तीन तलाक के बाद अब कौन सा कानून लाए केन्द्र सरकार? राम माधव ने रायपुर में दी सलाह

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रायपुर। मुस्लिम महिलाओं के हित में बनाए गए तीन तलाक कानून की हर जगह प्रशंसा हो रही है। महिलाएं भी इसको लेकर बहुत खुश हैं। तीन तलाक कानून के बाद भी केन्द्र सरकार कई कानून लाई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य व भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने रायपुर में एक सलाह दे डाली। उन्होंने तीन तलाक कानून के बाद बहुपत्नी वाले विषय पर समान नागरिक संहिता का कानून लाने की बात कही। उन्होंने कहा, कहा कि जब भारत एक है तो देश में कानून भी सभी वर्गों के लिए एक समान होना चाहिए। जिस तरह देश में तीन तलाक के लिए कानून आया है और मुस्लिम वर्ग की महिलाओं को राहत मिली है, उसी तरह हमें अब बहुपत्नी वाले विषय के लिए समान नागरिक संहिता का कानून लाना है।

राम माधव बुधवार को रायपुर के समता कालोनी स्थित अग्रसेन कालेज के सभागार में देश के विभाजन पर लिखी अपनी पुस्तक पार्टिशंड फ्रीडम के विमोचन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद कुछ लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं कि इसे फिर लाया जाएगा। मैं कहता हूं कि ऐसा कहने वाले सत्ता में आ पाएंगे तब तो इसे लाएंगे। कुछ समय पहले कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा था कि अगर हमारी सरकार आएगी तो अनुच्छेद 370 हम वापस लाएंगे।

उन्होंने कहा कि पीएफआइ की आरएसएस के साथ तुलना उनकी उसी प्रकार की गलती है, जिस प्रकार की गलती हम मुस्लिम लीग के साथ आजादी से पहले किए थे। उसे कांग्रेस के बराबर माना था। उसके ही परिणामस्वरूप देश का विभाजन हुआ था। पीएफआइ पर सरकार की ओर से लगाए गए प्रतिबंध को समर्थन मिल रहा है। कुछ लोग आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की बात करते हैं। राम माधव ने कहा कि आरआरएस देश को एक सूत्र में पिरोने वाला संवैधानिक संगठन है। पीएफआइ इसके एकदम विपरीत है। वह देश के अंदर अशांति, आतंक और विद्रोह को प्रोत्साहित करने करने वाला संगठन है।

पीएफआइ से मुसलमानों का एक बड़ा वर्ग सहमत नहीं है। सरकार के निर्णय का सभी समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को इस आशय का पत्र भेजा था। पटेल की निगरानी में ही गांधीजी की हत्या की जांच हुई। अदालत ने भी बाद में यही स्पष्ट किया, लेकिन वर्षों दुष्प्रचार चलता रहा कि आरएसएस ने गांधीजी की हत्या की। राम माधव ने कहा कि गांधीजी के प्रति आरएसएस का हमेशा ही आदर भाव रहा है। आरएसएस की प्रात: प्रार्थना में अब भी गांधीजी को स्मरण किया जाता है।

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