छत्तीसगढ़ में ‘आई फ्लू’ के मामले बढ़े, प्रभावित बच्चों को स्कूली आने की मनाही

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छत्तीसगढ़ में ‘आई फ्लू’ के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर कहा है कि जिन बच्चों में यह समस्या है उन्हें स्कूल आने से मना किया जाए। उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि राज्य में ‘आई फ्लू’ के 19 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। सिंहदेव के पास स्वास्थ्य विभाग भी है। उन्होंने बताया, राज्य में आई फ्लू से 19,873 व्यक्ति पीड़ित हैं। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। आई फ्लू से पीड़ित व्यक्ति तीन से सात दिन के भीतर स्वस्थ हो जाते हैं।

बच्चों में ‘आई फ्लू’ के अधिक प्रकोप को लेकर उन्होंने कहा, स्कूलों को बंद नहीं किया जाएगा, इससे पढ़ाई प्रभावित होगी। जिन बच्चों को आंख में तकलीफ है उन्हें स्कूल आने से मना किया जा रहा है। राज्य के अधिकारियों ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारियों को ‘आई फ्लू’ तथा मौसमी बीमारी के संबंध में निर्देश जारी किया है। उन्होंने बताया कि जिन स्कूलों के बच्चों में ‘आई फ्लू’ की समस्या है उन्हें स्कूल आने से मना करने तथा उन्हें घर में रहने की सलाह देने के लिए कहा गया है। सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में मौसमी बीमारी से बचाव के उपाय तथा जागरूकता फैलाने को कहा गया है।

लोक शिक्षण संचालनालय से जारी पत्र में कहा गया है कि ‘आई फ्लू’ या कंजक्टिवाइटिस की जांच और उपचार की सुविधा चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है। पत्र में कहा गया है कि कंजक्टिवाइटिस संक्रामक बीमारी है जो सम्पर्क से फैलती है। इसलिए मरीज को अपनी आंखों को हाथ न लगाने की सलाह देनी चाहिए। रोगी से हाथ मिलाने से बचकर और उसकी उपयोग की चीजें अलग कर इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है।

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