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झारखंड में सीएम बघेल का स्वागत, हेमंत सोरेन बोले-आदिवासी हैं तभी जल जंगल और जमीन बची है

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में रांची के मोरहाबादी मैदान में चल रहे दो दिवसीय झारखंड जनजातीय महोत्सव-2022 का आज रंगारंग समापन हो गया। दो दिनों तक चले इस समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से आए जनजातीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा और परफॉर्मेंस से आदिवासी कला- संस्कृति, परंपरा, लोक गीत-नृत्य और संगीत को देश- दुनिया के सामने पहचान दिलाने का काम किया। वही, देश और विदेश से आए मानव शास्त्री, जनजातीय विषय के विशेषज्ञ और शोधकर्ताओं ने आदिवासी दर्शन जीवन शैली और आज उनके सामने पैदा हो रही तरह-तरह की चुनौतियों पर विस्तार से मंथन किया। यह जनजातीय महोत्सव महोत्सव निश्चित तौर पर आदिवासियों की अस्मिता और पहचान को दुनिया के कोने कोने तक पहुंचाने में कामयाब होगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि आज आदिवासी हैं, तभी जल जंगल और जमीन बचा है। लेकिन, इसे भी छीनने का प्रयास लगातार हो रहा है। किसी को यह चिंता नहीं है कि आदिवासी कैसे बचे। बस विकास की दौड़ में जल, जंगल और जमीन से छेड़छाड़ हो रहा है। यही वजह है कि आज ग्लोबल वार्मिंग की विकराल समस्या से हम घिरते जा रहे हैं। अगर सृष्टि बचाना है तो आदिवासी को बचाना होगा, तभी जल, जंगल और जमीन भी बचेगा।

मुख्यमंत्री के कहा कि आज का दिन हम यह संकल्प ले की जनजातीय समाज की पहचान और उनकी आवाज को दूर-दूर तक पहुंचाएं। हालांकि, इसमें कई चुनौतियां भी आएंगी। संघर्षों का भी सामना करना पड़ेगा। पर आदिवासी समुदाय कभी विचलित नहीं होता है। हम इस चुनौती से निपटने और संघर्षों से विजय होने में नश्चिति तौर पर कामयाब होंगे। हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड नदी, जंगलों और पहाड़ -पहाड़ियों से घिरा राज्य है। यहां की आदिवासी आबादी इन जंगलों, पहाड़ों और दुर्गम स्थलों पर रह रही हैं। इनके पास आज तक न तो कोई सरकारी अधिकारी पहुंचा और ना ही योजनाएं यहां लागू हो सकीं। लेकिन, हमारी सरकार ने “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के माध्यम से इन दुर्गम और सुदूर इलाकों में रहने वालों के घर पर पहुंचकर उन्हें हक और अधिकार दिया। योजनाओं से जोड़ा और मान- सम्मान भी प्रदान करने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन पर्व की दी शुभकामनाएं

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को भाई-बहन के स्नेह और विश्वास के पर्व रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। रक्षाबंधन पर्व की पूर्वसंध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में सीएम बघेल ने कहा है कि रक्षाबंधन हमारी संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण त्यौहार है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और मजबूत बनाता है। इस दिन बहनें मंगल कामना करते हुए अपने भाईयों को रक्षा सूत्र बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन स्नेह और विश्वास के अटूट रिश्तों का त्यौहार है। यह त्यौहार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, अस्मिता के प्रति हम सभी को जागरूक और प्रतिबद्ध करता है।

कोविड-19 टीकाकरण: छत्तीसगढ़ में 15 सितंबर तक बूस्टर डोज को लेकर चलाएं विशेष अभियान

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बीते कुछ दिनों से कोरोना एक बार फिर देश के ज्यादातर प्रदेशों में रफ्तार पकड़ी है। इसका असर छत्तीसगढ़ में भी दिखा है। कोरोना को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने लोगों को एहतियात बरतने को कहा है। साथ ही अफसरों को भी जरूरी आदेश जारी किए है। मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में कोविड-19 टीकाकरण के मानिटरिंग के लिए गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक ली गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि 15 अगस्त से 15 सितम्बर की अवधि में विशेष अभियान चलाकर कोविड टीकाकरण व बूस्टर डोज लगाये जायें। उन्होनें सभी शासकीय कर्मियों और उनसे जुड़े परिजनों, विभागीय योजनाओं के लाभार्थीयों सहित अन्य नागरिकों का इस अभियान के माध्यम से टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। श्री जैन ने संभागीय मुख्यलायों में स्थित पांच बड़े कार्यालयों में 11 अगस्त से 14 अगस्त की अवधि में टीकाकरण कैम्प लगाकर टीकाकरण करने के भी निर्देश दिए है। इसी तरह 15 अगस्त के बाद 19 से 21 अगस्त को ब्लॉक स्तर के पांच बड़े कार्यालय केम्पस में टीकाकरण शिविर लगाने कहा गया है।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव मनिन्दर कौर द्विवेदी ने बताया कि आजादी के 75 वें वर्षगाठ के अवसर पर अमृत महोत्सव के तहत 15 अगस्त से 15 सितम्बर तक की अवधि में कोविड-19 के बूस्टर डोज निःशुल्क लगाये जायेगें। प्रदेश में अब तक करीब दो करोड़ 22 लाख 76 हजार 912 लोगों को प्रथम डोज, एक करोड़ 96 लाख 79 हजार 341 को दूसरा डोज और 38 लाख एक हजार 813 लोगों को बूस्टर डोज लगाया जा चुका है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, आदिवासी विकास, गृह विभाग, श्रम विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारियों ने कोविड टीकाकरण के लिए अपने विभाग की रणनीति-कार्ययोजना के विषय में विस्तर से जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में संबंधित विभागों के सचिव एवं संचालक स्तर के अधिकारी शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ में आदिवासी अपने जल-जंगल-जमीन का स्वयं फैसला लेंगे : सीएम बघेल

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस के दिन अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत अधिकारों का विस्तार अधिनियम (पेसा)-2022 लागू कर दिया है तथा अब आदिवासी अपने जल-जंगल-जमीन के बारे में खुद फैसला ले सकेंगे। सीएम बघेल ने आदिवासी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासियों के हितों को संरक्षण देने के लिए राज्य में पेसा अधिनियम लागू होने से ग्राम सभा का अधिकार बढ़ेगा।

नये अधिनियम से ग्राम सभा के 50 प्रतिशत सदस्य आदिवासी समुदाय से होंगे तथा इनमें भी 25 फीसदी महिला सदस्य सदस्य होंगी। अब गांवों के विकास में निर्ण लेने और आपसी विवादों के निपटारे का भी उन्हें अधिकार होगा। उन्होंने कहा आदिम संस्कृति छत्तीसगढ़ की पहचान है और आदिवासियों का आजादी की लड़ाई में बड़ा योगदान रहा है। हम आदिवासियों के सारे योगदान को सहेज कर रखना चाहते हैं। इसके लिए समुदाय की भाषा, संस्कृति सभी कुछ सहेजने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद पहली बार विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई।

आदिवासियों को वन अधिकार के पट्टे दिए गए जिसके तहत अभी तक पांच लाख पट्टे दिए जा चुके हैं। राज्य सरकार 65 प्रकार के लघु वनोपज खरीद रही है। यही वजह है कि बस्तर और सरगुजा के आदिवासी अपने गांवों के लिए बैंक खोलने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासियों के स्वास्थ्य के लिए लगातार काम कर रही है। इसी का नतीजा है कि मलेरिया के मामलों में 65 फीसदी कमी आयी है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक से भी लाखों लोगों को फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा, हमने बस्तर के 300 बंद स्कूलों को शुरू किया है। शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए राज्य में 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती भी होने जा रही है।

छत्तीसगढ़ में अधिसूचित क्षेत्र में पेसा कानून लागू होने से बढ़ेगा ग्राम सभा का अधिकार : सीएम भूपेश

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि पेसा कानून के नियम बनने और उसकी अधिसूचना जारी हो जाने से अब आदिवासी अपने जल जंगल जमीन के बारे में खुद फैसला ले सकेंगे। सीएम बघेल विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ के कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में राज्य भर के जनजाति समुदाय के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद वीर नारायण के चत्रि पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के हितों को संरक्षण देने के लिए राज्य में पेसा कानून लागू होने से ग्राम सभा का अधिकार बढ़ेगा। नए नियम से ग्राम सभा के 50 प्रतिशत सदस्य आदिवासी समुदाय से होंगे।इस 50 प्रतिशत में से 25 प्रतिशत महिला सदस्य होंगी।

सीएम बघेल ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद वश्वि आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई, आदिवासियों को वन अधिकार के पट्टे प्रदान किए गए जिसके तहत अभी तक पांच लाख पट्टे वन अधिकार के तहत दिए जा चुके हैं। आदिवासियों के हितों का ध्यान रखने के लिए और योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन करने के लिए जन जागरण अभियान कैलेंडर का विमोचन किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 65 प्रकार के लघु वनोपज खरीद रही है और इससे आदिवासियों का आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है, यही वजह है कि बस्तर और सरगुजा के आदिवासी अपने गांवों के लिए बैंक खोलने की मांग कर रहे हैं।

उन्होने कहा कि आदिवासियों के स्वास्थ्य के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है और इसी का नतीजा है कि मलेरिया के मामलों में 65% कमी आई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक से भी लाखों लोग लाभांवित हो रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा के मामले में भी हम आगे बढ़ रहे हैं, हमने बस्तर के 300 बंद स्कूलों को शुरू करने का काम किया है और शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए राज्य में 10 हजार नए शक्षिकों की भर्ती भी होने जा रही है। उन्होने कहा कि आदिम संस्कृति छत्तीसगढ़ की पहचान है और आदिवासियों का आजादी की लड़ाई में बड़ा योगदान रहा है।

उन्होने कहा कि हम आदिवासियों के सारे योगदान को सहेज कर रखना चाहते हैं और इसके लिए भाषा, संस्कृति सभी कुछ सहेजने का काम किया जा रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर शिक्षा एवं आदिम जाति विकास मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, अनुसूचित जन जाति आयोग के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, अनुसूचित जन जाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री राजकुमारी दीवान, विधायक एवं संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, विधायक सत्यनारायण शर्मा, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष भारत सिंह समेत हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।

हिमाचल पहुंचे सीएम बघेल का ऐलान, सरकार बनने पर मुफ्त बिजली, पुरानी पेंशन और महिलाओं को 1500 रुपये देगी कांग्रेस

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Himachal Pradesh Assembly Elections: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने के बाद 300 यूनिट प्रति माह मुफ्त घरेलू बिजली और महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर तरह से विफल रही है। इस सरकार का जाना अब तय हो गया है। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद प्रदेश के लोगों को 300 यूनिट प्रति माह मुफ्त घरेलू बिजली मिलेगी।

उन्होंने कहा कि 18 से 60 साल की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों के लिए स्टार्टअप के लिए कांग्रेस सरकार 680 करोड़ रुपये का प्रावधान करेगी। कांग्रेस सरकार बनते ही प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल की जाएगी। इसके लिये केंद्र के पास किसानों और बागवानों का पैसा जमा है। केंद्र सरकार से लड़ाई चल रही है। किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा की जाएगी।

कांग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र शीघ्र घोषित किया जाएगा। इसके लिए मंथन चल रहा है। सीएम बघेल ने कहा कि प्रदेश में पांच लाख लोगों को रोजगार दिया जाएगा। लोग कांग्रेस के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार के साधन उपलब्ध करवाएं जायेंगे। प्रदेश में मुख्यमंत्री का चुनाव का फैसला आलाकमान करेगा। ज्ञातव्य है कि बीते दो दिन से हिमाचल में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के कई बड़े नेता मंथन कर रहे हैं। इनमें छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री समेत सचिन पायलट, प्रताप सिंह बाजवा, राजीव शुक्ला शामिल हैं। इनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह समेत पार्टी के पदाधिकारी शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ में दो नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़, स्कूल का प्रधानाचार्य गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ पुलिस ने सूरजपुर जिले के एक निजी स्कूल के प्रधानाचार्य (45) को दो नाबालिग छात्राओं के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। कोतवाली थाना प्रभारी प्रकाश राठौड़ ने बताया कि पांचवी और सातवीं कक्षा की नाबालिग छात्राओं ने पिछले सप्ताह घर पहुंचने के बाद अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि प्रधानाचार्य ने अपने कक्ष में बुलाकर उनके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की।

राठौड़ के मुताबिक, माता-पिता के इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने शनिवार को प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। राठौड़ के अनुसार, स्कूल के मालिक ने भी कुछ छात्र-छात्राओं के माता-पिता के खिलाफ कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की करने का मामला दर्ज कराया है। यह कथित वारदात उक्त घटना के सामने आने के बाद हुई थी। अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

छत्तीसगढ़ में तीन की मौत, पिता ने बेटे और बेटी की हत्या के बाद की खुदकुशी

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छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपने नौ वर्षीय बेटे और छह साल की बेटी की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर ने कहा कि घटना धरसिनवा थाना क्षेत्र के देवरी गांव में हुई। उन्होंने कहा, रामेश्वर साहू (30) ने आत्महत्या करने से पहले अपने बच्चों अमित (9) और रागिनी (6) की कथित तौर पर हत्या कर दी। शव क्षत-विक्षत हो चुके हैं और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अतिरिक्त एसपी ने कहा कि शवों की स्थिति को देखते हुए लगता है कि घटना तीन दिन पहले हुई होगी।

संगिनी सहेली ने महिलाओं को मासिक धर्म को लेकर किया जागरूक, सेटनरी पैड भी बांटे

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ग्रामीण महिलाओं को मासिक धर्म के बारे में जागरुक संगिनी सहेली आगे आई है। यह टीम सबसे पहले यूपी के प्रतापगढ़ जिले से बसौली प्राथमिक विद्यालय में पहुंची, जहां लड़कियों को पहले मासिक धर्म के बार में विस्तार से बताया। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में उपस्थित महिलाओं को संगिनी सहेली की टीम ने सेटनरी पैड वितरित किए। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीण महिलाएं इस बात से बेहद खुश थी कि संगिनी सहेली की टीम उनके बीच आई और उन्हें मासिक धर्म के सभी पहलुओं से अवगत कराया। गौरतलब है, संगिनी सहेली निरंतर विभिन्न गांवों एवं कस्बों में महिलाओं को मासिक धर्म के बारे में जागरुक करती आ रही है।

कार्यक्रम में संगिनी सहेली से प्रियल भारद्वाज त्रिपाठी उपस्थित रही। उपस्थित ग्रामीण महिलाओं से संवाद करते हुए प्रियल भारद्वाज त्रिपाठी ने कहा कि उनकी संस्था के लिए अच्छा संदेश है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गांव की महिलाएं है। यह देखकर अच्छा लगा कि पहले गांव में मासिक धर्म के बारे में बात करने से लोग संकोच करते थे। महिलाओं को स्वस्थ रहने के लिए उन्हें मासिक धर्म के बारे में जागरुक होना चाहिए, ऐसे में संगिनी सहेली ग्रामीण महिलाओं की सहेली बन उन्हें मासिक धर्म के बारे में जागरुक करा रही है।

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में पहुंचे सीएम बघेल, पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना का किया ज़िक्र

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प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की सातवीं बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बैठक से संबन्धित एजेंडा बिन्दुओं के अतिरिक्त राज्यहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और विषयों पर अपनी बात रखी। वहीं, बैठक में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना का जिक्र भी किया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री ने विशेषकर गोधन न्याय योजना का जिक्र करते हुए कहा कि, गोबर से तैयार हो रहे वर्मी कम्पोस्ट खेतों की उत्पादकता बढ़ाने में सहायक है। कहा यह किसानों के हित में अच्छी योजना है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में नीति आयोग ने प्रदेश के आकांक्षी जिलों के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की है। लेकिन राज्य में संसाधनों की समस्याएँ अभी भी हैं, जिनका समाधान होना चाहिए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ अनाज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर है। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना लागू करने के साथ ही छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन गठित किया गया है। सीएम बघेल ने सुझाव दिया कि फसल विविधीकरण एवं दलहल, तिलहन का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए नवीन विकसित फसल क़िस्मों के नि:शुल्क बीज मिनी किट एवं ब्रीडर सीड बड़े पैमाने पर कृषि अनुसंधान संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अँग्रेजी माध्यम स्कूल की स्थापना सहित अच्छी गुणवत्ता की अधोसंरचना, उपकरण, शैक्षिक तथा पाठ्यसहगामी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।

वहीं, नगरीय प्रशासन पर चर्चा करते हुए श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने लगातार तीन वर्षों से राज्य स्वच्छ सर्वेक्षण में बाजी मारी है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में बेहतर कार्य किए गए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि शहरों के निकट स्थित ग्रामीण क्षेत्रों एवं 20 हजार से कम आबादी के शहरों में मनरेगा लागू की जाये। इसके अलावा उन्होंने बैठक में जीएसटी क्षतिपूर्ति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जीएसटी कर प्रणाली से राज्यों को राजस्व की हानि हुई है, आगामी वर्ष में राज्य को लगभग 5000 करोड़ के राजस्व की हानि की भरपाई की व्यवस्था केंद्र द्वारा नहीं की गयी है, इसलिए जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान को जून 2022 के पश्चात भी आगामी 05 वर्षों के लिए जारी रखा जाये। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विगत 3 वर्षों के केन्द्रीय बजट में छतीसगढ़ को केन्द्रीय करों में हिस्से की राशि 13,089 करोड़ कम प्राप्त हुए हैं। जिससे राज्य के संसाधनों पर अत्याधिक दबाव की स्थिति निर्मित हुई है। केन्द्रीय करों के हिस्से की राशि पूर्णतः राज्य को दी जाये।

सीएम बघेल ने कोल ब्लॉक कंपनियों से कोल उत्खनन पर 295 रुपये प्रति टन के मान से केंद्र के पास जमा राशि 4,140 करोड़ छत्तीसगढ़ को शीघ्र देने की मांग की। उन्होने कहा कि राज्य का लगभग 65 प्रतिशत खनिज राजस्व का स्रोत प्रदेश में संचालित लौह अयस्क खानें है। रॉयल्टी दरों में संशोधन राज्य के वित्तीय हित में आवश्यक है। श्री बघेल ने कोयला एवं अन्य मुख्य खनिजों की रॉयल्टी की दरों में संशोधन का अनुरोध किया। सीएम बघेल ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा पर होने वाला व्यय केंद्र शासन द्वारा वहाँ किया जाना चाहिए। नक्सल उन्मूलन के लिए राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती पर हुये सुरक्षा व्यय 11 हजार 828 करोड़ रुपये को केंद्र सरकार द्वारा वहन करते हुये राज्य को इस बकाया से मुक्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के वनांचल 10 आकांक्षी जिलों में 5 मेगावाट तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना में वन संरक्षण अधिनियम के तहत छूट देने का भी आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होने नवीन पेंशन योजना में जमा राशि की वापसी, जूट बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित करने सहित अन्य लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया।