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छत्तीसगढ़ में करंट लगने से हाथी की मौत, एक ग्रामीण गिरफ्तार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में करंट की चपेट में आने से एक नर हाथी की मौत हो गई। इस मामले में वन विभाग ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि जिले के देवपुर वन परिक्षेत्र में सोमवार को वन विभाग के कर्मियों को एक नर हाथी (लगभग 26 वर्ष) का शव बरामद किया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को देवपुर परिक्षेत्र में हाथी का शव होने की जानकारी मिलने पर विभाग के दल को घटनास्थल रवाना किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि शव बरामद होने के बाद बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी से चिकित्सकों का दल बुलाया गया और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया गया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम में करंट लगने से हाथी की मृत्यु की बात सामने आयी है। हाथी के शव को नियमानुसार दफनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान देवपुर परिक्षेत्र में बिजली का तार बरामद हुआ और घटना में पकरीद गांव के ग्रामीणों के शामिल होने की बात सामने आयी। उन्होंने बताया कि एक ग्रामीण को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

छत्तीसगढ़ के मैत्री बाग चिड़ियाघर में सफेद बाघिन ने नर शावक को दिया जन्म

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दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मैत्री बाग चिड़ियाघर में एक सफेद बाघिन ने नर शावक को जन्म दिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के भिलाई स्थित मैत्री बाग में सफेद बाघिन ने नर शावक को जन्म दिया है। शावक के जन्म के साथ ही इस चिड़ियाघर में सफेद बाघों की संख्या सात हो गई है। चिड़ियाघर के प्रभारी एनके जैन ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान ​चिड़ियाघर में बाघों का प्रजनन रोक दिया गया था। छह माह पहले प्रजनन से रोक हटने के बाद सफेद बाघिन ने एक नन्हे शावक को जन्म दिया।

जैन ने बताया कि पांच सितंबर को ​चिड़ियाघर में रोमा नाम की सफेद बाघिन ने शावक को जन्म दिया। शावक का नाम सिंघम रखा गया है। अधिकारी ने बताया कि रविवार को शावक के जन्म का खुलासा किया गया। इससे पहले दोनों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें लगभग दो माह तक सबसे अलग रखा गया था। उन्होंने कहा कि सफेद बाघ सुल्तान शावक का पिता है। वर्तमान में चिड़ियाघर में सात सफेद बाघ हैं। इनमें पांच नर और दो मादा शामिल हैं। जैन ने बताया कि भारत और रूस की मित्रता का प्रतीक भिलाई के मैत्री बाग चिड़ियाघर में वर्ष 1997 में उड़ीसा के नंदन कानन चिड़ियाघर से तरुण और तापसी नामक नर और मादा सफेद बाघ का जोड़ा लाया गया था। इसके बाद से यहां लगातार सफेद बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

छत्तीसगढ़ के कोरबा में आठ साल की बच्ची से नाबालिग लड़के ने किया दुष्कर्म

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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक नाबालिग लड़के ने आठ साल की बच्ची से कथित तौर पर बलात्कार किया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। बनगो के थाना प्रभारी नवीन देवांगन ने बताया कि शनिवार को 15 वर्षीय लड़के ने बच्ची का कथित रूप से तब यौन उत्पीड़न किया वह जंगल में बकरी चरा रही थी। घर लौटने के बाद बच्ची ने अपने माता-पिता को घटना की सूचना दी, जिसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। देवांगन ने कहा कि नाबालिग आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है।

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा के दावों का किया खारिज, बोले-हिमाचल प्रदेश में सामूहिक नेतृत्व के तहत चुनाव लड़ रही है कांग्रेस

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कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक भूपेश बघेल ने हिमाचल प्रदेश में पार्टी के अंदर अंतर्कलह के भाजपा के दावों को खारिज करते हुए रविवार को कहा कि कांग्रेस राज्य में “सामूहिक नेतृत्व” के तहत चुनाव लड़ रही है और पार्टी चुनाव से पहले तब मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का ऐलान नहीं करती जब राज्य में उसका मुख्यमंत्री नहीं होता। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल ने यह भी कहा कि प्रदेश में राजनीतिक कामकाज राज्य के नेता देखेंगे। दरअसल अटकलें लगाई जा रही हैं कि प्रियंका गांधी वाद्रा 12 नवंबर को होने वाले चुनाव में पार्टी की जीत होने पर प्रमुख भूमिका निभा सकती हैं।

बघेल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार डबल इंजन नहीं ‘ट्रबल इंजन’ वाली है, जिसके कारण हिमाचल के लोग कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं और इन मुसीबतों को कांग्रेस समाप्त कर सकती है। कांग्रेस के घोषणापत्र में किए गए बड़े वादों जैसे – एक लाख नौकरियां, वयस्क महिलाओं के लिए 1500 रुपये, 680 करोड़ रुपये के स्टार्टअप- कोष को शुरू करने आदि के लिए संसाधन जुटाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “हम लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाकर वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करेंगे और संसाधन जुटाएंगे। उनकी क्रय शक्ति बढ़ जाने पर राज्य के खजाने में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होगी क्योंकि हमें अधिक कर मिलेगा।

बघेल ने कहा कि कांग्रेस लोगों की थाली में वह सब वापस रखेगी जो भाजपा ने जीएसटी के माध्यम से छीन लिया है। उन्होंने कहा, हम लोगों की आय बढ़ाने की बात कर रहे हैं क्योंकि महंगाई के कारण उनका जीवन कठिन हो गया है। उनका पैसा बर्बाद हो रहा है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महंगाई बढ़ा रही है और कांग्रेस, यदि सत्ता में आती है, तो लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी। हमने छत्तीसगढ़ में ऐसा किया है और हिमाचल प्रदेश में भी करेंगे। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने से हिमाचल में बेरोजगारी बढ़ी है। बघेल ने सत्तारूढ़ भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, “यह ‘डबल इंजन’ वाली सरकार नहीं , बल्कि ‘ट्रबल इंजन’ वाली सरकार है।

हिमाचल में चुनाव अभियान की अगुवाई कर रहीं प्रियंका गांधी वाद्रा की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर बघेल ने कहा, “प्रियंका गांधी एक राष्ट्रीय नेता हैं। राज्य की राजनीति प्रदेश के नेता करेंगे। हिमाचल कांग्रेस के कई नेताओं में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने की चाहत को लेकर भाजपा की आलोचनाओं पर बघेल ने कहा कि हर राजनीतिक दल अपने लक्ष्यों के आधार पर राज्यों में अपनी रणनीति बनाता है और कांग्रेस जहां भी विपक्ष में होती है, सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ती है। बघेल ने कहा, “हमने बहुत कम जगहों पर मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा की है। जहां भी हमारा मुख्यमंत्री होता है, वही नेता होता है। भाजपा भी तो यही करती है। वे सवाल क्यों उठा रहे हैं।

उन्होंने यह भी पूछा कि क्या भाजपा ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में, या अन्य राज्यों में जहां वे विपक्ष में थे, मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। कांग्रेस में अंतर्कलह के भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए बघेल ने कहा, “छत्तीसगढ़ में भी भाजपा कह रही है कि मुख्यमंत्री पद का कोई उम्मीदवार नहीं है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ने का दावा करते हैं। उल्लेखनीय है कि शनिवार को हिमाचल में रैलियों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कांग्रेस अंदरूनी कलह और गुटबाजी में फंसी हुई है, और वह कभी हिमाचल को स्थिरता व समृद्धि प्रदान नहीं कर सकती।

पुरानी पेंशन योजना की बहाली में बाधक बन रही केन्द्र सरकार, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल का बड़ा आरोप

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को केंद्र पर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की प्रक्रिया में बाधा डालने और राज्य के तीन लाख कर्मचारियों की 17,000 करोड़ रुपये की जमा राशि वापस नहीं करने का आरोप लगाया। चुनाव प्रचार के लिए हिमाचल प्रदेश आए बघेल ने कहा कि उनकी सरकार इस मामले में कानूनी सलाह ले रही है और अगर केंद्र रकम की वापसी का विरोध करता रहा तो वह कोई रास्ता निकालेगी।

कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का वादा करते हुए कहा है कि वह राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पहले ही ऐसी घोषणा कर चुकी है जहां वह सत्ता में है। पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा हिमाचल प्रदेश में एक प्रमुख चुनावी मुद्दा है। कांग्रेस शासित राज्यों में पुरानी पेंशन योजना के क्रियान्वयन के बारे में पूछे जाने पर बघेल ने कहा, ”हमने हाल में केंद्र सरकार को राज्य में तीन लाख सरकारी कर्मचारियों की जमा राशि के 17,000 करोड़ रुपये वापस करने के लिए पत्र लिखा था। केंद्र ने जवाबी पत्र में कहा कि वे पैसे वापस नहीं कर सकते। हालांकि उसने कोई कारण नहीं बताया।

उन्होंने कहा कि केंद्र को मना करने का कारण बताना होगा क्योंकि पैसा कर्मचारियों और सरकार के बीच एक समझौते के तहत जमा किया गया था। बघेल ने कहा, ”हम केंद्र सरकार से फिर से जवाब मांगेंगे कि उसने पैसे वापस करने से इनकार क्यों किया, क्योंकि हम पहले ही पुरानी पेंशन योजना की बहाली की घोषणा कर चुके हैं और सरकारी कर्मचारियों की मौत पर परिवारिक पेंशन देने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी जब चाहें अपना पैसा निकाल सकते हैं। बघेल ने कहा, ”इसे कोई नहीं रोक सकता। केंद्र सरकार इसे ज्यादा देर तक नहीं रोक सकती और न ही राज्य सरकार इसे रोक सकती है।” उन्होंने कहा, ”हम इस मुद्दे पर कानूनी सलाह ले रहे हैं।

कांग्रेस हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं से लगातार दूसरी बार सत्तारूढ़ दल को नहीं चुनने की परंपरा का पालन करने का आग्रह कर रही है। पार्टी ने शनिवार को जारी अपने चुनावी घोषणा पत्र में लोगों से कई वादे किए हैं। कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश के लिए अपने घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, 680 करोड़ रुपये का स्टार्टअप कोष, एक लाख नौकरियां और 18 से 60 साल उम्र की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये देने समेत कई वादे किए हैं। बघेल की उपस्थिति में यह घोषणापत्र जारी किया गया। हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को मतदान होगा और मतगणना आठ दिसंबर को होगी।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में दो नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में दो नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में चलाए जा रहे माओवादी उन्मूलन अभियान के तहत पामेड़ एरिया कमेटी अंतर्गत सप्लाई टीम के सदस्य माड़वी पोज्जा (23) और मिलिशिया कंपनी सदस्य माड़वी महेश उर्फ बुडू (22) ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि दोनों नक्सलियों ने माओवादियों की खोखली विचारधारा, भेदभावपूर्ण व्यवहार और उपेक्षा से तंग आकर आत्मसमर्पण किया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माड़वी पोज्जा वर्ष 2011 में तथा माड़वी महेश उर्फ बुडू वर्ष 2015 में बाल संघम के रूप में संगठन में भर्ती हुए थे। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के खिलाफ पुलिस दल पर हमला और कई अन्य नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने पर नक्सलियों को उत्साहवर्धन के लिए 10-10 हजार रूपए नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया है।

उपुचनाव: छत्तीसगढ़ की भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट पर 05 दिसम्बर को पड़ेंगे वोट, आठ को आएंगे नतीजे

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज मंडावी के निधन से रक्ति हुई भानुप्रताप पुर सीट के लिए उप चुनाव 05 दिसम्बर को होगा। राज्य नर्विाचन अधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने आज यहां इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कांकेर जिले की अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस सीट पर उप चुनाव की अधिसूचना 10 नवम्बर को जारी होंगी और इसी के साथ नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जायेंगी। नामांकन पत्र 17 नवम्बर तक दाखिल किए जा सकेंगे। अगले दिन 18 नवम्बर को नामांकन पत्रों की जांच होंगी और 21 नवम्बर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि मतदान 05 दिसम्बर को होगा और 08 दिसम्बर को मतगणना होंगी। पूरी मतदान प्रक्रिया 10 दिसम्बर तक पूरी हो जाएंगी।

Chhattisgarh News: एसटी आरक्षण बहाली के लिए की गई कार्यवाही की मुख्यमंत्री बघेल से राज्यपाल ने मांगी जानकारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनसुइया उइके ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के आरक्षण बहाली के लिए सरकार द्वारा अब तक की गई कार्यवाही की तत्काल जानकारी मांगी है। राजभवन के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल उइके ने उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के निर्णय के बाद अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण प्रतिशत में आई कमी के संबंध में मुख्यमंत्री बघेल को पत्र लिखकर इस दिशा में शासन द्वारा की गई कार्यवाही के बारे में जानकारी मांगी है।

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के हालिया निर्णय से अनुसूचित जनजातियों का आरक्षण 32 प्रतिशत से घटकर 20 प्रतिशत हो गया है, जिससे राज्य के शासकीय पदों में भर्तियों पर भी विराम लग गया है। अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल ने पत्र में उल्लेखित किया है कि जनजातीय समाज के विभिन्न राजनीतिक और गैर राजनीतिक संगठन, अधिकारी तथा कर्मचारी संगठनों द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रदर्शन कर आरक्षण बहाली की मांग की जा रही है। इस स्थिति से जनजातीय समाज में असंतोष है और कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो रही है। राज्यपाल ने पत्र में लिखा है कि ”जनजाति बाहुल्य प्रदेश होने के कारण बतौर राज्यपाल जनजातीय हितों का संरक्षण करना मेरी जिम्मेदारी है और संविधान की मूल भावना को बनाए रखना भी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से जनजातियों के आरक्षण बहाली के लिए अब तक की गई कार्यवाही तथा इस दिशा में आगामी प्रयासों की भी जानकारी तत्काल साझा करने को कहा है। अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल ने पत्र में उल्लेखित किया है कि इस आशय से विधानसभा सत्र आहूत कर विधेयक पारित करने या अध्यादेश के माध्यम से समस्या का समाधान संभव हो तो शीघ्र कार्यवाही करें। उन्होंने इस संबंध में राजभवन द्वारा पूर्ण सहयोग करने की बात कही है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सितंबर महीने में राज्य सरकार के वर्ष 2012 में जारी उस आदेश को खारिज कर दिया था जिसमें सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में आरक्षण को 58 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक आरक्षण असंवैधानिक है। इस फैसले के बाद आदिवासी समुदायों के लिए आरक्षण 32 प्रतिशत से घटकर 20 प्रतिशत रह गया है। उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद राज्य के 42 आदिवासी समुदायों का संगठन छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज (सीएसएएस) ने कांग्रेस सरकार पर आदिवासियों के आरक्षण अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए हाल ही में हुए नृत्य महोत्सव का बहिष्कार करने की घोषणा की थी।

रेलवे ने रायपुर- नागपुर रेल मार्ग से होकर गुजरने वाली डेढ़ दर्जन ट्रेने की रद्द

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रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के राजनांदगांव-कलमना रेल खंड के बीच में सालवा रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के लिए नॉन इंटरलोकिंग का कार्य के चलते डेढ़ दर्जन ट्रेनों को कल से 09 नवम्बर तक रद्द कर दिया गया हैं, जबकि कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के प्रवक्ता ने आज यहां इसकी जानकारी देते हुए बताया कि 07 एवं 09 नवम्बर को कोरबा से छूटने वाली 18239 कोरबा-इतवारी एक्सप्रेस एवं 06 एवं 08 नवम्बर को इतवारी से छूटने वाली 18240 इतवारी-कोरबा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।08 एवं 09 नवम्बर को बिलासपुर से छूटने वाली 12855 बिलासपुर-इतवारी इंटरसिटी एक्सप्रेस तथा 08 एवं 09 नवम्बर को इतवारी से छूटने वाली 12856 इतवारी-बिलासपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

प्रवक्ता के अनुसार 05 एवं 07 नवम्बर को रीवा से छूटने वाली 11754 रीवा-इतवारी एक्सप्रेस तथा 06 एवं 08 नवम्बर को इतवारी से छूटने वाली 11753 इतवारी-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 07 से 09 नवम्बर, को दुर्ग से छूटने वाली 08741 दुर्ग-गोंदिया मेमू स्पेशल तथा 07 से 09 नवम्बर को गोंदिया से छूटने वाली 08742 गोंदिया-दुर्ग मेमू स्पेशल रद्द रहेगी।इसी प्रकार 07 से 09 नवम्बर को गोंदिया से छूटने वाली 08743 गोंदिया-इतवारी मेमू एवं 07 से 09 नवम्बर को इतवारी से छूटने वाली 08744 इतवारी-गोंदिया मेमू रद्द रहेगी। इसी प्रकार 06 से 09 नवम्बर को रायपुर से छूटने वाली 08267 रायपुर-इतवारी स्पेशल पैसेंजर एवं 07 से 10 नवम्बर, को इतवारी से छूटने वाली 08268 इतवारी-रायपुर स्पेशल पैसेंजर रद्द रहेगी। 07 से 09 नवम्बर, 2022 को तिरोडी से छूटने वाली 08282 तिरोडी-इतवारी पैसेंजर तथा 07 से 09 नवम्बर, को तिरोडी से छूटने वाली 08281इतवारी-तिरोडी पैसेंजर रद्द रहेगी। 07 एवं 09 नवम्बर को बिलासपुर से छूटने वाली 08212 बिलासपुर-कोरबा पैसेंजर रद्द रहेंगी।

प्रवक्ता के अनुसार 07 से 09 नवंबर को मुंबई से चलने वाली 12205 मुंबई – गोंदिया विदर्भा एक्सप्रेस को नागपुर स्टेशन में ही समाप्त की जाएगी जबकि 06 से 08 नवम्बर को गोंदिया से छूटने वाली 12106 गोंदिया-मुंबई एक्सप्रेस नागपुर स्टेशन से ही मुंबई के लिए रवाना होगी।06 से 08 नवम्बर, को छत्रपति महाराज टर्मिनल से छूटने वाली गाड़ी 11039 छत्रपति महाराज टर्मिनल(मुंबई)-गोंदिया एक्सप्रेस को नागपुर स्टेशन में ही समाप्त होगी जबकि 08 से 11 नवम्बर को गोंदिया से छूटने वाली गाड़ी 11040 गोंदिया-छत्रपति महाराज टर्मिनल(मुंबई) एक्सप्रेस को नागपुर स्टेशन से ही रवाना होगी।इसी प्रकार 06 से 08 नवम्बर को टाटानगर से छूटने वाली गाड़ी 18109 टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस को गोंदिया स्टेशन से तथा 07 से 09 नवम्बर को इतवारी से छूटने वाली गाड़ी 18110 इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस गोंदिया स्टेशन से ही रवाना होगी।

प्रवक्ता ने बताया कि 07 एवं 11 नवम्बर को बिलासपुर से चलने वाली गाड़ी 20843 बिलासपुर-भगत की कोठी एक्सप्रेस कोपरिवर्तित मार्ग कटनी-जबलपुर-इटारसी-भोपाल होकर तथा 06 एवं 08 नवम्बर को बीकानेर से चलने वाली गाड़ी 20846 बीकानेर-बिलासपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग भोपाल-इटारसी-जबलपुर-कटनी होकर चलेगी। 07 से 09 नवम्बर को कोरबा से चलने वाली गाड़ी 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग कटनी-सागर-वीरांगना लक्ष्मीबाई होकर तथा 05 से 07 नवम्बर को अमृतसर से चलने वाली गाड़ी 18238 अमृतसर-कोरबा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वीरांगना लक्ष्मीबाई-सागर-कटनी होकर चलेगी।

इसी प्रकार 07 से 09 नवम्बर को हावड़ा से चलने वाली गाड़ी 12262 हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग कटनी-जबलपुर-इटारसी-खंडवा-भुसावल होकर तथा 06 एवं 08 नवम्बर, को मुंबई से चलने वाली गाड़ी 12261 मुंबई हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग भुसावल-खंडवा-इटारसी-जबलपुर-कटनी होकर चलेगी।इसी प्रकार 07 नवम्बर को पुणे से चलने वाली गाड़ी 12221पुणे- हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग भुसावल-खंडवा-इटारसी-जबलपुर-कटनी होकर चलेगी। प्रवक्ता के अनुसार 06 से 08 नवम्बर को कुर्ला से चलने वाली गाड़ी 18029 कुर्ला-शालीमार एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग भुसावल-खंडवा-इटारसी-जबलपुर-कटनी होकर तथा 06 से 08 नवम्बर को शालीमार से चलने वाली गाड़ी 18030 शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग कटनी-जबलपुर-इटारसी-खंडवा-भुसावल होकर चलेगी।

बस्तरिया और छत्तीसगढ़िया गाने पर जमकर थिरके जनप्रतिनिधि, राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का रंगारंग समापन

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रायपुर। तीसरे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में देश-विदेश के कलाकारों ने एक साथ मंच साझा किया। तीन दिवसीय महोत्सव में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकारों ने अपनी कला और संस्कृति को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। फसल कटाई की श्रेणी में प्रथम स्थान पर छत्तीसगढ़ के करमा नृत्य को, दूसरे स्थान पर ओडिशा के ढेंगसा नृत्य को और तीसरे स्थान पर हिमाचल प्रदेश के गद्दी नृत्य को पुरस्कृत किया गया। तो वहीं विवाह संस्कार एवं अन्य श्रेणी में पहला स्थान सिक्किम को, दूसरा स्थान ओडिशा को और तीसरा स्थान झारखंड को मिला। विशेष ज्यूरी सांत्वना सम्मान असम और गुजरात को मिला। इसके अलावा विदेश से आये कलाकारों का भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सम्मान किया।

पुरुस्कार वितरण के बाद देश के साथ-साथ विदेशों से आये कलाकारों का नृत्य हुआ। आदिवासी कलाकारों ने अपनी संस्कृति और लोक नृत्य की झलक पेश की है। छत्तीसगढ़ में गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। गुलाबी ठंड के बीच राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में आए लोग देर रात तक जमे रहे हैं। गीत, संगीत और नृत्य ने अतिथियों को कार्यक्रम में डटे रहने के लिए मजबूर किया। आदिवासी कलाकारों ने नृत्य के जरिए पूरे कार्यक्रम में समां बांध दिया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेलऔर झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कार्यक्रम का लुत्फ उठाया है। इस दौरान देश-विदेश से आए आदिवासी कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी है। रसियन दल ने वरेन्का नृत्य के साथ शानदार शुरुआत की, इस नृत्य के जरिए रूसी संस्कृति को प्रस्तुत किया गया।

रशियन कलाकारों ने गालिया और कोसेंग सूट नृत्य की प्रस्तुति दी। कोसेंग नृत्य विजय के बाद अपनी परंपरा और शौर्य को दर्शाने के लिए किया जाता है। रशियन कलाकारों ने प्रेम, संगीत, परिधान और परंपरा चारो एक ही डांस में और शारीरिक संतुलन का अद्भुत प्रदर्शन किए।आदिवासी नृत्य महोत्सव में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सिक्किम के कलाकारों द्वारा तमांग सेलो नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गयी। पारंपरिक अवसर और अनुष्ठानों में किये जाने वाले इस नृत्य से दर्शकों में उत्साह भर दिया। टोगो से आये कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर अनोखी प्रस्तुति दी। फसल कटाई के अवसर पर किए जाने वाले श्रेणी में छत्तीसगढ़ के जिस नृत्य दल को करमा नृत्य को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ उसकी प्रस्तुति देखकर दर्शको में उत्साह दिखा। फ्यूज़न डांस में देश-विदेश के कलाकारों के साथ संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत के साथ साथ जनप्रतिनिधियों ने बस्तरिया और छत्तीसगढ़िया गाना में जमकर नाचे। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में करीब 4 हजार किलोमीटर दूर सर्बिया से आये कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य कौशल को देख दर्शक काफी उत्साहित हूये। सर्बिया के कलाकार ट्रेडिशनल डांस का प्रदर्शन किए। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 2022 में अंतिम प्रस्तुति के रूप में मोजांबिक के कलाकार अपनी सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी।