झूठे मामलों में फंसाकर कर दिया गया तबादला, सीएम भूपेश से मिली पीड़ित महिला अधिकारी, न्याय की लगाई गुहार

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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सत्ताधारी कांग्रेस विधायक के एक सहयोगी के खिलाफ 2019 में छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराने वाली एक महिला अधिकारी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से न्याय की गुहार लगाते हुए दावा किया है कि उनका तबादला नियम विरुद्ध किया गया है। रायगढ़ जिले में पदस्थ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की एक सब इंजीनियर ने बुधवार को सोशल मीडिया पर अपना वीडियो अपलोड कर कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह सेवा से इस्तीफा दे देंगी। महिला अधिकारी ने दावा किया है कि रायगढ़ के विधायक प्रकाश नायक के प्रतिनिधि अरुण शर्मा के खिलाफ 2019 में शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें झूठे मामलों में फंसाया गया और जेल में डाला गया तथा लगातार परेशान किया गया।

उन्होंने कहा है कि जब वह 2019 में बरमकेला जनपद पंचायत में तैनात थी तब शर्मा ने कथित तौर पर उनके साथ छेड़छाड़ की और दुर्व्यवहार किया। महिला का कहना है, जब उसने इसकी जानकारी विधायक को दी तब उन्होंने कथित तौर पर मामले में समझौता करने को कहा। अधिकारी ने कहा कि जब उसने शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने भी आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया। महिला अधिकारी ने बताया कि जनवरी 2020 में उसे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एक झूठे मामले में फंसाया गया था। उन्होंने कहा कि जब वह स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अथिति से शिकायत करने गई थी तब 15 अगस्त, 2020 को उसे सीआरपीसी की धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाद में उसे निलंबित कर दिया गया। इस फैसले के खिलाफ वह उच्च न्यायालय गई थी।

महिला अधिकारी ने बताया, अदालत ने मुझे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में बरी कर दिया है तथा उच्च न्यायालय के निर्देश पर पिछले वर्ष मेरा निलंबन रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा, बहाली के बाद मुझे घरघोड़ा जनपद पंचायत में पोस्टिंग मिल गई। हालांकि मेरी परेशानी यहीं समाप्त नहीं हुई और कुछ महीनों के भीतर मेरा तबादला कर दिया गया और नियम के विरुद्ध रायगढ़ जनपद पंचायत में संलग्न कर दिया गया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में महिला ने कहा है कि उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है क्योंकि उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है और परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह 30 मई को सेवा से इस्तीफा दे देंगी। रायगढ़ जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय महादेवा ने बताया कि छेड़छाड़ के मामले में 2019 में स्थानीय अदालत में भारतीय दंड विधान की धारा 509, 354 के तहत चालान पेश किया था। अब यह मामला सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में है। महिला अधिकारी ने बताया कि उन्होंने 2019 में छेड़छाड़ मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने शुक्रवार को कहा कि उसे छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के एक सब इंजीनियर का वीडियो मिला है, जिसने आरोप लगाया है कि 2019 में विधायक प्रकाश नायक के करीबी सहयोगी अरुण शर्मा ने उसका यौन उत्पीड़न किया।

आयोग ने बयान में बताया है कि आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए लिखा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तब कथित आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। आयोग ने कहा है कि आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है और दो सदस्यीय दल मामले की जांच के लिए राज्य का दौरा करेगा। पत्र में आयोग ने पुलिस से पीड़ित को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करने को कहा है तथा मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार करने वाले दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने कहा है।

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