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छत्तीसगढ़ में पारस पत्थर के लालच में बैगा की हत्या, 10 गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की पुलिस ने ‘पारस पत्थर’ की लालच में 70 वर्षीय बैगा (ओझा) की हत्या करने आरोप में एक महिला समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के जांजगीर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुनूंद गांव निवासी ‘बैगा’ बाबूलाल यादव की हत्या के आरोप में टेकचंद जायसवाल (49), रामनाथ श्रीवास (52), राजेश हरवंश (40), मनबोधन यादव, छवि प्रकाश जायसवाल (21), यासिन खान (21), खिलेश्वर राम पटेल (42), तेजराम पटेल (26), अंजू कुमार पटेल (28) और शांति बाई यादव (22) को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि नौ जुलाई को बाबूलाल यादव की पत्नी रामवती यादव ने मामला दर्ज कराया कि आठ जुलाई को जब उसका पति बैगा का काम करने के लिए कहीं गया था तब रात करीब 12 बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे और उसके हाथ-पैर बांधकर 23 हजार रुपए और सोने-चांदी के जेवर लूट लिए। इस दौरान उन्होंने घर के पूजा स्थल के पास खुदाई भी की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब पुलिस ने मामले की छानबीन की तब संदेह के आधार पर टेकचंद और अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में सभी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पारस पत्थर (किस्से कहानियों के अनुसार एक ऐसा पत्थर जिसके छूते की लोहा, सोना हो जाता है) की खोज में बाबूलाल की हत्या कर दी है। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि पिछले वर्ष के अंत में जिले के लोहराकोट गांव निवासी जायसवाल को जानकारी मिली थी कि ग्रामीण अवतार सिंह के घर में एक ‘पारस पत्थर’ है। जायसवाल ने पत्थर को प्राप्त करने के लिए ऐसे लोगों की तलाश शुरू कर दी जो उसकी मदद कर सकते थे। इस बीच वह यादव के संपर्क में आया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जायसवाल ने यादव और दो अन्य लोगों को अपने साथ में लिया और सभी अवतार सिंह के घर में तब घुसे जब वह अपने परिवार के साथ श्रमिक कार्य के लिए जम्मू कश्मीर गया था।उन्होंने बताया कि जायसवाल और अन्य को घर में एक चमकता हुआ पत्थर मिला और उन्हें लगा कि यह वही पत्थर है जिसकी उन्हें तलाश थी। जिसके बाद वे वहीं सो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अगली सुबह जब जायसवाल सोकर उठा तब वह खुद को अकेला पाया और पत्थर भी वहां नहीं था। बाद में जब उसने यादव और अन्य लोगों से पूछताछ की तब सभी ने पत्थर लेने की बात से इनकार कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कुछ समय बाद जायसवाल को जानकारी मिली कि बैगा यादव लोगों को स्वस्थ करने के लिए पूजा करते समय अपने साथ पत्थर रखता है। जायसवाल ने उसे पारस पत्थर ही समझा और उसे पाने के लिए एक महिला सहित नौ अन्य लोगों को साजिश में शामिल किया। उन्होंने सभी को लालच दिया कि पत्थर के मिलते ही सभी अमीर बन जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ‘पारस पत्थर’ पाने के लालच में जायसवाल ने अपने अन्य साथियों को इस महीने की आठ तारीख को इलाज कराने के लिए बैगा बाबूलाल यादव के घर भेजा। बाबूलाल जब घर से निकला तब आरोपी उसे जंगल ले गए। जंगल में बाबूलाल यादव से पारस पत्थर के बारे में पूछताछ की गई और जब यादव ने बताया कि उसके पास पत्थर नहीं है, तब उसे बंधक बना लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान कुछ अन्य लोगों को रात में यादव के घर भेजा गया। यादव के घर में लोगों ने उसकी पत्नी रामवती को बंधक बनाकर लूटपाट की और पूजा स्थान पर ‘पारस पत्थर’ की खोज की। नहीं मिलने पर बाद में वे वहां से चले गए। उन्होंने बताया कि जब सभी जंगल में वापस पहुंचे तब जायसवाल ने यादव से पत्थर के बारे में फिर पूछताछ की। जब यादव ने ऐसी जानकारी होने से इनकार किया, तब सभी ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। इससे यादव की मौत हो गई। बाद में सभी ने शव को जमीन में गड्ढा खोदकर दफना दिया। पुलिस ने अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तथा शव को बरामद कर लिया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में लेही पद्धति और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में कतार बोनी करें

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छत्तीसगढ़ राज्य में वर्षा की स्थिति सामान्य से थोड़ी अधिक है। 13 जुलाई तक राज्य में 344 मिमी औसत वर्षा के विरूद्ध अब तक 357 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से अधिक है, परंतु वर्षा का वितरण विभिन्न जिलों में असामान्य है। बस्तर के पठार क्षेत्र के 6 जिलों में से 2 जिलों (कोंडागांव एवं नारायणपुर) में सामान्य से अधिक वर्षा, 3 जिलों (बस्तर, सुकमा एवं दंतेवाड़ा) में सामान्य वर्षा तथा बीजापुर जिले में सामान्य से अत्यधिक वर्षा हुई है, जबकि छत्तीसगढ़ के मैदानी भाग के 16 जिलों में से 7 जिलों (बालोद, धमतरी, कांकेर, राजनांदगांव, मुंगेली कबीरधाम एवं गरियाबंद) में सामान्य से अधिक वर्षा, 5 जिलों (जांजगीर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग एवं महासमुंद) में सामान्य वर्षा व 4 जिलों (बेमेतरा, रायगढ़, कोरबा एवं रायपुर) में सामान्य से कम वर्षा हुई है। कम वर्षा वाले जिलों में कमी का प्रतिशत 23 से 38 है। इसी तरह उत्तर के पहाड़ी क्षेत्र के सभी 5 जिलों (सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, सरगुजा एवं जशपुर) में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इनमें से 3 जिलों (बलरामपुर, सरगुजा एवं जशपुर) की वर्षा में सबसे अधिक कमी देखी गई है। जिसका सामान्य वर्षा की तुलना में 64 से 71 प्रतिशत की कमी है।

छत्तीसगढ़ के 10 जिलों जिनमें सामान्य से ज्यादा वर्षा हुई है तथा कृषकों के द्वारा बुवाई नहीं की गई है। उन क्षेत्रों के कृषक भाई लेही पद्धति से धान की बुवाई करें एवं बीज दर 30 से 35 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से बुवाई करें। जिन कृषकों ने रोपाई हेतु थरहा तैयार किया है। वे अपने खेतों (नर्सरी) से जल निकासी की उचित व्यवस्था करें एवं आने वाले दिनों में रोपाई हेतु खेत की मचाई करें। इस हेतु थरहा की अवधि 20 से 25 दिन उपयुक्त होगी।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक त्रिपाठी ने किसान भाईयों को सलाह दी है कि छत्तीसगढ़ के 9 जिलों जहां पर वर्षा सामान्य से कम हुई है एवं कृषकों ने धान की बुवाई नहीं की है, वे मध्यम एवं निचली भूमि में अविलम्ब शीघ्र से मध्यम अवधि की धान की उपयुक्त किस्में (एमटीयू 1010, दंतेश्वरी, इंदिरा बारानी धान 1, 2 आई आर 64, दुर्गेश्वरी इत्यादि) का चयन कर कतारों में बोवाई करें। कतार बोनी हेतु 30 से 35 किलोग्राम प्रति एकड़ बीज उपयोग करें। उच्च भूमियों में कृषक भाई धान की बोवाई के बदले दलहन (मूंग, उड़द) तिलहन (तिल) या लघुधान्य फसलें (कोदों, कुटकी, रागी इत्यादि) फसलों की बुवाई बीजोपचार के पश्चात् कतारो में करें।

जिन क्षेत्रों में समय पर रासायनिक खादो की उपलब्धता नहीं है या कम है उस जगह रासायनिक खादों की दक्षता को बढ़ाने हेतु केचुआ खाद एवं कम्पोस्ट को लाभदायक जीवाणु जैसे पीएसबी, एजोेस्पाईलम या एजोटोबेक्टर से संवर्धित कर बुवाई या रोपाई के समय 100 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से डाले। इसके प्रयोग से रासायनिक खादों की 25 प्रतिशत मात्रा कम की जा सकती है। इस हेतु निकटतम कृषि विज्ञान केन्द्र एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते है।

सोयाबीन एवं अरहर बुवाई वाले क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से लगातार वर्षा हो रही है। वहां जल निकासी की व्यवस्था कर लेवें। अत्यधिक वर्षा से अरहर एवं सोयाबीन में अंकुरण न होने की स्थिति में अन्य दलहन फसलें (मूंग, उड़द), तिल एवं लघु धान्य फसलों की बुवाई करें। सोयाबीन की फसल जहां पर 15 से 20 दिन की हो गई है। वहां पर वर्तमान में खरपतवार नियंत्रण की आवश्यकता है। खरपतवार नियंत्रण के लिए वरीयता के अनुसार हाथ से निंदाई या खड़ी फसल में रासायनिक खरपतवारनाशी जैसे इमेझेथापायर के व्यवसायिक उत्पाद जैसे परसुट, वीटग्रो आदि के 300 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

पालक जागरूकता अभियान छत्तीसगढ़ के स्कूलों में पठन-पाठन को और बेहतर बनाएगी बघेल सरकार

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छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में प्राथमिक शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए नवाचार एवं विविधि गतिविधियों को बढ़ावा देने की पहल लगातार की जा रही है। इसी कड़ी में पालक जागरूकता अभियान सभी स्कूलों में शुरू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पालकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर पठन-पाठन के स्तर को बेहतर बनाना है। सचिव स्कूल शिक्षा विभाग डॉ. एस. भारतीदासन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में पालक जागरूकता अभियान का पालन सुनिश्चित करने और इस अभियान के तहत संचालित गतिविधियों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग कर इसके रिपोर्ट शासन को भिजवाने के निर्देश दिए हैं।

इस अभियान के तहत सभी स्कूलों में शाला प्रबंधन समिति एवं पालकों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। पालकों को बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने, नियमित स्कूल आने, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के संबंध में चर्चा करने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अभियान के तहत बच्चों की पढ़ाई में ध्यान देने के नवीन तरीकों को प्रयोग में लाने के बारे में भी राय-मशविरा तथा सक्रिय पालकों की मदद से अन्य पालकों को भी स्कूल एवं बच्चों की शिक्षा से जोड़कर सक्रिय जिम्मेदारी दी जाएगी।

जिला शिक्षा अधिकारियों इस अभियान के संबंध में जारी पत्र में कहा गया है कि पालक जागरूकता अभियान के क्रियान्वयन के लिए कोर ग्रुप का गठन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जिले और विकासखण्ड से 5-5 विभागीय अधिकारी का चयन कर कोर ग्रुप में शामिल किया जाएगा। जिला स्तर से सहायक परियोजना अधिकारी (एपीसी), डाईट अकादमिक सदस्य, एसएमसी मास्टर ट्रेनर एवं विकासखण्ड स्तर से सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कोर गु्रप में होंगे। इसी प्रकार संकुल स्तर में प्रत्येक स्कूल से एक सक्रिय शाला प्रबंध समिति के सदस्य, एक शिक्षक, एक सक्रिय माता, चयनित जनप्रतिनिधि और एक प्रभावी व्यक्ति जिसके बात सभी मानते हो उनको कोर ग्रुप में शामिल किया जाएगा।

यह कोर ग्रुप पालक जागरूकता अभियान जिले की सभी स्कूलों में पालक जागरूकता कार्यक्रम के लिए कार्ययोजना तैयार करेगा। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल में पालक जागरूकता के लिए रणनीति और चर्चा के बिन्दू, गतिविधि भी तैयार करेगा। विकासखण्ड और संकुल स्तर पर कोर ग्रुप को उन्मुखीकरण और स्थानीय इनपुट देगा। स्कूल स्तर पर शाला प्रबंधन समिति और पालकों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम का कार्य करेगा। पालक उन्मुखीकरण के बाद निरंतर फालोअप और पालकों की सक्रिय सहभागिता के बेहतर उदाहरण का संकलन, दस्तावेजीकरण कर प्रचार-प्रसार करेगा।

इस अभियान के तहत पालकों के उन्मुखीकरण के लिए चर्चा, गतिविधि के क्षेत्रों का निर्धारण किया जाएगा, जिसमें बच्चों और शिक्षकों की शाला में नियमित उपस्थिति एवं बेहतर शिक्षा सुविधा सुलभ कराना है। चाइल्ड विद स्पेशल नीड (सीडब्ल्यूएसएन) और शाला से बाहर के बच्चों को शाला में दाखिला एवं उनके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। पालकों को स्कूल से जोड़ने और उन्हें बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। घर पर बच्चों के सीखने के लिए बेहतर माहौल बनाना और पढ़ने के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराना भी इस अभियान का हिस्सा होगा। बच्चों के घर की भाषा और स्कूल की भाषा अलग होने पर होने वाली परेशानियां और शुरूआती कक्षाओं में बच्चों के सीखने के लिए स्थानीय सामग्री के उपयोग के लिए आवश्यक मदद की जाएगी। आंगनबाड़ी में सभी बच्चों का प्रवेश और उनमें बच्चों के सीखने के लिए आवश्यक सहयोग करना। स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली समस्त सुविधाओं की समय पर उपलब्धता एवं गुणवत्ता के लिए सम्पर्क करना

सीएम भूपेश की अपील, खरीफ और उद्यानिकी फसलों का बीमा करा लें किसान

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी किसानों से अपनी खरीफ और उद्यानिकी फसलों का बीमा का बीमा कराने की अपील की है। सीएम बघेल ने बुधवार को यहां जारी अपील में कहा है, कि मौसम की अनश्चितिता और स्थानीय प्राकृतिक आपदा की स्थिति में भी किसानों की आय बनी रहे, इसलिए फसलों को बीमित कराना जरूरी है। शासन द्वारा किसानों को फसल बीमा की सुविधा प्रीमियम राशि पर उपलब्ध कराई जा रही है।

खरीफ फसलों के बीमा के लिए किसान भाइयों को प्रीमियम राशि का दो प्रतिशत और उद्यानिकी फसलों के बीमा के लिए प्रीमियम राशि का पांच प्रतिशत अंशदान के रूप में देना होता है।किसान भाई थोड़ी सी रूचि और थोड़ी सी राशि जमा कर अपनी फसलों का बीमा कराकर बड़े जोखिम से बच सकते हैं। उन्होने कहा कि प्राकृतिक आपदा एवं मौसम की अनश्चितिता के चलते होने वाली फसल हानि,उत्पादन में कमी की भरपाई मिलने बीमा दावा राशि से हो जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसान धान सिंचित एवं असिंचित, अरहर, मूंग, उड़द, मक्का एवं उद्यानिकी फसलों का बीमा 15 जुलाई तक करा सकेंगे।

Chhattisgarh Corona Update: छत्तीसगढ़ में बढ़ रहा कोरोना, नए मरीजों का आंकड़ा 300 के पार

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छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19 के 385 नए मामले आए जिससे संक्रमितों की संख्या बढ़कर 11,56,904 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को सात लोगों के संक्रमण मुक्त होने के बाद उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दी गई, वहीं 155 लोगों ने गृह पृथक-वास की अवधि पूरी की।

राज्य में मंगलवार को एक मरीज की मृत्यु हुई। अधिकारियों ने बताया कि रायपुर से 69, दुर्ग से 53, राजनांदगांव से 38 और शेष मामले अन्य जिलों से आए हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 11,56,904 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 11,40,959 स्वस्थ हो चुके हैं। राज्य में 1900 मरीज उपचाराधीन हैं और 14,045 लोगों की मौत हुई है।

छत्तीसगढ़ में किशोरी से बलात्कार के मामले में प्रधान पाठक गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 17 वर्षीय किशोरी से बलात्कार के आरोप में पुलिस ने प्रधान पाठक को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र में किशोरी से बलात्कार के आरोप में प्रधान पाठक रामकृष्ण यादव (60) को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि जिले की एक शासकीय प्राथमिक शाला में यादव ने किशोरी को पढ़ाया था। बाद में किशोरी ने पढ़ाई छोड़ दी और वह यादव के घर में कामकाज करने लगी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब किशोरी यादव के घर में काम करती थी, तब उसने बालिका से कई बार कथित रूप से बलात्कार किया। उन्होंने बताया कि जब किशोरी गर्भवती हुई, तब परिजनों को इसका पता चला। बाद में परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस में की। पुलिस ने मामला दर्ज कर सोमवार को यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यादव के खिलाफ लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

छत्तीसगढ़ के उत्तरी क्षेत्र में भूकंप के हल्के झटके, 4.3 मापी गई रिक्टर पैमाने पर तीव्रता

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छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में सोमवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह 8.10 बजे अंबिकापुर से 79 किलोमीटर दूर बैकुंठपुर के करीब भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। उन्होंने बताया कि भूकंप का केंद्र बैकुंठपुर से उत्तर-पश्चिम में 16 किलोमीटर की दूरी पर था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस श्रेणी के भूकंप से आंशिक क्षति का अंदेशा रहता है, हालांकि क्षेत्र से अभी तक किसी क्षति की जानकारी नहीं है। वहीं कोरिया के जिलाधिकारी कुलदीप शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में भूकंप से अभी तक जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। इस संबंध में अधिक जानकारी ली जा रही है।

छत्तीसगढ़ में शराब देने से इनकार करने पर दंपति की गोली मारकर हत्या

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छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जशपुर जिले में कथित तौर पर शराब देने से इनकार करने पर तीन अज्ञात लोगों ने एक दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। कांसाबेल थाने के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना शनिवार रात गैमुंडा नवपाड़ा गांव में हुई। उन्होंने कहा, तीन अज्ञात व्यक्ति देर रात दंपति के आवास पर पहुंचे और शराब (महुआ से बनी पारंपरिक शराब) की मांग की। जब संदीप पन्ना और द्रौपदी पन्ना ने इनकार किया तो आरोपियों ने उन्हें गोली मार दी। तीनों को पकड़ने के लिए प्रयास जारी हैं।

ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर माओवादियों के ठिकाने का भंडाफोड़

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ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर सुरक्षाबलों ने माओवादियों के एक ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बताया कि कुछ महिला नक्सलियों सहित 60 से अधिक माओवादी नुआपाड़ा जिले के बोडेन थाना क्षेत्र में पटधारा आरक्षित वन क्षेत्र स्थित अपने शिविर से भागने में सफल रहे। पुलिस के मुताबिक माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए जिला स्वैच्छिक बल (डीवीएफ), विशेष अभियान समूह (एसओजी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने बृहस्पतिवार को इलाके में छापेमारी की।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे 60-80 माओवादियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए गोलियां चलाईं। वहां मौजूद माओवादियों में मुरली उर्फ संग्राम रेड्डी, देबजी, जयराम उर्फ छलपति और कार्तिक उर्फ दशरू शामिल थे। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की लेकिन करीब एक घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद माओवादी जंगलों में भागने में कामयाब रहे। सुरक्षाबलों का अभियान अभी भी जारी है।

मुठभेड़ में किसी सुरक्षाकर्मी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। यह भी पता नहीं चल सका है कि कितनी संख्या में माओवादी हताहत हुए हैं। सुरक्षाबलों को माओवादियों के शिविर में कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां और गर्भावस्था परीक्षण किट के पैकेट मिले हैं। इसके अलावा एक एयर गन, पांच बैटरी, एक वायरलेस सेट, चार रेडियो, एक पावर बैंक और एक ब्लूटूथ स्पीकर बरामद किया गया है।

छत्तीसगढ़ में घटने लगा कोरोना, 24 घंटे में 258 नए मामलों की पुष्टि

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छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 258 नए मामले सामने आए हैं और इसके साथ ही राज्य में कोविड-19 की चपेट में आने वालों की कुल संख्या 11,56,049 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि आज सात लोगों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई और 156 लोगों ने घर में पृथक-वास की अवधि पूरी की।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में शनिवार को कोरोना वायरस से संक्रमित तीन मरीजों की मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब तक 11,56,049 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 11,40,551 मरीज इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हो गए हैं और 14,043 लोगों की मौत हुई है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य में 1455 मरीज उपचाराधीन हैं।