गिरफ्तार आईएएस समेत तीन लोगों को छत्तीसगढ़ कोर्ट ने आठ दिन के लिए ईडी हिरासत में भेजा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद गिरफ्तार भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी समीर विश्नोई और अन्य दो लोगों को विशेष अदालत ने आठ दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। अधिवक्ताओं ने यह जानकारी दी। अधिवक्ताओं ने बताया कि ईडी के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार दोपहर बाद गिरफ्तार आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई, इंदरमणि समूह के कारोबारी सुनील अग्रवाल और फरार कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के चाचा लक्ष्मीकांत तिवारी को चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत में पेश किया, जहां से इन्हें आठ दिन की ईडी रिमांड में भेज दिया गया।

ईडी के अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा ने बताया कि अदालत ने ईडी के रिमांड आवेदन पर यह आदेश दिया है। मिश्रा ने बताया कि सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि ईडी ने अधिकारी समीर विश्नोई से 47 लाख रुपये नगद, हीरे और चार किलोग्राम सोना बरामद किया है। अधिवक्ता ने बताया कि ईडी अब आगे की जांच करेगी। सुनील अग्रवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा, ”बहस के दौरान हमने बताया कि वे (ईडी) मेरे मुवक्किल को (गिरफ्तारी के) 24 घंटे के भीतर अदालत में पेश करने वाले थे। उन्होंने 11 अक्टूबर को मेरे मुवक्किल को उठाया और 13 अक्टूबर को पेश किया, इसलिए मेरे मुवक्किल के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया है। लक्ष्मीकांत तिवारी के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने बताया कि ईडी ने अदालत से तीनों आरोपियों को 14 दिन की रिमांड में भेजने का अनुरोध किया था, जिसका बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने विरोध किया। अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने (रिजवी) दलील दी कि ईडी ने अदालत में जो मामला पेश किया है वह धन शोधन से संबंधित है, लेकिन जो पैसे बरामद किए गए हैं, वह आयकर विभाग ने बरामद किये हैं, जो अनुसूचित अपराध में नहीं आता है।

सूत्रों ने बताया कि आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई की पत्नी प्रीति विश्नोई ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर ईडी के अधिकारियों पर प्रताड़ित करने तथा उनके (मुख्यमंत्री के), व्यवसायी ​सूर्यकांत तिवारी और मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ अधिकारी सौम्या चौरसिया के खिलाफ बयान देने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। प्रीति ने पत्र में कहा है कि ईडी के अधिकारियों ने उनके पति से दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाया है। ईडी ने 11 अक्टूबर से राज्य के रायपुर, रायगढ़, महासमुंद और कोरबा समेत कई शहरों में छापेमारी शुरू की थी। एजेंसी ने बृहस्पतिवार को आईएएस अधिकारी विश्नोई, अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, तीनों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2009 बैच के अधिकारी विश्नोई वर्तमान में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी के सीईओ और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विशेष सचिव के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, तिवारी पेशे से अधिवक्ता हैं।

ईडी के सूत्रों ने बताया कि सरकारी अधिकारियों, व्यवसायियों और निजी संस्थाओं के कथित गठजोड़ द्वारा राज्य में ट्रांसपोर्टर से ”अवैध उगाही” करने से जुड़े धनशोधन के मामले में एजेंसी ने ये गिरफ्तारियां कीं। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने आईएएस अधिकारी और रायगढ़ की जिलाधिकारी रानू साहू के आवास को भी सील कर दिया था क्योंकि वह छापेमारी के दौरान मौजूद नहीं थीं। बाद में साहू ने एजेंसी को उनके उपचार के संबंध में सूचित किया और जांच में सहयोग का आश्वासन दिया। ईडी के सूत्रों ने बताया कि 2010 बैच की आईएएस अधिकारी साहू रायपुर में एजेंसी के कार्यालय में अभी तक पेश नहीं हुई हैं।

सूत्रों ने बताया कि ईडी ने एक अन्य आईएएस अधिकारी जे.पी. मौर्य, जो वर्तमान में खनन विभाग के निदेशक के रूप में तैनात हैं, के परिसरों में छापे की कार्रवाई की है। मौर्य रानू साहू के पति हैं। ईडी ने छत्तीसगढ़ में हालिया छापों में लगभग चार करोड़ रुपए की नकदी और जेवर बरामद किया है। संघीय एजेंसी ने आयकर विभाग की शिकायत और आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है। इससे पहले सितंबर में आयकर विभाग ने राज्य में इस्पात और कोयला व्यवसाय से जुड़े व्यवसायियों के परिसरों पर छापा मारा था। वहीं, इस साल जून-जुलाई में आयकर विभाग ने कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी के परिसरों और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में तैनात एक अधिकारी के घर समेत कई जगहों पर तलाशी ली थी।

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