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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो महिला नक्सलियों को मार गिराया

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नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो महिला नक्सली को मार गिराया। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो महिला नक्सलियों को मार गिराया। उन्होंने बताया कि माओवादियों के माड़ डिवीजन के नक्सलियों के होने की सूचना पर नारायणपुर और कोंडागांव जिले के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और एसटीएफ के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार शाम को जब सुरक्षाबल के जवान क्षेत्र में थे तब नक्सलियों के साथ मुठभेड़ शुरू हुई। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो महिला नक्सलियों को मार गिराया। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से नक्सलियों के शव, एक इंसास राइफल, एक .315 राइफल, मेडिकल का सामान और नक्सलियों से संबंधित अन्य सामान बरामद किया है। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है। इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में महिला और उसके दो बच्चों की हत्या, प्रेमी गिरफ्तार

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जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर में महिला और उसके दो बच्चों की हत्या करने के आरोप में पुलिस ने महिला के कथित प्रेमी को पड़ोसी राज्य झारखंड के रांची से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब आरोपी को जशपुर लाया जा रहा था तब जानकारी मिली कि उसने पहले ही जहर खा लिया है, इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जशपुर जिले के पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि जिले के तपकरा थाना क्षेत्र में सुभद्रा ठाकुर :36: और उसकी 14 वर्षीय बेटी तथा छह वर्षीय बेटे की हत्या के आरोप में पुलिस ने प्रमोद गिद्धी :26: को गिरफ्तार कर लिया है। सिंह ने बताया कि 23 जून को पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति शराब के नशे में कह रहा है कि उसने एक महिला और उसके दो बच्चों को मारकर साजबहार गांव के करीब उतियाल नदी के किनारे रेत में दबा दिया है।

उन्होंने बताया कि सूचना के बाद पुलिस दल को नदी के किनारे भेजा गया और शवों की तलाश की गई। बाद में पुलिस ने नदी के किनारे दो बच्चों के शव बरामद कर लिए तथा कुछ दूरी पर जंगल में महिला का शव बरामद किया गया। अधिकारी ने बताया पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तथा मामले की छानबीन शुरू की। जांच के दौरान जानकारी मिली कि महिला अपने पति से अलग रह रही थी तथा उसका प्रमोद के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस ने जब प्रमोद की तलाश शुरू की तब उसके रांची में होने की जानकारी मिली। बाद में पुलिस दल ने उसे रांची से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि प्रमोद से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि उसका और महिला का प्रेम संबंध था। कुछ समय बाद प्रमोद महिला के चरित्र को लेकर शक करने लगा और उनका विवाद बढ़ता गया। अधिकारी ने बताया कि प्रमोद ने 22 तारीख की रात में महिला को नदी के करीब मिलने बुलाया और बेल्ट से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

बाद में उसने दोनों बच्चों को भी वहां बुलाकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद प्रमोद बच्चों के शवों को नदी के किनारे तथा महिला के शव को जंगल में छुपाकर फरार हो गया। उन्होंने बताया कि जब पुलिस प्रमोद को लेकर जशपुर आ रही थी तब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। पुलिस ने जब प्रमोद से पूछताछ की तब उसने पुलिस को बताया कि उसने पहले ही जहर खा लिया है। इसके बाद पुलिस ने प्रमोद को अस्पताल में भर्ती कराया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी प्रमोद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार डेढ़ वर्ष में सभी मोर्चों पर विफल रही है : पायलट

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रायपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि पिछले डेढ़ साल में यह सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है। कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सात जुलाई को रायपुर में किसान-जवान-संविधान जनसभा को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी औद्योगीकरण और निवेश में विश्वास करती है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मंशा सिर्फ चुनिंदा लोगों को खदान और खनिज देने की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। कांग्रेस नेता पायलट ने कहा कि राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य में संचालित 17 कल्याणकारी योजनाओं को भाजपा ने बंद कर दिया, जिससे कांग्रेस को इसका श्रेय न मिल सके।

उन्होंने कहा कि सरकार ने सिर्फ डेढ़ साल में 37 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया है। पायलट ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में एसपी और कलेक्टर कार्यालय जला दिए गए (बलौदाबाजार में), जबकि हत्या, बलात्कार, लूट, डकैती की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में लोग मर रहे हैं, यहां महिलाएं और बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। पायलट ने कहा, ”कांग्रेस हमेशा निवेश और उद्योग के पक्ष में रही है।

सरकारी क्षेत्र के अलावा, निजी क्षेत्र में संसाधन होने चाहिए तथा शिक्षित युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। कांग्रेस ने केंद्र रहते हुए और राज्य सरकार में ऐसी कई नीतियां बनाईं, लेकिन यह (भाजपा) सरकार छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के जल, जंगल और जमीन को कुछ चुनिंदा लोगों को दे रही है। अब वे बिना किसी हिचकिचाहट के इसे खुलेआम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी उद्योग के पक्ष में है, लेकिन प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, पारदर्शिता होनी चाहिए, सभी को समान अवसर मिलना चाहिए। भाजपा पर ध्रुवीकरण का सहारा लेने का आरोप लगाते हुए पायलट ने कहा, ”भाजपा की हमेशा से नीति रही है कि जब सब कुछ विफल हो जाता है, तो वे सांप्रदायिक राजनीति करते हैं।

पायलट ने भाजपा सरकार पर किसानों की कई मांगों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार (केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार) किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य को तीन लाख मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक की आवश्यकता है, लेकिन सरकार अब तक समितियों को 80 हजार मीट्रिक टन डीएपी पहुंचा पाई है। सरकारी स्कूल और शिक्षकों के ‘युक्तियुक्तकरण’ के राज्य सरकार के कदम पर पायलट ने कहा, ”भाजपा ने (अपने घोषणापत्र में) एक लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया था, लेकिन शिक्षकों के 30 हजार रिक्त नौकरियों को भरने के बजाय वे युक्तियुक्तकरण के नाम पर विद्यालयों को बंद कर रहे हैं। युक्तिकरण एक रोजगार विरोधी, शिक्षा विरोधी कदम है।” उन्होंने दावा किया कि ‘युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया’ से राज्य में 45 हजार से अधिक शिक्षकों के पद समाप्त हो जाएंगे और इसके परिणामस्वरूप 10,463 सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं। पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार अपनी विफलता छिपाने के लिए कांग्रेस नेताओं को परेशान कर रही है, लेकिन कांग्रेस इसके खिलाफ मजबूती से लड़ेगी।

मार्च 2026 भारत की आजादी के बाद सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा: शाह

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रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश 31 मार्च 2026 को जब नक्सलवाद से मुक्त होगा तब वह क्षण आजादी के बाद का सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा। शाह ने कहा, ”जब नक्सलवाद के खात्मे का इतिहास लिखा जायेगा, उसमें सुरक्षा बलों के जवानों का त्याग, बलिदान और परिश्रम स्वर्णिम अक्षरों से अंकित होगा।” अधिकारियों ने बताया कि शाह छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन नवा रायपुर में सुरक्षाबलों के उन कमांडरों और जवानों से बातचीत कर रहे थे जो हाल में नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल हुए थे। ‘संकल्प-बल के कमांडरों और कमांडो के साथ बातचीत’ नामक इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

सुरक्षाकर्मियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा, ”मोदी जी के नेतृत्व में जब 31 मार्च 2026 को देश नक्सलवाद से मुक्त होगा, वह क्षण आजादी के बाद के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा। जब नक्सलवाद के खात्मे का इतिहास लिखा जायेगा, उसमें सुरक्षा बलों के जवानों का त्याग, बलिदान और परिश्रम स्वर्णिम अक्षरों से अंकित होगा।” उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा, ”आज मैं यहां उपस्थित केंद्रीय सुरक्षा बलों, कोबरा टीम, छत्तीसगढ़ पुलिस बल और डीआरजी के साहस, शौर्य, बलिदान और समर्पण को नमन करता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि सुरक्षा बल के जवान अपने शौर्य और परिश्रम से ही नक्सलियों के साथ मुठभेड़ को सफल बनाते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस शौर्य, धैर्य और समर्पण के साथ माओवादियों के बनाये अड्डों को तहस-नहस किया है, उसने विश्व के सभी सुरक्षा बलों को आश्चर्यचकित कर दिया है। उन्होंने कहा, ”मुझे मालूम है कि सेना के जवान जो ठान लेते हैं वो उसे पूरा करके रहते हैं। सुरक्षा बलों के इसी भरोसे से मैं देश में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का ऐलान करता हूं।” शाह ने कहा, ”नक्सलवाद गरीब आदिवासी क्षेत्र के लिए बड़ी विभीषिका रही है, जिससे पिछले 35 साल में लगभग 40 हजार लोगों की मौत हुई है या फिर वे अपाहिज होकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं। नक्सलवादी हिंसा ने गरीब आदिवासी तक खाना, बिजली, शिक्षा, घर, शौचालय और पेयजल जैसे मूलभूत सुविधाओं को नहीं पहुंचने दिया और उद्योग को तो भूल ही जाइए।

इतने लंबे वर्षों तक इतना बड़ा क्षेत्र गुलामी के कालखंड में जीने को मजबूर रहा। इसका मूल कारण नक्सलवाद है।” उन्होंने कहा, ”मैं इस बात से खुश हूं कि आज जिस क्षेत्र से नक्सलवाद खत्म कर दिया जाता हैं वहां हमारी सरकार अनाज, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, बिजली, घर, शौचालय और पेयजल पहुंचाकर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है।” शाह ने कहा, ”जब बच्चा हाथ में बंदूक की जगह पेंसिल पकड़कर क, ख, ग लिखता है तो न सिर्फ एक क्षेत्र का बल्कि पूरे देश का भविष्य संवरता है। यह क्षण जल्द ही आने वाला है।” अधिकारियों ने बताया कि शाह ने आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में ‘लियोर ओयना’ – नक्सलियों द्वारा आदिवासियों के भीषण संहार और बस्तर को बचाने के प्रयासों पर लिखित पुस्तक का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा, ”नक्सलियों ने जिन मासूम, निहत्थे लोगों को अपनी हिंसा का शिकार बनाया है, उनकी पीड़ा समझने में यह पुस्तक सहायक होने वाली है। यह पुस्तक मानवाधिकार के नाम पर नक्सलियों से संवेदना दिखाने वालों के आंखों के आगे से पर्दा हटाने और उन्हें बेनकाब करने में भी उपयोगी सिद्ध होगी।” इस दौरान वह सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे, जिन्होंने पिछले माह नक्सल विरोधी अभियान में भाकपा (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू (70) को मुठभेड़ में मार गिराया था।

नक्सल विरोधी अभियान का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए,पारदर्शी तरीके से संचालित किए जाएं : पायलट

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रायपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने सोमवार को कहा कि नक्सल विरोधी अभियान पारदर्शी तरीके से और प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने चाहिए तथा इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। पायलट दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचने के बाद यहां स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। कांग्रेस नेता ने बताया कि वह राज्य में पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करेंगे तथा संगठन के नेताओं से बातचीत करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर कि बरसात के मौसम में भी नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेंगे पायलट ने कहा, ”कांग्रेस पार्टी हमेशा से हिंसा और उग्रवाद के खिलाफ रही है। हमारे नेताओं ने इस देश और राज्य को सुरक्षित रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। जो भी प्रभावी कार्रवाई है, वह की जानी चाहिए।कार्रवाई पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ”यह आंतरिक सुरक्षा का मामला है। इसमें किसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए। जो भी कार्रवाई की जाए, वह सभी को विश्वास में लेकर की जानी चाहिए।” कांग्रेस नेता ने कहा कि कार्रवाई प्रभावी और पारदर्शी होना चाहिए और इसका कोई राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि अन्य राज्य जो नक्सलवाद से जूझ रहे हैं उन्हें इस समस्या को खत्म करने के लिए साथ आना चाहिए। पायलट ने कहा, ”काफी विचार-विमर्श के बाद सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। कार्रवाई पारदर्शी होनी चाहिए और जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसका जो भी निष्कर्ष निकले, उसका लाभ जनता को मिलना चाहिए। कार्रवाई जमीनी स्तर पर होनी चाहिए सिर्फ भाषणबाजी न हो।

अपने दौरे के बारे में जानकारी देते हुए पायलट ने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई के विभिन्न प्रकोष्ठों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी लेने और भविष्य की कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए दो दिनों (सोमवार और मंगलवार) तक बैठकें होंगी। उन्होंने कहा, ”मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने वर्ष 2025 को संगठन को समर्पित किया है। इसलिए हम बूथ से लेकर राज्य स्तर तक संगठन को मजबूत करना चाहते हैं। हम दो दिन तक लगातार बैठकें करके पार्टी को नई दिशा देने का काम करेंगे।” पायलट ने कहा कि वह सोमवार रात को कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक करेंगे और विधानसभा के अगले महीने होने वाले मानसून सत्र में सत्तारूढ़ पार्टी को घेरने की रणनीति तैयार करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग को दिलाई वैश्विक पहचान : साय

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाई है और लोग स्वस्थ जीवन के लिए इसे दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाएं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने आज जशपुर जिला मुख्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया और सभी को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, ”योग कोई नयी पद्धति नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है, जिसे ऋषि-मुनियों ने विकसित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप 2015 से प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में विश्वभर में मनाया जा रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि आज 175 से अधिक देशों में योग की गूंज सुनाई देती है।” अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ जनप्रतिनिधियों, स्कूली छात्र-छात्राओं, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कार्यक्रम में भाग लिया। योग प्रशिक्षकों ने चक्रासन, अर्धचक्रासन, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, प्राणायाम, वज्रासन सहित विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुल 107.81 करोड़ रुपये के 64 कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इसमें जशपुर विधानसभा क्षेत्र में 61.20 करोड़ रुपये के 85 कार्यों का भूमिपूजन और 15.80 करोड़ रुपये के छह कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के फरसाबहार विकासखंड में 24.90 करोड़ रुपए के 15 कार्यों का भूमिपूजन और 5.91 करोड़ रुपए के चार कार्यों का लोकार्पण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि राजधानी रायपुर में हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए। डेका ने इस अवसर पर कहा कि योग हमें केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, मानसिक और भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि आजकल की भाग दौड़ और तनावपूर्ण जिंदगी में खुद को स्वस्थ रखने का योग सबसे आसान उपाय है।

छत्तीसगढ़ के कांकेर में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक महिला नक्सली को मार गिराया

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कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक महिला नक्सली को मार गिराया है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने बताया कि जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आमाटोला और कलपर गांव के मध्य जंगल में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक महिला नक्सली को मार गिराया है।

एलेसेला ने बताया कि छोटेबेठिया क्षेत्र के अंतर्गत कोटरी नदी के किनारे आमाटोला और कलपर गांव के मध्य जंगल में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलने के बाद जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। उन्होंने बताया कि आज सुबह जब सुरक्षाबल के जवान आमाटोला-कलपर गांव के मध्य जंगल में थे तब उनके और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक महिला नक्सली को मार गिराया है। घटनास्थल से उसका शव और हथियार बरामद किये गये हैं। अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में दोनों ओर से गोलीबारी जारी है तथा सुरक्षाबल के जवान तलाशी अभियान चला रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नदी में बहे दो महिलाएं और दो बच्चे

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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक नदी में बाढ़ आ जाने के बाद दो महिलाएं और दो बच्चे बह गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवानों ने चारों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि जिले के केरजु पुलिस चौकी क्षेत्र में ढोड़ागांव के पास मैनी नदी में बृहस्पतिवार शाम महिला सोमारी (45), बिनावती नागवंशी (30), बिनावती का तीन वर्षीय बेटा आरयस नागवंशी तथा आठ वर्षीय बालिका अनिता लकड़ा बह गए।

उन्होंने बताया कि ढोड़ागांव के निवासी महिला और बच्चे बृहस्पतिवार शाम नदी के किनारे जंगली मशरूम एकत्र करने गए थे, उसी बीच नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे चारों नदी के तेज बहाव में बह गए। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को जब घटना की जानकारी मिली तब घटनास्थल के लिए पुलिस दल और एसडीआरएफ के दल को रवाना किया गया तथा महिलाओं और बच्चों की खोज शुरू की गई। उन्होंने बताया कि सरगुजा जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है जिससे नदी-नाले उफान पर हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस और एसडीआरएफ के जवान लगातार नदी और आसपास के इलाकों में नदी में बहे महिलाओं और बच्चों की खोज कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में इनामी नक्सली दंपति ने किया आत्मसमर्पण

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मोहला। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में बुधवार को इनामी नक्सली दंपति ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि डिविजनल कमेटी सदस्य जीवन उर्फ राम तुलावी (45) और उसकी पत्नी एवं एरिया कमेटी सदस्य अगासा उर्फ आरती (38) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय मोहला में राजनांदगांव क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि जीवन के ऊपर आठ लाख रुपये तथा उसकी पत्नी आरती पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है। दोनों अबूझमाड़ क्षेत्र में सक्रिय थे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों नक्सली पिछले 25 वर्ष से माओवादी संगठन में सक्रिय रहे।

उन्होंने नक्सल संगठन में हो रहे भेदभाव एवं शोषण से परेशान होकर तथा छत्तीसगढ़ सरकार की नयी पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ पुलिस द्वारा नक्सलियों के घर वापसी के लिए ‘ऑपरेशन प्रयास’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत नक्सली दंपति ने आत्मसमर्पण किया है। अधिकारियों ने बताया, ”जीवन 2000 में पारिवारिक लड़ाई झगड़े से परेशान होकर तथा नक्सली विचारधारा से प्रभावित होकर नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। नक्सली संगठन में जुड़ने से पहले वह राजीव गांधी शिक्षा मिशन में शिक्षाकर्मी था।

नक्सली संगठन में जुड़ने के बाद वह अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सलियों के स्कूल में पढ़ाता था।” उन्होंने बताया कि जीवन की पत्नी आरती नक्सलियों के संगठन चेतना नाट्य मंडली में शामिल हुई थी। उसने वर्ष 2007 में जीवन से विवाह किया था। माड़ क्षेत्र में रहने के दौरान उसने प्रेस टीम में काम किया तथा कम्प्यूटर चलाना सीखा। अधिकारियों ने बताया कि नक्सली दंपति को तत्काल राहत राशि के रूप में 50-50 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं और उन्हें अन्य सुविधाओं का भी लाभ दिया जाएगा।

साय मंत्रिपरिषद फैसला : छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी का होगा गठन

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में वन्यजीव, खासकर बाघों के संरक्षण और पारिस्थितिकी-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी’ का गठन करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में यहां उनके आधिकारिक निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य में वन्यजीव, खासकर बाघों के संरक्षण और पारिस्थितिकी-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहल करते हुए ‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी’ का गठन करने का फैसला किया है।

अधिकारियों ने बताया कि यह सोसायटी वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत काम करेगी। मध्य प्रदेश में यह 1996 से संचालित है। इसका मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ में बाघों आबादी में लगातार गिरावट पर विराम लगाना है। यह संस्था स्व-वित्तपोषित होगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह सहयोग देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं से फंड जुटाएगी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या 18 से 20 के बीच है। उन्होंने बताया कि यह सोसायटी बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सीधे शामिल होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह सोसायटी स्थानीय समुदाय की भागीदारी से पारिस्थितिकी-पर्यटन को बढ़ावा देगी, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के अवसर भी पैदा होंगे।

साथ ही, यह पर्यावरणीय शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगी, जिससे भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षणवादी भी तैयार होंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से संरक्षण के लिए बाहरी धन, विशेषज्ञता और संसाधन मिलेंगे, जिससे स्थानीय समुदायों को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे और राज्य का पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो जैव विविधता की रक्षा के साथ-साथ पारिस्थितिकी-पर्यटन को भी मजबूत आधार देगा। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान को ध्यान में रखकर अनुकम्पा नियुक्ति के लिए निर्देश की कंडिका में संशोधन करते हुए फैसला किया है कि नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस सेवकों के परिवार के किसी भी पात्र सदस्य (महिला या पुरूष) को विकल्प के आधार पर पुलिस विभाग के अलावा, किसी अन्य विभाग में तथा राज्य के किसी भी जिला, संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकेगी।

उन्होंने बताया कि पहले अनुकम्पा नियुक्ति यथासंभव उसी विभाग या कार्यालय में देने की व्यवस्था थी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक निधन के पूर्व कार्यरत था। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत घर की छतों पर ‘सोलर रूफटॉप’ संयंत्र की स्थापना में राज्य सरकार द्वारा भी उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता दिए जाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि ‘छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड’ (सीएसपीडीसीएल) के माध्यम से ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर ‘सोलर रूफटॉप’ संयंत्र लगाने पर केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जो सोलर प्लांट की क्षमता के आधार पर अलग-अलग होगी।

अधिकारियों ने बताया कि सीएसपीडीसीएल इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी होगी और केंद्र सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे लागू करेगी। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा हर्बल एवं महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पाद ‘जशप्योर’ ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और विपणन को बढ़ावा देने के लिए इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का मंत्री परिषद ने अनुमोदन किया है। अधिकारियों ने बताया कि ब्रांड हस्तांतरण से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय कच्चे माल की मांग बढ़ेगी और आदिवासी महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। ट्रेडमार्क हस्तांतरण से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण, पर्यवेक्षण और अधोसंरचना के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट’ (एसएमईटी) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया है। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में एसएमईटी के तहत गौण खनिजों से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी की दो प्रतिशत राशि अतिरिक्त रूप से एसएमईटी फंड में जमा की जाएगी, जिसका उपयोग गौण खनिजों के अन्वेषण, अधोसंरचना विकास में उच्च तकनीकों का उपयोग, सूचना प्रणाली, लॉजिस्टिक सहयोग, मानव संसाधनों के उन्नयन आदि में किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के ‘नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट’ की तर्ज पर राज्य में ‘स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट’ का गठन किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सूची में तकनीकी कारणों से शामिल होने से वंचित जातियों को प्राप्त होने वाली सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव तथा पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य और डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य राज्य के मद से राज्य छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति प्रदान किये जाने और छात्रावास-आश्रमों में स्वीकृत सीट के अधीन प्रवेश दिए जाने की सुविधा प्रदान करने की सहमति दी है।