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लीची उत्पादन का केंद्र बनने की राह पर छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का गढ़ अबूझमाड़

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नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले छत्तीसगढ़ के पहाड़ी क्षेत्र अबूझमाड़ को अगले कुछ वर्षों में लीची उत्पादन के केंद्र के तौर पर एक नयी पहचान मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि इलाके की अनुकूल भू-जलवायु दशाओं को देखते हुए स्थानीय प्रशासन आदिवासियों को लीची उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते एक अभियान चला रहा है। अबूझमाड़ लगभग 4,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसका बड़ा हिस्सा बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में पड़ता है। यह स्थान राजधानी रायपुर से लगभग 350 किलोमीटर दूर है।

अधिकारियों ने बताया कि बागवानी विभाग ने आदिवासी किसानों की आय बढ़ाने के लिए 10 गावों की करीब 200 एकड़ जमीन में लीची का उत्पादन करने की योजना तैयार की। नारायणपुर के बागवानी विभाग के सहायक निदेशक मोहन साहू ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”हालांकि, विभाग पिछले कुछ वर्षों से स्थानीय आदिवासियों को लीची के पौधे उपलब्ध कराने की पेशकश कर रहा था,लेकिन विभिन्न कारणों के चलते यह काफी सीमित था। अब हमने इसकी बागवानी का विस्तार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए अकाबेड़ा, गुदादी, ओरछा, कस्तूरमेता, परलबेड़ा, कोडोली, मार्डेल और छोटेपलनार गांवों के आदिवासियों से संपर्क किया गया था। साहू ने बताया कि 15 जून से अब तक इन गांवों में 3,500 पौधे लगाये गए और इस मौसम में यह संख्या 10,000 तक पहुंचाने का है।

उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ की भू-जलवायु दशाएं मुजफ्फरपुर (बिहार) से मिलती जुलती है,जो देश में लीची उत्पादन का केंद्र है। अबूझमाड़ घने जंगल,पहाड़ी से घिरा है और समुद्र तल से 1,600-1,700 मीटर की ऊंचाई पर है। उन्होंने बताया कि नर्सरी में अच्छे परिणाम नजर आने के बाद आदिवासी लीची का उत्पादन करने के लिए राजी हो गए।

शिवजी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर छत्तीसगढ़ स्कूल का प्रधानाध्यापक गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को भगवान शिव के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बोरिया पुलिस चौकी प्रभारी रजनीश सिंह ने कहा कि कुंडीखुर्द के एक स्कूल के प्रधानाध्यापक फूलजेंस तिग्गा (53) को शनिवार को सोशल मीडिया पर भगवान शिव पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा, उन्हें एक हिंदू संगठन की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया। तिग्गा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

छत्तीसगढ़ हादसा: घर में लगी आग, महिला और उसके दो नाबालिग बेटों की मौत

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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड (एसईसीएल) के कर्मचारियों के आवासीय क्वार्टर में आग लगने से 32 वर्षीय एक महिला और उसके दो नाबालिग बेटों की जलकर मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। भटगांव पुलिस थाने के प्रभारी शरत चंद्र ने बताया कि घटना, जढ़ी स्थित आवासीय कॉलोनी में शनिवार रात को एसईसीएल कर्मी संजीव कुमार चौधरी के घर पर हुई। चंद्र ने कहा कि चौधरी रात्रि ड्यूटी पर गया था इसलिए वह घर पर नहीं था।

एसएचओ ने कहा कि पड़ोसियों ने चौधरी परिवार के घर से निकलते धुएं को देखा। उन्होंने कहा कि आग की लपटें शयन कक्ष तक पहुंच गई जहां संजीव कुमार की पत्नी वसंती चौधरी और दोनों बेटे अनमोल (आठ) और हिमाचल (छह) सोये हुए थे। पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर आग बुझाई। अधिकारी ने कहा कि सूचना पाकर पुलिस का दल घटनास्थल पर पहुंचा और महिला तथा दोनों बच्चों को सरगुजा जिले के अंबिकापुर में स्थित एक अस्पताल में भर्ती करवाया। एसएचओ ने कहा कि वसंती और उसके दोनों बेटों की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

टीएस सिंहदेव का पंचायत विभाग से इस्तीफा अभी नहीं मिला है : सीएम बघेल

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को कहा कि उन्हें अभी तक मंत्री टी एस सिंहदेव का पंचायत विभाग से इस्तीफा नहीं मिला है और उन्हें इस्तीफा देने के उनके फैसले की जानकारी मीडिया से मिली है। इस बीच, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि उन्होंने एआईसीसी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, बघेल और सिंहदेव से इस मुद्दे पर बात की है और इस पर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। पुनिया 15 जुलाई से रायपुर के दौरे पर आए हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस में बघेल और सिंहदेव के बीच खींचतान चल रही है तथा सिंहदेव ने शनिवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा दे दिया। वह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और जीएसटी विभागों के मंत्री बने रहेंगे।

इस घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर बघेल ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें मंत्री के कदम के बारे में मीडिया के जरिए पता चला और इस्तीफा मिलने के बाद ही वह इस पर विचार करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, ”मैंने उनसे (सिंहदेव) बात नहीं की है। मैंने उन्हें बीती रात फोन करने की कोशिश की थी, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। मंत्रिमंडल में समन्वय की कमी के भाजपा के आरोपों का खंडन करते हुए बघेल ने कहा, “जो भी मामला है, हम मिल बैठकर सुलझा लेंगे।” इस बीच, पुनिया ने कहा कि सिंहदेव ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उन्हें पंचायत विभाग के कार्यभार से मुक्त कर दिया जाए और बघेल को एक बार अनुरोध पत्र मिलने के बाद इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।

कांग्रेस नेता ने एक टीवी चैनल से कहा, अभी तक कुछ नहीं हुआ है। सिंहदेव ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने इस्तीफे में दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेघर लोगों के लिए एक भी मकान नहीं बनाया गया और ”बार-बार अनुरोध” के बावजूद निधि आवंटित नहीं की गई। बघेल को लिखे चार पन्नों के पत्र में सिंहदेव ने इस्तीफे के कई कारण गिनाये हैं। उन्होंने कहा कि वह वर्तमान स्थिति को देखते हुए ‘जन घोषणापत्र’ में किये गए वादे के अनुसार विभाग के लक्ष्य पूरे नहीं कर पाए। पत्र में सिंहदेव द्वारा किये गए दावों पर पुनिया ने कहा कि यह मंत्री का अनुभव है और इस पर मुख्यमंत्री जवाब दे सकते हैं कि यह कितना सही और कितना गलत है।

पुनिया ने कहा, “जो भी निर्णय लिया जाएगा, उस बारे में आपको (मीडिया) सूचित कर दिया जाएगा। मैंने इस मुद्दे पर सिंहदेव, मुख्यमंत्री और के. सी. वेणुगोपाल से बात की है और आवश्यक कदम उठाया जाएगा। कांग्रेस ने रविवार शाम सात बजे मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर विधायक दल की एक बैठक बुलाई है, जिसमें 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव और 20 जुलाई से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के मॉनसून सत्र पर चर्चा होगी। पार्टी के एक नेता ने बताया कि बैठक में सिंहदेव के एक विभाग छोड़ने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज, टीएस सिंह के इस्तीफे पर हो सकता है चर्चा

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छत्तीसगढ़ में रविवार शाम को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। बैठक में मंत्री टीएस सिंहदेव के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा देने के बाद उपजे राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हो सकती है। कांग्रेस के ​वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को यह जानकारी दी। कांग्रेस के नेताओं ने बताया कि रविवार शाम सात बजे मुख्यमंत्री निवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। बैठक में 18 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले मतदान और 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र को लेकर चर्चा होगी।

उन्होंने बताया कि साथ ही शनिवार को मंत्री टीएस सिंहदेव के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा देने के बाद उपजे राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हो सकती है।
राज्य में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री टीएस सिंहदेव ने पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, सिंहदेव हालांकि, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन, वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग के मंत्री बने रहेंगे। सिंहदेव के इस्तीफे के बाद रविवार को होने वाले कांग्रेस विधायक दल की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ के 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 71, भारतीय जनता पार्टी के 14, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के तीन और बसपा के दो विधायक हैं।

छत्तीसगढ़ के बुरकापाल नक्सली हमले के 121 आरोपियों को अदालत ने किया बरी

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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2017 में बुरकापाल नक्सली हमले मामले में गिरफ्तार 121 आदिवासियों को आरोप मुक्त कर दिया है। इस घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 25 जवान शहीद हुए थे। आदिवासियों की ओर से अधिवक्ता बेला भाटिया ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (एनआईए अधिनियम/अनुसूचित अपराध) दीपक कुमार देशलरे की अदालत ने शुक्रवार को बुरकापाल नक्सली हमले के आरोपी आदिवासियों को आरोप मुक्त कर दिया।

भाटिया ने बताया कि अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि आरोपियों के खिलाफ जिन गवाहों को पेश किया गया,उनमें से किसी का भी बयान यह विश्वास किए जाने योग्य नहीं है कि आरोपी प्रतिबंधित नक्सली संगठन के सक्रिय सदस्य हैं तथा घटना में संलिप्त रहे हैं। अदालत ने कहा कि इन आरोपियों के पास से कोई घातक आयुध एवं आग्नेय शस्त्र भी बरामद नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में इन आरोपियों पर लगाए गए अभियोग को प्रमाणित करने के लिए पुख्ता सबूत नहीं हैं।

गौरतलब है कि 24 अप्रैल वर्ष 2017 को नक्सलियों ने सुकमा जिले के बुरकापाल गांव के करीब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की के एक दल पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें 25 जवानों की मौत हुई थी। क्षेत्र में मानवाधिकार के लिए कार्य करने वाली भाटिया ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षा बलों ने एक महिला समेत 121 आदिवासियों को गिरफ्तार किया था। अधिकांश गिरफ्तारियां वर्ष 2017 में हुई थीं, जबकि कुछ 2018 और 2019 में हुई थी। सभी को विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था।

आदिवासियों के बरी होने फैसले को लेकर भाटिया ने कहा, हालांकि उन्हें न्याय मिल गया है, फिर भी उन्होंने जो अपराध नहीं किया, उसके लिए उन्हें इतने साल जेल में क्यों बिताने पड़े। इसकी भरपाई कौन करेगा। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज ने कहा कि अदालत के आदेश के अनुपालन में जगदलपुर केंद्रीय जेल में बंद 110 और दंतेवाड़ा जिला जेल में तीन सहित 113 आरोपियों को रिहा किया जाएगा। सुंदरराज ने कहा कि शेष आठ आरोपियों को रिहा नहीं किया जाएगा क्योंकि वे कुछ अन्य विचाराधीन मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के साथ तनातनी? मंत्री टीएस सिंहदेव ने पंचायती राज मंत्री के पद से इस्तीफा दिया

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ तनातनी में फंसे राज्य सरकार के मंत्री टी. एस. सिंहदेव ने शनिवार को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने चार पन्ने के इस्तीफे में सिंहदेव ने संकेत दिया है कि उन्हें सरकार में दरकिनार किया जा रहा है, हालांकि वह अन्य चार मंत्रालयों का पदभार संभालते रहेंगे। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिंहदेव ने शनिवार को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा दे दिया है।

सिंहदेव ने ‘भाषा’ से बातचीत में कहा कि उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन और वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग के मंत्री बने रहेंगे। मंत्री सिंहदेव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सौंपे चार पन्नों के इस्तीफे में विभाग और सरकार के कामकाज पर असंतोष जाहिर किया है। बघेल को भेजे गए इस्तीफे सिंहदेव ने कहा है, ”मैं पिछले तीन साल से अधिक समय से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भारसाधक मंत्री के रूप में काम कर रहा हूं। इस दौरान कुछ ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिनसे मैं आपको अवगत कराना चाहता हूं। सिंहदेव ने लिखा है, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के आवास विहीन लोगों को मकान बनाकर दिया जाना था जिसके लिए मैंने कई बार आपसे चर्चा कर राशि आवंटित करने का अनुरोध किया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस कारण राज्य के करीब आठ लाख लोगों के लिए मकान नहीं बन सके। मुझे दुःख है कि इस योजना का लाभ प्रदेश के आवास विहीन लोगों को नहीं मिल सका।

मंत्रालय के कामकाज के संबंध में सिंहदेव ने कहा, किसी भी विभाग में विवेकाधीन योजनाओं के तहत काम की स्वीकृति का अनुमोदन उस विभाग के भारसाधक मंत्री का अधिकार होता है। लेकिन मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत कार्यों की अंतिम स्वीकृति के लिए रूल्स ऑफ बिजनेस के विपरीत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में साचिवों की एक समिति गठित की गयी। कार्यों की स्वीकृति के लिए मंत्री के अनुमोदन उपरांत अंतिम निर्णय मुख्य सचिव की समिति द्वारा लिए जाने की प्रक्रिया बनाई गई जो प्रोटोकॉल के विपरीत और सर्वथा अनुचित है। लेकिन बार-बार लिखित आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद इस सिलसिले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। सिंहदेव ने अपने इस्तीफा में पेसा कानून को ले​कर बनाए गए नियमों में बदलाव पर भी आपत्ति जतायी है और कहा कि इसमें भारसाधक मंत्री को विश्वास में नहीं लिया गया है।

इस्तीफे में मंत्री ने कहा है, जन घोषणा-पत्र में किए गए वादों में पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों को पूर्ण रूप से लागू करना शामिल था। इसके लिए मैंने आपसे कई बार चर्चा की, विभागीय पहल भी की लेकिन इसपर अभी तक कोई सहमति/सकारात्मक पहल नहीं हो पायी है। सिंहदेव ने आरोप लगाया है कि एक साजिश के तहत मनरेगा का काम करने वाले रोजगार सहायकों से हड़ताल करवाकर राज्य में मनरेगा के कार्यों को प्रभावित किया गया जिसमें सहायक परियोजना अधिकारियों (संविदा) की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आयी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा है, आपने खुद हड़तालरत कर्मचारियों की मांगें पूरी करने के लिए एक कमेटी गठित की, लेकिन हड़ताल वापस नहीं ली गई। इस कारण करीब 1250 करोड़ रुपए का मजदूरी भुगतान प्रभावित हुआ और धन ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नहीं पहुंच सका।

सिंहदेव ने उनकी सहमति के बगैर हटाए गये सहायक परियोजना अधिकारियों (संविदा) की पुन:नियुक्ति पर भी आपत्ति जतायी है। सिंहदेव ने इस्तीफा में कहा है, जन-घोषणा पत्र के विचार धारा के अनुरूप उपरोक्त महत्वपूर्ण विषयों को दृष्टिगत रखते हुए, मेरा यह मत है कि विभाग के सभी लक्ष्यों को समर्पण भाव से पूर्ण करने में वर्तमान परिस्थितियों में स्वयं को असमर्थ पा रहा हूं। अतएव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भार से मैं अपने आप को पृथक कर रहा हूं। आपने मुझे शेष जिन विभागों की जिम्मेदारी दी है उन्हें अपनी पूर्ण क्षमता और निष्ठा से निभाता रहूंगा। इससे पहले सिंहदेव ने भाषा से बातचीत के दौरान कहा था, मैंने कल (शुक्रवार) रात में ही स्वयं को इस विभाग से अलग करने का फैसला किया था। आज इस पर पूरी तरह विचार कर इस्तीफा मुख्यमंत्री जी को भेज रहा हूं।

टीएस सिंहदेव राज्य के सरगुजा क्षेत्र के अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह राज्य में कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में से एक हैं। राज्य में मुख्यमंत्री पद के ढ़ाई—ढ़ाई वर्ष के ​बंटवारे की चर्चा के दौरान सिंहदेव का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था। सिंहदेव के समर्थकों का कहना है कि आलाकमान ने उनसे ढाई वर्ष मुख्यमंत्री पद का वादा किया था। इसके बाद से राज्य में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के बीच खाई गहरी हो गई है।

आज रायपुर पहुंचेंगे सीएम भूपेश बघेल, दोपहर में करेंगे डिजिटल बैठक, शाम को आएंगे वापस, जानें पूरा कार्यक्रम

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 16 जुलाई को राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। जारी दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल पूर्वान्ह 10.45 बजे से पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में चेस ओलंपियाड टॉर्च रिले कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री इसके पश्चात दोपहर 12 बजे से राजीव भवन में आयोजित बैठक में भाग लेने के बाद 1.10 बजे से रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित डिजिटल बैठक छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल वहां से दोपहर 2.20 बजे मुख्यमंत्री निवास वापस आएंगे।

अब 31 जुलाई तक खरीफ फसलों का बीमा करवा सकेंगे छत्तीसगढ़ के किसान

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान भाई अब अपनी खरीफ फसलों का बीमा 31 जुलाई तक करा सकेंगे। पूर्व में जारी निर्देश के तहत बीमा कराने की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया है। राज्य में खरीफ 2022 के तहत धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, मूंग, उड़द एवं तुअर (अरहर) फसल का बीमा कृषक करा सकते है। अऋणी कृषक जो भू-धारक व बटाईदार हो, योजना में सम्मिलित हो सकते है। इस योजना अंतर्गत प्रावधानित जोखिम बाधिक रोपाई, स्थानीय आपदाएं, फसल कटाई उपरांत होने वाली क्षति तथा फसलवार पैदावार के आधार पर व्यापक क्षति अंतर्गत फसल क्षति हेतु दावा राशि का भुगतान प्रावधानानुसार किया जाता है। अधिसूचित फसल को बीमित कराने हेतु इच्छुक कृषक फसल बीमा हेतु 31 जुलाई 2022 तक नजदीकी बैंक या लोक सेवा केन्द्रों या बीमा कंपनी अथवा ग्रामीण पोस्ट ऑफिस में संपर्क कर अपने फसल को बीमित करा सकते है।

छत्तीसगढ़ मॉडल देश में सफल, प्रदेश में बेरोजगारी की दर हुई न्यूनतम : सीएम बघेल

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हमने गोधन न्याय योजना की शुरूआत की। छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने गोबर खरीदी की। अब गोमूत्र की भी खरीदी करने जा रहे हैं। इससे बड़ा फायदा यह हुआ कि किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक निजी महा संवाद कार्यक्रम में यह बातें कहीं। इसी दौरान मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ी गीत गाने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम में सीएम ने छत्तीसगढ़ गीत आमा पान के पतरी, कलेरा पान के दोना गीत गाकर समां बांध दिया। मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध लोक गायक श्री दिलीप षडंगी को देखा और कहा जब इतने अच्छे कलाकार खुद मंच में हों, तो इससे अच्छी बात क्या होगी। मुख्यमंत्री ने श्री षडंगी को माइक देने के लिए कहा और उनके साथ खुद भी छत्तीसगढ़ी गीत के लाइनें गायी।

बघेल ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ मॉडल सफल है। हम आम लोगों को सशक्त बनाने का काम कर रहे हैं। हम वह काम कर रहे हैं, जिससे आम जनता के जेब में पैसा आये और उनकी आय बढ़े। हम लोगों के हाथ में काम दे रहे हैं। इन्हीं सब प्रयासों के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर न्यूनतम है। हम अपनी प्राचीन संस्कृति के संवर्धन और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। हमने आकर्षक छत्तीसगढ़ी फिल्म नीति बनाई। स्थानीय कलाकारों को काम मिला। अब यहां के मल्टीप्लेक्स और बड़े सिनेमाघरों में छत्तीसगढ़ी फिल्म दिखाई जा रही है और बड़ी संख्या में देखने भी आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गोधन न्याय योजना की शुरूआत की। छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने गोबर खरीदी की। अब गोमूत्र की भी खरीदी करने जा रहे हैं। इससे बड़ा फायदा यह हुआ कि किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हुई है। साथ ही सड़क में घूमने वाले मवेशियों पर रोक लगी है। लोग पशुओं को अपने घरों में या गौठानों में बांध कर रखने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम नक्सल समस्या के समाधान के लिए ठोस प्रयास कर रहे हैं। नक्सली घटनाओं में कमी आ रही है। हमने इसके लिए ‘विश्वास, विकास और सुरक्षा’ की नीति अपनायी। आदिवासी समाज जल, जंगल जमीन से जुड़ा है। हमने आदिवासी समाज को विश्वास में लेकर काम करना शुरू किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बनते ही हमने सबसे पहले लोहाण्डीगुड़ा के किसानों की जमीन वापसी की। सुरक्षाबलों से कहा कि – जहां कैम्प हैं, वहां आसपास के ग्रामीणों से मिले, उन्हें विश्वास में लेकर कार्य करें। जो कैम्प में सुरक्षाबलों के लिए चिकित्सक हैं, वे आसपास के गांव के निवासियों का इलाज करें। धीरे-धीरे वहां के लोगों का सम्पर्क बढ़ा और उनका विश्वास भी बढ़ा। हमारी सरकार द्वारा व्यक्तिगत और सामुदायिक वनाधिकार पट्टा का वितरण किया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक राशि में भी वृद्धि की है। 65 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी की जा रही है इससे आदिवासियों की आय में वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में जब पूरे देश में लॉकडाउन के हालात थे, तब हमने गरीबों, श्रमिकों के कल्याण के लिए कार्य किया। उद्योगपतियों से बात कर श्रमिकों को काम दिलाया। छत्तीसगढ़ पहला राज्य था, जिसमें गरीबों को 3 महीने का मुफ्त राशन दिया और राज्य सरकार की योजनाओं से लोगों को रोजगार मिला और उनकी आय बढ़ी। इस अवधि में बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के निवासियों ने वाहनों की खरीदी की। छत्तीसगढ़ शासन की नवाचारी नीतियों को देश के अन्य राज्य भी अपना रहे हैं। नीति आयोग ने भी छत्तीसगढ़ में संचालित नवाचारी योजनाओं और कार्यक्रमों की तारीफ की है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री बघेल को टीवी चैनल के प्रधान संपादक श्री अतुल अग्रवाल ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।