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छत्तीसगढ़ के बस्तर में सड़क दुर्घटना, प्राइवेट बस और कार के बीच टक्कर, पांच की मौत

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छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सड़क दुर्घटना में पांच युवकों की मौत हो गई तथा एक अन्य युवक घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 30 पर मेटावाड़ा गांव के करीब निजी बस और कार के बीच हुई टक्कर में कार सवार पांच युवकों दिनेश सेठिया, गौतम गाइन, सचिन सेठिया, अभिषेक सेठिया और शाकिब खान की मौत हो गई तथा एक अन्य युवक घायल हो गया।

उन्होंने बताया कि प्राप्त सूचना के अनुसार, रायपुर से जगदलपुर शहर की ओर एक निजी बस रवाना हुई थी। बस जब तड़के लगभग साढ़े तीन बजे मेटावाड़ा गांव के करीब पहुंची तब उसने एक कार को अपनी चपेट में ले लिया। कार में छह युवक सवार थे। इस घटना में कार सवार चार युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई तथा दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर घटनास्थल के लिए पुलिस दल रवाना किया गया तथा शवों और घायलों को अस्पताल भेजा गया। रास्ते में एक युवक की मौत हो गई तथा एक अन्य युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद बस चालक घटनास्थल से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में 24 घंटे में कोरोना के मरीज 300 के पार, जानें कहां मिले सबसे ज्यादा केस

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छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस से 319 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही राज्य में बृहस्पतिवार तक कोविड-19 की चपेट में आने वालों की कुल संख्या 11,71,802 हो गई। राज्य में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि आज आठ लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई। राज्य में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस से संक्रमित एक मरीज की मृत्यु हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि आज संक्रमण के 319 नए मामले आए हैं। इनमें रायपुर से 23, दुर्ग से 46, राजनांदगांव से 31, बालोद से 18, बेमेतरा से पांच, कबीरधाम से चार, धमतरी से 20, बलौदाबाजार से तीन, महासमुंद से 13, गरियाबंद से नौ, बिलासपुर से 11, रायगढ़ से तीन, कोरबा से पांच, जांजगीर-चांपा से एक, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से चार, सरगुजा से 23, कोरिया से नौ, सूरजपुर से 15, बलरामपुर से 12, जशपुर से नौ, बस्तर से नौ, कोंडागांव से 11, सुकमा से एक, कांकेर से 20, नारायणपुर से 10 और बीजापुर से चार मामले शामिल हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 11,71,802 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 11,55,983 मरीज संक्रमण मुक्त हो गए हैं। राज्य में 1725 मरीज उपचाराधीन हैं। राज्य में वायरस से संक्रमित 14,094 लोगों की मौत हुई है।

बघेल सरकार का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में जल्द शुरू होगा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय

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छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना के बाद अब स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय शुरू करने का फैसला किया है। जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके लिए मुख्य सचिव को 10 दिनों के भीतर कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने मुख्य सचिव से कहा है कि राज्य में अंग्रेजी माध्यम के अनेक निजी और शासकीय स्कूल संचालित किये जा रहे हैं। राज्य में अंग्रेजी माध्यम के शासकीय महाविद्यालय न होने के कारण राज्य के विद्यार्थियों को 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए महानगरों के महाविद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ता है जिसमें बड़ी राशि व्यय होती है। उन्होंने बताया कि बघेल ने मुख्य सचिव से कहा कि राज्य के विद्यार्थियों को राज्य में ही अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की तरह ही स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय भी आरंभ किये जाएं। इन महाविद्यालयों की चरण बद्ध स्थापना की जाए।

बघेल ने कहा है कि प्रथम चरण में आगामी शैक्षणिक सत्र (जून 2023) से राज्य के प्रमुख नगरों में कम से कम 10 अंग्रेजी माध्यम कॉलेज खोले जाएं। इसी तरह आगामी तीन वर्षों में राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में अंग्रेजी माध्यम कॉलेज खोलने की कार्ययोजना 10 दिनों में प्रस्तुत की जाए। वहीं मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट किया, मैं पिछले दिनों कई अभिभावकों से मिला। सबका कहना था कि कांग्रेस सरकार में शानदार अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम सरकारी स्कूल बने हैं। लेकिन 12वीं के बाद उनके बच्चे कहां पढ़ेंगे, इसकी चिंता उन्हें सता रही रही है। क्योंकि महानगरों में बच्चों को पढ़ाना महंगा है। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि अंग्रेजी माध्यम के सरकारी महाविद्यालय खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले 10 प्रमुख नगरों में इसकी शुरुआत होगी, फिर अगले तीन साल में हम हर ज़िला मुख्यालय में इसे खोलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अभिभावकों को चिंता करने की जरूरत नहीं और अपने बच्चों को खूब पढ़ाइए। उन्होंने कहा कि स्कूल के बाद की शानदार पढ़ाई के लिए बच्चों को बाहर भेजने की आर्थिक परेशानी दूर होगी। बघेल ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ की शिक्षा क्रांति देश का सबसे अच्छा एजुकेशन मॉडल आने वाले समय में प्रस्तुत करेगी। अधिकारियों ने बताया कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना शैक्षणिक सत्र 2020-21 से प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत 279 स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 32 स्कूल हिन्दी माध्यम के हैं तथा 247 विद्यालयों में हिन्दी के साथ अंग्रेजी माध्यम से भी शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दो लाख 52 हजार 600 बच्चों ने इन विद्यालयों में प्रवेश लिया है, जिसमें एक लाख तीन हजार बच्चे अंग्रेजी माध्यम तथा एक लाख 49 हजार 600 बच्चे हिन्दी माध्यम के हैं।

छत्तीसगढ़ में बड़ा बदलाव, भाजपा ने नारायण चंदेल को बनाया नेता प्रतिपक्ष

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छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल ने जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र से विधायक नारायण चंदेल को अपना नया नेता चुना है। पार्टी ने बुधवार को यह जानकारी दी। भाजपा ने बताया कि चंदेल, धरमलाल कौशिक का स्थान लेंगे। इसी के साथ विपक्ष में भाजपा सबसे बड़ा दल होने के नाते उसके नेता चंदेल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी होंगे। भाजपा नेताओं ने बुधवार को बताया कि पार्टी के मुख्यालय ‘कुशाभाऊ ठाकरे परिसर’ में आज दोपहर बाद भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नए नेता का चुनाव किया गया।

राज्य में वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी ने तब अपने 15 विधायकों में से पिछड़े वर्ग के नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक को नेता चुना था। वह राज्य के पांचवे और भाजपा के दूसरे नेता प्रतिपक्ष चुने गए थे। राज्य में पिछले दिनों नए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अरुण साव की नियुक्ति के बाद राज्य में नए नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के कयास लगाए जा रहे थे। नए नेता प्रतिपक्ष चंदेल का जन्म 19 अप्रैल वर्ष 1965 को जांजगीर-चांपा जिले के नैला स्थान में हुआ है। चंदेल राज्य में पिछड़े वर्ग के प्रमुख नेता माने जाते हैं।

चंदेल वर्ष 1998 में पहली बार अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। इसके बाद वह वर्ष 2008 और 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए चुने गए। नारायण चंदेल छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष भी रहे हैं तथा पार्टी में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी निभाई है। भाजपा विधायक दल का नया नेता चुने जाने के बाद चंदेल ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, विधायक दल ने मुझे सर्वसम्मति से नेता प्रतिपक्ष चुना है। सबको साथ लेकर दायित्व का निवर्हन करूंगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में भूपेश बघेल की सरकार झूठ की सरकार है। राज्य की जनता इस सरकार को उखाड़ फेकेगी। चंदेल ने कहा, कांग्रेस देश में समाप्ति की ओर है। यह केवल राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ही बची है। आगामी विधानसभा चुनाव में यहां भी कांग्रेस की हार होगी। राज्य में वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के पिछड़े वर्ग में बहुसंख्यक साहू समाज से आने वाले अरुण साव को राज्य भाजपा का कमान सौंपने के बाद कुर्मी समाज से आने वाले नारायण चंदेल की नेता प्रतिपक्ष के रूप में नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषक और पत्रकार आर कृष्णा दास कहते हैं, पिछले दिनों प्रदेश अध्यक्ष पद पर साव की नियुक्ति के बाद से ही कयास लगाया जा रहा था कि राज्य में नए नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति होगी। साव की तरह ही चंदेल की छवि जमीन से जुड़े नेता की है और वह सभी गुटों को साथ लेकर चल सकते हैं। दास कहते हैं, राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग लगभग 44 फीसदी हैं और इनमें ज्यादातर संख्या साहू और कुर्मी समाज की है। चंदेल कुर्मी समाज से आते हैं तथा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कुर्मी समाज से हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग के नेता को प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष नियुक्त कर भाजपा ने इस वर्ग को सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की है। साथ ही कहा जा सकता है कि भाजपा राज्य में बड़ी चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। राज्य के सत्ताधारी दल कांग्रेस ने नए नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति पर कहा है कि भाजपा ने जनता का विश्वास खो दिया है।

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ में जनता का विश्वास खो चुकी है। पिछले 15 साल में उन्होंने कुशासन और भ्रष्टाचार किया था, उससे जनता ऊब चुकी थी। जनता ने तीन चौथाई बहुमत के साथ छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनायी है। वहीं भाजपा का जनाधार कम हुआ है। भाजपा ने चार साल में चार प्रदेश अध्यक्ष बदला है तथा दो नेता प्रतिपक्ष बदल गए हैं। इससे पता चलता है कि भाजपा जनता के बीच समाप्त हो गई है। नारायण चंदेल को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। राज्य के 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 14 विधायक हैं जबकि सत्ताधारी कांग्रेस के 71, बहुजन समाज पार्टी (बसपा)के दो तथा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के तीन विधायक हैं।

छत्तीसगढ़ की बेटी अंकिता ने 15 अगस्त पर यूरोप के सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर फहराया तिरंगा

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छत्तीसगढ़ की बेटी अंकिता गुप्ता ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के गौरवशाली अवसर पर यूरोपीय महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा दिया तिरंगा फहराया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यूरोप जाने से पहले विगत 3 अगस्त को युवा पर्वतारोही सुश्री अंकिता को अपने निवास में राष्ट्रीय ध्वज भेंट किया था। मुख्यमंत्री बघेल और मंत्री मोहम्मद अकबर ने अंकिता गुप्ता को इस सफलता पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। अंकिता गुप्ता मूलतः कवर्धा की रहने वाली है। वर्तमान में वह कबीरधाम जिले में पुलिस विभाग के अंतर्गत आरक्षक के पद पर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा सुश्री अंकिता को यूरोप में पर्वतारोहण में शामिल होने के लिए पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है।

यूरोपीय महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस (पश्चिम) की ऊँचाई 5642 मीटर यानी 18,510 फिट है, यहां का तापमान माईनस 25 से माईनस 30 डिग्री सेल्सियस तक और हवा की गति 45 से 50 किलोमीटर तक रहती है। इन विषम परिस्थितियों में भी 15 अगस्त की सुबह 5 बजकर 43 मिनट में तिरंगा लहराकर सुश्री अंकिता ने आजादी के 76वीं वर्षगांठ को और यादगार बना दिया। चोटी पर पहुंचकर अंकिता ने राज्य सरकार के न्याय एवं सशक्तिकरण के छत्तीसगढ़ मॉडल को प्रदर्शित किया। इसके बाद उन्होंने दूसरे ही दिन 16 अगस्त को यूरोप महाद्वीप में स्थित 5621 मीटर ऊंचे माउंट एलब्रुस (पूर्व) पर्वत पर सुबह 4 बजकर 23 मिनट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। अंकिता गुप्ता ने कहा कि यह सफलता मेरे देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व शहीदों को समर्पित है।

उन्होंने आर्थिम मदद के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के प्रेम व आशीर्वाद से सब सम्भव हुआ है। उन्होंने बताया कि विगत जनवरी माह में माइनस 39 डिग्री सेल्सियस पर लेह लद्दाख के यूटी कांगड़ी की 6080 मीटर ऊंची चोटी फतेह की थी। उनका लक्ष्य अब सातों महाद्वीपो के चोटी में तिरंगा फहराकर देश का मान सम्मान बढ़ाना है। अंकिता ने मंत्री मोहम्मद अकबर के प्रति आभार प्रकट करते हुए बताया कि पर्वतारोहण की प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए उसने कैबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर के माध्यम से मुख्यमंत्री बघेल को स्वेच्छाअनुदान मद से पांच लाख रूपए की मांग की थी। अकबर ने छत्तीसगढ़ तथा राष्ट्र गौरव को विशेष ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री बघेल से उनके आवेदन पर शीघ्रता से विचार करते हुए राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया था।

छत्तीसगढ़ में फिर जंगली हाथियों का उपद्रव, हमले में ग्रामीण की मौत

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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। कोरबा जिले के अंतर्गत कटघोरा की वन मंडल अधिकारी प्रेमलता यादव ने बताया कि पसान वन परिक्षेत्र के अंतर्गत चंदरौटी गांव में जंगली हाथी के हमले में ग्रामीण शामलाल सिंह (50) की मौत हो गई। यादव ने बताया कि वन विभाग को जानकारी मिली है कि जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर पसान क्षेत्र के चंदरौटी गांव निवासी शामलाल सिंह के मकान को एक हाथी तोड़ रहा था। जब शामलाल ग्रामीणों की मदद से हाथी को भगाने का प्रयास कर रहा था तब हाथी आक्रोशित हो गया और ग्रामीणों पर हमला करने के लिए आगे बढ़ा।

अधिकारी ने बताया कि हाथी से डरकर भागने के दौरान शामलाल ​वहीं गिर गया और हाथी ने उसे कुचल दिया। वहीं पसान के वन परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि क्षेत्र में 23 हाथियों का एक दल विचरण कर रहा है। इनमें से एक हाथी दल से अलग हो गया, दल से अलग हुए हाथी ने ही आज तड़के शामलाल पर हमला कर दिया। चौहान ने बताया कि मृत ग्रामीण के परिजन को विभाग की ओर से 25 हजार रुपए तत्काल सहायता राशि दी गई है। शेष 5.75 लाख रुपए सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, छह फीसदी तक बढ़ेगा महंगाई भत्ता

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छत्तीसगढ़ सरकार ने मंगलवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में छह फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में छह फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है जिसके बाद अब उन्हें 28 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा । उनके अनुसार इस बढ़ोतरी से राज्य सरकार के लगभग 3.80 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का आदेश भी पोस्ट किया है। आदेश के अनुसार, राज्य सरकार के कर्मचारियों को इस वर्ष मई से सातवें वेतन आयोग के तहत 22 प्रतिशत और छठे वेतन आयोग के तहत 174 प्रतिशत डीए मिल रहा था। आदेश के अनुसार सातवें और छठे वेतन आयोग के महंगाई भत्ते में छह फीसदी और 15 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। कर्मचारियों को इस वर्ष एक अगस्त से 28 फीसदी और 189 फीसदी डीए मिलेगा।

अधिकारियों ने बताया कि महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से राजकोष पर सालाना 2,160 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के महासंघ ने पिछले महीने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पांच दिनों की हड़ताल की थी, जिसमें महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता (एचआरए) में बढ़ोतरी शामिल थी। फेडरेशन ने अपनी मांगों को लेकर 22 अगस्त से फिर से हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी। अधिकारियों ने बताया कि 13 अगस्त को छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की थी, जिसमें डीए में छह प्रतिशत की वृद्धि करने की सहमति दी गई थी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सातवें वेतनमान के आधार पर एचआरए में बढ़ोतरी की मांग पर विचार करने का भी आश्वासन दिया था। सरकार के इस फैसले को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ (सीएकेएम) के क्षेत्रीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि कर्मचारियों ने सातवें वेतनमान के अनुसार 34 प्रतिशत डीए और एचआरए की मांग की थी लेकिन कोई भी मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि डीए में छह फीसदी की बढ़ोतरी भी इस साल अगस्त से दी जा रही है, बल्कि जुलाई 2020 से दी जानी चाहिए थी। वर्मा ने कहा, पूर्व घोषणा के अनुसार, हम अपनी मांगों को लेकर 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।

असीम संभावनाओं के साथ पर्यटकों को लुभा रहा है छत्तीसगढ़ का नैसर्गिक सौंदर्य

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Chhattisgarh

पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ अत्यंत समृद्ध राज्य है। छत्तीसगढ़ की धरती वन और खनिज संपदा से भरपूर तो है ही इसके साथ ही यहां की कला, संस्कृति और पर्यटन स्थल भी आकर्षण के केन्द्र है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन और छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा प्रदेश में पर्यटन विकास एवं पर्यटकों की गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि कोविड महामारी के दौर से उबरने के बाद छत्तीसगढ़ में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2021 में भारतीय और विदेशी मिलाकर 1 करोड़ 15 लाख 32 हजार सैलानियों ने छत्तीसगढ़ का भ्रमण किया है।

कोरोना महामारी के वैश्विक संकट के इस दौर में केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व की अर्थ व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। किसी भी राज्य के आर्थिक विकास में पर्यटन की विशेष भूमिका होती है और वर्तमान दौर में पर्यटन उद्योग आर्थिक रूप से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। लेकिन इन सबके बावजूद छत्तीसगढ़ शासन ने विकास की गति को अवरूद्ध नहीं होने दिया है। लॉकडाउन के विभिन्न चरणों के दौरान पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की पर्यटन नीति 2020 तैयार की गई है।

इस पर्यटन नीति के तहत मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करना, ग्रामीण पर्यटन का विकास करना स्थानीय लोगों को गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत पर्यटन उद्योग से जोड़ना है ताकि पर्यटन विकास के सार्थक परिणाम मिल सके। पर्यटकों के लिए होमस्टे की योजना पर कार्य किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण अंचल और जनजाति समुदाय की जीवन शैली, परिवेश और स्थानीय खानपान से पर्यटकों को अनुभव प्राप्त हो सके। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना राम वन गमन पर्यटन परिपथ निर्माण के प्रथम चरण में 9 स्थलों का चयन कर विकास कार्यों हेतु भगवान राम के ननिहाल चंदखुरी और जांजगीर के शिवरीनारायण में विकास कार्य प्रारंभ किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ में लगभग 138 स्थल पर्यटन स्थल के रूप में रूप में चिन्हित है। पर्यटन के बहुआयामी क्षेत्र में विशेषकर जनजातीय अंचलों में स्थित चुनिंदा पर्यटन स्थलों में खान-पान एवं आवास की बेहतरीन सुविधायुक्त होटल, मोटल, रिसॉर्ट एवं रेस्टोरेंट का निर्माण कर पर्यटकों को सुविधाएं दी जा रही है। भारत के हृदय स्थल में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तर में सतपुड़ा पहाड़ियों का उच्चतम भूभाग है तो मध्य में महानदी तथा उसकी सहायक नदियों का मैदानी भाग है। इसके दक्षिण में बस्तर का विस्तृत पठार है। छत्तीसगढ़ प्राचीन स्मारकों, दुर्लभ वन्य प्राणियों, नक्काशीदार मंदिरों, बौद्ध स्थलों, राजमहलों, जलप्रपातों, गुफाओं एवं शैलचित्रों से परिपूर्ण है। यहां ऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थल है।

यहां राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य प्राणी अभ्यारण्यों के साथ-साथ गौरवशाली लोक संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण भी है। बस्तर क्षेत्र में कुटुमसर गुफा एवं कांगेर घाटी, राष्ट्रीय उद्यान, चित्रकोट जलप्रपात महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है जो अपनी अद्भुत छटा के कारण पर्यटकों का दिल जीत रहे हैं। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के बारे में पर्यटकों को सुलभ जानकारी उपलब्घ कराने तथा पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए व्यक्तिगत एवं टूर पैकेज के अन्तर्गत आरक्षण की सुविधा प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा नई दिल्ली, गुजरात मध्य प्रदेश के अतिरिक्त प्रदेश में 11 स्थानों पर पर्यटन सूचना केन्द्र स्थापित किया गया है।

मनोज सिंह, सहायक संचालक

सीएम भूपेश ने छत्तीसगढ़ के तीन उत्कृष्ट स्वावलंबी गौठानों को किया सम्मानित, 50-50 हजार की दी प्रोत्साहन राशि

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में आर्थिक गतिविधियों के कुशल संचालन एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदेश के तीन स्वावलंबी गौठानों को सम्मानित किया। सीएम बघेल ने इन तीनों गौठानों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के केसरा गौठान, रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के चटौद गौठान और कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा के डोन्डे, हरनगढ़ गौठान को सम्मानित किया गया। इन तीनों गौठानों के गौठान समिति के अध्यक्ष क्रमशः सर्वश्री कनक सोनी, तिलक वर्मा और विष्णु साहू ने अपने-अपने गौठान की तरफ से यह सम्मान ग्रहण किया।

सुराजी गांव के अंतर्गत राज्य स्तरीय गोधन न्याय सेल में योजना के संचालन, क्रियान्वयन और समन्वय में उत्कृष्ट कार्य के लिए चार अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें कृषि विभाग के संयुक्त संचालक रामलखन खरे, ओएसडी डॉ. मौसम मेहरा, सहायक संचालक चंदन राय और चिप्स के वरिष्ठ सलाहकार नीलेश सोनी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन्हें प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

छत्तीसगढ़ में हादसा: घर की दीवार गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण एक घर की दीवार गिरने से उसके नीचे दबकर पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हादसा कांकेर जिले के पखांजूर थाना क्षेत्र के इरपानार गांव में हुआ। पुलिस को जानकारी मिली है कि परिवार सोमवार तड़के जब अपने मिट्टी के घर में सो रहा था, तभी उसकी दीवार ढह गई, जिससे पांच लोगों की मौत हो गई।

अधिकारी के मुताबिक, पुलिस को जब हादसे की जानकारी मिली, तब नाव के जरिये जिला प्रशासन और पुलिस के दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि कांकेर में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के सभी नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। अधिकारियों के अनुसार, हादसे के संबंध में अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।