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सीएम भूपेश बघेल की पहल, छह अक्टूबर से 6 जनवरी तक होंगे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल, तैयारी शुरू

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रायपुर। सीएम भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल गतिविधियों को ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों का आयोजन पहली बार आगामी 06 अक्टूबर 2022 से 06 जनवरी 2023 तक किया जा रहा है। इन खेलों की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। तैयारियों के सिलसिले में मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2022-23 के आयोजन के लिए गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने बैठक में विभागीय अधिकारियों से कहा कि जिन स्थानों पर आयोजन समितियों का गठन नहीं किया गया है वहां 5 अक्टूबर से पहले सभी स्तरों पर आयोजन समितियों का गठन कर लिया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि 6 अक्टूबर से राजीव युवा मितान क्लब स्तर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों का आयोजन किया जा रहा है, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। खेल प्रतियोगिताएं नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पृथक-पृथक होंगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को खेलों के सफल आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है।

मुख्य सचिव ने सभी स्तरों की प्रतियोगिताओं के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। सभी स्तर पर खेल मैदान, आयोजन स्थल का निर्धारण, आवश्यक खेल सामग्री, उपकरण, रेफरी, निर्णायक, प्राथमिक उपचार, पेयजल, साफ-सफाई एवं चलित शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, नियमावली-गाईडलाइन के आधार पर प्रत्येक स्तर पर रेफरी एवं निर्णायकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था और खेलों के आयोजन हेतु प्रचार-प्रसार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

खेल-प्रतियोगिताएं 2 श्रेणियों में होंगी

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की मार्गदर्शिका एवं कार्ययोजना के तहत खेल प्रतियोगिताएं दो श्रेणी में होंगी। इसमें खेल विधाओं के अनुसार दलीय एवं एकल श्रेणी निर्धारित की गई है। दलीय श्रेणी में गिल्ली डंडा, पिठूल, सांखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी छत्तीसगढ़िया खेल विधाएं शामिल हैं। एकल श्रेणी में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ एवं लम्बी कूद शामिल हैं।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों का आयोजन 6 स्तर पर होगा

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों के 6 स्तर निर्धारित किये गये है। इसके अनुसार पहले ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र स्तर पर राजीव गांधी युवा मितान क्लब में खेलों का आयोजन नाकआउट पद्धति से होगा। दूसरा स्तर जोन है जिसमें आठ राजीव युवा मितान क्लब को मिलाकर एक क्लब होगा। तीसरे स्तर पर विकासखण्ड तथा नगरीय क्लस्टर स्तर, जिला, संभाग और अंत में राज्य स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक खेलों में हो सकेंगे शामिल

खेलों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक भाग लेंगे। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग और तीसरा वर्ग 40 वर्ष से अधिक उम्र के लिए है। इन प्रतियोगिता में महिला एवं पुरूष दोनों वर्ग में प्रतिभागी होंगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आयोजित बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण रेणु जी पिल्ले, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग एस. भारतीदासन, संचालक नगरीय प्रशासन अयाज तम्बोली, विशेष सचिव वित्त शीतल शाश्वत वर्मा, संचालक जनसम्पर्क सौमिल रंजन चौबे, खेल एवं युवा कल्याण संचालक श्वेता सिन्हा सहित वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

ज्योतिरादित्य सिंधिया और सीएम भूपेश बघेल ने बिलासपुर-इंदौर विमान सेवा का किया शुभारंभ

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संयुक्त रूप से बिलासपुर-इंदौर विमान सेवा का वर्चुवल शुभारंभ किया। सीएम बघेल ने इस मौके पर वर्चुवल सम्बोधन में कहा कि बिलासपुर से अन्य बड़े शहरों जैसे मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलोर के लिए भी विमान सेवा प्रारम्भ की जाए। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द एयरपोर्ट रायपुर से अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा प्रारम्भ करने और यहां अंतर्राष्ट्रीय कार्गो हब की स्थापना के लिये केंद्रीय मंत्री सिंधिया से आग्रह करते हुए कहा कि रायपुर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय मानक अनुसार तैयार किया जा चुका है।

उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि इसके लिए राज्य शासन द्वारा रायपुर एयरपोर्ट के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को 461.20 एकड़ भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई गई है। जिस पर रनवे विस्तार, नवीन टर्मिनल भवन निर्माण, एटीसी टॉवर निर्माण कर इसे अंतर्राष्ट्रीय मानक अनुसार तैयार किया जा चुका है। एयरपोर्ट विकास के लिए भूमि की लंबित मांग, एयरपोर्ट परिसर के सुरक्षा सबंधी समस्याओं का राज्य शासन द्वारा समाधान कर लिया गया है। जिससे रायपुर एयरपोर्ट अब अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए तैयार है। सीएम बघेल ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया से रिजनल कनेक्टिविटी योजनांतर्गत अंबिकापुर से बिलासपुर, रायपुर को जोड़ते हुए निकटवर्ती प्रमुख शहरों वाराणसी, रांची, पटना, भुवनेश्वर जैसे शहरों के लिये विमान सेवा प्रारम्भ करने का आग्रह भी किया।

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ में विमानन सेवाओं के विस्तार के लिए केंद्र की ओर से हर संभव मदद देने के लिए तत्पर है। उन्होंने इस नई विमान सेवा के प्रारंभ होने पर बिलासपुर और इंदौर नगर वासियों को बधाई देते हुए कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट में नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उचित है, एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी। सीएम बघेल ने इस पर उन्हें बताया कि राज्य सरकार द्वारा चकरभाटा एयरपोर्ट से लगी हुई 1000 एकड़ भूमि सेना को दी गई थी, लेकिन इसका उपयोग नहीं किए जाने के कारण इस भूमि को वापस लेने का प्रयास राज्य सरकार कर रही है, भूमि वापस होने पर चकरभाटा एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि उपलब्ध करा दी जाएगी।

गौठानों को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के तौर पर विकसित करेगी छत्तीसगढ़ सरकार, सीएम बघेल ने की योजना की शुरुआत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को एक योजना शुरू की, जिसके तहत गौठानों (गांवों में गौशालाओं) को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। बघेल ने महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर यहां अपने आधिकारिक आवास पर महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (एमजीआरआईपी) योजना की शुरूआत की। जनसंपर्क विभाग के अधिकारी ने बताया, कार्यक्रम के पहले चरण में राज्य भर में ऐसे 300 पार्क विकसित किये जा रहे हैं, जिसके लिए चालू वित्त वर्ष के बजट में 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

राज्य सरकार ने अपनी सुराजी गांव योजना (ग्राम सुशासन योजना) के तहत, 8,000 से अधिक गांवों में गौठान स्थापित किए हैं, जहां गोधन न्याय योजना के तहत दो रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदे गए गोबर का उपयोग केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट) तैयार करने के लिए किया जा रहा है। इसी साल जुलाई में चुनिंदा गौठानों में चार रुपये प्रति लीटर की दर से गोमूत्र की खरीद की भी शुरूआत की गई थी।

एमजीआरआईपी के तहत चयनित गौठानों को अब ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां केंचुआ खाद उत्पादन के अलावा मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियां भी की जाएंगी। राज्य के प्रत्येक विकास खंड में पहले चरण में दो ग्रामीण औद्योगिक पार्क होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग योजना का प्रबंधन करेगा। अधिकारी ने कहा कि यह योजना गौठान से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी।

केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने डॉ. विष्णु मित्तल की पुस्तक का किया विमोचन, बोले-गांव के लिए सबसे ज्यादा योजनाएं मोदी सरकार में बनी

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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि गांव के लिए सबसे ज्यादा योजनाएं मोदी सरकार में बनी हैं और इसका सीधा लाभ आम जनता को मिला है। गोयल ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समस्याओं के समाधान में यकीन करते हैं। पीयूष गोयल दिल्ली में डॉक्टर विष्णु मित्तल द्वारा लिखी गई पुस्तक ऐसे थे भारत के गांव के विमोचन करते हुए बोल रहे थे। गोयल ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी पहले के प्रधानमंत्री की तरह नही हैं जो यह कहकर हाथ खड़े कर देते थे कि सौ रुपया भेजते हैं तो नीचे तक पंद्रह रुपए ही पहुंचता है। बल्कि पीएम मोदी जो कहते हैं वह शत प्रतिशत नीचे तक पहुंचता है। उन्होंने कहा, आज मोदी सरकार में 25 लाख करोड़ रुपए देश के गरीब जरूरतमंद तक विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के तहत सीधे उनके खातों तक पहुंचे हैं।

गांधी स्मृति के सत्याग्रह मंडप में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल, प्रख्यात पत्रकार राम बहादुर राय, सांसद रमेश विधूड़ी, बिजेंद्र गुप्ता सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित थे। पीयूष गोयल ने कहा कि मोदी जी आज योजनाओं की घोषणा ही नही करते बल्कि उसका शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हैं।
उन्होंने कहा कि गांव पर लिखी गई डॉक्टर विष्णु मित्तल की पुस्तक हम जैसे लोगों के लिए बहुत लाभदायक है जिनका जन्म गांव में हुआ और अधिकांश जीवन शहरो में बीता है। प्रख्यात पत्रकार राम बहादुर राय ने कहा देश के ग्रामीण और पंचायत मंत्रियों को यह पुस्तक पढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज महात्मा गांधी होते तो उन्हे भी बहुत प्रसन्नता होती।

किताब का किया लोकार्पण

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने डॉ. विष्णु मित्तल की पुस्तक ‘ऐसे थे भारत के गांव’ का लोकार्पण किया। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने गांवों की धरोहर और भारत की देशज ज्ञान परंपरा को पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पुस्तक के विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि गांव हमारी जिंदगी की ऐसी धरोहर हैं, जिन्हें शहर का हर व्यक्ति शिद्दत से याद करता है और जिंदगी की भागदौड़ से जब भी उसे थोड़ा सा वक्त मिलता है तो वह अपने गांव की ओर लौटने की ख्वाहिश रखता है। विशिष्ट अतिथि, वरिष्ठ पत्रकार एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने गांव से जुड़े महत्वपूर्ण और अनछुए विषय को उठाने के लिए पुस्तक के लेखक डॉ. विष्णु मित्तल की तारीफ की और उम्मीद जतायी कि यह पुस्तक ऐसे हर व्यक्ति की आवाज बनेगी, जो अपने गांव की धरोहर, परंपराओं और जीवन शैली को संजों कर रखना चाहता है। इस अवसर पर प्रभात प्रकाशन के निदेशक, प्रभात कुमार और पीयूष कुमार,समेत साहित्य और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े कई उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में किताब के लेखक डॉ. विष्णु मित्तल सभी गणमान्य अतिथियों का धन्यवाद किया।

मेहनत और समर्पण से स्व-रोजगार गढ़कर स्वावलंबी बनना गांधी जी का रास्ता : सीएम भूपेश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा हैं कि मेहनत और समर्पण से स्व-रोजगार गढ़कर स्वावलंबी बनना गांधी जी का रास्ता हैं। सीएम बघेल ने गांधी जयंती के अवसर पर यहां ‘गांधी, युवा और नये भारत की चुनौतियां’ विषय पर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा संगोष्ठी में कहा कि आज का दिन गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी को याद करने का दिन है। महात्मा गांधी ने अपने जीवनकाल में जिन चीजों का प्रयोग किया गया, वह सभी वर्धा में स्थित मगन संग्रहालय में रखा गया है। उन्होंने चरखा, कृषि औजारों पर लगातार शोध करवाया। कार्यों को और उत्कृष्ट ढंग से करने के लिए प्रोत्साहन पूर्ण आयोजन उस समय गांधी जी ने करवाए। पूरी दुनिया में जितनी भी क्रांति हुई है, वह युवाओं से हुई है, अन्याय के विरुद्ध प्रतिशोध की भावना जागृत हुई, परिवर्तन की अलख जगी। गांधी जी ने स्वावलंबन, प्रेम, सत्य, अहिंसा का रास्ता दिखाया और आजादी दिलाई।

उन्होंने कहा कि गांधी जी ने वस्त्र इसलिए त्यागे क्योंकि उन्होंने हिन्दुस्तान की न्यूनतम आवश्यकताओं की परम्परा का निर्वहन किया। अगर आगे बढ़ना है तो हमें भी न्यूनतम आवश्यकताएं रखनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपना समय और ऊर्जा नये विचारों और कामों के लिए खर्च करें। गांधी जी चाहते थे युवा आत्मनिर्भर बनें, स्वावलंबी बनें, आगे बढ़ें, इन्हीं विचारों को लेकर गांधी जी भी आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि गांधी ने अहिंसा, सत्य और प्रेम से लड़ाई लड़ी। मेहनत और समर्पण से स्व-रोजगार गढ़कर स्वावलंबी बनना गांधी जी का रास्ता है। उन्होंने जरूरतमंद और पीड़ित मानवता की सेवा का रास्ता दिखाया। जीवन का अनुभव पुस्तक के ज्ञान पर भी भारी पड़ता।

सीएम बघेल ने भेंट-मुलाकात के दौरान मिले बालोद के युवा किसान दिव्यांग धुर्वे का उदाहरण देकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया और कहा कि मेहनत ही गांधी जी का बताया रास्ता है। उन्होंने कहा कि मेहनतकश स्व-सहायता समूहों की बहनों के चेहरे पर जो आत्मविश्वास का भाव है, वह हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। मेहनत से आत्मविश्वास आता है, जिससे बड़ी से बड़ी लड़ाई जीती जा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि गांधी जी ने कर्म और श्रम का सम्मान किया। वे किसानों के बीच जाकर खेतों में काम करते थे, चरखा चलाकर उन्होंने बुनकर का सम्मान किया। इसी तरह गांधी जी ने मेहनत और श्रम का सम्मान किया। श्रम के सम्मान से लाखों-करोड़ों लोग जुड़े और एकजुट होकर खड़े हुए, जिन्हें हराना मुश्किल था। हमें सामाजिक और आर्थिक रूप से आजादी प्राप्त करना अभी बाकी हैं। युवा हमारी ताकत हैं, युवा ऊर्जा को दिशा देने की जरूरत है। उन्हें अवसर देने के लिए सामूहिक और संगठित होकर प्रयास करने की जरूरत है।

सीएम बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने स्वावलंबन और स्वरोजगार की दिशा में अपने कदम बढ़ाए हैं। राज्य सरकार ने गोबर, गोमूत्र की खरीदी शुरू की है, अब तक 20 लाख क्विंटल वर्मी कंपोस्ट हम बना चुके हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा 8,500 खाद बनाने की फैक्टरी हमारे यहां हैं। इससे हमारा प्रदेश जैविक राज्य की ओर बढ़ रहा है। नौजवान जैविक कृषि से जुड़कर लाखों रुपए की आमदनी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कई काम हो रहे है। हमने वाटर रिचर्जिंग करना शुरु किया। हमने पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण से बचने के लिए किसानो से पैरा दान की अपील की। इससे जल, जंगल, जमीन की उपयोगिता बढ़ी है।

सीएम बघेल ने इस मौके पर आशीष सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ‘सोनाखान 1857’ और आमिर हाशमी द्वारा लिखित पुस्तक ‘जोहार गांधी’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, विधायक देवेन्द्र यादव, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के सचिव अन्बलगन पी, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित राजीव युवा मितान क्लब के लगभग साढ़े तीन हजार युवा सदस्य भी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ कोरोना अपडेट: 50 से नीचे आए कोविड-19 के मरीज, 91 लोगों का होम आइसोलेशन पूरा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस से 49 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही राज्य में तक कोविड-19 की चपेट में आने वालों की कुल संख्या 11,76,363 हो गई है। राज्य में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि आज पांच लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पताल से छुट्रटी दी गई जबकि 91 लोगों ने घर में पृथकवास पूरा किया। अधिकारियों ने बताया कि चार हजार 974 नमूनों की जांच में 49 व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं एवं संक्रमण दर 0.99 प्रतिशत रहा।

उन्होंने बताया कि आज राज्य के मुंगेली, धमतरी, जशपुर, महासमुंद और बलौदाबाजार से एक-एक, कोरबा और बिलासपुर से दो-दो, सरगुजा से तीन, बेमेतरा से चार, राजनांदगांव से पांच, कांकेर से छह, दुर्ग और रायपुर से सात-सात तथा बालोद से आठ मामले सामने आए। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 11,76,363 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 11,61,811 मरीज इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हो गए हैं। राज्य में फिलहाल 418 मरीज उपचाराधीन हैं एवं अबतक 14,134 लोगों की इस बीमारी के चलते मौत हुई है।

बिलासपुर में दशहरा तक नए कपड़े पहनेंगे बंगाली परिवार के लोग, जानें दुर्गा पूजा को लेकर क्या है मान्यता

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बिलासपुर। धर्म, कला एवं संस्कृति को परिलक्षित करती दुर्गा पूजा के प्रारंभ होने के साथ ही छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में इस त्योहार का उल्लास अपने चरम पर है। पारंपरिक हर्षोल्लास और श्रद्धाभाव से मनाई जाने वाली पांच दिवसीय दुर्गापूजा आज षष्ठी के दिन शुरू होकर पांच अक्टूबर विजयादशमी तक चलेगा। दुर्गापूजा की खरीदारी को लेकर पिछले माह से शबाब पर रही लोगों की खुमारी उतर चुकी है और यहां के मॉल एवं बाजारों में साड़ियां, धोती-कुर्ते, आभूषण, सौंदर्य प्रसाधन, मिठाइयों एवं उपहार सामग्रियों की दुकानों से बंगाली परिवारों की भीड़ छंट चुकी है तथा अब उनके कदम पूजा पंडालों की ओर बढ़ने और ढाक की थाप पर धूनी धुलूचि लिए नृत्य की लय के साथ झूमने को आतुर हैं।

दुर्गापूजा पर नए कपड़े पहनने का बंगाली परिवारों में आलम यह है कि गरीब से गरीब परिवार भी त्योहार के इन चार दिन नए कपड़े पहनते हैं। संपन्न वर्ग तो पहर के हिसाब से भी अपना लुक बदलते नजर आते हैं। आधुनिक परिधानों को तरजीह देने वाले महिला-पुरुष भी दुर्गा पूजा के दौरान विशेषकर महाअष्टमी के दिन पारंपरिक परिधान को प्रमुखता देते हैं। दुर्गा पूजा समूचे परिवार एवं समाज के लिए समारोह और खुशियों के आदान-प्रदान का मौका होता है और यही वह समय होता है जब लोग व्यस्तताओं से परे एक दूसरे से मिलने जुलते हैं और त्योहार की खुशियों की साझेदारी करते हैं।

दुर्गापूजा एवं नवरात्र के मौके पर पारंपरिक डांडिया का आयोजन भी एक प्रमुख आकर्षण होता है जिसमें सभी समुदाय के लोग शामिल होते हैं। मां दुर्गा की भक्ति एवं स्तुति को केंद्र में रखते हुए पूरे उल्लास के माहौल में महिला-पुरुष एवं बच्चे भी डांडिया नृत्य में हस्सिा लेते हैं। बिलासपुर स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम में पारंपरिक दुर्गापूजा के आयोजन का विशिष्ट महत्व है। प्रत्येक वर्ष की तरह यहां मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है और पांच दिनों तक यहां पूजा के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस मौके पर हजारों की संख्या में विभिन्न समाजों के महिला, पुरुष और बच्चे आश्रम में उपस्थित होते हैं और पूजा में अपनी भागीदारी निभाते हैं। दुर्गा पूजा की भव्यता तथा विशाल आकर्षक पंडालों की साजसज्जा गैर बंगाली समुदाय के लोगों को भी आकर्षित करती रही है और इनमें से बहुतेरे लोग इस समुदाय की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से करीब से रुबरू होने और मां दुर्गा के दर्शन के लिए पूजा पंडालों में उमड़ पड़ते हैं।

छत्तीसगढ़ में ऐसा क्या हुआ कि एक ही दिन में छह लोगों ने कर ली आत्महत्या, किसी ने घर में लगाई फांसी तो कोई पेड़ पर लटका मिला

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शुक्रवार को दो लड़कियों समेत छह लोगों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में एक युवक और युवती पेड़ पर फांसी से लटके मिले जबकि मस्तुरी थाना क्षेत्र के एक गांव में आधे घंटे के अंतराल में एक युवक और युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी। अधिकारियों के अनुसार सीपत थाना क्षेत्र के दो गांवों में दो लोगों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

रतनपुर थाना के प्रभारी शांत कुमार साहू ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार रात पोड़ी गांव के जंगल में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के निवासी बादल चौधरी (22) और 17 वर्षीय एक लड़की को पेड़ पर फांसी लटका पाया। साहू ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि युवक और लड़की 29 सितंबर को घर से कहीं चले गए थे। साहू के अनुसार पुलिस ने घटनास्थल से एक मोटरसाइकल बरामद किया गया है और पुलिस को आशंका है कि युवक और लड़की के मध्य प्रेम-संबंध था जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या की है।

मस्तुरी थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र के जैतपुर गांव में एक युवक गौरीशंकर भैना (18) और 17 वर्षीय एक लड़की ने आधे घंटे के अंतराल में फांसी लगाकर जान दे दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि गौरीशंकर ने शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे अपने घर में फांसी लगा ली जिसके कुछ देर बाद पड़ोस में एक लड़की ने भी अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उन्होंने बताया कि पुलिस को आशंका है कि प्रेम संबंध के कारण गौरीशंकर और लड़की ने अपनी जान दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जिले के सीपत थाना के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र के दो गांव कुली और मचखंडा में रामेश्वर यादव (65) और करण धनुवार (22) ने शुक्रवार को अपने-अपने घरों में फांसी लगा ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों मनोरोगी थे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।

भाई-भाभी और दो बच्चों की हत्या के आरोप में छोटे भाई समेत तीन गिरफ्तार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भाई-भाभी और उसके दो बच्चों की हत्या के आरोप में पुलिस ने छोटे भाई और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि कुम्हारी थाना क्षेत्र के कपसदा गांव में भोलानाथ यादव (34), उसकी पत्नी नैला यादव (30), पुत्र परमद यादव (12) और पुत्री मुक्ता यादव (सात) की हत्या के आरोप में पुलिस ने भोलानाथ यादव के भाई किस्मत यादव (33), तथा उसके दो मित्र आकाश मांझी (35) और टीकम दास घृतलहरे (49) को गिरफ्तार किया है। पल्लव ने बताया कि भोलानाथ और उसके परिवार की हत्या स्त्रियों से अवैध संबंध से उपजे विवाद और पैसों के लेन-देन के कारण हुई है।

उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को सुबह टंडन बाड़ी में यादव परिवार की हत्या की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया था और फिर शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया था एवं मामले की जांच शुरू की गयी थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की तब जानकारी मिली कि घटना के बाद से गांव के दो व्यक्ति आकाश मांझी और टीकम दास धृतलहरे कहीं चले गए हैं। उनके अनुसार पुलिस ने जब दोनों की खोज शुरू की तब जानकारी मिली कि दोनों ओडिसा में हैं।

उन्होंने बताया कि दूसरी ओर पुलिस जब गांव में ही रहने वाले भोलानाथ के भाई किस्मत यादव के घर पहुंची तब उसके घर की चौखट पर खून के निशान थे और करीब ही मानव शरीर का हिस्सा पाया गया। अधिकारी के अनुसार जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तब किस्मत ने कबूल किया कि दोस्तों के साथ मिलकर उसने अपने भाई और उसके परिवार सदस्यों की हत्या कर दी।

पल्लव के अनुसार किस्मत ने बताया कि वह अपने परिवार का भरण-पोषण मुश्किल से कर पाता था और भोलानाथ के पास अधिक संपत्ति थी, जिसके कारण उसे उससे रंजिश था। किस्मत ने कथित रूप से पुलिस को बताया कि भोलानाथ शराब पीने और गांव के आकाश मांझी के साथ मिलकर महिलाओं के साथ अवैध संबंध भी बनाना शुरू कर दिया था और लेकिन कुछ समय पहले अवैध संबंध के कारण आकाश और भोलानाथ के बीच विवाद हो गया था। किस्मत ने पुलिस को बताया कि भोलानाथ से विवाद के बाद आकाश ने उसके (किस्मत के) साथ मित्रता कर ली थी और दोनों भोलानाथ से बदला लेना चाहते थे।

अधिकारी के अनुसार इसी रंजिश के कारण किस्मत, आकाश और एक अन्य व्यक्ति टीकम 28-29 सितंबर की रात भोलानाथ के घर पहुंचे और उनका भोलानाथ से विवाद हो गया और तीनों ने मिलकर कुल्हाड़ी से भोलानाथ की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार बाद में उन्होंने उसकी पत्नी और दोनों बच्चों को भी मार डाला। पुलिस के अनुसार घटना के बाद घर में रखे सात लाख 92 हजार 400 रूपए नगद और कुछ सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने भोलानाथ और उसके परिवार की हत्या के आरोप में किस्मत यादव तथा ओडिसा के भवानीपट्टना से आकाश और टीकम को गिरफ्तार किया है। पल्लव ने बताया कि पुलिस ने घटना के 30 घंटे के भीतर ही इस मामले का खुलासा कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में किसान से रिश्वत मांगने के आरोप में वरिष्ठ उद्यानिकी अधिकारी गिरफ्तार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने एक वरिष्ठ उद्यानिकी अधिकारी को किसान से रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक किसान से सब्सिडी का 50 फीसदी हिस्सा रिश्वत के रूप में मांगने के आरोप में एसीबी ने रायपुर के वरिष्ठ उद्यानिकी अधिकारी परमजीत सिंह गुरुदत्ता को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, एक किसान ने एसीबी रायपुर में शिकायत की थी कि उसने ‘हाई वैल्यू टमाटर’ की खेती करने के लिए राज्य पोषित बाड़ी योजना के अंतर्गत सब्सिडी के वास्ते उद्यानिकी और प्रक्षेत्र वानिकी विभाग में आवेदन दिया था। उन्होंने बताया कि सब्सिडी राशि पारित करने के एवज में वरिष्ठ उद्यानिकी अधिकारी परमजीत सिंह गुरुदत्ता ने कुल सब्सिडी की 50 फीसदी राशि रिश्वत के तौर पर मांगी थी।

अधिकारियों के अनुसार, प्रार्थी के खाते में जब सब्सिडी की राशि (दो लाख 66 हजार रुपये) आई, तब सिंह ने उससे 50 फीसदी राशि की मांग की। अधिकारियों ने बताया कि जब सिंह लगातार प्रार्थी से पैसे की मांग करते रहे, तब प्रार्थी ने उनके साथ की गई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया और उसे एसीबी कार्यालय भेज दिया। उन्होंने बताया कि मामले का सत्यापन कराए जाने के बाद एसीबी ने सिंह को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया।