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छत्तीसगढ़ में हादसा: बिलासपुर के बाजार में आग लगने से 12 से अधिक दुकानें जलकर खाक, कोई हताहत नहीं

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छत्तीसगढ़ में बिलासपुर शहर के एक बाजार में मंगलवार देर रात आग लगने से 12 से अधिक दुकान जलकर खाक हो गईं। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। शहर के ‘सिटी कोतवाली’ थाना प्रभारी विवेक पांडेय ने बताया कि देर रात करीब तीन बजे क्षेत्र के शनिचरी बाजार में दुकानों में आग लग गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है। पांडेय ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पाए जाने से पहले एक गोदाम, कपड़ों की दुकान, खाने-पीने की कुछ दुकानों समेत 12 से 15 व्यापारिक प्रतिष्ठान जलकर खाक हो गए। अधिकारी ने बताया कि आग से हुए नुकसान का सही आकलन अभी नहीं हो पाया है। पांडेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि आग ‘शॉर्ट सर्किट’ की वजह से लगी लेकिन जांच के बाद ही इस संबंध में सटीक जानकारी मिल सकेगी।

पार्टी को मजबूती मिलने की सूरत में मैं बिहार विधानसभा का चुनाव लडूंगा, छत्तीसगढ़ में बोले चिराग पासवान

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रायपुर। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को कहा कि अगर उनकी उम्मीदवारी से उनकी पार्टी की स्थिति और मजबूत होती है तब वह निश्चित रूप से आगामी बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। वह एक क्षेत्रीय समाचार चैनल के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचने के बाद यहां के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के बारे में पूछे जाने पर पासवान ने कहा, “मैं पहले ही कह चुका हूं कि मैं खुद को लंबे समय तक केंद्र की राजनीति में नहीं देखता हूं। राजनीति में आने का कारण बिहार और बिहारी (बिहार के लोग) हैं। मेरा अपना विजन है- ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट।’ ऐसे में मैं चाहता हूं कि मेरा राज्य बिहार विकसित राज्यों के बराबर खड़ा हो।

उन्होंने कहा कि तीसरी बार सांसद बनने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि दिल्ली में रहकर (बिहार के लिए काम करना) संभव नहीं हो सकता है। पासवान ने कहा कि उन्होंने पार्टी के सामने अपनी यह इच्छा जताई है कि वह जल्द ही बिहार लौटना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ”अगर पार्टी चाहेगी, यानी पार्टी इस बात का मूल्यांकन कर रही है कि क्या मेरे अभी चुनाव लड़ने से उसे फायदा होगा। कई बार ऐसा देखा गया है कि जब राष्ट्रीय स्तर के नेता राज्य का चुनाव लड़ते हैं, तब पार्टी को इसका फायदा मिलता है। भाजपा ने कई बार यह रणनीति आजमाई है, जब उन्होंने अपने सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतारा और इसका फायदा उठाया।” पासवान ने कहा कि यदि चुनाव मैदान में उतरने के उनके कदम से उनकी पार्टी मजबूत होती है और पार्टी का ‘स्ट्राइक रेट’ (पार्टी द्वारा लड़ी गई सीट के सापेक्ष जीती गई सीटों का प्रतिशत) मजबूत होता है, तो वह चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा, “लोकसभा चुनाव में हमारा ‘स्ट्राइक रेट’ सौ प्रतिशत था। मैं चाहूंगा कि विधानसभा में भी मेरा ‘स्ट्राइक रेट’ बेहतर हो। अगर मेरा स्ट्राइक रेट बेहतर होता है और गठबंधन का प्रदर्शन बेहतर होता है (मेरे विधानसभा चुनाव में उतरने से), तो मैं निश्चित रूप से चुनाव लड़ूंगा।” बिहार चुनाव में उनके गठबंधन से मुख्यमंत्री चेहरे के बारे में पूछे जाने पर पासवान ने कहा, “बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए अभी कोई ‘वैकेंसी’ (रिक्ति) नहीं है। चुनाव परिणाम के बाद मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही पद संभालेंगे।

छत्तीसगढ़ केसुकमा जिले में 16 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, केरलापेंदा गांव हुआ माओवाद मुक्त

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सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार को कुल 25 लाख रुपए के इनामी 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से नौ नक्सली चिंतलनार पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत केरलापेंदा ग्राम पंचायत के हैं। इस आत्मसमर्पण के साथ ही यह गांव नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। राज्य सरकार की नई योजना के अनुसार नक्सल मुक्त ग्राम पंचायत को विकास परियोजनाओं के लिए एक करोड़ रुपया प्रदान किया जाएगा। सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि एक महिला समेत सभी 16 नक्सलियों ने माओवादियों की अमानवीय विचारधारा और स्थानीय आदिवासियों पर नक्सलियों के अत्याचारों से तंग आकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

चव्हाण ने बताया कि नक्सली राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लनार’ (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित हैं। इस योजना का उद्देश्य दूरदराज के गांवों में विकास कार्यों को सुविधाजनक बनाना है। अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादियों की केंद्रीय क्षेत्रीय समिति (सीआरसी) कंपनी नंबर दो की सदस्य रीता उर्फ डोडी सुक्की (36) और माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर एक के एक पार्टी सदस्य राहुल पुनेम (18) के सर पर आठ—आठ लाख रुपए का इनाम था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा लेकम लखमा (28) पर तीन लाख रुपये तथा तीन अन्य नक्सलियों के सर पर दो—दो लाख रुपए इनाम था। अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से नौ केरलापेंदा ग्राम पंचायत के हैं। उनके आत्मसमर्पण के बाद, यह ग्राम पंचायत नक्सल मुक्त हो गयी है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की एलवद पंचायत योजना के अनुसार, गांव को विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ की नई नक्सल आत्मसमर्पण/पीड़ित सहायता एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत राज्य सरकार ने ‘एलवद पंचायत योजना’ शुरू की है, जिसमें उन ग्राम पंचायतों के लिए एक करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत करने का प्रावधान है, जो अपने क्षेत्र में सक्रिय नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने में मदद करेंगे तथा खुद को माओवाद मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव पारित करेंगे। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में प्रोत्साहन योजना शुरू किए जाने के बाद जिले में यह दूसरी ऐसी ग्राम पंचायत है, जो इस समस्या से मुक्त हुई है। इस वर्ष अप्रैल माह में बड़ेसट्टी ग्राम पंचायत को नक्सल मुक्त घोषित किया गया था, जब वहां के सभी नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को 50 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई है तथा सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। पिछले वर्ष बस्तर क्षेत्र में 792 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। बस्तर में सुकमा सहित सात जिले शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: उच्चतम न्यायालय से राहत के बाद तीन नौकरशाहों समेत छह आरोपी जेल से रिहा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित कोयला घोटाले मामले में उच्चतम न्यायालय से जमानत मिलने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के दो निलंबित अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में पदस्थ रहीं अधिकारी समेत छह लोग शनिवार को जेल से रिहा हो गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने यह जानकारी दी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने संवाददाताओं को बताया कि आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई और रानू साहू, पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के रूप में तैनात रहीं सौम्या चौरसिया तथा तीन अन्य को जमानत मिलने के बाद आज रायपुर केंद्रीय कारागार से रिहा कर दिया गया। रिजवी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने कुल आठ लोगों को अंतरिम जमानत दी है।

उनमें से अब तक छह लोगों को रिहा कर दिया गया है, जबकि दो अन्य सूर्यकांत तिवारी और निखिल चंद्राकर को उनके खिलाफ लंबित अन्य मामलों के कारण रिहा नहीं किया गया है। वर्ष 2022 से कथित कोयला वसूली घोटाले में धन शोधन के पहलू की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने अक्टूबर 2022 में विश्नोई को तथा उसी वर्ष दिसंबर में चौरसिया को गिरफ्तार किया था। ईडी ने साहू को जुलाई 2023 में गिरफ्तार किया था। रिजवी ने कहा कि तीनों अधिकारियों को कथित कोयला शुल्क घोटाले से संबंधित दो मामलों में अंतरिम जमानत दी गई है। बृहस्पतिवार (29 मई) को उच्चतम न्यायालय में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने अंतरिम जमानत देते हुए आरोपियों पर कई शर्तें लगाईं और राज्य सरकार से गवाहों में भरोसा पैदा करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। इसने कहा कि आरोपी रानू साहू, सूर्यकांत तिवारी, समीर विश्नोई और सौम्या चौरसिया को निर्देश दिया जाता है कि वे अगले आदेश तक छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे, सिवाय इसके कि वे आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसी या निचली अदालत के समक्ष उपस्थित रहेंगे।

पीठ ने उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया, ”उन्हें (आरोपियों को) रिहा होने के एक सप्ताह के भीतर उस थाने को अपने निवास का पता देने का निर्देश दिया जाता है, जिसके क्षेत्राधिकार में वह छत्तीसगढ़ के बाहर रह रहे हैं।” जांच एजेंसियों के अनुसार, वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों (पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान) से जुड़े एक गिरोह द्वारा राज्य में परिवहन किए जाने वाले प्रत्येक टन कोयले पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध उगाही की जा रही थी। एजेंसियों के अनुसार सूर्यकांत तिवारी जैसे निजी व्यक्तियों और सौम्या चौरसिया, समीर विश्नोई जैसे राज्य सरकार के पदाधिकारियों, राज्य खनन अधिकारियों के एक गिरोह ने कुछ राजनीतिक लोगों के समर्थन से कथित तौर पर खनिज परिवहन में जानबूझकर नीतिगत बदलाव किए। उन्होंने कहा कि डायरियों के अनुसार, जुलाई 2020 और जून 2022 के बीच कोयला कार्टेल द्वारा 540 करोड़ रुपये उगाहे गए।

श्रीकांत त्यागी को कोर्ट से मिली राहत तो कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न

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नई दिल्ली/नोएडा। राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष भृगु वंशी श्रीकान्त त्यागी पर गत वर्ष नोएडा पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत की गई कार्यवाही को उच्च न्यायालय ने असंवैधानिक और तथ्यहीन मानते हुए निरस्त कर दिया है। न्यायालय के इस निर्णय से उनके समर्थक बहुत उत्साह में हैं। कहा जा रहा है कि इस निर्णय से न केवल श्री त्यागी के मान-सम्मान की पुनर्स्थापना हुई है, बल्कि उन सभी विरोधियों को भी करारा जवाब मिल गया है जो इस कार्यवाही के पीछे राजनीतिक उद्देश्य साधने की मंशा रखते थे। श्रीकांत त्यागी की पश्चिमी उत्तरप्रदेश में अपने समाज में गहरी पैठ है। वे अपनी पार्टी को विस्तार देने के लिए लगातार त्यागी, ब्राह्मण और भूमिहार समाज को लामबंद कर रहे हैं। देश के कई इलाक़ों में उनकी लगातार रैलियां और सम्मेलन हो रहे हैं।

गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई निरस्त होने के निर्णय के पश्चात पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया और श्रीकांत त्यागी को देश भर से शुभकामना संदेश मिल रहे हैं । पार्टी नेतृत्व ने इस निर्णय को “सत्य की जीत” बताया है। श्रीकांत त्यागी का कहना है कि यह निर्विवाद है कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं। यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल का जनाधार दिन-प्रतिदिन तेज़ी से बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से लेकर देश के विभिन्न राज्यों तक पार्टी को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है। बड़ी संख्या में युवा, किसान, व्यापारी और महिलाएँ पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर इससे जुड़ रहे हैं।पार्टी के बढ़ते वर्चस्व और लोकप्रियता को देखते हुए अब देश की प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियाँ भी राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के साथ गठबंधन की संभावनाएँ तलाशती नज़र आ रही हैं। इसके मूल में रानद सुप्रीमो श्रीकान्त त्यागी का वह जनाधार है, जो उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी गहराई से स्थापित हो चुका है। उनकी स्पष्टवादिता, जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्रवादी विचारधारा ने उन्हें बड़ा नेता बना दिया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल देश की राजनीति में एक निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।

छत्तीसगढ़ के कोरबा में हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत

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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत पसान वन क्षेत्र के बनिया गांव में जंगली हाथी के हमले में कोरबा के मुरली गांव के निवासी तीजराम धोबी (38) की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि मुरली गांव का रहने वाला तीजराम ईंट भट्ठा में काम करने के लिए अपने ससुराल बनिया गांव में रहता था।

बृहस्पतिवार की शाम लगभग आठ बजे जब वह बनिया गांव के करीब ठीहाईपारा से काम करने के बाद अन्य लोगों के साथ वापस लौट रहा था तभी उनका सामना दो जंगली हाथियों से हो गया। अधिकारियों ने बताया कि हाथियों को सामने देखकर वहां मौजूद अन्य लोग वहां से भाग गए लेकिन तीजराम भाग नहीं सका और एक हाथी ने उसे कुचलकर मार डाला। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के दल को घटनास्थल के लिए भेजा गया और शव बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद मृतक की पत्नी को 25 हजार रुपए तत्काल सहायता राशि दी गई है शेष 5.75 लाख रुपये सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद दिए जाएंगे।

भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी: साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम सभागार में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक के तहत आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में गुरुवार को कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति है, हमारे देश में विश्व में सबसे ज्यादा युवा हैं, 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। यह बहुत खुशी की बात है की छत्तीसगढ़ की धरती पर यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय परिषद बैठक आयोजित हो रही है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है।

शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा के सभी शीर्षस्थ संस्थान स्थापित हैं। आज हमारे प्रदेश में युवा आईआईटी, एम्स, ट्रिपल आईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय संस्थानों में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई शिक्षा नीति लागू है। नई शिक्षा नीति के तहत हम युवाओं को रोजगार से भी जोड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रयास जैसी संस्था स्कूली बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रही है। प्रयास में पढ़े बच्चे बड़ी संख्या में प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। सीएम साय ने कहा कि ऐसे युवा जो सिविल सेवा आदि परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, उनके लिए नई दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल स्थापित है। हमने इस ट्राईबल यूथ हॉस्टल की क्षमता को बढ़ाकर 200 सीट कर दिया है।

प्रदेश भर में हम नालंदा परिसर बना रहे हैं जहां बच्चे एक शांत वातावरण में पढ़ाई कर सकें। हमने यहां पहल की है कि मेडिकल की पढ़ाई भी छात्र हिंदी भाषा में कर पाएं। प्रदेश में प्राथमिक स्तर के बच्चों को उनकी मातृभाषा गोंडी, हल्बी आदि में शिक्षा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की पूरे देश में सराहना की जा रही है। नई औद्योगिक नीति के तहत हम न सिर्फ राज्य में निवेश ला रहे हैं बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण और एआई डाटा सेंटर का कार्य प्रारंभ हुआ है। इन क्षेत्रों में भी युवाओं के रोजगार की बड़ी संभावना सृजित होगी। हमारी सरकार ने पीएससी में हुए भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई को सौंपी है।

युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना हो यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान डेढ़ साल में सरकार द्वारा किये कार्यों की जानकारी हम जनता से ले रहे हैं। सुशासन तिहार का अभी तीसरा चरण चल रहा है, जिसके तहत हम पूरे प्रदेश का भ्रमण कर रहे हैं। प्रथम चरण में जो आवेदन प्राप्त हुए उनका द्वितीय चरण में हमारे अधिकारियों के द्वारा निराकरण किया गया। अब तृतीय चरण में हम जनता के पास जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में हमने प्रधानमंत्री मोदी की अधिकांश गारंटी को पूरा किया है। लोगों से प्रधानमंत्री आवास देने का जो वादा हमने किया था उसे निभाया है। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन की राशि मिल रही है। सुशासन तिहार के दौरान नारायणपुर में एक महिला ने मुझे यह बहुत खुशी से बताया कि महतारी वंदन की राशि से उसने एक सिलाई मशीन खरीदी है। जिसके माध्यम से वह चार से पांच हजार की कमाई कर रही है। सीएम साय ने कहा छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग प्रारंभ किया गया है। सरकार के सारे काम पारदर्शिता से हो रहे हैं। हम अब डिजिटाइजेशन की तरफ बढ़ रहे हैं। ई-फाइल के माध्यम से फाइलें अब ऑनलाइन हैं। भ्रष्टाचार के सारे रास्ते हम बंद कर रहे हैं।

बहुचर्चित कोयला लेवी घोटाले में निलंबित तीनों आईएएस अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी घोटाले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के तीनों निलंबित अधिकारी रानू साहू, सूर्यकांत तिवारी और सौम्या चौरसिया को उच्चतम न्यायालय ने सशर्त अंतरिम जमानत दी है। शीर्ष अदालत की ओर से गुरुवार को जमानत के आदेश की प्रति प्राप्त हुई है। कोयला लेवी मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों से मिलीभगत के बाद ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर कोयला ट्रांसपोर्ट करने वालों से अवैध वसूली की। जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयले के प्रति टन पर 25 रुपए की अवैध लेवी वसूली जाती थी।

कोयला लेवी मामले में आरोपियों की याचिका पर न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की डबल बैंच ने सुनवाई करने के बाद अंतरिम जमानत दी, लेकिन साथ में गवाहों को प्रभावित करने की आशंका के चलते इनके छत्तीसगढ़ में रहने पर पाबंदी लगाई है। इन आरोपियों को हालांकि ईओडब्ल्यू में कई अन्य मामलों की वजह से जेल में ही रहना होगा। उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहा, याचिकाकर्ताओं को अगले आदेश तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने का नर्दिेश दिया जाता है, बशर्ते कि वे निचली अदालत की संतुष्टि के लिए जमानत बांड प्रस्तुत करें। आरोपी सूर्यकांत तिवारी, रानू साहू, समीर वश्निोई और सौम्या चौरसिया के मामले में यह निर्देश दिया जाता है कि वे अगले आदेश तक छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे, सिवाय इसके कि तीनों आवश्यकतानुसार जांच एजेंसी या निचली अदालत के समक्ष उपस्थित रहेंगे।

न्यायालय ने आगे निर्देश दिया है कि वे अपनी रिहाई के एक सप्ताह के भीतर राज्य के बाहर अपने रहने के पते प्रस्तुत करें। वे अपने रहने के स्थान की सूचना अधिकार क्षेत्र के थाने को दें। यदि याचिकाकर्ता गवाहों से संपर्क करने या फिर उन्हें किसी भी तरह से प्रभावित करने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास करते पाए जाते हैं, तो इसे अंतरिम जमानत की रियायत का दुरुपयोग माना जाएगा। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अंतरिम जमानत पर रिहा होने के तुरंत बाद अपने पासपोर्ट विशेष अदालतों में जमा करें और समय पर जांच में शामिल होंगे और पूरा सहयोग करेंगे।

छत्तीसगढ़ के सीएम साय ने मांदरी में पंचायत शेड के नीचे लगायी चौपाल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘सुशासन तिहार’ के ‘अंतिम चरण’ में बुधवार को कांकेर (उत्तर बस्तर) जिले के ग्राम मांदरी में पंचायत शेड के नीचे अपनी चौपाल लगाई और ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं पर फीडबैक लिया। सीएम साय ने ग्रामीणों की मांग पर मांदरी में हाई स्कूल बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 20 लाख की स्वीकृति, मांदरी आंगनबाड़ी केंद्र भवन में बाउंड्रीवाल के लिए पांच लाख की स्वीकृति, साल्हेभांट मुख्य मार्ग से टीरउ सलाम के घर तक सीसी सड़क निर्माण 600 मीटर तक करने के वास्ते 15 लाख की स्वीकृति तथा झुरा नाला से खेतों में सिंचाई के लिए लाइन विस्तार के वास्ते 3.50 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की। सीएम साय ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि हमने बीते डेढ़ वर्षों में जनता के हित में कार्य किया है।

सुशासन तिहार हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और सरकार द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन करने का अवसर भी। इसके माध्यम से हम जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति जान रहे हैं। हमारे अलावा मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुशासन तिहार में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के तहत कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। उन्होंने कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लस’ में जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ की राशि सीधे उनके खातों में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला गया है। जो लाभार्थी अभी वंचित हैं, उन्हें भी जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। इससे ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग व अन्य सेवाओं की सुविधा मिलेगी। अभी यह सेवा 1460 पंचायतों में शुरू की गई है। मुख्यमंत्री सीएम साय ने कहा कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रज्ट्रिरी के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है। ग्राम मांदरी में अचानक पहुंचे सीएम साय ने ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी में संवाद किया। उन्होंने बिजली व्यवस्था, राशन वितरण और महतारी वंदन योजना की राशि के संबंध में हितग्राहियों से जानकारी ली। इस अवसर पर एक हितग्राही इतवारिन आचला ने बताया कि महतारी वंदन योजना की प्राप्त राशि का बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाकर राशि जमा कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है, और जनकल्याण ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में युवाओं प्रतियोगिता परीक्षा के तैयारी के लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयार की पुस्तक ‘नई दिशा’ का विमोचन कर युवाओं को वितरित किया। उन्होंने विभिन्न विभागों के जन कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री, आवास की चाबी, ट्राई साइकिल आदि भी वितरित किये।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में 18 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 18 नक्सलियों ने मंगलवार को सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 11 नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति’ से प्रभावित होकर तथा नक्सलियों की अमानवीय, आधारहीन विचारधारा और उनके शोषण से तंग आकर आज एक महिला समेत 18 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से पीएलजीए बटालियन नंबर एक के सदस्य मड़कम आयता (25) और भास्कर उर्फ भोगाम (26) पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था। वहीं, नक्सली सदस्य मड़कम देवे (25) और लक्ष्मण (28) पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले हेमला मंगलू (33), कुंजाम भीमा (36), मड़कम भीमा (25), मुचाकी मंगा (39), कोरसा संतोष (25) और तेलाम माड़ा (35) पर दो-दो लाख रुपये तथा डोडी मंगलू (51) पर एक लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार के नक्सल सदस्य मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत यह सफलता मिली है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल सदस्य मुक्त प्रत्येक ग्राम पंचायत को विकास कार्य के लिए एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि समर्पण करने वाले नक्सलियों को ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति -2025’ के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।