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छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को मिला दिवाली गिफ्ट, बघेल सरकार ने पांच प्रतिशत तक बढ़ाया महंगाई भत्ता

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने दीपावली के पहले राज्य के अधिकारियों-कर्मचारियों को दिए जाने वाले महंगाई भत्ते में पांच प्रतिशत की और बढ़ोत्तरी कर दी हैं। मुख्यमंत्री और वत्ति विभाग के भारसाधक मंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर वित्त विभाग ने आज डीए में बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया। डीए की बढ़ी हुए दर चालू अपक्टूबर माह से ही प्रभावी होगी। बढ़े हुए महंगाई दर की राशि का 01 अक्टूबर 22 से नगद भुगतान किया जाएगा। डीए में पांच प्रतिशत की वृद्धि के बाद प्रदेश में सातवें वेतनमान से वेतन पाने वालों को 33 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि का यह आदेश यूजीसी, एआईसीटीई और आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए भी लागू होगा।

राज्य शासन ने छठवें वेतनमान से वेतन पाने वालों की महंगाई भत्ते में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। अब उन्हें 189 प्रतिशत महंगाई भत्ते की जगह 201 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। वित्त विभाग ने राज्य शासन के सभी विभागों, अध्यक्ष, राजस्व मंडल बिलासपुर, सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को महंगाई भत्ते में वृद्धि के संबंध में परिपत्र जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के अधिकारियों-कर्मचारियों को अगस्त-22 से 28 प्रतिशत की दर से डीए का भुगतान किया जा रहा था। वहीं छठवें वेतनमान वालों को 189 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था।

छत्तीसगढ़ के कोरिया में 4.8 तीव्रता के भूकंप के झटके, जानें कितना हुआ नुकसान

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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में स्थित कोरिया जिले के कुछ हिस्सों में शुक्रवार तड़के 4.8 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीने में यह तीसरी बार है, जब कोरिया जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, ”कोरिया जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर के पास छिंदंड में सुबह करीब पांच बजकर 28 मिनट पर 4.8 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र धरती की सतह से 10 किलोमीटर की गहराई में था। उन्होंने कहा कि यह एक हल्का, मध्यम श्रेणी का भूकंप था, जिससे कोई बड़ी क्षति नहीं हुई। हालांकि, संभव है कि इसके परिणामस्वरूप भूकंप के केंद्र के 20 किलोमीटर के दायरे में स्थित कच्चे (मिट्टी के) मकानों को नुकसान हुआ हो।

अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारियों को स्थिति की सावधानीपूर्वक निगरानी करने और नुकसान होने पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले, कोरिया जिले में इस साल जुलाई में दो बार और अगस्त में सूरजपुर जिले में एक बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 29 जुलाई को बैकुंठपुर इलाके में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया था। इसी इलाके में 11 जुलाई को 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। चार अगस्त को सूरजपुर के गंगोटी इलाके में 3.0 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया था।

गिरफ्तार आईएएस समेत तीन लोगों को छत्तीसगढ़ कोर्ट ने आठ दिन के लिए ईडी हिरासत में भेजा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद गिरफ्तार भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी समीर विश्नोई और अन्य दो लोगों को विशेष अदालत ने आठ दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। अधिवक्ताओं ने यह जानकारी दी। अधिवक्ताओं ने बताया कि ईडी के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार दोपहर बाद गिरफ्तार आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई, इंदरमणि समूह के कारोबारी सुनील अग्रवाल और फरार कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के चाचा लक्ष्मीकांत तिवारी को चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत में पेश किया, जहां से इन्हें आठ दिन की ईडी रिमांड में भेज दिया गया।

ईडी के अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा ने बताया कि अदालत ने ईडी के रिमांड आवेदन पर यह आदेश दिया है। मिश्रा ने बताया कि सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि ईडी ने अधिकारी समीर विश्नोई से 47 लाख रुपये नगद, हीरे और चार किलोग्राम सोना बरामद किया है। अधिवक्ता ने बताया कि ईडी अब आगे की जांच करेगी। सुनील अग्रवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा, ”बहस के दौरान हमने बताया कि वे (ईडी) मेरे मुवक्किल को (गिरफ्तारी के) 24 घंटे के भीतर अदालत में पेश करने वाले थे। उन्होंने 11 अक्टूबर को मेरे मुवक्किल को उठाया और 13 अक्टूबर को पेश किया, इसलिए मेरे मुवक्किल के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया है। लक्ष्मीकांत तिवारी के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने बताया कि ईडी ने अदालत से तीनों आरोपियों को 14 दिन की रिमांड में भेजने का अनुरोध किया था, जिसका बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने विरोध किया। अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने (रिजवी) दलील दी कि ईडी ने अदालत में जो मामला पेश किया है वह धन शोधन से संबंधित है, लेकिन जो पैसे बरामद किए गए हैं, वह आयकर विभाग ने बरामद किये हैं, जो अनुसूचित अपराध में नहीं आता है।

सूत्रों ने बताया कि आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई की पत्नी प्रीति विश्नोई ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर ईडी के अधिकारियों पर प्रताड़ित करने तथा उनके (मुख्यमंत्री के), व्यवसायी ​सूर्यकांत तिवारी और मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ अधिकारी सौम्या चौरसिया के खिलाफ बयान देने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। प्रीति ने पत्र में कहा है कि ईडी के अधिकारियों ने उनके पति से दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाया है। ईडी ने 11 अक्टूबर से राज्य के रायपुर, रायगढ़, महासमुंद और कोरबा समेत कई शहरों में छापेमारी शुरू की थी। एजेंसी ने बृहस्पतिवार को आईएएस अधिकारी विश्नोई, अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, तीनों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2009 बैच के अधिकारी विश्नोई वर्तमान में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी के सीईओ और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विशेष सचिव के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, तिवारी पेशे से अधिवक्ता हैं।

ईडी के सूत्रों ने बताया कि सरकारी अधिकारियों, व्यवसायियों और निजी संस्थाओं के कथित गठजोड़ द्वारा राज्य में ट्रांसपोर्टर से ”अवैध उगाही” करने से जुड़े धनशोधन के मामले में एजेंसी ने ये गिरफ्तारियां कीं। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने आईएएस अधिकारी और रायगढ़ की जिलाधिकारी रानू साहू के आवास को भी सील कर दिया था क्योंकि वह छापेमारी के दौरान मौजूद नहीं थीं। बाद में साहू ने एजेंसी को उनके उपचार के संबंध में सूचित किया और जांच में सहयोग का आश्वासन दिया। ईडी के सूत्रों ने बताया कि 2010 बैच की आईएएस अधिकारी साहू रायपुर में एजेंसी के कार्यालय में अभी तक पेश नहीं हुई हैं।

सूत्रों ने बताया कि ईडी ने एक अन्य आईएएस अधिकारी जे.पी. मौर्य, जो वर्तमान में खनन विभाग के निदेशक के रूप में तैनात हैं, के परिसरों में छापे की कार्रवाई की है। मौर्य रानू साहू के पति हैं। ईडी ने छत्तीसगढ़ में हालिया छापों में लगभग चार करोड़ रुपए की नकदी और जेवर बरामद किया है। संघीय एजेंसी ने आयकर विभाग की शिकायत और आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है। इससे पहले सितंबर में आयकर विभाग ने राज्य में इस्पात और कोयला व्यवसाय से जुड़े व्यवसायियों के परिसरों पर छापा मारा था। वहीं, इस साल जून-जुलाई में आयकर विभाग ने कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी के परिसरों और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में तैनात एक अधिकारी के घर समेत कई जगहों पर तलाशी ली थी।

छत्तीसगढ़ में ईडी की बड़ी कार्रवाई, आईएएस अफसर समेत तीन गिरफ्तार

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रायपुर। ईडी के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में दो दिन की छापेमारी के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा(आईएएस) के एक वरष्ठि अधिकारी समीर वश्निोई एवं दो कारोबारियों को आज गिरफ्तार कर लिया। ईडी के अधिकारियों ने दो दिन की छापेमारी एवं पूछताछ के बाद वर्तमान में चिप्स एवॆं मार्कफेड के प्रबन्ध निदेशक एवं पूर्व में खनिज विभाग का दायत्वि संभाल चुके श्री विश्नोई और कारोबारी सुनील अग्रवाल एवं लक्ष्मीकांत तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। उन्हे गिरफ्तारी के बाद रायपुर मेडिकल कालेज अस्पताल चेकअप के लिए ले जाया गया।

स्वास्थ्य रिपोर्ट लेकर ईडी अधिकारी तीनो को रायपुर जिला न्यायालय में पेश किया और उन्हे ट्रांजिट रिमांड पर दिए जाने का अनुरोध किया है। अभी इस बारे में न्यायलय में सुनवाई होनी है। जानकारी मिली हैं ईडी अधिकारी तीनों को दिल्ली ले जाना चाहते हैं। ईडी अधिकारियों के कुछ और लोगो से पूछताछ करने की खबरें है। इस बीच दो दिन के अवकाश से लौटने की सूचना ईडी को देने के बाद रायगढ़ की कलेक्टर रानू साहू के सरकारी निवास एवं कलेक्ट्रेट स्थित उनके कार्यालय में ईडी के अधिकारी सुबह से ही केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की पहरेदारी में जांत पड़ताल कर रहे है। अपुष्ट खबरों के अनुसार ईडी ने कोरबा कलेक्ट्रेट में भी छापेमारी कर वहां से कुछ कागजात हासिल किए है। सुश्री साहू रायगढ़ से पूर्व कोरबा की कलेक्टर रह चुकी है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह के बयान पर बघेल का पलटवार, मानहानि का मुकदमा करने की दी चुनौती

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रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आज दिए बयान पर पलटवार करते हुए उन्हे मानहानि का मुकदमा करने की चुनौती दी हैं। डा.सिंह ने ट्वीट कर कहा कि..मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी छत्तीसगढ़ महतारी को लूटने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने आप मुझे मानहानि की धमकी दे रहे हैं,तो सुन लीजिए एक नही 10 केस करिए..। उन्होने आगे कहा कि..आप कहते हैं कि भाजपा के कहने से ईडी आती हैं,तो साक्ष्य लाईये और अगर प्रमाणित नही कर सके तो मैं आप पर मानहानि का मुकदमा करूंगा..।

कबड्डी खेल के दौरान खिलाड़ी की मौत पर सीएम बघेल ने जताया दुख, परिवार को चार लाख की सहायता देने का ऐलान

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायगढ़ जिले के भालुमार में कबड्डी खेल के दौरान गिरने से ठंडाराम मालाकार की आकस्मिक मृत्यु की घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है। सीएम बघेल ने यहां जारी शोक संदेश में इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतक मालाकार के परिवारजनों के प्रति अपनी शोक संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने स्वेच्छानुदान मद से मृतक के परिवारजनों को चार लाख रूपए की सहायता प्रदान करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके अलावा मृतक खिलाड़ी के परिवारजनों को राज्य शासन से नियमानुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

लोगों के जेब में पैसा डालने का काम कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार- सीएम भूपेश

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सक्ती। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार लोगों के जेब में पैसा डालने का काम कर रही है जिससे कि उनकी जिंदगी में बदलाव आए। सीएम बघेल ने अपने भेंट-मुलाकात अभियान के तहत नवगठित सक्ती जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के काशीगढ़ पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का शाल भेंट कर, फूल माला और धान की बाली पहना कर उत्साहपूर्वक उनका आत्मीय स्वागत किया। श्री बघेल भेंट-मुलाकात के पूर्व ग्राम कांशीगढ़ में स्थित मां चंद्रहासिनी देवी मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने मां चंद्रहासिनी की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

सीएम बघेल ने भेंट-मुलाकात के दौरान कहा कि वे शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का जायजा लेने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ यहां आए हैं। उन्होंने बताया कि हमने सरकार बनते ही सबसे पहले किसानों का अल्पकालीन ऋण माफी का फैसला लिया। साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत भी की। योजना के तहत अब तक दो किश्तों का भुगतान किया जा चुका है और तीसरी किश्त दीवाली के पहले 17 तारीख को किसानों के खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी। जिससे त्योहार मनाने और धान की कटाई के लिए पैसों की दिक्कत नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों से जानकारी मिली कि वे और भी अन्य गतिविधियों से जुड़ना चाहती हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार ने ग्रामीण औद्योगिक पार्क की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। प्रारंभिक चरण में प्रत्येक ब्लॉक में दो पार्क बनाए जा रहे हैं, आवश्यकतानुरूप इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए शासन द्वारा 600 करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है। जिन गांवों में गौठान नहीं बने हैं, वहां जल्द गौठान बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए जा रहे हैं।

सीएम बघेल ने क्षेत्रवासियों की मांग पर काशीगढ़ में मिडिल स्कूल भवन का निर्माण, काशीगढ़, दतौद और मलनी में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैजेपुर में ट्रामा सेंटर का निर्माण, जैजेपुर में कृषि गोदाम भवन निर्माण, जैजेपुर में पशु चिकित्सालय भवन और उसका अहाता निर्माण, बेलकर्री में आंगनबाड़ी भवन निर्माण, अकलसरा से केकराघाट तक सीसी रोड निर्माण, पेंड्री तथा कचंदा में पशु औषधालय का निर्माण और भोथिया में मनकादाई मंदिर परिसर में सामुदायिक भवन के निर्माण करवाने की घोषणा की।

राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए, छत्तीसगढ़ में ईडी के छापे पर बोले सीएम बघेल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को राज्य में कई स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे को लेकर केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए और राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। बघेल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि केंद्रीय एजेंसी राज्य में अपनी कार्रवाई के दौरान की गई किसी भी वसूली का विवरण क्यों नहीं बताती है। सूत्रों के मुताबिक ईडी ने छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारियों और कारोबारियों से जुड़े कई स्थानों पर तलाशी के दौरान करीब चार करोड़ रुपये की नकदी और आभूषण जब्त किया है। ईडी ने मंगलवार से रायपुर, रायगढ़, महासमुंद, कोरबा समेत अन्य जिलों में छापे की कार्रवाई शुरू की है। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान ईडी ने एक कलेक्टर समेत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के तीन अधिकारियों, व्यवसायी सूर्यकांत तिवारी पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर समेत अन्य लोगों के यहां छापे की कार्रवाई की है।

जब संवाददाताओं ने केंद्रीय एजेंसी द्वारा कथित तौर पर की गई बरामदगी के संबंध में सवाल किया तब बघेल ने कहा, क्या उन्होंने (ईडी) इस बारे में कोई प्रेस विज्ञप्ति जारी की है? क्या उन्होंने इसे अधिकारियों या व्यापारियों से जब्त किया है? हर एक अधिकारी से जो कुछ भी जब्त किया गया है इसकी जानकारी देनी चाहिए। बदनाम करने की कोशिश क्यों की जा रही है। अगर उन्होंने कुछ भी बरामद किया है तो उन्हें इसे सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने कहा, एजेंसियों को गलत काम से रोकने और गलत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बनाया गया है। यदि वह ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं तो हम स्वागत करते हैं। लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए और न ही राज्य सरकार तथा अधिकारियों और राजनेताओं को बदनाम करना चाहिए।

बघेल ने कहा, हमने (छत्तीसगढ़ सरकार) कोल वाशरीज़ (हाल ही में) के खिलाफ भी कार्रवाई की। क्या हमने इसका राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की है? हम जानते हैं कि कौन किसके साथ जुड़ा हुआ है लेकिन हमने सिर्फ कार्रवाई की और दोषी पाए गए लोगों को नोटिस दिया। उनके खिलाफ नियम में जो प्रावधान है उसके तहत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, लेकिन आप (केंद्र सरकार) क्या कर रहे हैं? आप राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा कर रहे हैं। मैंने कल कहा था कि भाजपा छत्तीसगढ़ में सीधे चुनाव नहीं लड़ पा रही है इसलिए वह ईडी (प्रवर्तन निदेशायल), आईटी (आय कर) और डीआरआई (राजस्व खुफिया निदेशालय) का दुरुपयोग कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह की सत्ताधारी कांग्रेस के प्रति झुकाव रखने वाले अधिकारियों को चेतावनी देने के बारे में पूछे जाने पर, बघेल ने कहा, वे यह अपनी खीज से कह रहे हैं। वे खुद डरे हुए हैं और इसलिए अधिकारियों को डराने की कोशिश कर रहे हैं। वे अच्छी तरह जानते हैं कि अगर वे निष्पक्ष तरीके से चुनाव लड़ते हैं तो राज्य में उनकी हालत और खराब हो जाएगी। उन्होंने कहा, पंद्रह साल तक (भाजपा शासन के दौरान) वह अधिकारी अच्छे थे, लेकिन अब जब वे सरकार में नहीं हैं तो वही (अधिकारी) खराब हो गए। अधिकारी अपना काम करते हैं, वे संविधान के प्रति जवाबदेह हैं।

छत्तीसगढ़ में पेंशन निकालने के लिए मांगे 40 हजार, एसीबी ने धर दबोचा, रिश्वत लेते महिला समेत दो गिरफ्तार

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पेंशन और जीपीएफ निकालने के एवज में 40 हजार रुपये रिश्वत लेते एक महिला कर्मचारी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एसीबी के दल ने सेवानिवृत्ति के बाद एक महिला से पेंशन और जीपीएफ की राशि निकालने के एवज में 40 हजार रुपए रिश्वत लेते महासमुंद जिले के पशु चिकित्सा सेवा विभाग के उप संचालक कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-एक सरिता त्रिपाठी और सहायक ग्रेड-दो उमाशंकर गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।

उन्होंने बताया कि प्रार्थी महिला ने एसीबी रायपुर में शिकायत की थी कि सेवानिवृत्त होने के बाद जब उसने पेंशन और जीपीएफ की राशि निकालने के लिये त्रिपाठी और गुप्ता से संपर्क किया तब उन्होंने उनसे (महिला से) रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने बताया कि प्रार्थी महिला ने पहली किस्त के रूप में 57 हजार रुपये उन्हें दे दिया था, जब वह दूसरी किस्त के रूप में 40 हजार रुपए की मांग करने लगे तब महिला ने इसकी शिकायत एसीबी में की थी। अधिकारियों ने बताया कि शिकायत की सत्यापन के बाद एसीबी ने आज प्रार्थी महिला को त्रिपाठी और गुप्ता के कार्यालय में भेजा, जब दोनों ने पैसा स्वीकार किया तब एसीबी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि दोनों कर्मचारियों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।

रमन आरोपों पर मांगे सार्वजनिक माफी,नही तो होगी कानूनी कार्रवाई : सीएम भूपेश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय के छापों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह के दिए बयान पर पलटवार करते हुए उनसे आरोपों पर माफी मांगने अन्यथा कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। सीएम बघेल ने भेंट मुलाकात कार्यक्रम के लिए रवाना होने पूर्व हेलीपैड पर आज यहां पत्रकारों से कहा कि डा.सिंह ने उन पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का एटीएम होने तथा कोयले पर प्रति टन 25 रुपये की वसूली किए जाने के लगाए आरोपों को या तो प्रमाणित करें या फिर सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगे, अन्यथा उनके खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने डा. सिंह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि..कौन डर रहा हैं, डरता कौन हैं, डर तो इनके मन में है..। उनका एक ही काम शेष रह गया है कि दिल्ली जाकर अधिकारियों की, सरकार की शिकायत करना।

उन्होंने कहा कि डा.सिंह की सरकार के कारनामों में भाजपा की संख्या घटकर महज 14 रह गई हैं और जिस तरह से उनकी सरकार किसानों गरीबों के लिए काम कर रहीं है, अगले वर्ष होने वाले चुनावों में भाजपा की संख्या इसकी भी आधी रह जाने वाली है इसलिए राजनीतिक ईमानदारी से मुकाबला करने की बजाय ईडी और दूसरी केन्द्रीय एजेन्सयों को उनकी सरकार की छवि खराब करने के लिए लगा दिया गया है। राज्य के लोग यह सब देख रहे हैं।

सीएम बघेल ने कहा कि डा.सिंह 15 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे तो सभी अधिकारी ठीक थे जब वह सत्ता से बाहर हो गए तो अधिकारियों में उन्हे खोट नजर आने लगा। वह अपनी खींझ मिटाने के लिए सार्वजनिक रूप से अधिकारियों को धमका रहे है। उन्होने पूछा कि कोयला तो भारत सरकार के अधीन हैं इसमें राज्य सरकार की क्या भूमिका हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे आए दिन ट्रेनों को बन्द कर यात्रियों को परेशान कर रहा है लेकिन इस बारे में डा.सिंह न तो कभी बोलते है और न ही इसकी शिकायत करने दिल्ली जाते हैं।