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छत्तीसगढ़ के बस्तर में बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया एवं रेल सेवा बाधित हुई है। हालांकि कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। अधिकारिक जानकारी के अनुसार इंद्रावती, गोदावरी, संकनी-डंकनी तथा शबरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते जा रहा है। बस्तर जिले के इंद्रावती और छोटे नदी-नाले उफान पर है और आवागमन अवरूद्ध है। कई स्थानों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट चुका है। भेजरीपदर स्थित इंद्रावती नदी का पानी नदीबोरना गांव के चारों तरफ से घिर चुका है जिला प्रशासन नगरनार में अस्थाई शिविर बनाया गया है।

जगदलपुर के निचली बस्तियों में पानी घुस गया है। सुकमा जिले के शबरी नदी का जलस्तर बढ़ते जा रहा है। अंदरूनी इलाकों में आवागमन बंद है वहीं कोंटा में गोदावरी नदी का जलस्तर भी बढ़ता जा रहा है। जिला प्रशासन सतत निगरानी बनाये रखे हैं। बीजापुर जिले के तम्मिेड़ इलाके में इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते जा रहा है। अभी पांच गांव इससे प्रभावित हो चुके हैं जिला प्रशासन द्वारा इस इलाके में राहत शिविर बनाया गया है। रेलवे सू़त्रों के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण किरंदुल-कोत्तवालसा रेललाईन पर मल्लीगुड़ा-जड़ती स्टेशन के बीच भूस्खलन हो गया है। भूस्खलन के चलते रेल यातायात प्रभावित हुआ। इन हालातों में वाल्टेयर रेलमंडल ने जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस और किरंदुल-विशाखापटनम में नाइट एक्सप्रेस को रद्द कर दिया है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में भारी बारिश, जिले के सभी स्कूल बुधवार को बंद

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों को बुधवार के दिन बंद रखवाने के निर्देश दिए। कलेक्टर हरिस एस ने जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल को इस आशय के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के आदेश के परिपालन में डीईओ बीआर बघेल ने जिले के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों, खंड स्त्रोत समन्वयकों प्राचार्यों और संकुल समन्वयकों को आज भारी बारिश की वजह से कलेक्टर के निर्देशानुसार सभी स्कूलों में अवकाश रखने के लिए कहा है। गौरतलब है कि भारी बारिश के कारण जिले के मुख्यालय समेत कई हस्सिों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है।

सरकारी कर्मचारी शेयर बाजार व म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेंगे, ”इंट्राडे” कारोबार पर रोक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को शेयर बाजार और ‘म्यूचुअल फंड’ में निवेश की अनुमति दे दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में संशोधन अधिसूचित किया है, जिसके तहत भारत सरकार के प्रावधानों की तर्ज पर अब राज्य के शासकीय सेवकों को शेयर बाजार, प्रतिभूतियों, ऋणपत्र और ‘म्यूचुअल फंड्स’ में निवेश की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि यह संशोधन नियम 19 में नया उपखण्ड जोड़ते हुए लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने बताया कि अधिसूचना में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि इंट्राडे कारोबार, ‘आज खरीदें-कल बेचें’ (बीटीएसटी), वायदा एवं विकल्प तथा क्रिप्टोकरेंसी जैसे प्रवृति की निवेश गतिविधियों पर रोक लागू रहेगी।

छत्तीसगढ़ में हादसा: ट्रक से भिड़ी बस, तीन लोगों की मौत, छह घायल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे अभनपुर में रायपुर-अभनपुर राजमार्ग पर मंगलवार को हुए एक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया आज सुबह एक बस जगदलपुर से रायपुर की ओर जा रही थी कि अभनपुर थाना क्षेत्र ग्राम केंद्री के पास उसकी ट्रक से भिड़ंत हो गयी है जिसमें मौके पर दो पुरुष और एक महिला की मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा।

वहीं वाहन में फंसे अन्य लोगों को क्रेन की मदद से बाहर निकला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि बस में 20 यात्री सवार थे। मृतकों की पहचान अजहर अली (30), बलराम पटेल (46) और बरखा ठाकुर (31) के रुप में की गयी। बस में सवार धनीराम सेठिया (30), गणेश्वर प्रसाद बर्मन (49), तीजन यादव (23), भूषण निषाद (21), श्रीमती सुमन देवी (60) एवं संध्या (30) घायल हो गये जन्हिें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया किसानों के हितों में बड़ा फैसला

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रायपुर। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक में मंत्रिमंडल ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए कृषक उन्नति योजना के प्रचलित निर्देशों को संशोधित करते हुए इसके दायरे को और वस्तिृत कर दिया है। अब इस योजना का लाभ खरीफ 2025 में धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ पंजीकृत धान फसल के स्थान पर अब दलहन, तिलहन, मक्का आदि की फसल लगाने वाले किसानों को भी मिलेगा। खरीफ 2024 में पंजीकृत कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई थी और समर्थन मूल्य पर धान बेचा था, उनके द्वारा खरीफ 2025 में धान फसल के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का आदि फसल की खेती की जाती है तो उन्हें भी अब कृषक उन्नति योजना के तहत आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भविष्य में सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान संबंधी दायित्वों के बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया। मंत्रिमंडल ने राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास एवं राजकोषीय स्थिरता सुनश्चिति करने के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे राज्य के राजस्व में असामान्य वृद्धि/कमी का समुचित प्रबंधन एवं आर्थिक मंदी के समय वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी।

मंत्रिमंडल ने राज्य में लॉजिस्टिक सेक्टर के समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया। इस पॉलिसी से छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा तथा निर्यात अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। राज्य की भौगोलिक स्थिति का लाभ लेते हुए लॉजिस्टिक सेक्टर तथा ई-कॉमर्स की राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को लॉजिस्टिक हब की स्थापना के लिए निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा। राज्य की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश के उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को सस्ती भंडारण सुविधा मिलेगी। प्रदेश में लॉजिस्टिक में लगने वाले लागत कम होने से व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस नीति के माध्यम से ड्राई पोर्ट/इन्लैंण्ड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहित करने से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा स्थानीय उत्पादकों को निर्यात बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

राज्य के प्रचुर वन संसाधन, वनोपज एवं वनौषधि उत्पाद के निर्यात के लिए इको सस्टिम तैयार होगा। यह पॉलिसी राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी साथ ही राज्य को लॉजिस्टिक एवं निर्यात क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में स्थापित करेगी। मंत्रिमंडल ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय व जीवनयापन में सहजता बढ़ेगी। अनावश्यक न्यायालयीन प्रकरणों और उनमें होने वाले व्यय में कमी आएगी। मंत्रिमंडल ने प्रदेश के विभिन्न विभागों/निगम/मण्डल/कम्पनी/बोर्ड के पूर्व निर्मित एवं जर्जर भवनों तथा इनके स्वामित्व की अनुपयोगी शासकीय भूमि के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए रिडेव्हलपमेंट योजना तहत सात योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें शांति नगर रायपुर, बीटीआई शंकर नगर रायपुर, कैलाश नगर राजनांदगांव, चांदनी चौक फेस-2 जगदलपुर, सिविल लाइन कांकेर, क्लब पारा महासमुंद, कटघोरा कोरबा शामिल हैं। मंत्रिमंडल ने वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के अंतर्गत उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक/रिकार्ड कीपर से तृतीय श्रेणी कार्यपालिक, उप पंजीयक के पद पर पदोन्नति के लिए विहित पांच वर्ष की न्यूनतम अर्हकारी सेवा को केवल एक बार के लिए न्यूनतम अर्हकारी सेवा दो वर्ष नर्धिारित करने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का मोबाइल फोन चोरी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से बैठक के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज का मोबाइल चोरी हो गया। जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब रविवार को रायपुर के राजीव भवन में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) की कार्यकारिणी की बैठक के दौरान श्री बैज कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, उसी बीच उनका मोबाइल अचानक से गायब हो गया। यह बैठक आगामी दिनों में आयोजित होने वाली कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली की तैयारियों को लेकर बुलाई गई थी।

बैठक में प्रदेशभर से एनएसयूआई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। इस दौरान पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने और युवाओं को कांग्रेस से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की जा रही थी। साथ ही कार्यकर्ताओं के मोबाइल में रिचार्ज कराए जा रहे थे ताकि वे रैली में अधिक से अधिक भीड़ जुटा सकें। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं का कहना है कि बैठक समाप्त होने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बैज के साथ सभी कार्यकर्ता बाहर निकलने लगे थे। आशंका है कि इसी बीच कोई उनका मोबाइल निकाल हो। महत्वपूर्ण यह है कि जहां बैठक हो रही थी, वहां कोई कैमरा नहीं लगा हुआ था। घटना की सूचना मिलने पर कुछ पुलिस के जवान भी मौके पर पहुंचे।

वहीं, खम्हारडीह थाना टीआई मनोज साहू का कहना है कि थाने में मोबाइल चोरी होने की कोई सूचना नहीं है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस कार्यालय में बैठक उनके अपने लोगों के बीच हो रही थी, तो मोबाइल कैसे गायब हुआ, इसका जवाब देना उन्हें खुद देना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी की अंदरूनी बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का मोबाइल गायब होना बड़ी बात है। जब अंदर वे इस तरह की गड़बड़ कर रहे हैं, तो जरा सोचिए बाहर और कैसी-कैसी गड़बड़ करते होंगे। कांग्रेसियों को संस्कार रखना होगा। श्री शर्मा ने प्रदेश कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि राधिका खेड़ा के साथ जो कुछ यहां हुआ था, वह वाकिये काफी बड़ा विषय था। इसकी शिकायत भी खुद उन्होंने की थी, लेकिन कांग्रेस आज भी प्रदेश कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाने से बचते हैं। ऐसे में सवाल जरूर उठता है कि आखिर इसके पीछे क्या कारण है। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव की सरकार भविष्य में नया क़ानून लेकर आएगी, जिसके तहत सभी जगह सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य होगा।

केन्द्रीय मंत्री दुबे से मिले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जानें क्या हुईं बातें

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सोमवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में केन्द्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। सीएम साय और मंत्री दुबे ने राज्य में कोयला खनन एवं उत्पादन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में राज्य में कोयला उत्पादन, खनन कार्यों की प्रगति, श्रमिकों से जुड़ी सुविधाओं एवं विकास कार्यों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में कोयला एवं ऊर्जा क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को साकार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने इस दौरान सीएसआर मद की राशि का उपयोग अधिक से अधिक जनकल्याणकारी कार्यों में करने के संबंध में विशेष रूप से चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, एसईसीएल के मुख्य महाप्रबंधक हरीश दुहन सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक एजुकेशन सिटी का होगा निर्माण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में 100 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ‘एजुकेशन सिटी’ का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर शहर को शिक्षा के आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर बिलासपुर में एजुकेशन सिटी की अवधारणा विकसित की गई है। इस परियोजना के लिए बिलासपुर नगरपालिका निगम की लगभग 13 एकड़ जमीन का उपयोग प्रस्तावित है।

उन्होंने बताया कि बिलासपुर एजुकेशन सिटी में नालंदा परिसर की स्थापना की जाएगी, जहां पांच सौ छात्र-छात्राएं एक साथ बैठकर पुस्तकालय का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही तीन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें कुल 48 हॉल सेटअप (एक सेटअप में एक हॉल, दो कक्ष और एक शौचालय) तैयार किए जाएंगे। इस व्यवस्था में एक साथ 4,800 विद्यार्थियों के कक्षा में बैठकर पढ़ाई करने की सुविधा रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि छात्रों के शैक्षणिक और व्यक्तित्व विकास के लिए 700 सीटों वाले आधुनिक सभागार का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं, बाहर से आने वाले लगभग एक हजार विद्यार्थियों के लिए छात्रावास का निर्माण भी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि खेलकूद और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एजुकेशन सिटी में एस्ट्रोटर्फ खेल मैदान तथा गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। साथ ही, वाहनों के लिए बहुस्तरीय पार्किंग की व्यवस्था होगी जिससे आने-जाने में कोई असुविधा न हो। अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये होगी और इसके निर्माण कार्य की कार्य योजना नगरपालिका निगम बिलासपुर द्वारा तैयार कर ली गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के बाद बिलासपुर शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति की है। बिलासपुर में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) का मुख्यालय और रेलवे का डीआरएम कार्यालय भी स्थित है, जिससे यह शहर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। यहां एक केंद्रीय विश्वविद्यालय, दो विश्वविद्यालय, आठ महाविद्यालय, लोक सेवा आयोग, व्यापम और जेईई जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले 100 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें राज्य के 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ”छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में स्थान देती है। हमारी यह अटल प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों, उन्नत सुविधाओं और प्रेरक वातावरण में अपनी क्षमताओं को संवार सके और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सके। बिलासपुर एजुकेशन सिटी का निर्माण इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह न सिर्फ बिलासपुर को छत्तीसगढ़ का शिक्षा का केंद्र बनाएगा, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं को उच्चस्तरीय सुविधाओं में अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देगा।” उन्होंने कहा, ”मुझे विश्वास है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी और हमारे युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 13 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में कुल 22 लाख रुपए के इनामी 10 माओवादियों समेत 13 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले में आज 13 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में नक्सलियों के ‘कंपनी नंबर दो’ की पार्टी सदस्य देवे मुचाकी ऊर्फ प्रमिला (21) के सिर पर आठ लाख रुपए, एरिया कमेटी सदस्य कोसा ओयाम ऊर्फ राजेन्द्र (29) के सिर पर पांच लाख रुपए, कोसी पोड़ियाम (27) के सिर पर दो लाख रुपए तथा सम्मी सेमला (23), छोटू परसीक (25), मोती ताती (24), सुनीता हेमला (23), मंजुला कुंजाम (27), सायबो पोड़ियम (18) और हुंगी उण्डम ऊर्फ राधा (21) के सिर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम है।

अधिकारियों ने बताया कि जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पहुंच ने माओवादियों को प्रभावित किया है तथा संगठन के विचारों से उनका मोहभंग हो गया है और आंतरिक कलह से वे आजिज आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की नई पुनर्वास नीति ने कई माओवादियों को नई उम्मीद दी है तथा उन्हें संगठन के भीतर शोषण और क्रूर व्यवहार से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया है। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने वाले सभी नक्सलियों को 50-50 हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में एक जनवरी 2025 से अब तक माओवादी घटना में शामिल 270 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं तथा 241 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 126 नक्सली मारे गए हैं।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल डेका और सीएम साय ने जगन्नाथ रथ यात्रा के मौके पर निभायी ”छेरापहरा” की रस्म

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रथ यात्रा पर्व के अवसर पर शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर ‘छेरापहरा’ की रस्म निभाई। सर्वश्री डेका और साय ने आज गायत्री नगर रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित महाप्रभु श्री जगन्नाथ के रथ यात्रा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर ‘छेरापहरा’ की रस्म निभाई। गौरतलब है कि रथ यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व भगवान की प्रतिमाओं को मंदिर से रथ तक लाया जाता है और मार्ग को सोने की झाड़ू से स्वच्छ किया जाता है। इसी परंपरा को ‘छेरापहरा’ कहा जाता है। इस बीच राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी ने भी जगन्नाथ जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की। साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित रथ यात्रा में शामिल हुए।

रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में विशेष विधि-विधान के साथ महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व भगवान की प्रतिमाओं को मंदिर से रथ तक लाया गया और मार्ग को सोने की झाड़ू से स्वच्छ किया गया। इस परंपरा को ‘छेरापहरा’ कहा जाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को रथ यात्रा की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व ओडिशा के लिए जितना बड़ा उत्सव है, उतना ही बड़ा उत्सव छत्तीसगढ़ के लिए भी है। उन्होंने कहा, भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक हैं। उन्हीं की कृपा से वर्षा होती है, धान की बालियों में दूध भरता है और किसानों के घरों में समृद्धि आती है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ में भरपूर फसल हो।

उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा से मेरी विनती है कि वे हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हमें शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की ओर अग्रसर करें। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पुरी की रथ यात्रा की तर्ज पर यह पुरानी परंपरा निभाई जाती है। साय ने छेरापहरा की रस्म पूरी करते हुए सोने की झाड़ू से मार्ग बुहारकर रथ यात्रा का शुभारंभ किया। इसके उपरांत उन्होंने भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को रथ तक ले जाकर विराजित किया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक धरमलाल कौशिक, अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित थे।