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सीएम भूपेश बघेल का बड़ा आदेश छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2022 तक गड्ढा मुक्त हों सड़कें

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रायपुर। सड़क हादसों को देखते हुए छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने बड़ा आदेश दिया है। सीएम बघेल ने छत्तीसगढ़ में आगामी दिसंबर माह तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को कहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य में अनेक जगहों पर खराब सड़कों की शिकायतों पर सख्त रवैया अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि, सड़कों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। मुझे खस्ताहाल सड़कों को लेकर कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। इसके लिए जिला कलेक्टरों को नोडल अधिकारी के रूप में काम करने को कहा है।

कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन आज मुख्यमंत्री श्री बघेल ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राज्य के अनेक स्थानों पर खराब सड़कों की शिकायतों पर तल्ख रूख दिखाया। उन्होंने खराब सड़कों को शीघ्र बनाने के सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने 6181 किलोमीटर की सड़कों में तत्काल पैचवर्क करके ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कड़े शब्दों में कहा कि, दिसंबर 2022 तक राज्य की सड़कों को गड्ढा मुक्त करें। सड़क मरम्मत के लिए बजट की कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि, खराब सड़कों की मरम्मत का कलेक्टर स्वयं मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में हिदायत देते हुए कहा कि, दौरे पर जाऊंगा तो खराब सड़कों की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। सड़क हर हाल में बनना चाहिए। सड़क किसी भी विभाग की हो, मुझे कोई बहाना नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर दुबारा चर्चा नहीं करने की बात की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सड़क निर्माण की सभी संस्थाओं को आपस में कोआर्डिनेट करने के निर्देश दिए। इस कार्य में कलेक्टर्स नोडल अधिकारी के रूप में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि, किसी विभाग को सड़क निर्माण में दिक्कत है तो वो एनओसी दे, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग काम करेगा। मुख्यमंत्री ने तल्ख लहजे में कहा कि, सड़कों का निर्माण प्राथमिकता है, कौन सा विभाग निर्माण करता है ये मायने नहीं रखता।

छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था बनाए रखें कलेक्टर और एसपी, रात में करें गश्त : सीएम बघेल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों को कानून व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त बनाए रखने के लिए समन्वय से कार्य करने तथा पुलिस अधीक्षकों को नियमित रूप से रात में गश्त करने के निर्देश दिए हैं। सीएम बघेल ने दो दिवसीय कलेक्टर व एसपी कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के भीतर एवं पड़ोसी राज्यों से आने वाले नशीले पदार्थों पर कड़ी निगरानी रखें और इनकी तस्करी को जड़ से खत्म करें।

नशे के नेटवर्क को जड़ से ख़त्म करने के लिए पुलिस सख्त कार्रवाई करे और इसके लिए पड़ोसी राज्यों से भी हर स्तर पर जरूरी समन्वय करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि नशे का सामान आसानी से क्यों उपलब्ध हो रहा है। उन्होने नशे की सामग्री की उपलब्धता पर पड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि महिला एवं बच्चों से सम्बंधित अपराधों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि अनूसूचित जाति, जनजाति के विरुद्ध अपराधों पर पीड़ित को सहायता राशि शीघ्रता से उपलब्ध कराएं और चाकूबाजी की घटनाओं पर भी तेजी से कार्रवाई करें। उन्होने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए कि ऐसी घटनाएं बिल्कुल भी ना हों और अपराधियों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएं।

सीएम बघेल ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से विजिबल पुलिसिंग पर फोकस करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी एसपी स्वयं रात्रि गश्त में निकलें। उन्होंने कहा कि महिलाओ के विरुद्ध अपराधों को रोकने के लिए राज्य में जल्द ही महिला गश्त पीसीआर वाहनों की शुरूआत की जाएगी। पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने कांफ्रेंस की शुरुआत में राज्य में अपराध की स्थिति और चिटफंड कंपनियों पर की गई कार्रवाई के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तार से जानकारी दी। चिटफंड के मामलों में धीमी कार्रवाई पर मुख्यमंत्री सीएम बघेल ने नाराजगी जताई और चिटफंड कंपनियों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होने निर्देश दिया कि चिटफंड कंपनियों की अन्य प्रदेशों में संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई करें और कोर्ट के माध्यम से ऐसे मामलों में शीघ्र कुर्की कराएं।

सीएम बघेल ने वादा किया पूरा, छत्तीसगढ़ में टॉपर छात्र-छात्राओं ने भरी हेलीकॉप्टर की उड़ान

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने अपना वादा निभाया है। छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की मेधा सूची में जगह बनाने वाले 125 छात्र-छात्राओं ने हेलीकॉप्टर से सैर की। जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप राज्य में पहली बार कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी बच्चों को अनूठे अंदाज में सम्मानित किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की वर्ष 2021-22 की वार्षिक परीक्षा में 10वीं और 12वीं की मेधा सूची में स्थान बनाने वाले 125 छात्र-छात्राओं को हेलीकॉप्टर से सैर कराई गई। इनमें कक्षा 10वीं के 90 और कक्षा 12वीं के 35 छात्र-छात्राएं शामिल थे। उन्होंने बताया, स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना’ के तहत प्रतिभा सम्मान समारोह-2022 के आयोजन में सात सीट वाले हेलीकॉप्टर में एक बार में सात विद्यार्थियों को सैर कराई गई। छात्र-छात्राओं ने रायपुर और नवा रायपुर क्षेत्र के ऊपर उड़ान भरी। हेलीकॉप्टर से सैर के बाद राजनांदगांव के संस्कार हायर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा 10वीं में 97.6 प्रतिशत अंक के साथ शीर्ष दस में जगह हासिल करने वाली छात्रा यामिनी कुंजाम ने कहा, “मैंने सिर्फ सपना ही देखा था कि हेलीकॉप्टर में बैठूंगी, लेकिन आज मेरा सपना पूरा हो गया। मैं बहुत खुश हूं।

वहीं, नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के अबुझमाड़ स्थित स्वामी विवेकानंद विद्यापीठ के छात्र देवानंद कुमेटी ने कहा, “मैंने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। मैं जहां रहता हूं, वहां सूरज की रोशनी भी मुश्किल से पहुंचती है, लेकिन आज मैंने हेलीकॉप्टर से खुले आसमान में उड़ान भरी। यह मेरे जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक था। अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला और सचिव एस भारतीदासन ने पुलिस परेड मैदान स्थित हेलीपैड पहुंचकर सम्मानित होने वाले सभी मेधावी छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

टेकाम ने छात्र-छात्राओं को कहा कि मुख्यमंत्री ने पढ़ाई के प्रति आपकी लगन के लिए आप सभी को हेलीकॉप्टर से सैर का उपहार दिया है, अब आगे भी आप सभी को अच्छे से पढ़ाई करनी है और बड़े-बड़े पदों पर बैठना है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में भेंट-मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने पांच मई को घोषणा की थी कि इस बार कक्षा 10वीं और 12वीं के टॉपरों को हेलीकॉप्टर की सैर कराई जाएगी। मुख्यमंत्री की इसी घोषणा पर अमल करते हुए शनिवार सुबह मेधावी विद्यार्थियों को हेलीकॉप्टर की सैर कराई गई।

आसाम बाढ़ मुक्त परियोजना हो रही तैयार, बस तीन साल का और इंतजार : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह

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आसाम पहुंचे केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा के नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में बाढ़ की शाश्वत समस्या का पूर्ण समाधान करने के लिए पांच साल का समय मांगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक आपदा को इतिहास का हिस्सा बनाने का प्रयास कर रही है। शाह ने कहा कि इस समय एक महत्वाकांक्षी बाढ़ मुक्त परियोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा, भाजपा के घोषणापत्र में, हमने आतंकवाद, भ्रष्टाचार और बाढ़ मुक्त असम का वादा किया था। हमने प्रथम दो लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। हमें और पांच साल दीजिए, हम असम को बाढ़ मुक्त बना देंगे। उल्लेखनीय है कि तकरीबन हर वर्ष, असम में बाढ़ तीन-चार बार तबाही मचाती है। राज्य सरकार की वेबसाइट के मुताबिक, इस आपदा से औसत वार्षिक नुकसान 200 करोड़ रुपये का होता है। शाह ने कहा कि इस समस्या के बारे में शुक्रवार शाम विभिन्न हितधारकों के साथ विस्तार से चर्चा की और पूर्वोत्तर परिषद के तत्वाधान में एक महत्वाकांक्षी परियोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा, पांच वर्षों में बाढ़ इतिहास बन जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम को बाढ़ मुक्त राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी आंतरिक सुरक्षा में यकीन रखती है इसलिए सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम,1958 (आफ्सपा) जैसे कानून की समाज में जरूरत नहीं है और इसे पूर्वोत्तर क्षेत्र के करीब 80 प्रतिशत क्षेत्र से हटा लिया गया है।

उन्होंने कहा, आफ्सपा सेना और सुरक्षा बलों के लिए कवच है। राहुल गांधी ने घोषणा की थी कि यदि उनकी पार्टी (कांग्रेस) सत्ता में आती है तो आफ्सपा हटा लिया जाएगा। मैंने कहा था कि सुरक्षा बलों को मजबूत किये जाने की जरूरत है। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा पर तंज कसते हुए शाह ने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान असम को अलविदा कहा था और कांग्रेस यह भूल गई कि पूर्वोत्तर अस्तित्व में है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र आकार में उत्तर प्रदेश से तीन गुना बड़ा है और यह अलगाववादी एवं उग्रवादी गतिविधियों वाला रहा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को तोड़ने की कोशिशों को खामोशी से देखा। सिर्फ मोदी ने इस स्थान के लिए और पूर्वोत्तर को एकजुट करने के लिए काम किया। शाह ने कहा, कांग्रेस और भारत जोड़ो यात्रा पर जाने वाले लोग सुन लीजिए। यह इस बात का उदाहरण है कि कैसे पूर्वोत्तर को एक भाषण तक दिये बगैर एकजुट किया गया।

छत्तीसगढ़ में बच्चा चोर समझकर विक्षिप्त के साथ मारपीट, तीन गिरफ्तार

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दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक विज्ञिप्त व्यक्ति को बच्चा चोर समझकर कथित तौर पर उसकी पिटाई करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीड़ित विज्ञिप्त को उपचार के लिए मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सालय भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दुर्ग जिले के मचांदूर थाना क्षेत्र के खोपली गांव में विक्षिप्त व्यक्ति को बच्चा चोर समझकर कथित तौर पर उसकी पिटाई करने के आरोप में पुलिस ने गांव के भेमेंद्र चंद्राकर (37), विकास बंजारे (20) और करण नारंग (33) को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस को बृहस्पतिवार को खोपली गांव में एक विक्षिप्त व्यक्ति के घूमने और उसके साथ ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने की सूचना मिली थी।

अधिकारियों के अनुसार, सूचना के बाद पुलिस दल को गांव के लिए रवाना किया गया। बाद में पुलिस दल ने विक्षिप्त व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि उसे किसी भी प्रकार की चोट नहीं पहुंची है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि गांव के कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की है। बाद में पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक, “पुलिस को जानकारी मिली है कि गांव में महिलाएं और बच्चे घर के बाहर बैठे थे, तभी कुछ लोग उस व्यक्ति को असामान्य स्थिति में देखकर किसी अनहोनी की आशंका के चलते उसके साथ मारपीट करने लगे।

जब उस व्यक्ति ने प्रतिक्रिया दी, तब मामला और बिगड़ गया। अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सक से व्यक्ति के विक्षिप्त होने की जानकारी मिलने के बाद कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से अनुमति लेकर उसे इलाज के लिए बिलासपुर के सेंद्री गांव स्थित राज्य मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सालय भेजा गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है, किसी भी अनजान व्यक्ति, जिसे लेकर किसी प्रकार की शंका हो, उसे देखने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। अफवाहों से बचें और कानून को अपने हाथों में न लें।

छत्तीसगढ़ में महिला अपराध पर लगाम लगाएंगे महिला गश्त पीसीआर वाहन, सीएम बघेल ने दिया आदेश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओ के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए जल्द ही महिला गश्त पीसीआर वाहनों की शुरुआत की जाएगी। जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में शनिवार को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में दो दिवसीय कलेक्टर और एसपी (पुलिस अधीक्षक) सम्मेलन की शुरूआत हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि महिला और बच्चों से संबंधित अपराधों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करे।

उन्होंने कहा कि अनूसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध अपराधों पर पीड़ित को सहायता राशि शीघ्रता से उपलब्ध कराएं और चाकूबाजी की घटनाओं पर भी तेजी से कार्रवाई करें। उन्होने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए कि ऐसी घटनाएं बिल्कुल भी ना हों और अपराधियों के साथ ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य बर्दाश्त) की नीति अपनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के एसपी से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि पुलिस की उपस्थिति जनता महसूस करे और वे स्वयं रात्रि गश्त पर निकलें। उन्होंने कहा कि महिलाओ के विरुद्ध अपराधों को रोकने के लिए राज्य में जल्द ही महिला गश्त पीसीआर वाहनों की शुरुआत की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन की शुरुआत में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने राज्य में अपराध की स्थिति पर मुख्यमंत्री को जानकारी दी। जुनेजा ने चिटफंड कंपनियों पर की गई कार्रवाई के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चिटफंड के मामलों में धीमी कार्रवाई पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जतायी और चिटफंड कंपनियों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि चिटफंड कंपनियों की अन्य प्रदेशों में संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई करें और अदालत के माध्यम से ऐसे मामलों में शीघ्र कुर्की कराएं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से चिटफंड कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए निवेशकों की लगभग 40 करोड़ रुपये की राशि लौटाई जा चुकी है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के भीतर और पड़ोसी राज्यों से आने वाले नशीले पदार्थों पर कड़ी निगरानी रखें तथा इनकी तस्करी को जड़ से खत्म करें। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बचे हुए राजनीतिक मुकदमों, आदिवासियों के विरूद्ध दर्ज मुकदमों की वापसी में तेजी लाने, नक्सल क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने, ऑनलाइन सट्टा पर पूरी तरह से रोक लगाने तथा अवैध धान परिवहन पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया।

बस्तर फाइटर्स की नियुक्ति के साथ ही शांति-सुरक्षा और विकास की नई शुरुआत : भूपेश

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बस्तर फाइटर्स की नियुक्ति के साथ ही बस्तर में शांति-सुरक्षा और विकास की नई शुरुआत हुई हैं। सीएम बघेल ने यहां सशस्त्र पुलिस प्रशक्षिण विद्यालय में नवनियुक्त आरक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बस्तर में शांति-सुरक्षा के साथ बस्तर के चहुंमुखी विकास में योगदान देना फाइटर्स के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होगी और पूरा विश्वास है कि बस्तर के युवा इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि बस्तर पूर्व में ही शांति के टापू के नाम से जाना जाता था, परंतु लाल आतंक के कारण यहां विकास की प्रक्रिया थम सी गई थी। आज परिस्थितियां बदल गई हैं और नक्सलवाद काफी हद तक सिमट गया है। अब शीघ्र ही यह अपने शांति के टापू के नाम को सार्थक करेगा।

उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं को मुख्य धारा में लाने के लिए राज्य शासन द्वारा बस्तर फाइटर्स की नियुक्ति की गई है, जिसमें संभाग के सभी जिले के युवाओं को मौका मिला है। बस्तर संभाग के सभी जिलों के स्थानीय युवाओं की भर्ती के लिए 2100 पदों का सृजन किया गया। स्थानीय युवाओं को नियुक्त करने का प्रमुख उद्देश्य जनता के बीच विश्वास कायम करना था। अब इन युवाओं का आत्मवश्विास, जोश व जुनून देखकर बहुत खुशी हो रही है। सीएम बघेल ने कहा कि विगत वर्षों में बस्तर में विकास की एक नई बयार चली है और राज्य शासन ने बस्तर के विकास को अब सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर पूरा ध्यान दिया है, जिसके कारण ग्रामीणों में शासन के प्रति एक नया वश्विास, नया भरोसा पैदा हुआ है।

इस दौरान नव प्रशिक्षु आरक्षकों ने भी अपने अनुभव और नियुक्ति के उद्देश्य के संबंध में मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बस्तर फाइटर्स में युवक-युवतियों के साथ-साथ 09 ट्रांसजेंडरों को भी नियुक्त दी गई है, जो कि देश में पहली भर्ती कही जा सकती है। इसके पहले मुख्यमंत्री के पहुंचने पर महिला आरक्षकों के बैंड दल द्वारा स्वागत के लिए मधुर प्रस्तुति दी गई। साथ ही पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा और आईजी पी. सुंदरराज द्वारा बस्तर फाइटर्स की भर्ती के बारे में जानकारी दी, कि राज्य शासन द्वारा बस्तर संभाग के अन्तर्गत बस्तर फाइटर्स नामक विशेष बल के गठन हेतु कुल 2800 नवीन पदों की स्वीकृति दी गई है।जिसमें राजपत्रित और अराजपत्रित पुलिस अधिकारियों सहित प्रधान आरक्षक तथा आरक्षक के पद सम्मिलित किए गए हैं। वर्तमान में उक्त स्वीकृति के अनुरूप संभाग के सभी जिलों से कुल 2100 पुलिस आरक्षकों के पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। उक्त विशेष बल के गठन से वनांचल में शांति स्थापना सहित सुरक्षा और विकास कार्यों को बढ़ावा देने के साथ ही नक्सल उन्मूलन अभियान को गति मिलेगी।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में लगा देश का सबसे बड़ा मिलेट प्रसंस्करण प्लांट, सीएम बघेल ने किया शुभारंभ

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रायपुर। छत्तीसगढ़़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में स्थापित देश के सबसे बड़े मिलेट (मोटा अनाज) प्रसंस्करण संयंत्र की शुरूआत की। जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में स्थापित इस मिलेट प्रसंस्करण उद्योग की शुरूआत की। छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से मिलेट मिशन के तहत कांकेर जिले के नाथिया नवागांव में अवनी आयुर्वेदा प्राइवेट लिमिटेड ने कोदो-कुटकी-रागी की प्रसंस्करण तथा इससे संबंधित मूल्य-वर्द्धित उत्पाद इकाई स्थापित की है।

इस इकाई में कोदो-कुटकी-रागी से चावल तथा दलिया, सूजी, आटा सेवई, पास्ता, सूप मिक्स, बिस्किट, कुकीज और लड्डू बनाया जाएगा। इस इकाई की वार्षिक प्रसंस्करण क्षमता 10 से 12 हजार टन है। छत्तीसगढ़ शासन के मिलेट मिशन के अंतर्गत स्थापित इस इकाई को प्रोत्साहन के लिए सब्सिडी भी दी जायेगी। प्रसंस्करण इकाई के लिए प्रतिदिन लगभग 35-40 टन कोदो-कुटकी-रागी की जरूरत होगी। इस इकाई के लिए कच्चा माल छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा, जिसके लिए छत्तीसगढ़ शासन तथा अवनी आयुर्वेदा के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इस इकाई की स्थापना से 100 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा तथा छत्तीसगढ़ राज्य के हजारों किसान भी लाभान्वित होंगे। छत्तीसगढ़ के 20 से अधिक जिलों में मिलेट्स का उत्पादन होता है और इस इकाई की स्थापना से महिला समूहों और युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बस्तर जिले के धुरागांव में इमली प्रसंस्करण संयंत्र की भी शुरुआत की। इस संयंत्र में प्रतिदिन 10 टन इमली गुदा, पांच टन इमली चपाती और तीन टन इमली बीज का पाउडर बनाने की क्षमता है।

छत्तीसगढ़ में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान पथराव, दो नाबालिग समेत 15 गिरफ्तार

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शुक्रवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान आगे बढ़ने को लेकर हुए विवाद के बाद दो दुर्गा समितियों ने एक दूसरे पर पथराव कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है तथा दो नाबालिगों को भी पकड़ा है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान आगे बढ़ने को लेकर दो समिति के सदस्य आपस में भीड़ गए। इस घटना में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया तथा दो नाबालिगों को भी पकड़ा है।

उन्होंने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि शुक्रवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुबह लगभग साढ़े चार बजे शहर के चिंगराजपारा सरकंडा की दुर्गा समिति ”मां आदर्श दुर्गोत्सव समिति रपटा चौक” और देवकीनंदन चौक से ”कुदुदंड शिव दुर्गोत्सव समिति” सिम्स चौक पहुंची। सिम्स चौक में आगे बढ़ने को लेकर चिंगराजपारा दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों ने विवाद शुरू कर दिया। इस दौरान चिंगराजपारा के दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों ने कुदुदंड शिव दुर्गोत्सव समिति के लोगों और उनकी गाड़ियों पर पथराव कर दिया, जिससे उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई तथा दुर्गा समिति के सदस्यों को चोट पहुंची।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद दोनों समिति के सदस्य प्रतिमाओ को लेकर विसर्जन के लिए आगे बढ़ गए। सुबह करीब छह बजे शहर के करोना चौक के करीब कुदुदंड समिति के सदस्यों और उनकी गाड़ियों पर सरकंडा क्षेत्र के लोगों ने हमला कर दिया। इस घटना में वाहन क्षतिग्रस्त हो गए तथा समिति के लोगों को चोट पहुंची। उन्होंने बताया कि घटना के बाद दोनों दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों ने सिटी कोतवाली थाना में मामला दर्ज कराया। इस मामले में पुलिस ने दोनो पक्षों के 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा दो नाबालिगों को भी पकड़ा है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

छत्तीसगढ़ में 15 साल की लड़की से रेप, युवती समेत चार गिरफ्तार, दो फरार

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 15 वर्षीय बालिका से बलात्कार के मामले में पुलिस ने एक युवती और तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दो आरोपी फरार हैं। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के चिरमिरी और बिलासपुर में लगभग चार माह पहले एक बालिका से बलात्कार के मामले में पुलिस ने प्रीति पांडेय (23), अनुराग शुक्ला (22), शाहनवाज (23) और राजा उर्फ इमरान उर्फ बिट्टू (20) को गिरफ्तार किया है। इस मामले के दो आरोपी फरार हैं। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को बालिका और उसकी मां ने पुलिस में शिकायत की तब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बालिका ने पुलिस में शिकायत की है कि चार माह पहले प्रीति पांडेय उसे अपने साथ बिलासपुर लेकर गई थी। वहां प्रीति ने बालिका को एक होटल में चिरमिरी क्षेत्र निवासी अनुराग शुक्ला, शाहनवाज और एक अन्य युवक के हवाले कर दिया था। उन्होंने बताया कि इस घटना के कुछ दिनों बाद चिरमिरी के एक ढाबा में उस बालिका से चिरमिरी क्षेत्र निवासी राजा उर्फ इमरान और एक अन्य युवक ने भी बलात्कार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बालिका और उसकी मां की शिकायत पर पुलिस ने प्रीति, अनुराग, शाहनवाज और इमरान को गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं, इस मामले के दो आरोपी फरार हैं। इधर, कुछ स्थानीय मीडिया के अनुसार शाहनवाज कथित तौर पर युवा कांग्रेस का नेता है। हालांकि, राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस की युवा शाखा ने इस बात से इनकार किया कि वह उनकी पार्टी का नेता या पदाधिकारी है। रायपुर में युवा कांग्रेस के नेता आकाश शर्मा ने कहा, ”वह (शाहनवाज) युवा कांग्रेस का पदाधिकारी या नेता नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।