए सवाल पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ को बने 20 साल हो गए थे लेकिन एक ऐसा हॉस्पिटल नहीं बन पाया था, जहां अपने परिजनों का इलाज करा पाएं।

एक ऐसा स्कूल नहीं था, जहां अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए भेजा जा सके। हमने इस चुनौती को स्वीकारा, आज स्वामी आत्मानंद स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए पालकों में होड़ है। वहीं झीरम हमले की रिपोर्ट से जुड़े सवाल पर उनका कहना था कि, एनआईए भारत सरकार के अधीन काम करती है। हमने कई बार प्रयास किया कि सच्चाई सामने आए लेकिन दूसरा पक्ष ऐसा है जो इसकी सच्चाई सामने नहीं आने दे रहा है। उस घटना से जुड़े सभी प्रभावितों से पूछताछ भी नहीं हो पायी है। जिन्होंने कभी कहा था कि 15 दिन में सच सामने लाएँगे उन्होंने आज 9 साल के मामला अटका रखा है। अंत में बंगलूरु के युवा आर्टिस्ट विशाल नायक ने 6 मिनट के भीतर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पोट्रेट बनाया, तो उनकी कला को देखकर मुख्यमंत्री ने युवा कलाकार की प्रतिभा को देखकर आश्चर्य जताया। मुख्यमंत्री ने पूछा कि आखिर बिना मुझे देखे आपने मेरी तस्वीर कैसे बनाई तो युवा कलाकार ने भी जवाब में कहा कि आपका चेहरा मन-मस्तिष्क में बसा हुआ है।

मैं एक आम छत्तीसगढ़िया हूँ
परिचर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा गया कि, आपको दूसरों से क्या चीज अलग करती है ? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, यह मेरे लिए सबसे कठिन सवाल है। यह दूसरे ज्यादा बेहतर बता सकते हैं। वैसे में एक आम छत्तीसगढ़िया हूँ। मैंने वो सबकुछ किया है जो एक आम छत्तीसगढ़िया ग्रामीण अपने दैनिक जीवन में करता है। मेरी जीवनशैली किसी आम इंसान की तरह ही रही है और अब भी वही आम इंसान मेरे भीतर है। मेरे आचार-विचार और व्यवहार में छत्तीसगढ़ियापन हमेशा से रहा है और रहेगा।

सुर में मिलाए सुर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नन्ही कलाकार आरू साहू के साथ सुर में सुर मिलाए। उन्होंने लयबद्ध तरीके से और पूरे सुर के साथ “चना के दार राजा…” गीत गाया। न्यूज-18 के कार्यक्रम “राइजिंग छत्तीसगढ़” के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नन्हे कलाकार सहदेव दिरदो और आरू साहू की प्रतिभा को सहारते हुए तारीफ़ की। साथ ही राउत नाचा के कलाकारों के साथ मुख्यमंत्री श्री बघेल ने भी उन्हीं के अंदाज में दोहे बोले और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

रायपुर पहुंचे सीएम बघेल, कुछ देर में स्वदेश हमर प्रदेश कार्यक्रम में होंगे शामिल

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 19 जुलाई मंगलवार को राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पहुंच गए हैं। कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 19 जुलाई को पूर्वान्ह 11 बजे से रायपुर के फूल चौक स्थित डॉ. खूबचंद बघेल व्यवसायिक परिसर में आयोजित डॉ. खूबंचद बघेल जयंती समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री इसके पश्चात रायपुर के एक निजी होटल में दोपहर 12.15 बजे से ‘‘हमर स्वदेश-हमर प्रदेश’’ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 1.30 बजे से 2 बजे तक राजीव भवन में आयोजित बैठक में शामिल होने के पश्चात वहां से मुख्यमंत्री निवास वापस आएंगे।

छत्तीसगढ़ में हर घर तिरंगा अभियान में होगी जन-जन की भागीदारी : सीएम भूपेश

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तैयारियों के संबंध में आयोजित बैठक में अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होतो हुए इस अभियान के लिए छत्तीसगढ़ में की जा रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि इस अभियान में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के संबंध में शासकीय स्तर पर बैठक आयोजित की जा चुकी है, भारत सरकार द्वारा जो निर्देश दिए गए हैं, उनके आधार पर प्रदेश में तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अभियान में सामाजिक संगठनों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी उपक्रमों, कारपोरेट जगत की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

सार्वजनिक उपक्रमों, निजी उपक्रमों, कारपोरेट जगत को सीएसआर मद से इस अभियान में भागीदारी और योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। खादी ग्रामोद्योग एवं हाथ करघा विभाग, स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तिरंगा का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे उन्हें और स्थानीय दर्जियों को रोजगार मिलेगा। ज्ञातव्य़ हैं कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 11 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आयोजित किया जा रहा है, इस अभियान में 13 से 15 अगस्त तक हर घर, शासकीय-निजी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, अर्धशासकीय कार्यालयों, व्यावसायिक, वाणज्यिकि प्रतिष्ठकानों, गैर सरकारी संगठनों के कार्यालयों में तिरंगा झंडा फहराया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में डराने लगा कोरोना, 24 घंटे में नए मरीज 500 के पार

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छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस से 505 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही राज्य में शनिवार तक कोविड-19 की चपेट में आने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 11,58,658 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि आज 22 लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई है, वहीं 216 लोगों ने गृह पृथकवास की अवधि पूरी की। राज्य में शनिवार को कोरोना वायरस से संक्रमित किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं दर्ज नहीं की गई।

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को संक्रमण के आए 505 नए मामलों में रायपुर के 76, दुर्ग के 118, राजनांदगांव के 47, बालोद के 28, बेमेतरा के 30, कबीरधाम के छह, धमतरी के सात, बलौदाबाजार के 24, महासमुंद के 15, गरियाबंद के चार, बिलासपुर के 28, रायगढ़ के 27, कोरबा के 17, जांजगीर-चांपा के 23, मुंगेली के नौ, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के पांच, सरगुजा के 12, कोरिया के आठ, सूरजपुर के सात, बलरामपुर के पांच, जशपुर के चार, बस्तर के एक, दंतेवाड़ा के एक और कांकेर के तीन मरीज शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 11,58,658 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 11,41,957 मरीज इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हो गए हैं। राज्य में 2656 मरीज उपचाराधीन हैं। राज्य में वायरस से संक्रमित 14,045 लोगों की अबतक मौत हुई है।